झुंझुनूं | राजस्थान के झुंझुनूं जिले के चिड़ावा कस्बे में बुधवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया। यहां एक युवक खुद को आर्मी का लेफ्टिनेंट कर्नल और ECHS का विजिलेंस ऑफिसर बताकर तीन निजी अस्पतालों में जांच करने पहुंच गया, जिससे हड़कंप मच गया। हालांकि, अस्पताल संचालकों की सूझबूझ और सतर्कता से उसकी पोल खुल गई और वह मौके से फरार हो गया।
फर्जी फौजी अफसर, 3 अस्पतालों में हड़कंप: झुंझुनूं: फर्जी ECHS अफसर बन 3 अस्पतालों में की जांच, ऐसे खुली पोल
झुंझुनूं में सेना की वर्दी पहनकर एक युवक फर्जी ECHS अफसर बन अस्पतालों में जांच करने पहुंचा। शक होने पर भागा।
HIGHLIGHTS
- झुंझुनूं में फर्जी ECHS अफसर बन युवक ने की 3 अस्पतालों की जांच।
- आर्मी की वर्दी पहनकर, खुद को दिल्ली का विजिलेंस ऑफिसर बताया।
- अस्पताल संचालकों को शक हुआ, असली अधिकारियों को दी सूचना।
- पोल खुलने के डर से आरोपी कार में बैठकर मौके से हुआ फरार।
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वर्दी में ठग, मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक काले रंग की कार में सवार होकर आया था। उसने लेफ्टिनेंट कर्नल के स्टार और अशोक स्तंभ लगी सेना की वर्दी पहन रखी थी। उसकी उम्र करीब 30-35 साल बताई जा रही है।
सबसे पहले वह चुंगी नाके के पास एक निजी अस्पताल पहुंचा। वहां उसने अस्पताल प्रबंधन को खुद को दिल्ली से आया ECHS अधिकारी बताते हुए रिकॉर्ड की मांग की। अस्पताल प्रबंधन ने उसे जरूरी दस्तावेज दिखा दिए।
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एक के बाद एक तीन अस्पतालों को बनाया निशाना
पहले अस्पताल में काफी देर तक जांच-पड़ताल का नाटक करने के बाद वह खेतड़ी रोड स्थित एक दूसरे निजी अस्पताल पहुंचा। यहां भी उसने जांच करने की कोशिश की, लेकिन प्रबंधन ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया।
इसके बाद वह खेतड़ी रोड पर ही स्थित एक तीसरे निजी अस्पताल गया। यहां उसने स्टाफ से ECHS योजना से जुड़े मरीजों की ओपीडी, भर्ती और इलाज से संबंधित सभी दस्तावेज मांगे। स्टाफ ने उसे रिकॉर्ड दिखा भी दिया।
ऐसे हुआ फर्जी अफसर पर शक
इसी बीच तीसरे अस्पताल के डायरेक्टर रिकॉर्ड रूम में पहुंचे। उन्होंने जब कथित अधिकारी से कुछ जानकारी मांगी तो वह उन्हें अपने चैंबर में चलने के लिए कहने लगा।
डायरेक्टर ने अपने चैंबर में उससे सेना से जुड़ी कुछ बातें कीं, जिस पर उन्हें शक हुआ। सबसे बड़ा शक इस बात से हुआ कि विजिलेंस ऑफिसर होने के बावजूद उसके साथ कोई सुरक्षाकर्मी या टीम का अन्य सदस्य नहीं था।
असली कर्नल से बात करते ही खुली पोल
इसी दौरान, दूसरे अस्पताल के संचालक ने इस कथित अधिकारी की जानकारी ECHS पॉलीक्लिनिक, चिड़ावा के प्रभारी कर्नल दलीप सिंह शेखावत को दे दी। कर्नल शेखावत ने तुरंत तीसरे अस्पताल के निदेशक से संपर्क किया और आरोपी को वहीं रोकने के लिए कहा।
जब अस्पताल संचालक ने उसकी बात कर्नल शेखावत से करवाई तो वह सेना से जुड़े कुछ सवालों में उलझ गया और संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया।
निजी अस्पतालों से आर्मी विजिलेंस ऑफिसर के जांच के लिए पहुंचने की शिकायत मिली थी। खुद को विजिलेंस ऑफिसर बता रहे आरोपी से मैंने बात की और कुछ आर्मी कोर और ट्रेड से संबंधित सवाल किए तो वह जवाब नहीं दे पाया। जिस कारण हमें शक हुआ, पॉली क्लिनिक से दो जवानों को पकड़ने के लिए भी भेजा। मगर आरोपी फरार हो गया। जिसकी शिकायत आर्मी हेडक्वार्टर को भेजी जा रही है। - कर्नल दलीप सिंह शेखावत, प्रभारी, ECHS पॉलीक्लिनिक
टीम पहुंचने से पहले ही हुआ फरार
खुद को फंसता देख आरोपी दूसरे अस्पताल का निरीक्षण करने का बहाना बनाकर वहां से निकल गया। कर्नल शेखावत ने उसे पकड़ने के लिए सूबेदार मेजर हीरासिंह और एएलडी जितेंद्र कुमार को तुरंत अस्पताल भेजा, लेकिन तब तक वह अपनी कार से फरार हो चुका था। अस्पताल प्रबंधन ने उसका पिलोद तक पीछा भी किया, लेकिन वह किसी दूसरे रास्ते से निकल भागा।
इस घटना ने क्षेत्र के निजी अस्पतालों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। आरोपी को सेना और ECHS योजना की काफी जानकारी थी, जिससे लगता है कि यह एक सोची-समझी ठगी की कोशिश थी। फिलहाल, मामले की शिकायत आर्मी हेडक्वार्टर को भेजी जा रही है ताकि ऐसे धोखेबाजों पर कार्रवाई हो सके।
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