मराठा आरक्षण और 500 करोड़ का विवाद
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच 500 करोड़ रुपये को लेकर विवाद बढ़ गया है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब मनोज जरांगे ने बीड जिले के नारायणगढ़ में दशहरा रैली को संबोधित किया।
जरांगे ने एकनाथ शिंदे से सवाल किया कि क्या उन्होंने उन्हें 500 करोड़ रुपये दिए हैं।
उन्होंने यह भी पूछा कि क्या शिंदे ने यह रकम भाजपा से ली है।
रामदास कदम का पलटवार
शिंदे की शिवसेना के वरिष्ठ नेता रामदास कदम ने जरांगे के बयानों पर तीखा हमला बोला है।
कदम ने जरांगे को चेतावनी दी कि वे शिंदे के खिलाफ बयानबाजी न करें।
उन्होंने कहा कि यदि जरांगे शिंदे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे तो मराठा समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।
कदम ने स्पष्ट किया कि एकनाथ शिंदे ने मराठा समाज को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया है।
संपत्ति की जांच की मांग
रामदास कदम ने मनोज जरांगे पर अनशन के दौरान चोरी-छिपे खाना खाने का आरोप लगाया है।
उन्होंने लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए शिंदे से जरांगे की जांच कराने की मांग की है।
कदम ने कहा कि जरांगे के नेता बनने के बाद उनकी संपत्ति की जांच होनी चाहिए।
इससे सच्चाई सामने आ जाएगी कि संपत्ति किन लोगों के नाम पर है।
शिंदे के प्रति निष्ठा
रामदास कदम ने कहा कि एकनाथ शिंदे उनके लिए देवता समान हैं।
उन्होंने कहा कि मराठा समाज भी शिंदे का सम्मान करता है।
कदम ने जरांगे द्वारा प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के लिए कथित अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि समाज ने जरांगे को न्याय के लिए समर्थन दिया था, जिसका उन्हें गलत फायदा नहीं उठाना चाहिए।
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