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PF और पेंशन पर बड़ी खुशखबरी: EPFO का बड़ा तोहफा: ₹7500 होगी पेंशन, बिना UAN निकलेगा पैसा

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 03 मई 2026, 11:41 दोपहर
EPFO ला रहा है 'ई-प्राप्ति' पोर्टल, बंद खातों से पैसा निकालना होगा आसान।

नई दिल्ली | कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करोड़ों सब्सक्राइबर्स और पेंशनर्स के लिए एक साथ दो बड़ी खुशखबरी सामने आई हैं। सरकार अब एंप्लॉई पेंशन स्कीम (EPS-95) के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन को बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इसके साथ ही, लंबे समय से बंद पड़े पीएफ खातों को ट्रैक करने के लिए एक नया 'ई-प्राप्ति' पोर्टल भी लॉन्च किया जा रहा है। यह उन लोगों के लिए वरदान साबित होगा जिनका पैसा सालों से फंसा हुआ है।

पेंशन में 7 गुना तक की बढ़ोतरी संभव

वर्तमान में EPS-95 स्कीम के तहत रिटायरमेंट के बाद सदस्यों को न्यूनतम 1000 रुपये प्रति महीना पेंशन मिलती है। पेंशनर्स एसोसिएशन और लेबर यूनियंस का कहना है कि महंगाई के इस दौर में यह राशि नाकाफी है। उनकी मांग है कि इसे बढ़ाकर कम से कम 7500 रुपये किया जाना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, एक पार्लियामेंट्री कमेटी ने भी इस बढ़ोतरी की सिफारिश कर दी है। अब अंतिम फैसला सरकार के हाथ में है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो लाखों बुजुर्गों को बुढ़ापे में बड़ा आर्थिक सहारा मिलेगा। यह कदम सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक बदलाव साबित हो सकता है।

बिना UAN नंबर के भी निकलेगा पैसा

प्रोविडेंट फंड से जुड़ी दूसरी बड़ी राहत उन लोगों के लिए है, जिनके पास पुराने पीएफ अकाउंट्स तो हैं, लेकिन उनका कोई रिकॉर्ड या यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) मौजूद नहीं है। अक्सर नौकरी बदलने के दौरान पुराने खाते पीछे छूट जाते हैं। अब 'ई-प्राप्ति' यानी 'EPF आधार बेस्ड एक्सेस पोर्टल फॉर ट्रैकिंग इन-ऑपरेटिव अकाउंट्स' ऐसे ही खातों को खोजने में मदद करेगा। यह पोर्टल उन लोगों की विशेष मदद करेगा जिनके अकाउंट पुराने समय के 'फिजिकल मोड' में थे। इसमें केवल आधार कार्ड के जरिए पहचान को सुरक्षित तरीके से वेरीफाई किया जा सकेगा।

लाखों खाते पड़े हैं बंद, सरकार की नजर

केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने हाल ही में बताया कि EPFO के पास फिलहाल कुल 31.8 लाख इन-ऑपरेटिव अकाउंट्स हैं। यह एक बहुत बड़ी संख्या है जिसमें करोड़ों रुपये फंसे हुए हैं। डेटा के मुताबिक, इनमें से लगभग 41 प्रतिशत अकाउंट्स पिछले 5 से 10 साल से इनएक्टिव हैं। वहीं, 22 प्रतिशत अकाउंट्स तो ऐसे हैं जो 20 साल से भी ज्यादा समय से वैसे ही पड़े हैं।

"नया पोर्टल इन पुराने अकाउंट्स को ट्रैक करने, उन्हें मौजूदा UAN से जोड़ने और बैलेंस एक्टिवेट करने में मदद करेगा, जिससे पारदार्शिता बढ़ेगी।"

नया पोर्टल इन पुराने खातों को ट्रैक करने और उन्हें मौजूदा एक्टिव खातों से जोड़ने का काम करेगा। इससे अब घर का कोई भी सदस्य अपना पुराना पैसा आसानी से निकाल पाएगा।

₹1000 से कम बैलेंस का ऑटो-सेटलमेंट

EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ने एक और अहम फैसला लिया है। जिन पीएफ अकाउंट्स में 1000 रुपये या उससे कम की राशि बची हुई है, उन्हें अब लंबी कागजी कार्यवाही नहीं करनी होगी। ऐसे छोटे अमाउंट्स को 'ऑटो-सेटलमेंट' के जरिए सीधे खाताधारक के लिंक्ड बैंक अकाउंट में भेज दिया जाएगा। इससे सिस्टम पर बोझ कम होगा और छोटे जमाकर्ताओं को तुरंत लाभ मिलेगा। नियमों के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति 55 साल की उम्र के बाद रिटायर हो गया है और उसके खाते में 3 साल तक कोई पैसा जमा नहीं हुआ, तो उसे 'इन-ऑपरेटिव' माना जाता है। हालांकि, अगर आपकी उम्र 55 साल से कम है और कोई नया कंट्रीब्यूशन नहीं आ रहा, तो भी 58 साल की उम्र होने तक उस बैलेंस पर ब्याज मिलता रहता है।

निष्कर्ष: भविष्य की सुरक्षा होगी मजबूत

EPFO के ये नए बदलाव करोड़ों कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़े कदम हैं। ई-प्राप्ति पोर्टल और पेंशन बढ़ोतरी से न केवल वर्तमान कर्मचारियों बल्कि रिटायर हो चुके लोगों को भी सीधा लाभ होगा। तकनीक के इस्तेमाल से पीएफ निकासी की प्रक्रिया को सरल बनाना सरकार की प्राथमिकता है। आने वाले समय में इन-ऑपरेटिव खातों की समस्या पूरी तरह खत्म होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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