thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
भारत

नौकरी बदलने के बाद PF निकाल लिया: EPS सर्विस हिस्ट्री ट्रांसफर नहीं की तो रिटायरमेंट पेंशन पर पड़ सकता है असर

बलजीत सिंह शेखावत
+Follow us
thinQ360 को गूगल पर फेवरेट बनाएँ
failure to transfer eps service history may impact retirement pension

नई दिल्ली: नौकरी बदलने के बाद अधिकांश कर्मचारी अपना कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) बैलेंस ट्रांसफर या निकालने की प्रक्रिया पूरी कर लेते हैं और मान लेते हैं कि उनका काम खत्म हो गया है। लेकिन वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि इसी चरण में कई लोग एक महत्वपूर्ण गलती कर बैठते हैं, जिसका असर रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन पर पड़ सकता है।

दरअसल, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत EPF के साथ-साथ कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) भी संचालित होती है। जहां EPF कर्मचारी की बचत से जुड़ा होता है, वहीं EPS नौकरी की सेवा अवधि का रिकॉर्ड रखता है और भविष्य में मिलने वाली पेंशन इसी आधार पर तय होती है।

EPS सर्विस हिस्ट्री ट्रांसफर करना क्यों जरूरी?

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी कर्मचारी ने पुरानी नौकरी का PF बैलेंस निकाल लिया है, तब भी उसकी EPS सर्विस हिस्ट्री स्वतः नए खाते में ट्रांसफर नहीं होती। EPS का रिकॉर्ड पुराने मेंबर आईडी के साथ बना रहता है, जिसे अलग से ट्रांसफर कराना आवश्यक होता है।

यदि यह प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती, तो नौकरी के कुछ वर्षों का रिकॉर्ड पेंशन योग्य सेवा अवधि में शामिल नहीं हो पाता। इसका सीधा असर भविष्य में मिलने वाली पेंशन की राशि पर पड़ सकता है।

10 साल की सेवा अवधि का नियम

EPS के तहत मासिक पेंशन प्राप्त करने के लिए सामान्यतः कम से कम 10 वर्ष की पेंशन योग्य सेवा आवश्यक होती है। यदि कर्मचारी ने नौकरी बदलने के दौरान कई बार EPS सर्विस हिस्ट्री ट्रांसफर नहीं की, तो उसकी सेवा अवधि अलग-अलग हिस्सों में बंट सकती है। इससे पेंशन की पात्रता और राशि दोनों प्रभावित हो सकती हैं।

अच्छी बात यह है कि भले ही पुराने खाते में PF बैलेंस शून्य हो, EPS सर्विस हिस्ट्री को नए खाते में ट्रांसफर कराया जा सकता है।

EPS सर्विस हिस्ट्री ट्रांसफर करने की प्रक्रिया

  1. EPFO के यूनिफाइड पोर्टल पर लॉगिन करें।
  2. UAN और पासवर्ड की मदद से अकाउंट एक्सेस करें।
  3. Online Services सेक्शन में जाएं।
  4. Transfer Request विकल्प चुनें।
  5. Form 13 के माध्यम से ट्रांसफर अनुरोध दर्ज करें।
  6. पुरानी PF मेंबर आईडी भरें, जिसमें EPS रिकॉर्ड मौजूद है।
  7. वर्तमान नियोक्ता या मौजूदा PF संस्थान को ट्रांसफरी एस्टैब्लिशमेंट के रूप में चुनें।
  8. सत्यापन के लिए पुराने या वर्तमान नियोक्ता में से किसी एक का चयन करें।
  9. आवेदन सबमिट करें।
  10. मंजूरी मिलने के बाद EPS सर्विस हिस्ट्री नए खाते से जुड़ जाएगी।

कर्मचारी Track Transfer Request विकल्प के जरिए आवेदन की स्थिति भी देख सकते हैं।

ट्रांसफर के दौरान इन गलतियों से बचें

EPS ट्रांसफर में देरी या अस्वीकृति के पीछे कुछ सामान्य कारण होते हैं:

  • UAN में नाम या जन्मतिथि की त्रुटि
  • KYC अपडेट न होना
  • पुरानी कंपनी द्वारा एग्जिट डेट अपडेट न करना
  • रिकॉर्ड में जानकारी का मेल न खाना

फॉर्म जमा करने से पहले कर्मचारियों को अपने UAN, KYC और नौकरी से संबंधित विवरणों की जांच अवश्य कर लेनी चाहिए।

सर्विस हिस्ट्री कैसे जांचें?

EPFO पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद View सेक्शन में जाकर Service History विकल्प चुनें। यहां यह देखा जा सकता है कि आपकी सभी नौकरियां UAN से जुड़ी हुई हैं या नहीं।

यदि किसी कंपनी का नाम या सेवा अवधि दिखाई नहीं दे रही है, तो रिकॉर्ड में गैप हो सकता है। ऐसी स्थिति में जल्द से जल्द Form 13 के माध्यम से रिकॉर्ड अपडेट कराने की सलाह दी जाती है।

शेयर करें: