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  <title>thinQ360 — ताज़ा खबरें</title>
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  <description>thinQ360 — राजस्थान और भारत की ताज़ा खबरें, राजनीति, अपराध, खेल और मनोरंजन</description>
  <language>hi</language>
  <lastBuildDate>Tue, 21 Apr 2026 09:03:49 +0530</lastBuildDate>
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    <title>thinQ360 — ताज़ा खबरें</title>
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    <title>JEE Main Result 2026: राजस्थान के 4 छात्रों ने हासिल किए 100 परसेंटाइल, देखें टॉपर्स की लिस्ट और अपना स्कोर</title>
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    <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 09:03:49 +0530</pubDate>
    <dc:creator>गणपत सिंह मांडोली</dc:creator>
    <category>सफलता की कहानी</category>
    <description><![CDATA[नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने जेईई मेन 2026 सेशन 2 का रिजल्ट घोषित कर दिया है। इस बार राजस्थान के चार छात्रों ने 100 परसेंटाइल लाकर राज्य का नाम रोशन किया है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong> नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने लाखों छात्रों का इंतजार खत्म करते हुए जेईई मेन 2026 सेशन 2 का परिणाम 20 अप्रैल को घोषित कर दिया है। इस बार के नतीजों में राजस्थान के होनहारों ने अपनी प्रतिभा का जबरदस्त लोहा मनवाया है।</p>
<h3>राजस्थान के छात्रों ने गाड़े सफलता के झंडे</h3>
<p>जेईई मेन के इस सत्र में राजस्थान का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा है। राज्य के चार प्रतिभाशाली छात्रों ने 100 परसेंटाइल हासिल कर टॉपर्स की लिस्ट में अपनी जगह पक्की की है। इन छात्रों की सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि राजस्थान इंजीनियरिंग की तैयारी का सबसे बड़ा केंद्र है। न केवल राजस्थान, बल्कि दिल्ली के 3 छात्रों ने भी 100 परसेंटाइल का जादुई आंकड़ा छुआ है। इसके अलावा महाराष्ट्र और हरियाणा से 2-2 उम्मीदवारों को परफेक्ट स्कोर मिला है। तमिलनाडु, बिहार, गुजरात, चंडीगढ़ और ओडिशा से भी 1-1 छात्र इस प्रतिष्ठित क्लब में शामिल हुए हैं।</p>
<h3>कैटेगरी के अनुसार टॉपर्स का विश्लेषण</h3>
<p>इस साल के परिणामों में एक दिलचस्प आंकड़ा सामने आया है। परफेक्ट 100 स्कोर पाने वाले कुल छात्रों में से 24 छात्र जनरल कैटेगरी से ताल्लुक रखते हैं। वहीं, एक छात्र जनरल ईडब्ल्यूएस और एक छात्र ओबीसी (NCL) कैटेगरी से है। हालांकि, इस बार के 100 परसेंटाइल क्लब में एक भी महिला उम्मीदवार अपनी जगह नहीं बना पाई है। यह आंकड़ा महिला उम्मीदवारों के प्रदर्शन और उनकी भागीदारी पर एक नई चर्चा को जन्म दे रहा है। देशभर के विभिन्न केंद्रों पर कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच ये नतीजे घोषित किए गए हैं।</p>
<h3>कैसे चेक करें अपना स्कोरकार्ड?</h3>
<p>अगर आपने भी यह परीक्षा दी थी, तो आप आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। सबसे पहले होमपेज पर &ldquo;JEE Main Session 2 Result 2026&rdquo; के लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद अपना आवेदन संख्या (Application Number) और जन्म तिथि दर्ज करें। जानकारी सबमिट करते ही आपका स्कोरकार्ड स्क्रीन पर दिखाई देने लगेगा। भविष्य के संदर्भ के लिए इसे डाउनलोड करना न भूलें।</p>
<h3>परीक्षा का शेड्यूल और आयोजन</h3>
<p>जेईई मेन सेशन 2 की परीक्षाएं देशभर में 2 अप्रैल से 8 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित की गई थीं। पेपर 1 (BE/BTech) की परीक्षाएं 2, 4, 5, 6 और 8 अप्रैल को हुई थीं, जबकि पेपर 2 (BArch/Planning) का आयोजन 7 अप्रैल को किया गया था। अब सफल छात्र जेईई एडवांस्ड की तैयारी में जुटेंगे, जो आईआईटी में प्रवेश का मुख्य द्वार है। टॉपर्स की इस सफलता ने देशभर के अन्य छात्रों को भी कड़ी मेहनत करने की प्रेरणा दी है।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>राजस्थान में गर्मी का भीषण कहर: 12 शहरों में पारा 40 के पार, कोटा सबसे गर्म, मौसम विभाग का येलो अलर्ट जारी</title>
    <link>https://thinq360.com/rajasthan-heatwave-kota-hottest-imd-yellow-alert</link>
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    <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 09:01:04 +0530</pubDate>
    <dc:creator>मानवेन्द्र जैतावत</dc:creator>
    <category>राज्य</category>
    <description><![CDATA[राजस्थान में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सोमवार को 12 शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जिसमें कोटा सबसे गर्म रहा। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए लू की चेतावनी दी है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong> राजस्थान में अप्रैल के महीने में ही गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मरुधरा की तपिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।<br><br>सोमवार को राज्य के 12 प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। इसने पिछले कई वर्षों के गर्मी के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है।<br><br></p>
<h3>कोटा बना प्रदेश का सबसे गर्म शहर</h3>
<p>हैरानी की बात यह है कि पश्चिमी राजस्थान के रेतीले इलाकों से ज्यादा गर्मी हाड़ौती के कोटा में दर्ज की गई। कोटा में पारा 42 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा।<br><br>बाड़मेर और जैसलमेर जैसे जिलों को पीछे छोड़ते हुए कोटा इस समय सबसे अधिक तप रहा है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और लोग घरों में कैद हैं।<br><br></p>
<h3>रातों में भी नहीं मिल रहा चैन</h3>
<p>प्रदेश में केवल दिन की धूप ही नहीं, बल्कि रातें भी अब झुलसाने वाली हो गई हैं। फलोदी और जयपुर जैसे शहरों में रात का पारा काफी ऊपर चला गया है।<br><br>फलोदी में सोमवार को न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह इस सीजन की सबसे गर्म रात रही, जिससे लोगों को रात में भी सुकून नहीं मिल रहा है।<br><br>राजधानी जयपुर में भी रात का तापमान सामान्य से 3 डिग्री अधिक रहा। कूलर और एसी भी अब इस भीषण गर्मी के सामने पूरी तरह बेअसर साबित हो रहे हैं।<br><br></p>
<h3>मौसम विभाग का येलो अलर्ट</h3>
<p>जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक आसमान पूरी तरह साफ रहेगा। विभाग ने कई जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी कर लू की चेतावनी दी है।<br><br>वैज्ञानिकों का कहना है कि बादलों की अनुपस्थिति के कारण सूरज की किरणें सीधे धरती पर आ रही हैं। इससे तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।<br><br>फिलहाल किसी भी पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता की संभावना नहीं है। इसके कारण शुष्क हवाएं चलेंगी, जो गर्मी के अहसास को और भी कष्टदायक बना देंगी।<br><br></p>
<h3>पर्यटन और बाजारों पर बुरा असर</h3>
<p>भीषण गर्मी का सीधा असर राजस्थान के पर्यटन उद्योग पर दिखने लगा है। झीलों की नगरी उदयपुर और धार्मिक नगरी अजमेर में सैलानियों की संख्या काफी घट गई है।<br><br>दोपहर के समय पर्यटन स्थलों पर सन्नाटा पसरा रहता है। स्थानीय बाजारों के दुकानदार भी ग्राहकों की कमी से परेशान हैं और अब शाम को ही व्यापार हो पा रहा है।<br><br>ग्रामीण क्षेत्रों में पशु-पक्षियों के लिए पानी का संकट गहराने लगा है। प्रशासन ने जल स्रोतों की निगरानी और सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।<br><br></p>
<h3>स्वास्थ्य विभाग की विशेष तैयारी</h3>
<p>गर्मी और लू के खतरों को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। कोटा के सरकारी अस्पतालों में विशेष हीटवेव वार्ड तैयार किए गए हैं और बेड रिजर्व रखे गए हैं।<br><br>चिकित्सकों ने सलाह दी है कि दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें। घर से बाहर निकलते समय सिर ढक कर रखें और पानी पीते रहें।<br><br>यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा, तो आने वाले सप्ताह में पारा 45 डिग्री के स्तर को छू सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा है।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>पचपदरा रिफाइनरी में भीषण आग से मचा हड़कंप, पीएम मोदी का दौरा स्थगित</title>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 18:02:02 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राज्य</category>
    <description><![CDATA[राजस्थान के पचपदरा रिफाइनरी में एक्सचेंजर फटने से भीषण आग लग गई, जिसके चलते प्रधानमंत्री मोदी का मंगलवार का दौरा स्थगित कर दिया गया है। प्रशासन सुरक्षा जांच में जुटा है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>बालोतरा | </strong> राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में स्थित एचआरआरएल रिफाइनरी में सोमवार दोपहर को एक भीषण आग लग गई। इस घटना ने पूरे औद्योगिक क्षेत्र में भारी हड़कंप मचा दिया है।</p>
<h3>धमाके के साथ भड़की आग</h3>
<p>प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब दो बजे रिफाइनरी के सीडीयू-वीडीयू साइड पर एक जोरदार धमाका हुआ। यह विस्फोट एक्सचेंजर फटने के कारण हुआ था।विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसकी आवाज दूर तक सुनी गई। इसके तुरंत बाद आग की लपटें और धुएं का काला गुबार आसमान में छा गया, जिससे दहशत फैल गई।</p>
<h3>प्रधानमंत्री का दौरा टला</h3>
<p>इस दुखद घटना का सबसे बड़ा असर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे पर पड़ा है। पीएम मोदी मंगलवार को इस रिफाइनरी का लोकार्पण करने राजस्थान आने वाले थे।सुरक्षा की गंभीरता को देखते हुए और घटनास्थल पर जारी बचाव कार्यों के कारण, प्रधानमंत्री का यह दौरा फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया गया है&nbsp;प्रशासन ने इसकी पुष्टि की है।</p>
<p><img src="https://d2uvd0bcf4ztg.cloudfront.net/uploads/images/mceu_73430104211776688320552.webp"></p>
<h3>प्रशासनिक सक्रियता और बचाव</h3>
<p>हादसे की सूचना मिलते ही एचआरआरएल प्रबंधन और जिला प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। रिफाइनरी परिसर में तुरंत आपातकालीन सायरन बजाकर अलर्ट जारी किया गया।सुरक्षा कारणों से पूरे रिफाइनरी क्षेत्र को खाली करा लिया गया। दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग को नियंत्रित करने के लिए कड़े प्रयास शुरू किए गए।</p>
<h3>सुरक्षा और बचाव के कड़े इंतजाम</h3>
<p>प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए:</p>
<ul>
<li>पूरे रिफाइनरी परिसर को तुरंत खाली कराया गया।</li>
<li>दमकल की 10 से अधिक गाड़ियां मौके पर तैनात की गईं।</li>
<li>सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया।</li>
</ul>
<h3>सुरक्षित निकाले गए कर्मचारी</h3>
<p>गनीमत यह रही कि इस भीषण अग्निकांड में किसी भी कर्मचारी के हताहत होने की खबर नहीं मिली है। सभी श्रमिकों और अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।रिफाइनरी प्रबंधन के अनुसार, सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए प्लांट को शटडाउन कर दिया गया है। फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश की जा रही है। मौके पर मेडिकल टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है।</p>
<h3>नुकसान का आकलन</h3>
<p>तकनीकी विशेषज्ञों की टीम आग लगने के कारणों की गहराई से जांच कर रही है। इस अग्निकांड से रिफाइनरी को काफी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। यह हादसा तब हुआ जब लोकार्पण की तैयारियां अंतिम चरण में थीं।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>रणवीर सिंह की फिल्म ने रचा इतिहास, 150 करोड़ में बिके डिजिटल राइट्स, जानें कब होगी ओटीटी रिलीज</title>
    <link>https://thinq360.com/dhurandhar-2-ott-release-date-digital-rights-deal-ranveer-singh</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 17:55:56 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>मनोरंजन</category>
    <description><![CDATA[रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'धुरंधर 2' ने 150 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड-ब्रेकिंग डिजिटल डील साइन की है। फिल्म के स्ट्रीमिंग राइट्स JioHotstar ने खरीदे हैं और यह मई-जून 2026 तक रिलीज होगी।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई | </strong> आदित्य धर के निर्देशन और रणवीर सिंह के दमदार अभिनय से सजी फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' बॉक्स ऑफिस पर सुनामी लाने के बाद अब ओटीटी पर धमाका करने को तैयार है। फिल्म की सफलता ने वैश्विक स्तर पर भारतीय सिनेमा का मान बढ़ाया है।<br><br></p>
<h3>150 करोड़ की रिकॉर्ड-ब्रेकिंग डील</h3>
<p>खबरों के अनुसार, 'धुरंधर 2' ने अपने डिजिटल स्ट्रीमिंग अधिकार JioHotstar को बेच दिए हैं। यह डील तकरीबन 150 करोड़ रुपये में फाइनल हुई है। यह बॉलीवुड की सबसे महंगी डिजिटल डील्स में शामिल हो गई है।<br><br>फिल्म की जबरदस्त सफलता और रणवीर सिंह की स्टार पावर को देखते हुए स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने यह बड़ी रकम खर्च की है। मेकर्स इस डील से बेहद उत्साहित हैं क्योंकि यह फिल्म की ब्रांड वैल्यू को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।<br><br></p>
<h3>ओटीटी रिलीज का फैंस को इंतजार</h3>
<p>फिल्म के ओटीटी रिलीज को लेकर दर्शकों में भारी उत्सुकता बनी हुई है। रिपोर्ट्स की मानें तो 'धुरंधर: द रिवेंज' मई 2026 के अंत या जून के मध्य तक JioHotstar पर दस्तक दे सकती है।<br><br>स्ट्रीमिंग पार्टनर ने इसके लिए अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। हालांकि, आधिकारिक तारीख का ऐलान होना अभी बाकी है। बता दें कि इस फिल्म सीरीज का पिछला हिस्सा नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध कराया गया था, लेकिन इस बार प्लेटफॉर्म बदल गया है।<br><br></p>
<h3>बॉक्स ऑफिस पर बनाया नया कीर्तिमान</h3>
<p>रिलीज के 33वें दिन भी फिल्म सिनेमाघरों में मजबूती से टिकी हुई है। Sacnilk की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 1,800 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।<br><br>यह फिल्म अब भारत की तीसरी सबसे सफल फिल्म बन चुकी है। सिनेमाघरों में लगातार मिल रहे प्यार की वजह से ही मेकर्स ने इसकी डिजिटल रिलीज को आगे बढ़ाने का साहसिक फैसला लिया था ताकि थिएटर बिजनेस प्रभावित न हो।<br><br></p>
<h3>पड़ोसी देशों में भी फिल्म की धूम</h3>
<p>फिल्म का जादू सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों में भी इसकी गूंज है। पाकिस्तान जैसे देशों में लोग इसे पायरेटेड वर्जन के जरिए देख रहे हैं, जो फिल्म के प्रति दीवानगी को साफ तौर पर बयां करता है।<br><br>इस फिल्म ने न केवल कमाई के मामले में बल्कि तकनीक और कहानी के मामले में भी नए मानक स्थापित किए हैं। अब देखना होगा कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने के बाद यह फिल्म व्यूअरशिप के कितने नए रिकॉर्ड तोड़ती है।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>अब पेट्रोल की जगह E85 फ्लेक्स फ्यूल पर चलेंगी गाड़ियां !</title>
    <link>https://thinq360.com/india-flex-fuel-roadmap-e85-ethanol-petrol-prices</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 17:47:13 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>भारत</category>
    <description><![CDATA[वैश्विक तेल संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव को देखते हुए भारत सरकार ने फ्लेक्स फ्यूल वाहनों (FFV) को बढ़ावा देने का फैसला किया है। इसके लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया जा रहा है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली | </strong> होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों ने भारत सरकार को ईंधन सुरक्षा पर नए सिरे से सोचने को मजबूर कर दिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधिकारियों ने सोमवार को एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा देश भर में फ्लेक्स फ्यूल वाहनों (FFV) को बढ़ावा देने का रोडमैप तैयार करना है।</p>
<h3>ईंधन का नया विकल्प: E85</h3>
<p>फ्लेक्स फ्यूल वाहन ऐसी गाड़ियां होती हैं, जो E85 ईंधन पर चल सकती हैं। इसमें 85% एथेनॉल और 15% पेट्रोल का मिश्रण होता है, जो पर्यावरण के अनुकूल है। वर्तमान में भारत में 20% एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन वैश्विक अस्थिरता को देखते हुए सरकार अब तेजी से फ्लेक्स फ्यूल की ओर कदम बढ़ाना चाहती है।</p>
<h3>होर्मुज संकट और तेल की कीमतें</h3>
<p>पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया था। होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर गोलीबारी की खबरों ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। दुनिया का एक बड़ा हिस्सा इसी समुद्री रास्ते से तेल आयात करता है। भारत के लिए यह मार्ग बंद होने का मतलब है बड़ी आर्थिक क्षति, इसलिए तेल आयात पर निर्भरता कम करना अब मजबूरी बन गई है।</p>
<h3>चुनौतियां और नई तकनीक</h3>
<p>हालांकि, 85% एथेनॉल की राह इतनी आसान नहीं है। इसके लिए इंजन की तकनीक में बड़े बदलाव करने होंगे और पेट्रोल पंपों पर नई मशीनों का इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना होगा। वर्किंग ग्रुप ने इन तकनीकी चुनौतियों पर एक रिपोर्ट तैयार की है। इसमें ऑटोमोबाइल कंपनियों (SIAM) और सरकारी तेल कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के सुझावों को शामिल किया गया है।</p>
<h3>किसानों और अर्थव्यवस्था को लाभ</h3>
<p>भारत में गन्ना और मक्का का प्रचुर उत्पादन होता है। फ्लेक्स फ्यूल के आने से किसानों को उनकी फसल का बेहतर बाजार मिलेगा और उनकी आय में भारी वृद्धि होगी। ट्रांसपोर्ट सेक्टर में एथेनॉल की हिस्सेदारी बढ़ने से न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी भारी कमी आएगी। सरकार का यह कदम आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>शांति और प्रेम पाने के लिए मन को ऐसे रखें शांत, बदल जाएगा आपका जीवन</title>
    <link>https://thinq360.com/premanand-maharaj-spiritual-tips-inner-peace</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 17:36:25 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>लाइफ स्टाइल</category>
    <description><![CDATA[वृंदावन के संत श्री प्रेमानंद जी महाराज ने बताया है कि दूसरों को प्रेम और शांति देने के लिए पहले उसे अपने भीतर महसूस करना जरूरी है। मन की शुद्धि ही सुखी जीवन का आधार है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>वृंदावन | </strong> आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर व्यक्ति शांति और प्रेम की तलाश में है। हम चाहते हैं कि लोग हमसे अच्छा व्यवहार करें। लेकिन अक्सर हम खुद अंदर से परेशान और चिड़चिड़े रहते हैं। वृंदावन के प्रसिद्ध संत श्री प्रेमानंद जी महाराज इस पर गहरा प्रकाश डालते हैं। महाराज जी के अनुसार, हमारे आसपास का वातावरण हमारी मानसिक स्थिति का प्रतिबिंब होता है। यदि हम अशांत हैं, तो दुनिया भी अशांत लगेगी।</p>
<h3>मन की स्थिति और व्यवहार</h3>
<p>महाराज जी का कहना है कि इंसान दूसरों को वही दे सकता है जो उसके पास खुद होता है। अगर आपके अंदर सुकून नहीं है, तो आप शांति नहीं बांट सकते। हमारा मन एक बर्तन की तरह है। इसमें जो भरा होगा, वही बाहर छलकेगा। अगर मन में नफरत है, तो व्यवहार में कड़वाहट जरूर आएगी। आप कितना भी अच्छा बनने का नाटक करें, आपकी ऊर्जा और शब्द आपकी असली मनःस्थिति को प्रकट कर ही देते हैं।</p>
<h3>दिखावा नहीं, वास्तविकता जरूरी</h3>
<p>महाराज जी समझाते हैं कि असली सेवा या प्यार वह नहीं है जो हम ऊपर से दिखाते हैं। असली बदलाव हमारे भीतर से आना चाहिए। जब हम खुद के लिए गुस्सा या बेचैनी रखते हैं, तो हम चाहकर भी दूसरों को खुशी नहीं दे पाते। इसलिए आंतरिक शुद्धि सबसे महत्वपूर्ण है। सच्चा प्रेम निस्वार्थ होता है और यह तभी संभव है जब आपका हृदय ईर्ष्या और द्वेष से मुक्त हो।</p>
<h3>शांति पाने के सरल उपाय</h3>
<p>अगर आप अपनी जिंदगी बदलना चाहते हैं, तो इसकी शुरुआत अपने अंदर झांकने से करें। सबसे पहले खुद को शांत रखना सीखें। तनाव या गुस्से में आप अनजाने में दूसरों का दिन भी खराब कर देते हैं। अशांत मन कभी भी सही दिशा में काम नहीं कर सकता। जब आप खुद प्रसन्न रहते हैं, तो आपकी उपस्थिति मात्र से दूसरों को सकारात्मक ऊर्जा मिलने लगती है।</p>
<h3>भगवान का नाम और संयम</h3>
<p>जब भी मन अशांत हो, तो थोड़ा रुकें और भगवान का नाम लें। यह प्रक्रिया आपके मन को स्थिर करने में मदद करती है। खुद को शांत करने की कोशिश करें ताकि आपके व्यवहार से दूसरों को सिर्फ सुख मिले। यही जीवन जीने का सही और सात्विक तरीका है। नियमित अभ्यास और भक्ति से ही मन के विकारों को दूर किया जा सकता है।</p>
<h3>निष्कर्ष</h3>
<p>महाराज जी के ये वचन हमें याद दिलाते हैं कि शांति की तलाश बाहर नहीं, बल्कि अपने भीतर ही करनी चाहिए। स्वयं को सुधारना ही संसार को सुधारने की पहली सीढ़ी है। प्रेम बांटने के लिए पहले स्वयं प्रेम स्वरूप बनें।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>खाना खाने के बाद सौंफ और मिश्री क्यों खाते हैं? जानें इसके 5 जबरदस्त फायदे और जरूरी सावधानियां</title>
    <link>https://thinq360.com/health-benefits-of-fennel-seeds-and-mishri-after-meals</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 17:30:44 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>लाइफ स्टाइल</category>
    <description><![CDATA[सौंफ और मिश्री का सेवन पाचन सुधारने, आंखों की रोशनी बढ़ाने और हीमोग्लोबिन स्तर को ठीक रखने में मदद करता है। जानें इसके लाभ और किसे इससे बचना चाहिए।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली | </strong> अक्सर आपने देखा होगा कि बड़े होटलों और रेस्टोरेंट्स में खाना खाने के बाद टेबल पर सौंफ और मिश्री की एक छोटी सी डिब्बी रखी होती है। हम सभी इसे केवल स्वाद के लिए चबाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह सेहत का खजाना है?</p>
<h3>पाचन तंत्र के लिए रामबाण</h3>
<p>भोजन के बाद सौंफ और मिश्री का सेवन एक बेहतरीन स्वास्थ्यवर्धक आदत मानी जाती है। सौंफ में मौजूद तेल पाचन एंजाइमों को उत्तेजित करते हैं, जिससे पेट में गैस या भारीपन की समस्या नहीं होती। यह आपके मेटाबॉलिज्म को भी बूस्ट करता है।</p>
<h3>एसिडिटी से तुरंत राहत</h3>
<p>सौंफ और मिश्री दोनों की तासीर काफी ठंडी होती है, जो पेट की अतिरिक्त गर्मी को शांत करने का काम करती है। जब आप इन्हें भोजन के उपरांत चबाते हैं, तो यह पेट में एसिड बनने की जटिल प्रक्रिया को धीमा कर देते हैं। इससे भोजन पेट में सड़ता नहीं है और सीने में होने वाली जलन व खट्टी डकारों में तुरंत आराम मिलता है।</p>
<h3>आंखों और त्वचा का ख्याल</h3>
<p>सौंफ में विटामिन-ए भरपूर मात्रा में होता है, जो आंखों की रोशनी बढ़ाने में विशेष रूप से सहायक है। इसके नियमित सेवन से त्वचा में भी प्राकृतिक निखार आता है। अगर आपको मीठा खाने की तीव्र इच्छा होती है, तो सौंफ-मिश्री एक हेल्दी विकल्प है।</p>
<h3>खून की कमी को करता है दूर</h3>
<p>एक आम भ्रांति है कि सौंफ हीमोग्लोबिन कम करती है, जो पूरी तरह गलत है। सौंफ में आयरन और तांबा (Copper) जैसे तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं। एनीमिया से जूझ रहे लोगों के लिए इसका नियमित सेवन बहुत लाभकारी सिद्ध हो सकता है।</p>
<h3>वजन घटाने में मददगार</h3>
<p>सौंफ शरीर की अतिरिक्त चर्बी को पिघलाने और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करती है। यह आपकी भूख को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करती है, जिससे आप बार-बार अनहेल्दी स्नैक्स खाने से बच जाते हैं। यह आंतों की गहराई से सफाई करती है।</p>
<h3>सावधानियां और नुकसान</h3>
<p>इतने सारे फायदों के बावजूद, कुछ विशेष स्थितियों में सौंफ से परहेज करना जरूरी है। गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए। किडनी की बीमारी वाले लोगों को भी इससे बचना चाहिए।</p>
<h3>एलर्जी और अन्य समस्याएं</h3>
<p>कुछ संवेदनशील लोगों को सौंफ के सेवन से स्किन एलर्जी या खुजली की समस्या हो सकती है। छोटे बच्चों को इसका सेवन बहुत ही सीमित मात्रा में कराना चाहिए। किसी भी बड़ी सर्जरी से कम से कम दो हफ्ते पहले सौंफ का सेवन बंद कर देना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>वड़ा पाव गर्ल चंद्रिका दीक्षित का &#039;तलाक&#039; ड्रामा एक्सपोज, पति के साथ वायरल वीडियो ने खोली पोल</title>
    <link>https://thinq360.com/vada-pav-girl-chandrika-dixit-husband-drama-exposed</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 17:15:39 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>मनोरंजन</category>
    <description><![CDATA[दिल्ली की प्रसिद्ध वड़ा पाव गर्ल चंद्रिका दीक्षित के वैवाहिक विवाद का सच सामने आ गया है। सोशल मीडिया पर पति से अलग होने का दावा करने वाली चंद्रिका हाल ही में उनके साथ खुश नजर आईं, जिसके बाद फैंस उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे हैं।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>दिल्ली | </strong> दिल्ली की मशहूर 'वड़ा पाव गर्ल' चंद्रिका दीक्षित एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा उनकी दुकान की नहीं, बल्कि उनके निजी जीवन से जुड़ी कथित 'नौटंकी' की हो रही है।<br><br></p>
<h3>वैवाहिक विवाद का सच आया सामने</h3>
<p>पिछले कुछ समय से चंद्रिका सार्वजनिक तौर पर यह दावा कर रही थीं कि उनके वैवाहिक जीवन में गंभीर समस्याएं चल रही हैं। उन्होंने कई इंटरव्यू में संकेत दिया था कि उनके पति का किसी और के साथ संबंध है।<br><br>इन दावों के बाद उनके फैंस काफी चिंतित थे। वह लगातार एक मुस्लिम शख्स के साथ वीडियोज भी साझा कर रही थीं, जिससे लोगों को लगा कि वह अपने पति से अलग हो चुकी हैं।<br><br></p>
<h3>पति के साथ वायरल हुआ वीडियो</h3>
<p>हाल ही में एक वायरल वीडियो ने इस पूरी कहानी की पोल खोलकर रख दी है। इस वीडियो में चंद्रिका अपने पति युगम के साथ बेहद खुश और हंसती-मुस्कुराती नजर आ रही हैं।<br><br>वीडियो सामने आने के बाद चंद्रिका ने एक और वीडियो बनाया। इसमें उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि "मजा आ गया कसम से, रायता फैल गया है।" इस बयान के बाद लोग उन्हें जमकर खरी-खोटी सुना रहे हैं।<br><br></p>
<h3>कंटेंट क्रिएटर्स पर फोड़ा ठीकरा</h3>
<p>चंद्रिका ने अपनी सफाई में कहा कि सोशल मीडिया पर कई लोग उनके पुराने वीडियो और शूटिंग क्लिप्स का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने इसे भ्रम पैदा करने की कोशिश बताया।<br><br>उन्होंने स्पष्ट किया कि कई वीडियो केवल शूटिंग के दौरान रिकॉर्ड किए गए थे, जिन्हें अब गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है। हालांकि, फैंस इस स्पष्टीकरण से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं।<br><br></p>
<h3>सोशल मीडिया पर भारी ट्रोलिंग</h3>
<p>इस घटना के बाद से ही चंद्रिका दीक्षित को सोशल मीडिया पर भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है। यूजर्स इसे फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए किया गया 'स्क्रिप्टेड ड्रामा' कह रहे हैं।<br><br>कुछ लोगों का मानना है कि इस तरह के हथकंडे अपनाकर चंद्रिका ने अपने प्रशंसकों का भरोसा पूरी तरह खो दिया है। फिलहाल, यह मामला इंटरनेट पर चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन पर शासन सचिव का बड़ा एक्शन: लापरवाही पर दो ग्राम विकास अधिकारियों को चार्जशीट के निर्देश</title>
    <link>https://thinq360.com/rajasthan-sampark-helpline-181-secretary-jogaram-action-vdo-charge-sheet</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 17:10:33 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[पंचायती राज शासन सचिव डॉ. जोगाराम ने राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परिवादियों से सीधा संवाद कर लापरवाही बरतने वाले दो अधिकारियों को चार्जशीट देने के निर्देश दिए।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong> राजस्थान की राजधानी जयपुर में शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) के स्टेट कंट्रोल रूम में सोमवार को एक अलग ही हलचल देखने को मिली। पंचायती राज विभाग के शासन सचिव डॉ. जोगाराम अचानक वहां पहुंचे और खुद फोन उठाकर जनता की समस्याएं सुनने लगे।</p>
<h3>जनता की शिकायतों पर सीधा प्रहार</h3>
<p>डॉ. जोगाराम ने न केवल कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया, बल्कि 24 में से 11 परिवादियों से सीधे बात की। उन्होंने जाना कि उनकी शिकायतों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है। संवाद के दौरान उन्होंने पाया कि कुछ अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।</p>
<h3>लापरवाह अधिकारियों पर गिरी गाज</h3>
<p>सीकर के फतेहपुर से राम प्रताप ने गांव की सफाई की समस्या बताई थी। नियमित सफाई न होने और गलत रिपोर्ट देने पर शासन सचिव ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित ग्राम विकास अधिकारी (VDO) को तुरंत 17 सीसीए की चार्जशीट जारी करने का कड़ा आदेश दिया।</p>
<h3>पट्टे के लिए साल भर का इंतजार</h3>
<p>इसी तरह टोंक के उनियारा से किशन लाल ने बताया कि एक साल से पट्टे के लिए भटक रहे हैं। सब कुछ सही होने के बावजूद उन्हें पट्टा नहीं मिला। इस पर डॉ. जोगाराम ने कड़ा रुख अपनाते हुए वहां के वी़डीओ को भी चार्जशीट थमाने के निर्देश दिए ताकि भविष्य में ऐसी देरी न हो।</p>
<h3>95 प्रतिशत शिकायतों का समाधान</h3>
<p>आंकड़ों की बात करें तो पिछले एक साल में विभाग के पास 2,93,802 शिकायतें आईं। इनमें से 2,80,996 का समाधान हो चुका है। यह करीब 95.64 प्रतिशत की सफलता दर है, जो विभाग की सक्रियता को दर्शाती है। हालांकि, सचिव ने बचे हुए मामलों पर और अधिक तेजी दिखाने को कहा है।</p>
<h3>मुख्यमंत्री की नई पहल</h3>
<p>मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश हैं कि अब अधिकारी एयरकंडीशंड कमरों से बाहर निकलकर सीधे जनता से जुड़ें। इसी कड़ी में शासन सचिवों को 181 हेल्पलाइन पर बैठकर खुद फीडबैक लेने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह पहल आमजन के लिए काफी मददगार साबित हो रही है।</p>
<h3>समयबद्ध कार्रवाई की चेतावनी</h3>
<p>डॉ. जोगाराम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित और गंभीर शिकायतों की जानकारी संबंधित अधिकारियों को व्हाट्सएप और एसएमएस के जरिए तुरंत भेजी जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>राजस्थान में भीषण गर्मी का तांडव: कोटा में पारा 42.1 डिग्री पार, मौसम विभाग ने कई जिलों में जारी किया लू का अलर्ट</title>
    <link>https://thinq360.com/rajasthan-heatwave-alert-kota-temperature-update</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 17:09:30 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[राजस्थान में गर्मी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है, जहां कोटा में तापमान 42.1 डिग्री तक पहुंच गया है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए कई जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong>राजस्थान में मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सूरज की तपिश अब लोगों को झुलसाने लगी है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई इलाकों में भीषण उष्णलहर दर्ज की गई है।</p>
<h3>कोटा में सबसे अधिक तापमान</h3>
<p>कोटा में तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है और लू के गर्म थपेड़ों ने राहगीरों को बेहाल कर दिया है। लोग अब जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं।</p>
<h3>न्यूनतम तापमान का विवरण</h3>
<p>दिन में भीषण गर्मी है, लेकिन रातों में अभी भी कुछ राहत बनी हुई है। पाली जिला राज्य में सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 14.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह तापमान दिन के मुकाबले काफी कम रिकॉर्ड हुआ है।</p>
<h3>आगामी दिनों का पूर्वानुमान</h3>
<p>मौसम केंद्र जयपुर की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 24 अप्रैल तक राजस्थान में उष्णलहर का प्रभाव बना रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस अवधि के दौरान तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना है।</p>
<h3>इन जिलों के लिए विशेष अलर्ट</h3>
<p>21 अप्रैल के लिए मौसम विभाग ने झुंझुनूं, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ में लू चलने की चेतावनी दी है। प्रशासन ने नागरिकों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी है।</p>
<h3>22 और 23 अप्रैल की स्थिति</h3>
<p>आने वाले दो दिनों में गर्मी का दायरा और बढ़ने वाला है। भरतपुर, डीग, धौलपुर, करौली, चूरू, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जैसे जिलों में लू का अलर्ट जारी किया गया है। यहां चलने वाली गर्म हवाएं पशु-पक्षियों के लिए भी घातक हो सकती हैं।</p>
<h3>सावधानी और बचाव के उपाय</h3>
<p>24 अप्रैल को भी भरतपुर और धौलपुर संभाग के जिलों में भीषण गर्मी का असर रहने वाला है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है।</p>
<h3>खेल और बाहरी गतिविधियां</h3>
<p>भीषण गर्मी को देखते हुए खेल के मैदानों और बाहरी आयोजनों के समय में बदलाव करना अनिवार्य हो गया है। खिलाड़ियों को सलाह दी गई है कि वे अभ्यास के दौरान खुद को हाइड्रेटेड रखें और सीधी धूप से बचने का प्रयास करें।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>जयपुर: आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने टीम भावना से लक्ष्य हासिल करने का दिया मंत्र, मांगों पर दिया आश्वासन</title>
    <link>https://thinq360.com/excise-commissioner-namit-mehta-jaipur-meeting-targets</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 17:08:02 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[जयपुर में आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने राजस्थान आबकारी सेवा संघ के साथ बैठक की। उन्होंने टीम भावना से काम करने और विभागीय लक्ष्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong> आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने कार्यभार संभालते ही अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं। उन्होंने अधिकारियों से टीम भावना के साथ काम करने की अपील की है।</p>
<h3>लक्ष्यों की प्राप्ति पर जोर</h3>
<p>मेहता ने कहा कि विभागीय वित्तीय और निरोधात्मक लक्ष्यों को समय पर पूरा करना अनिवार्य है। इसके लिए सभी को एकजुट होकर प्रयास करने होंगे।उन्होंने प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ सख्त निरोधात्मक कार्यवाहियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए। इससे राजस्व में भी वृद्धि होगी।</p>
<h3>संघ की मांगें और आश्वासन</h3>
<p>राजस्थान आबकारी सेवा संघ के पदाधिकारियों ने आयुक्त से भेंट कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। इसमें डीपीसी और पदोन्नति जैसे मुद्दे शामिल थे।आयुक्त ने इन मांगों के उचित समाधान का आश्वासन दिया है। बैठक में संघ के अध्यक्ष सुरेश कुमार और महासचिव अशोक कुमार डिडेल भी मौजूद रहे।संघ ने आयुक्त को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया ताकि विभागीय लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से प्राप्त किया जा सके।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>राजस्थान: बजट घोषणाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश, सामाजिक न्याय विभाग की समीक्षा बैठक</title>
    <link>https://thinq360.com/rajasthan-social-justice-department-budget-announcements-review-jaipur</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 16:55:34 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक ललित कुमार ने बजट घोषणाओं की समीक्षा की। उन्होंने लंबित कार्यों को समय पर पूरा करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong> राजस्थान में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग अब बजट घोषणाओं को रफ्तार देने में जुट गया है। विभाग के निदेशक ललित कुमार ने 'अम्बेडकर भवन' में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।</p>
<h3>बजट घोषणाओं की प्रगति</h3>
<p>बैठक में वर्ष 2024-25 से 2026-27 तक की बजट घोषणाओं की प्रगति जांची गई। निदेशक ने निर्देश दिए कि सभी योजनाएं तय समय सीमा के भीतर और प्रभावी क्रियान्वयन के साथ पूरी होनी चाहिए।आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 की 26 घोषणाओं में से 14 पूरी हो चुकी हैं, जबकि 12 प्रगतिरत हैं। वहीं 2025-26 की 15 में से 9 घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं। 2026-27 की 9 में से 1 घोषणा पूर्ण हुई है।</p>
<h3>विशेष कार्ययोजना और शिविर</h3>
<p>निदेशक ने लंबित कार्यों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन को योजनाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।बैठक में 24 से 26 अप्रैल तक चंडीगढ़ में होने वाले 'चिंतन शिविर' की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। यह शिविर केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्रालय द्वारा आयोजित किया जा रहा है।इस अवसर पर नसीम खान, रामेश्वर लाल परसोया और ओपी मीणा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। विभाग अब आगामी लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए मिशन मोड में काम करेगा।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>6.5 फीट लंबे यश पुंजा ने डेब्यू में ढाया कहर, मेडिकल की पढ़ाई छोड़ बने राजस्थान के स्टार</title>
    <link>https://thinq360.com/yash-punja-rajasthan-royals-ipl-2026-debut-medical-student-profile</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 16:09:21 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>शख्सियत</category>
    <description><![CDATA[राजस्थान रॉयल्स के 19 वर्षीय लेग-स्पिनर यश पुंजा ने केकेआर के खिलाफ डेब्यू मैच में अपनी गेंदबाजी से सबको चौंका दिया। 6.5 फीट लंबे यश ने क्रिकेट के लिए अपनी मेडिकल की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong> आईपीएल 2026 में रविवार 19 अप्रैल को कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रॉयल्स (RR Vs KKR) के बीच एक बेहद रोमांचक मुकाबला खेला गया। इस मैच में राजस्थान की टीम ने एक ऐसे युवा चेहरे को मौका दिया, जिसने रातों-रात सुर्खियां बटोर ली हैं।<br><br>19 साल के यश राज पुंजा ने इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में अपना आईपीएल डेब्यू किया। उन्होंने वैभव सूर्यवंशी की जगह मैदान संभाला और अपनी गेंदबाजी से सभी को प्रभावित करने में सफल रहे।<br><br></p>
<h3>डेब्यू मैच में यश पुंजा का जलवा</h3>
<p>यश पुंजा को जब गेंद सौंपी गई, तो उन्होंने अपनी सटीकता से केकेआर के बल्लेबाजों को बांधे रखा। उन्होंने अपने कोटे के 4 ओवरों में केवल 25 रन दिए और रमनदीप सिंह का अहम विकेट झटका।<br><br>भले ही राजस्थान रॉयल्स को इस मैच में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन यश की गेंदबाजी ने विशेषज्ञों का ध्यान खींचा। उनकी लंबाई ने उन्हें पिच से वह उछाल दिलाया जो अन्य स्पिनरों को नहीं मिल रहा था।<br><br></p>
<h3>डॉक्टरी छोड़ क्रिकेट के मैदान पर उतरे</h3>
<p>यश पुंजा की पृष्ठभूमि काफी दिलचस्प है। उनका जन्म अबू धाबी (UAE) में हुआ था और उनकी शुरुआती पढ़ाई भी वहीं पूरी हुई। उनके परिवार को उम्मीद थी कि वे मेडिकल के क्षेत्र में करियर बनाएंगे।<br><br>साल 2023 में यश ने एक साहसी फैसला लिया। उन्होंने डॉक्टर बनने का विचार त्याग दिया और क्रिकेट के प्रति अपने जुनून को पूरा करने के लिए बेंगलुरु आ गए। यश ने अपने सपने के लिए कड़ी मेहनत शुरू की।<br><br></p>
<h3>राहुल द्रविड़ की अकादमी में निखारी प्रतिभा</h3>
<p>बेंगलुरु पहुंचने के बाद यश ने राहुल द्रविड़ के क्रिकेट कोचिंग संस्थान में दाखिला लिया। वहां उन्होंने अपनी लेग-स्पिन गेंदबाजी और निचले क्रम की बल्लेबाजी पर कोचों के मार्गदर्शन में कड़ी मेहनत की।<br><br>6 फीट 5 इंच की कद-काठी यश के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट साबित हुई। स्पिनर के तौर पर इतनी ऊंचाई उन्हें एक विशिष्ट श्रेणी में खड़ा करती है, जिससे बल्लेबाजों को उनकी गेंदों को पढ़ने में काफी परेशानी होती है।<br><br></p>
<h3>घरेलू क्रिकेट में मचाया था तहलका</h3>
<p>यश पुंजा की प्रतिभा का अंदाजा महाराजा टी20 ट्रॉफी 2025 से लगाया जा सकता है। हुबली टाइगर्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने 10 मैचों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 23 विकेट चटकाए थे।<br><br>इसी प्रदर्शन की बदौलत वे आईपीएल स्काउट्स की नजरों में आए। राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें आईपीएल 2026 की नीलामी में उनके बेस प्राइस 30 लाख रुपये में अपनी टीम का हिस्सा बनाया और उन पर भरोसा जताया।<br><br></p>
<h3>सस्ते में मिला 'मैच विनर' खिलाड़ी</h3>
<p>क्रिकेट के गलियारों में चर्चा है कि यश पुंजा राजस्थान के लिए 'पैसा वसूल' खिलाड़ी साबित हो सकते हैं। मात्र 30 लाख की कीमत पर टीम को एक ऐसा स्पिनर मिला है जो भविष्य का बड़ा सितारा बन सकता है।<br><br>यश की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों के लिए जोखिम लेने से नहीं डरते। अब देखना होगा कि आईपीएल के आने वाले मैचों में वे अपनी इस शानदार फॉर्म को कैसे बरकरार रखते हैं।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>जयपुर: भाजपा महिला मोर्चा की &#039;जन आक्रोश पदयात्रा&#039; में उमड़ा सैलाब, सीएम भजनलाल ने विपक्ष के आचरण को बताया &#039;काला अध्याय&#039;</title>
    <link>https://thinq360.com/bjp-mahila-morcha-jan-aakrosh-padyatra-jaipur-bhajanlal-sharma</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 16:05:18 +0530</pubDate>
    <dc:creator>प्रदीप बीदावत</dc:creator>
    <category>राजनीति</category>
    <description><![CDATA[जयपुर में भाजपा महिला मोर्चा ने विशाल पदयात्रा निकालकर विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोला। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर महिलाओं के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong>&nbsp;राजस्थान की राजधानी जयपुर की सड़कें सोमवार को केसरिया रंग में रंगी नजर आईं। अवसर था भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा द्वारा आयोजित 'जन आक्रोश महिला पदयात्रा' का। <br>इस पदयात्रा के माध्यम से भाजपा ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने इस रैली को हरी झंडी दिखाई।&nbsp;<br>भाजपा कार्यालय से शुरू होकर यह पदयात्रा शहीद स्मारक तक पहुंची। इसमें हजारों की संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विपक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।&nbsp;</p>
<h3>विपक्ष की मानसिकता पर प्रहार</h3>
<p>मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 17 अप्रैल का दिन भारत के लिए ऐतिहासिक होने वाला था। लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने इसे काला पृष्ठ बना दिया।&nbsp;<br>उन्होंने कहा कि विपक्ष की इस हरकत ने उनकी महिला विरोधी मानसिकता को पूरी दुनिया के सामने उजागर कर दिया है। जिन लोगों ने देश पर 70 साल राज किया, उन्होंने कभी महिलाओं की चिंता नहीं की।&nbsp;<br>मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को केवल एक वोट बैंक के रूप में देखा। जब भी उनके उत्थान का अवसर आया, विपक्ष ने उसमें अड़ंगे डालने का काम किया।&nbsp;</p>
<h3>70 वर्षों की उपेक्षा का अंत</h3>
<p>भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार माताओं और बहनों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। विपक्ष परिवारवाद की राजनीति में इस कदर डूबा है कि उन्हें सामान्य महिलाओं की प्रगति से डर लगता है।&nbsp;<br>उन्हें लगता है कि यदि साधारण परिवारों की महिलाएं आगे बढ़ेंगी, तो उनका राजनीतिक वर्चस्व खत्म हो जाएगा। भाजपा 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र पर चलकर महिलाओं को उनका हक दे रही है।&nbsp;<br>मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से देश में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए वास्तविक धरातल पर काम शुरू हुआ है।&nbsp;</p>
<h3>मोदी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं</h3>
<p>मुख्यमंत्री ने उज्ज्वला योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसने करोड़ों महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाई है। घर-घर शौचालय निर्माण से महिलाओं के सम्मान की रक्षा सुनिश्चित की गई है।&nbsp;<br>जनधन खातों ने महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाया है। अब 'लखपति दीदी' जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं उद्यमी बन रही हैं और समाज को नई दिशा दे रही हैं।&nbsp;<br>उन्होंने धारा 370 के खात्मे और सीएए जैसे ऐतिहासिक निर्णयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने हमेशा राष्ट्रहित के इन कार्यों का विरोध किया है, जो उनकी संकीर्ण सोच को दर्शाता है।&nbsp;</p>
<h3>उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी का तीखा हमला</h3>
<p>उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने अपने संबोधन में विपक्ष पर तीखे बाण छोड़े। उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल को जो हुआ, वह केवल राजस्थान की माताओं का नहीं, बल्कि साक्षात भारत माता का अपमान है।&nbsp;<br>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व देने का संकल्प लिया था। लेकिन विपक्ष ने इस ऐतिहासिक अवसर को छीनने का प्रयास किया।&nbsp;<br>दीया कुमारी ने कहा कि विपक्ष के नेताओं को अपने इस कृत्य के बाद चुल्लू भर पानी में डूब जाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि क्या केवल खास परिवारों की महिलाएं ही राजनीति में आगे बढ़ेंगी?&nbsp;</p>
<h3>आम महिलाओं के हक की लड़ाई</h3>
<p>उपमुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि महिला विरोधी मानसिकता रखने वालों को आईना दिखाया जाए। आम महिलाओं को भी सत्ता के गलियारों तक पहुंचने का पूरा अधिकार है।&nbsp;<br>उन्होंने 5 जुलाई 2023 के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि हमने तब भी कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोला था। अब एक बार फिर उसी तर्ज पर बड़े आंदोलन की शुरुआत करने का समय आ गया है।&nbsp;<br>दीया कुमारी ने उपस्थित महिलाओं से संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसका करारा जवाब दिया जाएगा।&nbsp;</p>
<h3>नारी शक्ति वंदन अधिनियम और विपक्ष</h3>
<p>जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा ने कहा कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' केवल एक कानून नहीं है। यह भारत की आधी आबादी को उनका वाजिब हक दिलाने का एक पवित्र माध्यम है।&nbsp;<br>उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने इस विधेयक के मार्ग में रोड़े अटकाकर अपना दोहरा चरित्र प्रदर्शित किया है। यदि यह सर्वसम्मति से पारित होता, तो आज देश का लोकतंत्र और अधिक मजबूत होता।&nbsp;<br>सांसद ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। वे बाहर कुछ और कहते हैं और सदन के भीतर महिलाओं के अधिकारों को दबाने का काम करते हैं।&nbsp;</p>
<h3>महिला मोर्चा का संकल्प</h3>
<p>महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष राखी राठौड़ ने कार्यक्रम का संचालन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं को जो विश्वास दिलाया है, उसे भाजपा का हर कार्यकर्ता धरातल पर उतारने के लिए संघर्ष करेगा।&nbsp;<br>उन्होंने कहा कि जिस बिल को दशकों तक 'अटकाया, लटकाया और भटकाया' गया, उसे मोदी जी ने लागू करने का साहस दिखाया। अब देश की नारी जाग चुकी है और वह अपने राजनीतिक अधिकारों का हिसाब लेकर रहेगी।&nbsp;<br>राखी राठौड़ ने चेतावनी दी कि महिलाओं को वोट बैंक समझने वाली ताकतों को आगामी चुनावों में जनता सबक सिखाएगी। भाजपा महिला मोर्चा प्रदेशभर में इस आवाज को बुलंद करेगा।&nbsp;</p>
<h3>पदयात्रा में प्रमुख नेताओं की भागीदारी</h3>
<p>इस जन आक्रोश पदयात्रा में कैबिनेट मंत्री मंजू बाघमार, प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति मिर्धा और अल्का मूदंडा ने भी शिरकत की। सरिता गैना और प्रदेश मंत्री एकता अग्रवाल भी इस दौरान उपस्थित रहीं।&nbsp;<br>प्रदेश प्रवक्ता स्टेफी चौहान, जिला प्रमुख रमा चौपड़ा और महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा ने भी रैली को संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कांग्रेस की नीतियों की आलोचना की।&nbsp;<br>जयपुर की सड़कों पर उमड़ा यह जनसैलाब आने वाले समय में राजस्थान की राजनीति की नई दिशा तय करने वाला साबित होगा। महिलाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अब अपने अधिकारों के लिए पीछे नहीं हटेंगी।&nbsp;<br>इस ऐतिहासिक पदयात्रा ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि आगामी समय में भाजपा महिला सशक्तिकरण के मुद्दे को और अधिक प्रखरता से उठाएगी। विपक्ष के लिए यह एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया है।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>जापान में 7.4 तीव्रता का भीषण भूकंप: तटीय इलाकों में सुनामी की चेतावनी, 10 फीट तक उठ सकती हैं लहरें</title>
    <link>https://thinq360.com/japan-earthquake-tsunami-warning-7-4-magnitude-northern-japan</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 16:04:04 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>भारत</category>
    <description><![CDATA[उत्तरी जापान में आए 7.4 तीव्रता के भूकंप के बाद सुनामी का अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने इवाते और होक्काइडो के तटीय निवासियों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए हैं।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>टोक्यो | </strong> उत्तरी जापान में सोमवार को आए एक भीषण भूकंप ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। रिक्टर पैमाने पर इस शक्तिशाली भूकंप की तीव्रता 7.4 मापी गई है। इतनी भयानक तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस होते ही तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। जापान के राष्ट्रीय प्रसारक एनएचके ने इसकी पुष्टि की है।</p>
<h3>सुनामी की चेतावनी और निकासी</h3>
<p>भूकंप के तुरंत बाद देश के तटीय क्षेत्रों में सुनामी की कड़ी चेतावनी जारी कर दी गई है। प्रशासन ने इवाते और होक्काइडो प्रान्त के समुद्री तटों को खाली करने को कहा है। मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि समुद्र की लहरें 3 मीटर (करीब 10 फीट) तक ऊंची उठ सकती हैं। लोगों को ऊंचे स्थानों पर जाने का निर्देश दिया गया है। अपील की गई है कि जब तक सभी चेतावनियां वापस नहीं ले ली जातीं, तब तक वे सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। यह कदम जान-माल की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।</p>
<h3>त्वरित राहत और बचाव कार्य</h3>
<p>जापान में भूकंप के झटके महसूस होते ही सरकार और आपातकालीन एजेंसियों ने त्वरित प्रतिक्रिया दी है। देश भर में खतरे के सायरन बजने लगे और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। जापानी नागरिकों की आपदा प्रबंधन की ट्रेनिंग तुरंत काम आई। लोग बिना समय बर्बाद किए अपने जरूरी सामान के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह से हाई अलर्ट पर हैं। अधिकारी और बचाव दल शुरुआती झटकों से हुए संभावित नुकसान का तेजी से आकलन कर रहे हैं ताकि राहत कार्य समय पर हो।</p>
<h3>मौसम विभाग की सलाह</h3>
<p>जापानी मौसम विज्ञान एजेंसी ने कहा है कि सुनामी की कुछ लहरें पहले ही तट की ओर बढ़ चुकी हैं। ये लहरें बार-बार आ सकती हैं और खतरनाक हो सकती हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि लहरें अनुमानित समय से पहले या बाद में भी आ सकती हैं। नदियों के मुहानों को भी खाली करवा लिया गया है क्योंकि वहां जलस्तर बढ़ सकता है।</p>
<h3>जापान और रिंग ऑफ फायर</h3>
<p>जापान प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' पर बसा है। दुनिया के चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेट्स यहीं मिलते हैं, जिससे यहां भूकंप का खतरा बना रहता है। दुनिया के लगभग 18 प्रतिशत भूकंप अकेले जापान में आते हैं। यहां हर साल करीब 1,500 छोटे-बड़े भूकंप दर्ज किए जाते हैं, जो इसे संवेदनशील बनाते हैं। इस भूकंप ने 2011 की याद दिला दी है, जब 9.0 तीव्रता के भूकंप और सुनामी ने भारी तबाही मचाई थी। तब फुकुशिमा परमाणु संयंत्र को भी भारी नुकसान हुआ था।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने वृंदावन में टेका मत्था, स्वामी प्रेमानंद महाराज से लिया आशीर्वाद</title>
    <link>https://thinq360.com/virat-kohli-anushka-sharma-vrindavan-visit-premanand-maharaj</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 15:55:09 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>शख्सियत</category>
    <description><![CDATA[अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर विराट कोहली और अनुष्का शर्मा वृंदावन पहुंचे। वहां उन्होंने स्वामी प्रेमानंद महाराज के सत्संग में भाग लिया और सादगी के साथ आशीर्वाद प्राप्त किया।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>वृंदावन | </strong> भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली और बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा की आध्यात्मिकता एक बार फिर चर्चा में है। अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर यह स्टार कपल कान्हा की नगरी वृंदावन पहुंचा।</p>
<h3>स्वामी प्रेमानंद के चरणों में सितारे</h3>
<p>विराट और अनुष्का ने विख्यात संत स्वामी प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए। दोनों ने राधा केली कुंज आश्रम में तड़के पहुंचकर सत्संग का आनंद लिया।<br>इस दौरान दोनों ने किसी भी प्रकार के वीआईपी तामझाम का सहारा नहीं लिया। उन्होंने एक साधारण श्रद्धालु की तरह जमीन पर बैठकर महाराज जी के वचनों को सुना।</p>
<h3>भक्ति के रंग में रंगे विराट</h3>
<p>पिछले कुछ समय से विराट कोहली के व्यक्तित्व में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। वे अब मैदान पर आक्रामकता के बजाय शांति और भक्ति को प्राथमिकता दे रहे हैं।<br>सत्संग के दौरान विराट काफी गंभीर और एकाग्र नजर आए। उन्होंने महाराज जी की आरती में भी हिस्सा लिया और मानसिक शांति के लिए प्रार्थना की।</p>
<h3>दो महीने में दूसरी यात्रा</h3>
<p>यह विराट और अनुष्का की महज दो महीनों के भीतर दूसरी वृंदावन यात्रा है। इससे पहले वे 20 फरवरी को भी महाराज जी का आशीर्वाद लेने आए थे।<br>विराट और अनुष्का की इस सादगी की सोशल मीडिया पर खूब प्रशंसा हो रही है। फैंस का कहना है कि इतने बड़े सितारे होकर भी उनकी भक्ति प्रेरणादायक है।</p>
<h3>आध्यात्मिक सफर की झलक</h3>
<ul>
<li>उज्जैन के महाकाल मंदिर में दर्शन।</li>
<li>ऋषिकेश के आश्रमों में समय बिताना।</li>
<li>वृंदावन में राधा रानी की भक्ति।</li>
</ul>
<p>अक्षय तृतीया के कारण वृंदावन में भक्तों का भारी सैलाब था। इसके बावजूद कपल ने पूरी श्रद्धा के साथ अपनी धार्मिक यात्रा संपन्न की और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त की।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>PM मोदी के दौरे से पहले बालोतरा रिफाइनरी में लगी भीषण आग, आसमान में छाया काला धुआं</title>
    <link>https://thinq360.com/rajasthan-balotra-refinery-fire-pm-modi-visit</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 15:43:14 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[राजस्थान के बालोतरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकार्पण कार्यक्रम से ठीक एक दिन पहले पचपदरा रिफाइनरी में भीषण आग लग गई। दमकल की गाड़ियां आग बुझाने में जुटी हैं।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>बालोतरा | </strong>राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा से एक अत्यंत चिंताजनक खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले रिफाइनरी परिसर में भीषण आग लग गई।</p>
<h3>अचानक भड़की भीषण आग</h3>
<p>सोमवार दोपहर रिफाइनरी की एक यूनिट में अचानक आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आसमान काले धुएं के गुबार से भर गया। इस घटना से परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कल 21 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस रिफाइनरी का ऐतिहासिक लोकार्पण करने वाले थे। इस वीवीआईपी कार्यक्रम से ठीक पहले हुई इस घटना ने प्रशासन के पसीने छुड़ा दिए हैं।</p>
<h3>राहत और बचाव कार्य जारी</h3>
<p>आग लगते ही रिफाइनरी का इन-हाउस फायर सेफ्टी सिस्टम तुरंत सक्रिय हो गया। दर्जनों दमकल गाड़ियां और हाइड्रेंट सिस्टम के जरिए आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है। धुएं की तीव्रता इतनी अधिक है कि इसे कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता है। जिला प्रशासन और रिफाइनरी के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति की निरंतर मॉनिटरिंग कर रहे हैं।</p>
<h3>सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल</h3>
<p>पूरे रिफाइनरी परिसर को एसपीजी और राजस्थान पुलिस ने सुरक्षा घेरे में ले रखा है। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात होने के बावजूद इस तरह का हादसा होना कई सवाल खड़े करता है।</p>
<ul>
<li>क्या यह कोई तकनीकी खामी है या सुरक्षा में कोई बड़ी चूक?</li>
<li>क्या पीएम मोदी के कल के कार्यक्रम के समय में कोई बदलाव होगा?</li>
<li>रिफाइनरी के संवेदनशील जोन में आग लगने का वास्तविक कारण क्या है?</li>
</ul>
<h3>तकनीकी टीम और डैमेज कंट्रोल</h3>
<p>फिलहाल प्राथमिकता आग को पूरी तरह बुझाने और उसे अन्य यूनिट्स तक फैलने से रोकने की है। एचपीसीएल और राजस्थान रिफाइनरी के विशेषज्ञ मौके पर डैमेज कंट्रोल में जुटे हैं। गनीमत यह है कि अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, करोड़ों रुपये की मशीनरी को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारी कारणों की जांच कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>ईरान-अमेरिका तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में 6% का भारी उछाल, होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से वैश्विक ऊर्जा संकट गहराया</title>
    <link>https://thinq360.com/crude-oil-price-hike-iran-us-strait-of-hormuz-tension-update</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 14:48:33 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>भारत</category>
    <description><![CDATA[ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया गया है। इसके चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतें 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिससे वैश्विक बाजारों में हड़कंप मच गया है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली | </strong> वैश्विक ऊर्जा बाजार में सोमवार को भारी उथल-पुथल देखने को मिली। ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही रोकने के फैसले से कच्चे तेल की कीमतों में 6 फीसदी की तेजी आई है।<br><br>होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के लिए सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। यहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत और प्राकृतिक गैस का एक तिहाई हिस्सा गुजरता है, जिस पर अब संकट के बादल मंडरा रहे हैं।</p>
<h3>क्रूड ऑयल की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी</h3>
<p>सोमवार सुबह वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 6.18 प्रतिशत उछलकर 89.03 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। यह वैश्विक बाजार के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि सप्लाई चेन बाधित हो गई है।<br><br>वहीं अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड भी 5.50 प्रतिशत की छलांग लगाकर 95.35 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। पिछले शुक्रवार को कीमतें निचले स्तर पर थीं, लेकिन शनिवार की घोषणा ने सब बदल दिया।</p>
<h3>ईरान और अमेरिका में बढ़ता टकराव</h3>
<p>ईरान ने अमेरिका पर 'भरोसे के उल्लंघन' का आरोप लगाया है। इसके बाद ईरानी गनबोट्स ने होर्मुज से गुजरने वाले टैंकरों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।<br><br>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे युद्धविराम का उल्लंघन बताया है। अमेरिकी नौसेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए एक ईरानी झंडे वाले जहाज 'टूस्का' को कब्जे में ले लिया है, जिसे ईरान ने डकैती करार दिया है।<br><br>ट्रैकिंग डेटा के अनुसार रविवार से इस महत्वपूर्ण मार्ग पर जहाजों की आवाजाही पूरी तरह ठप है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि बुधवार तक शांति समझौता नहीं हुआ, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।</p>
<h3>भारत में ईंधन की स्थिति</h3>
<p>वैश्विक तनाव के बावजूद भारतीय शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है।<br><br>सरकार उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए 'फ्यूल प्राइस स्टेबलाइजेशन मैकेनिज्म' पर विचार कर रही है। आगामी राज्य चुनावों के कारण सरकार ऑटो फ्यूल की कीमतों को नियंत्रण में रखना चाहती है ताकि आम जनता पर बोझ न पड़े।<br><br></p>
<ul>
<li>मुंबई में पेट्रोल: 103.50 रुपये प्रति लीटर</li>
<li>कोलकाता में पेट्रोल: 105.45 रुपये प्रति लीटर</li>
<li>अहमदाबाद में पेट्रोल: 94.49 रुपये प्रति लीटर</li>
<li>लखनऊ में पेट्रोल: 95.34 रुपये प्रति लीटर</li>
</ul>
<p>पटना में पेट्रोल 105.71 रुपये पर स्थिर है। वैश्विक अस्थिरता के बीच भारतीय तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रही हैं ताकि घरेलू बाजार को झटकों से बचाया जा सके।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>भारत के 5 सबसे बड़े हवाई अड्डे जो किसी &#039;शहर&#039; से कम नहीं: मॉल, होटल और सिनेमा का उठाएं लुत्फ</title>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 14:42:09 +0530</pubDate>
    <dc:creator>thinQ360</dc:creator>
    <category>भारत</category>
    <description><![CDATA[भारत के ये 5 विशाल हवाई अड्डे केवल यात्रा के माध्यम नहीं हैं, बल्कि आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस मिनी शहर बन चुके हैं। यहाँ यात्रियों को मॉल, होटल और सिनेमा जैसी सुविधाएं मिलती हैं।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली | </strong> आज का भारत बदल रहा है और इस बदलते भारत की सबसे शानदार तस्वीर हमारे देश के अत्याधुनिक हवाई अड्डों पर दिखाई देती है।</p>
<h3>हवाई अड्डों का नया स्वरूप</h3>
<p>जब हम आधुनिक भारत की बात करते हैं, तो इसमें बुनियादी ढांचे का विकास सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पिछले कुछ वर्षों में भारत में हवाई यात्रा न केवल सुलभ हुई है, बल्कि यह एक लग्जरी अनुभव में तब्दील हो गई है। आज के हवाई अड्डे केवल विमान पकड़ने की जगह नहीं रह गए हैं। वे अब विशाल मॉल, आलीशान होटल और मनोरंजन केंद्रों के रूप में विकसित हो चुके हैं। भारत में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए सरकार लगातार नए प्रयास कर रही है। नए शहरों में एयरपोर्ट बनाए जा रहे हैं और पुराने एयरपोर्ट्स का विस्तार किया जा रहा है।</p>
<h3>राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, हैदराबाद</h3>
<p>हैदराबाद का राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा वर्तमान में भारत का सबसे बड़ा हवाई अड्डा है। यह विशाल एयरपोर्ट लगभग 5500 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है। यहाँ से सालाना करीब 2.9 करोड़ यात्री अपनी यात्रा पूरी करते हैं। इस एयरपोर्ट को ग्रीनफील्ड डिजाइन के आधार पर बनाया गया है। यह पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाता है। यहाँ का टर्मिनल किसी भव्य शॉपिंग मॉल जैसा महसूस कराता है। यहाँ अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स की दुकानों की भरमार है। यात्रियों के लिए यहाँ स्पा और विश्व स्तरीय रेस्टोरेंट्स उपलब्ध हैं। यहाँ की होटल कनेक्टिविटी यात्रियों के लिए बहुत सुविधाजनक है। इस एयरपोर्ट की वास्तुकला और सुविधाएं इसे दुनिया के बेहतरीन एयरपोर्ट्स में शामिल करती हैं।</p>
<h3>इन्दिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, दिल्ली</h3>
<p>देश की राजधानी दिल्ली में स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा क्षेत्रफल में दूसरे स्थान पर है। यह एयरपोर्ट लगभग 5106 एकड़ में फैला हुआ है। यह भारत का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा माना जाता है। यहाँ से हर साल 7.9 करोड़ से अधिक यात्री आवागमन करते हैं। इसका टर्मिनल-3 दुनिया के सबसे बड़े और आधुनिक टर्मिनलों में से एक है। यहाँ यात्रियों को लग्जरी ब्रांड्स और ड्यूटी-फ्री स्टोर्स का बेहतरीन संग्रह मिलता है। बच्चों के लिए यहाँ विशेष किड्स जोन बनाए गए हैं। यहाँ का मल्टी-क्यूजिन फूड कोर्ट हर तरह के जायके पेश करता है। एयरोसिटी के साथ जुड़ा होने के कारण यह एक पूर्ण विकसित मिनी सिटी जैसा लगता है। यहाँ ठहरने के लिए दुनिया के सबसे बड़े होटल ब्रांड्स उपलब्ध हैं।</p>
<h3>केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, बेंगलुरु</h3>
<p>बेंगलुरु का केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भारत का तीसरा सबसे बड़ा एयरपोर्ट है। यह हवाई अड्डा 4008 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है। यह हर साल लगभग 4.2 करोड़ यात्रियों की सेवा करता है। इस एयरपोर्ट का डिजाइन आधुनिकता और प्रकृति का एक अनूठा संगम है। यहाँ के टर्मिनलों में ग्लास और स्टील की भव्य सजावट देखते ही बनती है। यहाँ के गार्डन रेस्टोरेंट्स यात्रियों को प्रकृति के करीब होने का अहसास कराते हैं। यहाँ चेक-इन की प्रक्रिया बहुत तेज और तकनीक आधारित है। दक्षिण भारत के लिए यह एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय गेटवे के रूप में कार्य करता है। यहाँ का शॉपिंग एरिया अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है।</p>
<h3>छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, मुंबई</h3>
<p>मुंबई का हवाई अड्डा लगभग 2000 एकड़ में फैला हुआ है। आकार में चौथे नंबर पर होने के बावजूद यह सुविधाओं में किसी से पीछे नहीं है। यहाँ से सालाना 5.5 करोड़ यात्री सफर करते हैं। इसका टर्मिनल-2 अपनी अद्भुत वास्तुकला के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। इस टर्मिनल के अंदर भारत की समृद्ध कला और संस्कृति की झलक मिलती है। यहाँ आर्ट इंस्टॉलेशन और म्यूजियम जैसा माहौल यात्रियों को मंत्रमुग्ध कर देता है। यहाँ लग्जरी शॉपिंग और हाई-एंड रेस्टोरेंट्स की लंबी कतार है। यह एयरपोर्ट पश्चिम भारत का सबसे महत्वपूर्ण एविएशन हब है। यहाँ 24 घंटे यात्रियों की चहल-पहल बनी रहती है। यहाँ की ड्यूटी-फ्री मार्केट खरीदारी के शौकीनों के लिए स्वर्ग जैसी है।</p>
<h3>चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा</h3>
<p>चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा दक्षिण भारत का एक और प्रमुख केंद्र है। यह लगभग 1301 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है। यहाँ से सालाना करीब 2.2 करोड़ यात्री यात्रा करते हैं। इस एयरपोर्ट को यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। यहाँ यात्रियों के लिए सिनेमाहॉल की भी सुविधा उपलब्ध है। यह भारत के उन चुनिंदा एयरपोर्ट्स में से है जहाँ मनोरंजन के इतने विकल्प हैं। यहाँ के फूड कोर्ट में दक्षिण भारतीय व्यंजनों के साथ वैश्विक स्वाद भी मिलता है। यहाँ रिटेल स्टोर्स और ट्रांजिट होटल की बेहतरीन व्यवस्था है। यह एयरपोर्ट व्यापार और पर्यटन दोनों के लिए एक सेतु का काम करता है।</p>
<h3>भविष्य की उड़ान और निष्कर्ष</h3>
<p>भारत के ये हवाई अड्डे देश की आर्थिक प्रगति के इंजन बन चुके हैं। इन एयरपोर्ट्स के कारण न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिला है, बल्कि रोजगार के हजारों अवसर पैदा हुए हैं। आने वाले समय में जेवर और नवी मुंबई जैसे नए एयरपोर्ट्स इस सूची को और भी प्रभावशाली बनाएंगे। यात्रियों के लिए अब एयरपोर्ट पर बिताया गया समय बोरियत भरा नहीं होता। अब वे वहाँ खरीदारी कर सकते हैं, फिल्में देख सकते हैं और आराम कर सकते हैं। यह 'नया भारत' है जहाँ सुविधाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर की हैं। इन हवाई अड्डों का विकास भारत के वैश्विक महाशक्ति बनने की दिशा में एक बड़ा कदम है।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>लाल मटका या काला मटका: भीषण गर्मी में कौन सा घड़ा पानी को रखेगा ज्यादा ठंडा? जयपुर के कुम्हार ने बताया असली सच</title>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 14:25:54 +0530</pubDate>
    <dc:creator>thinQ360</dc:creator>
    <category>लाइफ स्टाइल</category>
    <description><![CDATA[भीषण गर्मी में ठंडे पानी के लिए लाल और काले मटके के बीच चुनाव करना मुश्किल होता है। जयपुर के अनुभवी कुम्हार ने बताया कि कौन सा मटका सेहत और शीतलता के लिए सबसे अच्छा है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong> राजस्थान में सूरज की तपिश अब अपने चरम पर पहुंचने लगी है। मरुधरा की तपती धरती पर प्यास बुझाने के लिए लोग प्राकृतिक संसाधनों की ओर रुख कर रहे हैं। भीषण गर्मी के इस दौर में फ्रिज का ठंडा पानी भले ही गले को तात्कालिक राहत दे, लेकिन यह सेहत के लिए कई मुसीबतें भी साथ लाता है। यही कारण है कि आज भी लोग मिट्टी के मटके यानी 'देसी फ्रिज' पर सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं। जयपुर के बाजारों में इन दिनों मटकों की भारी मांग देखी जा रही है।</p>
<h3>बाजार में मटकों की विविधता</h3>
<p>चांदपोल बाजार से लेकर सांगानेर तक, सड़कों के किनारे सजे मिट्टी के घड़े राहगीरों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। लेकिन जब ग्राहक खरीदारी करने पहुंचता है, तो उसके सामने सबसे बड़ी दुविधा खड़ी होती है&mdash; लाल मटका लें या काला? दोनों ही मटके दिखने में सुंदर और उपयोगी लगते हैं, लेकिन उनके गुणों और पानी ठंडा करने की क्षमता में जमीन-आसमान का अंतर है।</p>
<h3>कुम्हार ने खोला गहरा राज</h3>
<p>जयपुर के चांदपोल बाजार के अनुभवी कुम्हार राजबहादुर प्रजापत पिछले कई दशकों से मिट्टी के बर्तन बनाने का काम कर रहे हैं। राजबहादुर बताते हैं कि मटके का चुनाव केवल उसके रंग पर नहीं, बल्कि आपकी जरूरत और सेहत पर निर्भर करना चाहिए। उन्होंने बताया कि लाल और काले मटके की बनावट और उन्हें पकाने की प्रक्रिया ही उनके गुणों को निर्धारित करती है।</p>
<h3>कैसे बनता है लाल मटका?</h3>
<p>लाल मटका बनाने के लिए सामान्य चिकनी मिट्टी का उपयोग किया जाता है। इसे चाक पर आकार देने के बाद धूप में सुखाया जाता है। पकाने के लिए इसे खुली आग या 'आवे' में रखा जाता है। इस प्रक्रिया में ऑक्सीजन की भरपूर आपूर्ति होती है। ऑक्सीजन के संपर्क में रहने के कारण मिट्टी का प्राकृतिक लाल रंग निखर कर आता है, जो हमें बाजारों में दिखाई देता है।</p>
<h3>काले मटके के निर्माण की तकनीक</h3>
<p>काले मटके को बनाने की प्रक्रिया थोड़ी जटिल और अलग होती है। इसे भी उसी मिट्टी से तैयार किया जाता है, जिससे लाल मटका बनता है। लेकिन पकाने के समय इसे राख, भूसे और धुएं के बीच पूरी तरह से ढंक दिया जाता है। इसे बंद भट्टी में पकाया जाता है। इस प्रक्रिया में ऑक्सीजन की कमी होती है और कार्बन के कण मिट्टी के रोम-छिद्रों में समा जाते हैं, जिससे इसका रंग काला हो जाता है।</p>
<h3>शीतलता का असली विज्ञान</h3>
<p>विज्ञान के अनुसार, मटके में पानी ठंडा होने की प्रक्रिया वाष्पीकरण (Evaporation) पर आधारित होती है। मिट्टी के बर्तनों में लाखों सूक्ष्म छिद्र होते हैं, जिनसे पानी रिसकर बाहर आता है और बाहर की गर्मी से भाप बनकर उड़ जाता है। इस प्रक्रिया में घड़े के अंदर का तापमान गिर जाता है और पानी शीतल हो जाता है। लाल मटके में यह प्रक्रिया बहुत तेज होती है।</p>
<h3>लाल मटका: त्वरित ठंडक का राजा</h3>
<p>अगर आप चाहते हैं कि मटके में पानी भरते ही वह जल्दी ठंडा हो जाए, तो लाल मटका आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प है। लाल मटके के छिद्र खुले होते हैं, जिससे वाष्पीकरण की दर अधिक रहती है। यह नए मटके के रूप में बहुत शानदार काम करता है। हालांकि, कुछ समय बाद इसके छिद्र धूल या लवणों (Salts) से भर सकते हैं, जिससे इसकी कार्यक्षमता थोड़ी कम हो सकती है।</p>
<h3>काला मटका: लंबे समय तक ठंडक</h3>
<p>काले मटके की खासियत यह है कि यह ठंडे हुए पानी के तापमान को लंबे समय तक स्थिर रखने की क्षमता रखता है। धुएं और राख में पकने के कारण इसकी दीवारों का घनत्व बढ़ जाता है। यह एक इंसुलेटर की तरह काम करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आप चाहते हैं कि पानी घंटों तक 'चिल्ड' बना रहे, तो काला मटका बेहतर साबित होता है।</p>
<h3>सेहत के नजरिए से कौन बेहतर?</h3>
<p>मिट्टी के बर्तन न केवल पानी ठंडा करते हैं, बल्कि उसे शुद्ध और औषधीय गुणों से भरपूर भी बनाते हैं। लाल मटका उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है जिनके शरीर में आयरन की कमी होती है। इसमें मौजूद खनिज तत्व पानी में घुल जाते हैं। वहीं, काले मटके को आयुर्वेद में विशेष स्थान दिया गया है क्योंकि इसकी तासीर और गुण थोड़े अलग होते हैं।</p>
<h3>एसिडिटी और गैस से राहत</h3>
<p>काले मटके को जिस प्रक्रिया से पकाया जाता है, वह उसे एंटी-बैक्टीरियल और क्षारीय (Alkaline) बना देती है। विशेषज्ञों के अनुसार, काले मटके के पानी का pH लेवल 8 से 8.5 के बीच होता है, जो शरीर के लिए आदर्श माना जाता है। आजकल लोग लाखों रुपये खर्च करके अल्कलाइन वॉटर मशीन लगवाते हैं, जबकि काला मटका यह काम मुफ्त में करता है।</p>
<h3>गले के लिए वरदान</h3>
<p>फ्रिज का पानी पीने से अक्सर टॉन्सिल, गले में खराश और जुकाम जैसी समस्याएं हो जाती हैं। मटके का पानी गले के लिए बहुत कोमल होता है। इसकी ठंडक प्राकृतिक होती है जो श्वसन तंत्र को नुकसान नहीं पहुंचाती। खासकर अस्थमा और साइनस के मरीजों के लिए मटके का पानी पीना सबसे सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प है।</p>
<h3>मटका खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान</h3>
<p>बाजार में मटका खरीदते समय हमेशा उसे उंगली से ठोककर देखें। अगर धातु जैसी खनक सुनाई दे, तो समझें मटका अच्छी तरह पका है। मटके की सतह पर कोई दरार नहीं होनी चाहिए। साथ ही, हाथ लगाकर देखें कि मिट्टी झड़ तो नहीं रही है। हमेशा स्थानीय कुम्हारों से ही मटका खरीदें, क्योंकि वे पारंपरिक विधियों का पालन करते हैं और मिलावट नहीं करते।</p>
<h3>नए मटके को इस्तेमाल करने का सही तरीका</h3>
<p>नया मटका घर लाने के बाद उसे तुरंत इस्तेमाल न करें। सबसे पहले उसे साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद मटके को कम से कम 24 घंटे के लिए पानी भरकर छोड़ दें। इससे मिट्टी के छिद्र सक्रिय हो जाते हैं। अगले दिन उस पानी को फेंक दें और फिर से ताजा पानी भरें। अब आपका मटका पानी ठंडा करने के लिए तैयार है।</p>
<h3>साफ-सफाई है बेहद जरूरी</h3>
<p>मटके को हर हफ्ते साफ करना चाहिए। सफाई के लिए कभी भी साबुन या डिटर्जेंट का इस्तेमाल न करें। मिट्टी के छिद्र साबुन को सोख सकते हैं, जिससे पानी का स्वाद बिगड़ सकता है और सेहत को नुकसान हो सकता है। साफ करने के लिए केवल सादे पानी और मुलायम कपड़े या ब्रश का उपयोग करें। यह मटके की उम्र बढ़ाता है।</p>
<h3>मटके को कहां रखें?</h3>
<p>मटके को हमेशा ऐसी जगह रखना चाहिए जहां हवा का संचार (Ventilation) अच्छा हो। खिड़की के पास रखना सबसे अच्छा रहता है। हवा जितनी ज्यादा मटके की सतह से टकराएगी, वाष्पीकरण उतना ही तेज होगा और पानी उतना ही ज्यादा ठंडा होगा। मटके के नीचे रेत की एक परत रखना भी फायदेमंद होता है। रेत को गीला रखने से मटका अधिक समय तक ठंडा रहता है।</p>
<h3>पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी</h3>
<p>प्लास्टिक की बोतलों और फ्रिज के उपयोग से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचता है। मिट्टी के मटके पूरी तरह इको-फ्रेंडली होते हैं। जब मटका पुराना हो जाए या टूट जाए, तो यह फिर से मिट्टी में मिल जाता है और कोई प्रदूषण नहीं फैलाता। मिट्टी के बर्तनों का उपयोग करना हमारे स्थानीय कलाकारों और कुम्हारों की आजीविका को सहारा देने का एक बड़ा माध्यम है।</p>
<h3>निष्कर्ष: आपकी पसंद क्या हो?</h3>
<p>अंततः, चुनाव आपकी प्राथमिकता पर निर्भर करता है। यदि आपको तुरंत ठंडा पानी चाहिए, तो लाल मटका सर्वश्रेष्ठ है। यदि आप स्वास्थ्य लाभ और लंबे समय तक बनी रहने वाली ठंडक चाहते हैं, तो काला मटका आपकी पहली पसंद होना चाहिए। जयपुर के कुम्हारों की यह कला न केवल हमारी संस्कृति का हिस्सा है, बल्कि यह आधुनिक बीमारियों का एक प्राचीन समाधान भी है। इस गर्मी में फ्रिज को आराम दें और अपनी रसोई में एक मिट्टी के मटके को जगह दें। यह न केवल प्यास बुझाएगा, बल्कि जीवन भी बचाएगा। मिट्टी की यह सोंधी खुशबू और कुदरती ठंडक आपको एक अलग ही सुकून का अहसास कराएगी, जो किसी मशीन में मुमकिन नहीं।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>सोशल मीडिया पर नई पाबंदी! बच्चों से मांगी जा रही ID, क्या खतरे में है आपकी प्राइवेसी? जानिए पूरी सच्चाई</title>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 13:56:13 +0530</pubDate>
    <dc:creator>thinQ360</dc:creator>
    <category>राज्य</category>
    <description><![CDATA[सोशल मीडिया पर बच्चों की सुरक्षा के लिए उम्र वेरिफिकेशन को अनिवार्य बनाने की तैयारी चल रही है, जिससे प्राइवेसी को लेकर गंभीर बहस छिड़ गई है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली | </strong> आज के डिजिटल युग में इंटरनेट हमारी जिंदगी का एक अटूट हिस्सा बन चुका है। सूचनाओं के आदान-प्रदान से लेकर मनोरंजन तक, सब कुछ अब हमारी उंगलियों पर है। लेकिन इस डिजिटल क्रांति का सबसे गहरा असर बच्चों पर पड़ा है। पिछले कुछ सालों में बच्चों की इंटरनेट और सोशल मीडिया तक पहुंच अभूतपूर्व तरीके से बढ़ी है। स्मार्टफोन की सुलभता ने बच्चों के लिए एक नई दुनिया खोल दी है। हालांकि, यह दुनिया जितनी जानकारी से भरी है, उतनी ही खतरनाक भी साबित हो रही है।</p>
<h3>बढ़ते खतरे और सुरक्षा की चिंता</h3>
<p>ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों की बढ़ती सक्रियता के साथ ही अश्लील कंटेंट, हिंसक वीडियो और ऑनलाइन ठगी जैसे मामलों में भारी उछाल आया है। साइबर बुलिंग और ऑनलाइन ग्रूमिंग जैसी घटनाएं अब आम होती जा रही हैं। इन खतरों ने दुनिया भर की सरकारों और अभिभावकों की नींद उड़ा दी है। यही कारण है कि अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उम्र की पुष्टि यानी Age Verification को अनिवार्य बनाने की चर्चा काफी तेज हो गई है।</p>
<h3>क्या है उम्र वेरिफिकेशन की प्रक्रिया?</h3>
<p>उम्र वेरिफाई एक ऐसा डिजिटल प्रोसेस है जिसमें कोई ऐप या वेबसाइट यह तय करती है कि यूजर की वास्तविक उम्र क्या है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को केवल वही कंटेंट दिखाया जाए जो उनकी उम्र के हिसाब से उपयुक्त और सुरक्षित हो। Instagram, YouTube और TikTok जैसे बड़े प्लेटफॉर्म अब इस दिशा में नए-नए तकनीकी उपाय तलाशने और उन्हें लागू करने में जुटे हैं।</p>
<h3>कैसे जांची जा रही है उम्र?</h3>
<p>कंपनियां यूजर की उम्र जानने के लिए कई तरह के आधुनिक और पारंपरिक तरीके अपना रही हैं। इनमें सरकारी पहचान पत्र मांगना सबसे प्रमुख है। कई मामलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। एआई यूजर के चेहरे का विश्लेषण कर उसकी उम्र का अनुमान लगाता है। कुछ प्लेटफॉर्म्स क्रेडिट कार्ड डिटेल्स या बाहरी थर्ड-पार्टी वेरिफिकेशन सेवाओं का भी सहारा ले रहे हैं ताकि सटीकता सुनिश्चित की जा सके।</p>
<h3>वैश्विक स्तर पर कड़े कानून</h3>
<p>दुनिया के कई शक्तिशाली देशों ने इस दिशा में पहले ही कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। अमेरिका में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए नए बिल लाए जा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया ने तो एक कदम आगे बढ़ते हुए 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पूरी तरह पाबंदी लगाने का कानून बनाया है। यूरोप और यूनाइटेड किंगडम में भी ऑनलाइन सुरक्षा कानूनों के तहत सख्त उम्र वेरिफिकेशन नियमों को लागू करने की व्यापक तैयारी चल रही है।</p>
<h3>भारत में स्थिति और भविष्य</h3>
<p>भारत में भी बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर बहस छिड़ी हुई है। सरकार नए डिजिटल इंडिया एक्ट के माध्यम से सोशल मीडिया को जवाबदेह बनाने की कोशिश में है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में भारत में भी सोशल मीडिया अकाउंट खोलने के लिए उम्र का प्रमाण देना अनिवार्य हो सकता है। हालांकि, भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में इसे लागू करना एक बड़ी तकनीकी और प्रशासनिक चुनौती साबित होने वाला है।</p>
<h3>प्राइवेसी पर मंडराता खतरा</h3>
<p>जहां एक तरफ यह सिस्टम बच्चों को सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी लग रहा है, वहीं दूसरी तरफ इससे निजता (Privacy) को लेकर गंभीर चिंताएं भी पैदा हो रही हैं। जब यूजर्स अपनी पहचान साबित करने के लिए सरकारी आईडी या बायोमेट्रिक डेटा देते हैं, तो यह जानकारी सीधे टेक कंपनियों के सर्वर पर जाती है। डिजिटल सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह संवेदनशील डेटा किसी वजह से लीक हो जाए, तो इसके परिणाम बेहद भयानक और अपरिवर्तनीय हो सकते हैं।</p>
<h3>बायोमेट्रिक डेटा का जोखिम</h3>
<p>बायोमेट्रिक जानकारी जैसे फेस स्कैन या फिंगरप्रिंट को बदला नहीं जा सकता। पासवर्ड लीक होने पर बदला जा सकता है, लेकिन चेहरा नहीं। यही कारण है कि एआई आधारित फेस स्कैनिंग को लेकर प्राइवेसी एक्टिविस्ट लगातार विरोध कर रहे हैं। उनका मानना है कि यह निगरानी का एक नया जरिया है। इसके अलावा, इस प्रक्रिया से इंटरनेट पर मिलने वाली 'गुमनामी' यानी Anonymity पूरी तरह खत्म हो सकती है, जो स्वतंत्र अभिव्यक्ति के लिए जरूरी मानी जाती है।</p>
<h3>कंपनियों का अपना तर्क</h3>
<p>मेटा (Meta) जैसी बड़ी कंपनियां भी मानती हैं कि ऑनलाइन माध्यमों पर उम्र की सही पहचान करना कोई आसान काम नहीं है। मेटा का सुझाव है कि प्लेटफॉर्म के बजाय ऐप स्टोर के स्तर पर सुरक्षा उपाय ज्यादा प्रभावी हो सकते हैं, जहां माता-पिता का नियंत्रण हो। कंपनियों का तर्क है कि हर ऐप द्वारा अलग-अलग आईडी मांगना यूजर्स के लिए असुविधाजनक और डेटा सुरक्षा के लिहाज से ज्यादा जोखिम भरा हो सकता है।</p>
<h3>अभिभावकों की भूमिका</h3>
<p>तकनीकी पाबंदियों के बीच विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को जागरूक करना और पैरेंटल कंट्रोल टूल्स का सही इस्तेमाल करना सबसे ज्यादा जरूरी है। सिर्फ कानून बना देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। बच्चों को डिजिटल साक्षरता देना और उन्हें ऑनलाइन खतरों के प्रति सचेत करना अनिवार्य है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकारें सुरक्षा और प्राइवेसी के बीच कैसे संतुलन बिठाती हैं और इंटरनेट का भविष्य क्या मोड़ लेता है।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>Garun Puran: मृत्यु के बाद 13 दिनों तक घर में ही क्यों रहती है आत्मा? गरुड़ पुराण में बताया गया है ये रहस्य</title>
    <link>https://thinq360.com/garuda-purana-soul-stays-home-13-days-after-death-rituals</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 13:47:44 +0530</pubDate>
    <dc:creator>thinQ360</dc:creator>
    <category>बहते शब्द</category>
    <description><![CDATA[गरुड़ पुराण में मृत्यु के बाद की स्थितियों का विस्तार से वर्णन है। यह लेख बताता है कि आत्मा 13 दिनों तक अपने परिजनों के पास क्यों रहती है और पिंडदान का क्या महत्व है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>वाराणसी | </strong> हिंदू धर्म में गरुड़ पुराण का विशेष महत्व माना गया है। यह अठारह पुराणों में से एक है।<br><br>इस पुराण में भगवान विष्णु ने अपने वाहन गरुड़ राज को जन्म और मृत्यु के रहस्यों के बारे में बताया है।<br><br>अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि मृत्यु के बाद क्या होता है? आत्मा कहां जाती है?<br><br>गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद आत्मा तुरंत यमलोक के लिए प्रस्थान नहीं करती है।<br><br>बल्कि, वह 13 दिनों तक अपने घर और परिजनों के बीच ही निवास करती है। यह समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।<br><br></p>
<h3>आत्मा का घर में रुकने का मुख्य कारण</h3>
<p>जब किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, तो यमदूत उसे यमलोक ले जाने के लिए आते हैं।<br><br>वहां आत्मा को उसके जीवन भर के कर्मों का लेखा-जोखा दिखाया जाता है। यह प्रक्रिया बहुत संक्षिप्त होती है।<br><br>इसके बाद यमदूत उस आत्मा को पुनः उसके घर पर वापस छोड़ देते हैं। इसके पीछे गहरा आध्यात्मिक कारण है।<br><br>आत्मा अपने शरीर और परिवार के प्रति अत्यधिक मोह के बंधन में बंधी होती है।<br><br>वह अपने परिजनों को रोते-बिलखते देखती है और उन्हें सांत्वना देने का प्रयास करती है।<br><br></p>
<h3>मोह और अनिश्चितता का अनुभव</h3>
<p>मृत्यु के बाद शुरुआती 13 दिनों में आत्मा को बहुत अधिक मोह और अनिश्चितता का अनुभव होता है।<br><br>वह बार-बार अपने शरीर में प्रवेश करने की कोशिश करती है, लेकिन यमदूतों के बंधन उसे रोकते हैं।<br><br>वह अपने घर के लोगों को पुकारती है, लेकिन उसकी आवाज कोई सुन नहीं पाता है।<br><br>यह स्थिति आत्मा के लिए बहुत कष्टदायक और व्याकुलता से भरी होती है। वह चाहकर भी कुछ नहीं कर पाती।<br><br>इसीलिए इन 13 दिनों को शोक का समय माना जाता है ताकि आत्मा को शांति मिल सके।<br><br></p>
<h3>पिंडदान और पाथेय का महत्व</h3>
<p>गरुड़ पुराण में पिंडदान को बहुत ही आवश्यक संस्कार बताया गया है।<br><br>मृत्यु के बाद 10 दिनों तक जो पिंडदान किया जाता है, उससे आत्मा के सूक्ष्म शरीर के अंगों का निर्माण होता है।<br><br>11वें और 12वें दिन के पिंडदान से आत्मा को बल और ऊर्जा प्राप्त होती है।<br><br>पिंडदान को 'पाथेय' कहा जाता है, जिसका अर्थ है यात्रा के लिए भोजन और शक्ति।<br><br>बिना पिंडदान के आत्मा भूख और प्यास से तड़पती रहती है और यमलोक की यात्रा नहीं कर पाती।<br><br></p>
<h3>यमलोक की लंबी और कठिन यात्रा</h3>
<p>13 दिनों के बाद आत्मा को यमलोक की लंबी यात्रा पर निकलना पड़ता है।<br><br>यह यात्रा लगभग 86 हजार योजन की होती है, जो बहुत ही दुर्गम और डरावनी मानी जाती है।<br><br>रास्ते में वैतरणी नदी पड़ती है, जिसे पार करना केवल सत्कर्म करने वालों के लिए ही संभव है।<br><br>पिंडदान से मिली शक्ति ही आत्मा को इस कठिन मार्ग पर चलने में मदद करती है।<br><br>जो लोग पिंडदान नहीं करते, उनके पूर्वज प्रेत योनि में भटकते रहते हैं और परिवार को कष्ट देते हैं।<br><br></p>
<h3>तेरहवीं संस्कार और मोह से मुक्ति</h3>
<p>मृत्यु के 13वें दिन 'तेरहवीं' का संस्कार किया जाता है, जिसे संपिंडीकरण भी कहते हैं।<br><br>इस दिन ब्राह्मणों को भोजन कराया जाता है और दान-पुण्य किया जाता है।<br><br>इस संस्कार के बाद ही आत्मा मोह के बंधनों से पूरी तरह मुक्त हो पाती है।<br><br>यमदूत उसे लेकर यमलोक की ओर प्रस्थान करते हैं और उसे यमराज के दरबार में पेश किया जाता है।<br><br>यह संस्कार आत्मा को आगे की यात्रा के लिए अनुमति प्रदान करता है।<br><br></p>
<h3>गरुड़ पुराण के पाठ का महत्व</h3>
<p>मृत्यु के बाद घर में गरुड़ पुराण का पाठ करना अत्यंत शुभ और अनिवार्य माना जाता है।<br><br>जब घर में गरुड़ पुराण का पाठ होता है, तो आत्मा उसे ध्यानपूर्वक सुनती है।<br><br>इससे आत्मा को अपने कर्मों का ज्ञान होता है और उसे मोक्ष का मार्ग दिखाई देता है।<br><br>यह पाठ परिजनों को भी जीवन की नश्वरता और कर्मों की महत्ता के बारे में शिक्षित करता है।<br><br>इससे आत्मा को शांति मिलती है और वह बिना किसी द्वेष के आगे बढ़ जाती है।<br><br></p>
<h3>कर्मों का फल और आत्मा की गति</h3>
<p>गरुड़ पुराण स्पष्ट करता है कि मनुष्य जैसे कर्म करता है, उसे वैसी ही गति प्राप्त होती है।<br><br>अच्छे कर्म करने वालों को देवदूत लेने आते हैं और उन्हें सुखद यात्रा का अनुभव होता है।<br><br>बुरे कर्म करने वालों को यमदूत पाश में बांधकर घसीटते हुए ले जाते हैं।<br><br>13 दिनों का यह प्रवास आत्मा के लिए आत्म-चिंतन का अंतिम अवसर भी होता है।<br><br>इसलिए, हिंदू धर्म में इन 13 दिनों के अनुष्ठानों को बहुत ही पवित्र और महत्वपूर्ण माना गया है।<br><br></p>
<h3>मृत्यु के बाद के अन्य संस्कार</h3>
<p>गरुड़ पुराण में केवल 13 दिनों की ही नहीं, बल्कि एक वर्ष तक के संस्कारों का वर्णन है।<br><br>हर महीने किए जाने वाले मासिक श्राद्ध भी आत्मा को यात्रा में संबल प्रदान करते हैं।<br><br>शास्त्रों के अनुसार, मृत्यु एक अंत नहीं बल्कि एक नई यात्रा की शुरुआत है।<br><br>आत्मा को इस यात्रा में कष्ट न हो, इसके लिए परिजनों का धर्म है कि वे विधि-विधान का पालन करें।<br><br>धर्म और कर्म ही मृत्यु के बाद जीव के सच्चे साथी होते हैं।<br><br></p>
<h3>निष्कर्ष: गरुड़ पुराण की सीख</h3>
<p>गरुड़ पुराण हमें सिखाता है कि मृत्यु के बाद भी जीवन का अस्तित्व बना रहता है।<br><br>13 दिनों तक आत्मा का घर में रहना उसके गहरे जुड़ाव और संस्कार की प्रतीक्षा का प्रतीक है।<br><br>पिंडदान, तर्पण और गरुड़ पुराण का श्रवण आत्मा को सद्गति प्रदान करता है।<br><br>यह ज्ञान हमें जीवन में धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।<br><br>ताकि मृत्यु के बाद हमारी आत्मा को शांति और मोक्ष की प्राप्ति हो सके।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>1 मई से महंगी हो जाएंगी वोल्वो, ह्युंडई और BYD की कारें, जानें कितनी बढ़ेगी कीमत और क्या है मुख्य वजह</title>
    <link>https://thinq360.com/volvo-hyundai-byd-car-price-hike-india-may-2026</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 13:42:57 +0530</pubDate>
    <dc:creator>thinQ360</dc:creator>
    <category>राज्य</category>
    <description><![CDATA[भारत में 1 मई से कार खरीदना महंगा होने वाला है। वोल्वो, ह्युंडई और BYD जैसी बड़ी कंपनियों ने अपनी कारों की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है, जिससे ग्राहकों पर 1 लाख रुपये तक का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली | </strong> भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। अगर आप अपने सपनों की कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए यह खबर बहुत महत्वपूर्ण है।<br><br>अगले महीने यानी 1 मई 2026 से भारत में कई प्रमुख कार कंपनियों की गाड़ियाँ महंगी होने जा रही हैं। इस सूची में वोल्वो, ह्युंडई और BYD जैसे बड़े नाम शामिल हैं।<br><br>कंपनियों का कहना है कि बढ़ती इनपुट लागत और वैश्विक परिस्थितियों के कारण उन्हें यह फैसला लेना पड़ा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि किस कंपनी ने कितनी बढ़ोतरी की है।<br><br></p>
<h3>वोल्वो कार इंडिया का बड़ा फैसला</h3>
<p>वोल्वो कार इंडिया ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह 1 मई 2026 से अपने पूरे वाहन पोर्टफोलियो की कीमतों में संशोधन करेगी।<br><br>कंपनी के मुताबिक, उनके विभिन्न मॉडलों की कीमतों में अधिकतम 1 लाख रुपये तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है। यह वृद्धि उन सभी कारों पर लागू होगी जो कंपनी फिलहाल भारत में बेच रही है।<br><br>वोल्वो ने इस मूल्य वृद्धि के पीछे वैश्विक स्तर पर जारी सप्लाई-चेन की बाधाओं को मुख्य कारण बताया है। इसके साथ ही विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव ने भी लागत बढ़ा दी है।<br><br></p>
<h3>ग्राहकों के पास 30 अप्रैल तक का मौका</h3>
<p>वोल्वो ने अपने ग्राहकों को एक राहत भरी खबर भी दी है। जो ग्राहक 30 अप्रैल 2026 तक अपनी कार की बुकिंग करवाते हैं, उन्हें पुरानी कीमतों का ही लाभ मिलेगा।<br><br>इसका मतलब है कि अगर आप 1 लाख रुपये की बचत करना चाहते हैं, तो आपके पास केवल अप्रैल के अंत तक का समय है। 1 मई से नई दरें प्रभावी हो जाएंगी।<br><br>कंपनी ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और लग्जरी फीचर्स के मानकों को बनाए रखने के लिए यह मूल्य वृद्धि अनिवार्य हो गई थी। वोल्वो अपनी प्रीमियम गुणवत्ता के लिए जानी जाती है।<br><br></p>
<h3>वोल्वो के कौन से मॉडल होंगे महंगे?</h3>
<p>वोल्वो इंडिया के पोर्टफोलियो में कई प्रीमियम और लग्जरी गाड़ियाँ शामिल हैं। इनमें EX30, EX40, XC90, XC60 और EC40 जैसे प्रमुख मॉडल शामिल हैं।<br><br>इन कारों की वर्तमान एक्स-शोरूम कीमत ₹41,00,000 से शुरू होकर ₹97,80,000 तक जाती है। 1 मई के बाद इन सभी की कीमतों में उछाल देखने को मिलेगा।<br><br>कंपनी ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि वैश्विक भू-राजनीतिक हालात नहीं सुधरे, तो भविष्य में कीमतों में और भी बदलाव किए जा सकते हैं।<br><br></p>
<h3>BYD इंडिया भी बढ़ाएगी कीमतें</h3>
<p>सिर्फ वोल्वो ही नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनियों में से एक BYD भी भारत में अपनी कारों के दाम बढ़ाने वाली है।<br><br>BYD इंडिया ने घोषणा की है कि वह अपने सभी मॉडलों की कीमतों में 2 से 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी करेगी। यह साल 2026 में कंपनी की दूसरी मूल्य वृद्धि होगी।<br><br>यह नई कीमतें भी 1 मई 2026 से ही लागू होंगी। BYD के लिए भारत एक बड़ा बाजार बनता जा रहा है, लेकिन लागत बढ़ने से कीमतें बढ़ाना उनकी मजबूरी हो गई है।<br><br></p>
<h3>ह्युंडई मोटर इंडिया की तैयारी</h3>
<p>देश की दूसरी सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी ह्युंडई मोटर इंडिया भी इस दौड़ में पीछे नहीं है। ह्युंडई ने अपनी कारों की कीमतों में 1 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का फैसला किया है।<br><br>ह्युंडई की यह वृद्धि भी मई 2026 से प्रभावी होगी। कंपनी का कहना है कि कच्चे माल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि के कारण यह कदम उठाना पड़ा है।<br><br>ह्युंडई के पास हैचबैक से लेकर प्रीमियम एसयूवी तक का बड़ा पोर्टफोलियो है। 1 प्रतिशत की वृद्धि का असर मध्यम वर्ग के खरीदारों पर भी पड़ेगा।<br><br></p>
<h3>क्यों बढ़ रही हैं कारों की कीमतें?</h3>
<p>कारों की कीमतों में इस अचानक बढ़ोतरी के पीछे कई गंभीर कारण छिपे हुए हैं। सबसे बड़ा कारण कच्चे माल की कीमतों में होने वाला इजाफा है।<br><br>विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में इस्तेमाल होने वाली बैटरियों के लिए लिथियम, निकल और कोबाल्ट की आवश्यकता होती है। इनकी कीमतें वैश्विक बाजार में बढ़ रही हैं।<br><br>ईवी सेगमेंट में उत्पादन लागत पहले से ही अधिक होती है। ऐसे में कच्चे माल का महंगा होना सीधे तौर पर कार की अंतिम कीमत को प्रभावित करता है।<br><br></p>
<h3>वैश्विक सप्लाई चेन और भू-राजनीति</h3>
<p>दुनिया भर में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव, विशेष रूप से मध्य पूर्व में, वैश्विक सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं।<br><br>हॉर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों पर तनाव के कारण ऑटो पार्ट्स की आवाजाही में देरी हो रही है। इससे माल ढुलाई की लागत बढ़ गई है।<br><br>आयातित कंपोनेंट्स पर निर्भर रहने वाली कंपनियों के लिए यह स्थिति बहुत चुनौतीपूर्ण हो गई है। इसका खामियाजा अंततः ग्राहकों को भुगतना पड़ता है।<br><br></p>
<h3>रुपये की कमजोरी का असर</h3>
<p>भारतीय रुपया विदेशी मुद्राओं, विशेष रूप से यूरो और डॉलर के मुकाबले कमजोर हो रहा है। लग्जरी कार कंपनियां अपने कई पार्ट्स यूरोप से आयात करती हैं।<br><br>जब रुपया कमजोर होता है, तो इन पार्ट्स को खरीदने की लागत बढ़ जाती है। वोल्वो जैसी कंपनियां इसी वजह से अपनी कीमतों में संशोधन करने को मजबूर हैं।<br><br>विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में लगातार होने वाला उतार-चढ़ाव कंपनियों के वित्तीय नियोजन को प्रभावित करता है, जिससे कीमतें बढ़ानी पड़ती हैं।<br><br></p>
<h3>नए उत्सर्जन मानकों का दबाव</h3>
<p>भारत सरकार पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए लगातार उत्सर्जन मानकों को सख्त कर रही है। आने वाले समय में CAF&Eacute; 3 और BS7 जैसे नियम लागू होंगे।<br><br>इन सख्त मानकों का पालन करने के लिए कार कंपनियों को नई तकनीक और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&amp;D) में भारी निवेश करना पड़ रहा है।<br><br>कंपनियों को अपने इंजनों को अपडेट करना पड़ता है और बेहतर तकनीक लगानी पड़ती है। इस अतिरिक्त निवेश की भरपाई भी कारों की कीमत बढ़ाकर की जाती है।<br><br></p>
<h3>प्रीमियम बनाम मास मार्केट</h3>
<p>कीमतों में इस वृद्धि का असर प्रीमियम और मास मार्केट दोनों पर अलग-अलग होगा। वोल्वो जैसी लग्जरी कारों के खरीदार शायद 1 लाख रुपये की वृद्धि को सहन कर लें।<br><br>लेकिन ह्युंडई जैसी कंपनियों के लिए, जहाँ मुकाबला बहुत कड़ा है, 1 प्रतिशत की वृद्धि भी ग्राहकों के फैसले को बदल सकती है।<br><br>कंपनियां बहुत सावधानी से कीमतों का निर्धारण करती हैं ताकि उनकी बिक्री पर बहुत अधिक नकारात्मक प्रभाव न पड़े।<br><br></p>
<h3>भविष्य की चुनौतियां</h3>
<p>ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में बढ़ोतरी का यह सिलसिला अभी रुकने वाला नहीं है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बनी हुई है।<br><br>कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और लॉजिस्टिक्स की बढ़ती लागत कंपनियों के मुनाफे को कम कर रही है।<br><br>अगर आने वाले महीनों में वैश्विक तनाव कम नहीं होता है, तो अन्य कंपनियां भी अपनी कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती हैं।<br><br></p>
<h3>खरीदारों के लिए सलाह</h3>
<p>यदि आप निकट भविष्य में कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो सलाह दी जाती है कि आप 30 अप्रैल से पहले अपनी बुकिंग पूरी कर लें।<br><br>ज्यादातर कंपनियां बुकिंग के समय की कीमत को लॉक करने की सुविधा देती हैं। इससे आप संभावित मूल्य वृद्धि से बच सकते हैं।<br><br>इसके अलावा, डीलरशिप पर मौजूद पुराने स्टॉक पर भी नजर रखें। कई बार पुराने स्टॉक पर कंपनियां आकर्षक डिस्काउंट भी देती हैं।<br><br></p>
<h3>निष्कर्ष</h3>
<p>1 मई 2026 से भारतीय सड़कों पर दौड़ने वाली नई कारें महंगी होने वाली हैं। वोल्वो की 1 लाख रुपये की वृद्धि और अन्य कंपनियों के फैसले बाजार का रुख बदल देंगे।<br><br>बढ़ती लागत, कमजोर रुपया और सख्त सरकारी नियम कंपनियों को इस दिशा में ले जा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि ग्राहक इस वृद्धि पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं।<br><br>ऑटोमोबाइल सेक्टर में यह बदलाव निवेश और तकनीक के एक नए युग की ओर भी इशारा कर रहा है, जहाँ गुणवत्ता और पर्यावरण सर्वोपरि हैं।<br><br>आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या टाटा और महिंद्रा जैसी अन्य घरेलू कंपनियां भी अपनी कीमतों में बदलाव करती हैं।<br><br>फिलहाल के लिए, कार खरीदारों को अपनी जेब थोड़ी और ढीली करने के लिए तैयार रहना चाहिए। या फिर, समय रहते बुकिंग कर समझदारी दिखानी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>कुरुक्षेत्र में दिल दहला देने वाली वारदात: बीमार बेटी के साथ माता-पिता ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में बयां किया दर्द</title>
    <link>https://thinq360.com/kurukshetra-family-suicide-case-parents-daughter-death-illness</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 13:36:54 +0530</pubDate>
    <dc:creator>thinQ360</dc:creator>
    <category>राज्य</category>
    <description><![CDATA[हरियाणा के कुरुक्षेत्र में एक दंपति ने अपनी 3 साल की बीमार बेटी के साथ फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें बच्ची की बीमारी का जिक्र है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>कुरुक्षेत्र | </strong> हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। शहर की प्रेम नगर कॉलोनी में एक ही परिवार के तीन सदस्यों के शव घर के अंदर फंदे से लटके हुए पाए गए। मृतकों में पति-पत्नी और उनकी महज तीन साल की मासूम बेटी शामिल है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम और सन्नाटे का माहौल पसरा हुआ है।</p>
<h3>घटना का प्रारंभिक विवरण</h3>
<p>सोमवार की सुबह कुरुक्षेत्र के प्रेम नगर इलाके के लिए किसी खौफनाक सपने जैसी थी। पुलिस को सुबह करीब 6:30 बजे सूचना मिली कि एक घर में तीन लोगों ने फांसी लगा ली है। सूचना मिलते ही सुभाष मंडी पुलिस चौकी की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। जब पुलिस घर के अंदर दाखिल हुई तो वहां का मंजर देखकर अनुभवी पुलिसकर्मियों की भी रूह कांप गई। कमरे के अंदर पंखे से तीन शव लटक रहे थे।</p>
<h3>मृतकों की पहचान और पृष्ठभूमि</h3>
<p>मृतकों की पहचान 30 वर्षीय जतिंद्र कुमार, उनकी 28 वर्षीया पत्नी मंजू और उनकी 3 साल की बेटी अदविका के रूप में हुई है। जतिंद्र कुमार रेलवे मेल सर्विस (RMS) में कार्यरत थे। वह एक शिक्षित और जिम्मेदार व्यक्ति माने जाते थे। उनके पिता महेंद्र सिंह पंजाब पुलिस से सेवानिवृत्त हुए थे, जिनका करीब छह महीने पहले ही निधन हो गया था। परिवार में अब जतिंद्र की मां बिमला देवी ही बची हैं। जतिंद्र का एक भाई प्रतीक भी है, जो वर्तमान में कनाडा में अपने परिवार के साथ रहता है।</p>
<h3>कैसे हुआ इस दर्दनाक घटना का खुलासा?</h3>
<p>इस घटना का पता तब चला जब जतिंद्र के एक करीबी रिश्तेदार को उनके मोबाइल से एक संदेश प्राप्त हुआ। जतिंद्र ने सुसाइड करने से पहले संभवतः यह मैसेज भेजा था। मैसेज मिलते ही रिश्तेदार घबरा गए और तुरंत पुलिस को सूचित किया। जब पुलिस और पड़ोसी मौके पर पहुंचे, तो घर की पहली मंजिल का कमरा अंदर से बंद था। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर जतिंद्र, मंजू और अदविका के शव लटक रहे थे।</p>
<h3>आत्महत्या के पीछे की संभावित वजह</h3>
<p>पुलिस की शुरुआती जांच और घटनास्थल से मिले संकेतों के मुताबिक, इस आत्मघाती कदम के पीछे मासूम बेटी की बीमारी मुख्य कारण बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि 3 साल की अदविका जन्म से ही या पिछले कुछ समय से लकवे जैसी किसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थी। माता-पिता अपनी लाडली की इस हालत को देखकर लंबे समय से गहरे मानसिक तनाव और अवसाद में थे। वे अपनी बेटी को तड़पते हुए नहीं देख पा रहे थे।</p>
<h3>पुलिस की कार्रवाई और सुसाइड नोट</h3>
<p>थाना कृष्णा गेट के एसएचओ बलजीत सिंह ने बताया कि मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है। पुलिस इस सुसाइड नोट की गहनता से जांच कर रही है ताकि मौत के सटीक कारणों और परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए कुरुक्षेत्र के नागरिक अस्पताल भेज दिया है। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं ताकि किसी भी तरह की साजिश की आशंका को खारिज किया जा सके।</p>
<h3>इलाके में शोक की लहर</h3>
<p>प्रेम नगर कॉलोनी के निवासी इस घटना से स्तब्ध हैं। पड़ोसियों का कहना है कि जतिंद्र का परिवार बहुत ही मिलनसार था। हालांकि, पिछले कुछ समय से वे बेटी की बीमारी के कारण काफी परेशान और चुपचाप रहने लगे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि वे इतना बड़ा और खौफनाक कदम उठा लेंगे। एक हंसता-खेलता परिवार इस तरह उजड़ जाएगा, यह सोचकर ही हर कोई गमगीन है।</p>
<h3>बीमारी और मानसिक स्वास्थ्य का संकट</h3>
<p>यह घटना समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि जब कोई परिवार किसी लंबी बीमारी से जूझ रहा होता है, तो उन्हें किस तरह के सामाजिक और मनोवैज्ञानिक समर्थन की आवश्यकता होती है। अक्सर गंभीर बीमारियों के इलाज का खर्च और मरीज की पीड़ा परिवार को मानसिक रूप से तोड़ देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में काउंसलिंग और सामाजिक सहयोग बहुत जरूरी होता है।</p>
<h3>कनाडा में रह रहे भाई को दी गई सूचना</h3>
<p>जतिंद्र के भाई प्रतीक, जो कनाडा में रहते हैं, उन्हें इस दुखद घटना की जानकारी दे दी गई है। परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। जतिंद्र की मां बिमला देवी पर तो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। छह महीने पहले पति को खोने के बाद अब बेटे, बहू और पोती की मौत ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया है।</p>
<h3>रेलवे मेल सर्विस में शोक</h3>
<p>जतिंद्र के सहकर्मियों ने उन्हें एक मेहनती और ईमानदार कर्मचारी के रूप में याद किया। रेलवे मेल सर्विस के दफ्तर में भी इस खबर के बाद शोक की लहर दौड़ गई। उनके साथियों का कहना है कि जतिंद्र अक्सर अपनी बेटी के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित रहते थे, लेकिन उन्होंने कभी नहीं जताया कि वे इतना आत्मघाती फैसला ले सकते हैं।</p>
<h3>जांच के विभिन्न पहलू</h3>
<p>पुलिस अब इस मामले में हर एंगल से जांच कर रही है। क्या परिवार पर कोई आर्थिक दबाव भी था? क्या सुसाइड नोट में किसी और का भी जिक्र है? इन सभी सवालों के जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग एनालिसिस के बाद ही साफ हो पाएंगे। फिलहाल पुलिस ने धारा 174 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।</p>
<h3>समाज के लिए एक चेतावनी</h3>
<p>यह त्रासदी हमें याद दिलाती है कि हमारे आसपास रहने वाले लोग कितनी भी बड़ी मुश्किल में क्यों न हों, हमें एक-दूसरे का साथ देना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति मानसिक तनाव या अवसाद के लक्षण दिखा रहा है, तो उससे बात करना और उसे पेशेवर मदद के लिए प्रेरित करना जीवन बचा सकता है। कुरुक्षेत्र की यह घटना एक प्रशासनिक और सामाजिक विफलता की ओर भी इशारा करती है जहां एक परिवार को मौत ही एकमात्र रास्ता नजर आया।</p>
<h3>अंतिम संस्कार की तैयारी</h3>
<p>पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया जाएगा। जतिंद्र के भाई के भारत पहुंचने के बाद ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है। पूरा शहर इस समय उस मासूम अदविका के लिए आंसू बहा रहा है, जिसकी जिंदगी शुरू होने से पहले ही खत्म हो गई।</p>
<h3>निष्कर्ष और पुलिस का बयान</h3>
<p>एसएचओ बलजीत सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह एक अत्यंत दुखद मामला है। प्राथमिक दृष्टि में यह बीमारी से तंग आकर किया गया सुसाइड ही लग रहा है। हम सुसाइड नोट के हर शब्द की जांच कर रहे हैं। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ है और मामले की पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>एनसीसी सिलेबस में ऐतिहासिक बदलाव: अब कैडेट्स सीखेंगे ड्रोन तकनीक और लाइफ स्किल्स, 2027 तक पूरी तरह बदलेगी ट्रेनिंग</title>
    <link>https://thinq360.com/ncc-new-syllabus-drone-tech-life-skills-training-update-2027</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 13:29:12 +0530</pubDate>
    <dc:creator>thinQ360</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[एनसीसी के पाठ्यक्रम में बड़े बदलाव किए गए हैं, जिसमें अब पारंपरिक ट्रेनिंग के साथ ड्रोन टेक्नोलॉजी, साइबर साइंस और मेंटल वेलनेस जैसे आधुनिक विषयों को शामिल किया गया है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong> एनसीसी यानी नेशनल कैडेट कोर अब अपने पुराने ढर्रे को छोड़कर आधुनिकता की राह पर चल पड़ा है। आने वाले समय में एनसीसी कैडेट्स केवल परेड और हथियार चलाना ही नहीं सीखेंगे, बल्कि वे तकनीकी रूप से भी दक्ष बनेंगे। रक्षा मंत्रालय और एनसीसी निदेशालय ने मिलकर कैडेट्स के लिए एक नया और व्यापक पाठ्यक्रम तैयार किया है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य युवाओं को 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।</p>
<h3>परंपरा और तकनीक का अनूठा संगम</h3>
<p>एनसीसी की ट्रेनिंग में अब तक फील्ड क्राफ्ट और बैटल क्राफ्ट जैसी पारंपरिक विधाओं पर ज्यादा जोर दिया जाता था। लेकिन अब समय बदल रहा है और युद्ध के तरीके भी बदल रहे हैं। नए सिलेबस में एनबीसीपी (नेशनल बिल्डिंग एंड कम्युनिटी पार्टिसिपेशन) के साथ-साथ लाइफ और टेक्निकल स्किल्स को प्रमुखता दी गई है। यह बदलाव कैडेट्स को एक सैनिक के साथ-साथ एक जागरूक नागरिक भी बनाएगा।</p>
<h3>पढ़ाई का तरीका हुआ आसान</h3>
<p>पहले कैडेट्स को भारी-भरकम थ्योरिटिकल मटेरियल से पढ़ाई करनी पड़ती थी। जो अक्सर उबाऊ और समझने में कठिन होता था। लेकिन अब इसे पूरी तरह बदल दिया गया है। अब सिलेबस में पिक्टोरियल कंटेंट और डायग्राम्स को ज्यादा शामिल किया गया है। इससे कैडेट्स जब सेल्फ स्टडी करेंगे, तो उन्हें जटिल विषयों को समझने में आसानी होगी।</p>
<h3>2027 तक का मिशन</h3>
<p>निदेशालय के अनुसार, पाठ्यक्रम में यह बदलाव चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसकी शुरुआत प्रथम वर्ष के कैडेट्स से हो चुकी है। योजना यह है कि साल 2027 तक इसे तीनों वर्षों (प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष) के लिए पूरी तरह लागू कर दिया जाए। ताकि हर कैडेट नए ज्ञान से लैस हो सके।</p>
<h3>सेल्फ असेसमेंट पर जोर</h3>
<p>केवल पढ़ना ही काफी नहीं है, बल्कि यह जानना भी जरूरी है कि कितना सीखा गया है। इसके लिए नए सिलेबस में एक्सरसाइज और सेल्फ असेसमेंट टूल जोड़े गए हैं। कैडेट्स अब खुद का मूल्यांकन कर सकेंगे कि वे किस विषय में कमजोर हैं और उन्हें कहां सुधार की जरूरत है। यह उनकी सीखने की क्षमता को बढ़ाएगा।</p>
<h3>ड्रोन टेक्नोलॉजी: अब सबके लिए</h3>
<p>पहले ड्रोन और एयरो मॉडलिंग की ट्रेनिंग केवल एयर स्क्वाड्रन के कैडेट्स तक ही सीमित थी। लेकिन अब इसे आर्मी और नेवल विंग के लिए भी खोल दिया गया है। आर्मी और नेवल स्क्वाड्रन के कैडेट्स अब बेसिक प्रिंसिपल ऑफ फ्लाइट और ड्रोन के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे। यह एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।</p>
<h3>ऑपरेशन सिंधु का प्रभाव</h3>
<p>ऑपरेशन सिंदूर के बाद से भारतीय रक्षा प्रणाली में ड्रोन की अहमियत काफी बढ़ गई है। ड्रोन अब केवल खिलौना नहीं, बल्कि युद्ध क्षेत्र का सबसे बड़ा हथियार बन चुका है। इसे ध्यान में रखते हुए कैडेट्स को ड्रोन असेंबलिंग सिखाई जाएगी। वे सीखेंगे कि कैसे एक ड्रोन को तैयार किया जाता है और उसे विभिन्न ऑपरेशन्स के लिए कैसे कस्टमाइज किया जाता है।</p>
<h3>इनोवेशन और कॉम्पिटिशन</h3>
<p>ड्रोन ट्रेनिंग को केवल थ्योरी तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसे कॉम्पिटिशन के रूप में शामिल किया गया है। कैडेट्स नए-नए इनोवेशन करेंगे और अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। इससे देश के आंतरिक और सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। क्योंकि भविष्य में यही कैडेट्स सुरक्षा बलों का हिस्सा बनेंगे।</p>
<h3>करियर के नए द्वार</h3>
<p>ड्रोन टेक्नोलॉजी सीखने से कैडेट्स के लिए केवल सेना ही नहीं, बल्कि प्राइवेट सेक्टर में भी करियर के अवसर खुलेंगे। ड्रोन इंजीनियरिंग और ड्रोन इंडस्ट्री में आज स्किल्ड लोगों की भारी मांग है। एनसीसी के इस कदम से युवाओं को रोजगार के नए विकल्प मिलेंगे। वे अपनी तकनीक का उपयोग कृषि, फोटोग्राफी और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में भी कर सकेंगे।</p>
<h3>एनबीसीपी में शामिल हुए नए विषय</h3>
<p>एनबीसीपी यानी नेशनल बिल्डिंग एंड कम्युनिटी पार्टिसिपेशन के तहत कैडेट्स को समाज और देश के प्रति उनकी जिम्मेदारियां सिखाई जाएंगी। इसमें बॉर्डर और कोस्टल एरिया के विशेष अध्ययन को शामिल किया गया है। इसके अलावा मिलिट्री हिस्ट्री और सैन्य ऑपरेशन्स के बारे में भी विस्तार से बताया जाएगा। ताकि कैडेट्स अपने देश के गौरवशाली सैन्य इतिहास को जान सकें।</p>
<h3>सोशल सर्विस और जेंडर सेंसिटिविटी</h3>
<p>एक बेहतर समाज के निर्माण के लिए सोशल सर्विस और कम्युनिटी डेवलपमेंट बहुत जरूरी है। नए सिलेबस में इन विषयों को गहराई से जोड़ा गया है। साथ ही, जेंडर सेंसिटिविटी जैसे संवेदनशील विषयों पर भी कैडेट्स को शिक्षित किया जाएगा। यह उन्हें एक संवेदनशील और जिम्मेदार इंसान बनाने में मदद करेगा।</p>
<h3>लाइफ स्किल्स: मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान</h3>
<p>आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में युवाओं में तनाव बढ़ रहा है। इसे देखते हुए एनसीसी ने मेंटल वेलनेस और स्ट्रेस मैनेजमेंट को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है। कैडेट्स को सिखाया जाएगा कि वे कैसे मानसिक रूप से मजबूत रहें। तनाव के समय खुद को कैसे संभालें और दूसरों की मदद कैसे करें।</p>
<h3>डिजिटल दुनिया और साइबर साइंस</h3>
<p>आजकल हर कोई वर्चुअल फ्रेंड्स और सोशल मीडिया में उलझा हुआ है। एनसीसी अब कैडेट्स को स्क्रीन टाइम कम करने और रियल लाइफ फ्रेंड्स बनाने के लिए प्रेरित करेगी। साइबर अपराधों के बढ़ते खतरों को देखते हुए साइबर साइंस को भी सिलेबस में जगह मिली है। कैडेट्स सीखेंगे कि वे डिजिटल दुनिया में खुद को सुरक्षित कैसे रखें।</p>
<h3>डाइट और न्यूट्रिशन</h3>
<p>एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ दिमाग निवास करता है। कैडेट्स को अब डाइट और न्यूट्रिशन के बारे में भी पढ़ाया जाएगा। उन्हें बताया जाएगा कि एक सैनिक के लिए सही खान-पान क्या है। यह जानकारी न केवल उनकी ट्रेनिंग में काम आएगी, बल्कि उनके व्यक्तिगत जीवन में भी सुधार लाएगी। फिट इंडिया मूवमेंट को इससे काफी बल मिलेगा।</p>
<h3>टेक्निकल स्किल्स और करियर गाइडेंस</h3>
<p>एनसीसी केवल सर्टिफिकेट देने का जरिया नहीं है, बल्कि यह करियर बनाने का एक मंच है। नए सिलेबस में ग्रेजुएशन के बाद के विकल्पों पर विशेष जोर दिया गया है। भारतीय सशस्त्र बलों की विस्तृत जानकारी और उनमें शामिल होने की प्रक्रिया को आसान भाषा में समझाया गया है। ताकि कैडेट्स अपना लक्ष्य स्पष्ट कर सकें।</p>
<h3>एसएसबी प्रोसेस और इंटरव्यू स्किल्स</h3>
<p>सेना में अधिकारी बनने के लिए एसएसबी इंटरव्यू सबसे कठिन पड़ाव माना जाता है। अब एनसीसी कैडेट्स को शुरू से ही एसएसबी प्रोसेस और इंटरव्यू स्किल्स की ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्हें सिखाया जाएगा कि इंटरव्यू के दौरान कैसे बात करनी है, आत्मविश्वास कैसे बनाए रखना है और अपनी बॉडी लैंग्वेज को कैसे सुधारना है।</p>
<h3>मिलिट्री मैनरिज्म एंड एटीकेट्स</h3>
<p>सेना की अपनी एक अलग संस्कृति और अनुशासन होता है। नए पाठ्यक्रम में मिलिट्री मैनरिज्म और एटीकेट्स को शामिल किया गया है। कैडेट्स को सैन्य शिष्टाचार सिखाए जाएंगे, जो उनके व्यक्तित्व में निखार लाएंगे। यह अनुशासन उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिलाएगा।</p>
<h3>तीनों विंग्स के लिए स्पेशल सब्जेक्ट्स</h3>
<p>आर्मी, नेवी और एयर विंग के लिए अलग-अलग प्रेसी तैयार की गई है। इनमें उनके विशेष विषयों से संबंधित नए टॉपिक्स जोड़े गए हैं। चाहे वो नेवी के लिए समुद्री नेविगेशन हो या एयर विंग के लिए विमान के कलपुर्जे, हर चीज को अपडेट किया गया है। यह कैडेट्स को उनके विशिष्ट क्षेत्र में विशेषज्ञ बनाएगा।</p>
<h3>निष्कर्ष: भविष्य की तैयारी</h3>
<p>एनसीसी का यह बदला हुआ स्वरूप न केवल कैडेट्स को आधुनिक बनाएगा, बल्कि राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी को भी सुनिश्चित करेगा। तकनीक और लाइफ स्किल्स का यह मेल आने वाली पीढ़ी को हर चुनौती से लड़ने के लिए तैयार करेगा। 2027 तक जब यह पूरी तरह लागू होगा, तब एनसीसी का एक नया और शक्तिशाली चेहरा दुनिया के सामने होगा।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>IND W vs SA W 2nd T20: शेफाली वर्मा का अर्धशतक बेकार, दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 8 विकेट से रौंदा</title>
    <link>https://thinq360.com/india-vs-south-africa-women-2nd-t20-match-report-shafali-verma-100th-match</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 13:21:20 +0530</pubDate>
    <dc:creator>thinQ360</dc:creator>
    <category>खेल</category>
    <description><![CDATA[डरबन में खेले गए दूसरे टी-20 मैच में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 8 विकेट से हरा दिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 147 रन बनाए थे, जिसे मेजबान टीम ने आसानी से हासिल कर लिया।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>डरबन | </strong> दक्षिण अफ्रीका की धरती पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पांच मैचों की टी-20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम को मेजबान दक्षिण अफ्रीका के हाथों 8 विकेट की शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है।<br><br>इस हार के साथ ही भारतीय टीम सीरीज में 0-2 से पिछड़ गई है। डर्बन में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह ढह गई, जिसका फायदा दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों ने बखूबी उठाया और मैच को एकतरफा बना दिया।<br><br></p>
<h3>शेफाली वर्मा का ऐतिहासिक 100वां मैच</h3>
<p>भारतीय टीम की सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा के लिए यह मैच बेहद खास था। उन्होंने इस मैच के मैदान पर उतरते ही अपने करियर के 100 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे कर लिए। शेफाली ने महज 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था।<br><br>अपने इस ऐतिहासिक मैच में शेफाली ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। शेफाली ने अपनी पारी में कई आकर्षक शॉट्स लगाए।<br><br>शेफाली ने मैच की चौथी ही गेंद पर शानदार छक्का जड़कर अपने इरादे साफ कर दिए थे। उन्होंने सेखुखुने के दूसरे ओवर में लगातार तीन गेंदों पर 14 रन बटोरकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। हालांकि, उन्हें बीच में एक जीवनदान भी मिला।<br><br></p>
<h3>अर्धशतक और फिर बल्लेबाजी का पतन</h3>
<p>शेफाली वर्मा ने इस जीवनदान का पूरा फायदा उठाया और महज 31 गेंदों में अपने करियर की 15वीं फिफ्टी पूरी की। वह 57 रन बनाकर म्लाबा की गेंद पर आउट हुईं। उनके आउट होते ही भारतीय बल्लेबाजी की कमर टूट गई।<br><br>टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत काफी ठोस रही थी। 13वें ओवर तक टीम का स्कोर 2 विकेट पर 99 रन था। उस समय ऐसा लग रहा था कि भारत आसानी से 160-170 के स्कोर तक पहुंच जाएगा।<br><br>लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने भारतीय प्रशंसकों को हैरान कर दिया। भारतीय मिडिल और लोअर ऑर्डर के बल्लेबाज एक के बाद एक पवेलियन लौटते गए। टीम ने महज 48 रनों के भीतर अपने आखिरी 8 विकेट गंवा दिए।<br><br></p>
<h3>डेब्यू स्टार अनुष्का शर्मा का प्रदर्शन</h3>
<p>इस मैच में भारत की ओर से अनुष्का शर्मा ने अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया। उन्होंने अपनी पहली पारी में सधी हुई बल्लेबाजी की और 28 रनों का योगदान दिया। अनुष्का ने शेफाली के साथ मिलकर टीम को एक अच्छी शुरुआत दी थी।<br><br>अनुष्का के अलावा कोई भी भारतीय बल्लेबाज क्रीज पर टिकने का साहस नहीं दिखा सका। कप्तान हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना जैसी अनुभवी खिलाड़ियों के सस्ते में आउट होने के कारण टीम इंडिया बड़ा स्कोर खड़ा करने में विफल रही।<br><br>भारतीय पारी की स्थिति इतनी खराब थी कि शेफाली और अनुष्का के अलावा कोई भी अन्य बल्लेबाज 20 रनों के आंकड़े को भी नहीं छू सका। पूरी टीम 147 रनों पर सिमट गई, जो कि इस पिच पर एक चुनौतीपूर्ण स्कोर नहीं था।<br><br></p>
<h3>दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों का कहर</h3>
<p>दक्षिण अफ्रीका की ओर से गेंदबाजों ने बेहतरीन अनुशासन दिखाया। स्पिनर और तेज गेंदबाजों ने मिलकर भारतीय बल्लेबाजों को बांधे रखा। टुमी सेखुखुने और क्लो ट्रायोन ने अपनी धारदार गेंदबाजी से भारतीय पारी को तहस-नहस कर दिया।<br><br>सेखुखुने ने 3 विकेट झटके, जबकि ट्रायोन ने भी 3 महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं। वहीं, नॉनकुलुलेको म्लाबा ने बेहद किफायती गेंदबाजी की। उन्होंने अपने 4 ओवरों के कोटे में सिर्फ 17 रन दिए और एक विकेट भी लिया।<br><br>दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों ने पिच की नमी और उछाल का सही इस्तेमाल किया। उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। खासकर अंतिम ओवरों में उनकी गेंदबाजी ने भारत को बड़े स्कोर से रोक दिया।<br><br></p>
<h3>लौरा वोल्वार्ट और सुने लूस का धमाका</h3>
<p>148 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम को उनके सलामी बल्लेबाजों ने शानदार शुरुआत दी। कप्तान लौरा वोल्वार्ट और सुने लूस ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर खबर ली। दोनों ने पहले विकेट के लिए 106 रनों की साझेदारी की।<br><br>लौरा वोल्वार्ट ने कप्तानी पारी खेलते हुए भारतीय गेंदबाजों को चारों खाने चित कर दिया। उन्होंने मैदान के हर कोने में रन बनाए। वहीं सुने लूस ने उनका बखूबी साथ निभाया और विकेट के चारों तरफ आकर्षक स्ट्रोक्स खेले।<br><br>इस शतकीय साझेदारी ने मैच को पूरी तरह से दक्षिण अफ्रीका के पक्ष में मोड़ दिया। भारतीय गेंदबाज विकेट के लिए तरसते नजर आए। न तो स्पिनर और न ही तेज गेंदबाज इस जोड़ी को तोड़ने में सफल हो पा रहे थे।<br><br></p>
<h3>भारतीय गेंदबाजी की विफलता</h3>
<p>लक्ष्य का बचाव करने उतरी भारतीय टीम की गेंदबाजी भी काफी फीकी रही। शुरुआती ओवरों में भारतीय गेंदबाज स्विंग प्राप्त करने में विफल रहे। फील्डिंग में भी कई गलतियां देखने को मिलीं, जिससे दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों का काम आसान हो गया।<br><br>दीप्ति शर्मा और रेणुका सिंह ठाकुर जैसे अनुभवी गेंदबाज भी विकेट निकालने में नाकाम रहे। दक्षिण अफ्रीका ने 17.1 ओवर में केवल 2 विकेट खोकर 148 रनों का लक्ष्य हासिल कर लिया। मेजबान टीम ने इस जीत के साथ सीरीज पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।<br><br></p>
<h3>सीरीज का भविष्य और भारत की चुनौती</h3>
<p>अब भारत के लिए सीरीज में वापसी करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। सीरीज के बाकी बचे तीन मैचों में भारत को हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। अगर भारतीय टीम अगला मैच हारती है, तो वह सीरीज भी गंवा देगी।<br><br>टीम इंडिया को अपनी बल्लेबाजी में सुधार करने की जरूरत है। मिडिल ऑर्डर का लगातार फ्लॉप होना टीम के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। साथ ही, गेंदबाजों को शुरुआती सफलताएं दिलाने की जिम्मेदारी लेनी होगी।<br><br>शेफाली वर्मा की फॉर्म भारत के लिए सकारात्मक पहलू है, लेकिन अकेले एक खिलाड़ी के दम पर मैच जीतना मुश्किल है। कप्तान हरमनप्रीत कौर को टीम में नई ऊर्जा फूंकनी होगी ताकि टीम इंडिया अगले मुकाबले में जोरदार वापसी कर सके।<br><br></p>
<h3>मैच के महत्वपूर्ण आंकड़े</h3>
<p>इस मैच में कई महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए। शेफाली वर्मा 100 टी-20 खेलने वाली सबसे युवा खिलाड़ियों में से एक बन गई हैं। वहीं दक्षिण अफ्रीका की वोल्वार्ट और लूस की साझेदारी भारत के खिलाफ उनकी सर्वश्रेष्ठ साझेदारियों में से एक है।<br><br>भारतीय टीम ने इस मैच में कुल 12 अतिरिक्त रन दिए, जो कि टी-20 जैसे छोटे फॉर्मेट में काफी महंगे साबित हुए। दक्षिण अफ्रीका की फील्डिंग भी भारत की तुलना में काफी बेहतर रही, जिससे उन्होंने कम से कम 15-20 रन बचाए।<br><br>अब सभी की निगाहें सीरीज के तीसरे मुकाबले पर टिकी हैं। क्या भारत वापसी कर पाएगा या दक्षिण अफ्रीका सीरीज पर कब्जा जमा लेगा? यह देखना दिलचस्प होगा। भारतीय टीम को अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करने की सख्त जरूरत है।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>हिंदुस्तान जिंक का 27 साल पुराना टैक्स विवाद सुलझा: राजस्थान हाईकोर्ट ने आयकर विभाग और कंपनी के बीच किया फैसला, जानें किसे मिली राहत और किसे झटका</title>
    <link>https://thinq360.com/hindustan-zinc-tax-dispute-rajasthan-high-court-verdict</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 13:13:16 +0530</pubDate>
    <dc:creator>thinQ360</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने हिंदुस्तान जिंक और आयकर विभाग के बीच चल रहे 27 साल पुराने कानूनी विवाद का निपटारा कर दिया है। कोर्ट ने दो अलग-अलग वर्षों के मामलों में एक में कंपनी को राहत दी है, जबकि दूसरे में विभाग की दलील को सही माना है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जोधपुर | </strong> राजस्थान के न्यायिक इतिहास में टैक्स से जुड़े सबसे पुराने मामलों में से एक का अब पटाक्षेप हो गया है। राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने उदयपुर स्थित दिग्गज कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड और आयकर विभाग के बीच चल रहे 27 साल पुराने विवाद को सुलझा दिया है। जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस सुनील बेनीवाल की खंडपीठ ने इस महत्वपूर्ण मामले पर अपना विस्तृत फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आयकर विभाग द्वारा दायर की गई दो अलग-अलग अपीलों पर गहराई से सुनवाई की और कानूनी स्थिति स्पष्ट की। इस फैसले के बाद अब स्पष्ट हो गया है कि 'कर विवाद समाधान योजना-1998' (KVSS) के तहत हुए समझौतों की मर्यादा क्या है।</p>
<h3>दो अलग-अलग वर्षों का था मामला</h3>
<p>यह पूरा कानूनी विवाद मुख्य रूप से कर निर्धारण वर्ष 1993-94 और 1995-96 से जुड़ा हुआ था। कोर्ट ने अपने फैसले में एक साल के मामले में कंपनी को राहत दी है, जबकि दूसरे साल के मामले में विभाग की जीत हुई है। कर निर्धारण वर्ष 1993-94 के मामले में हाईकोर्ट ने आयकर विभाग की अपील को खारिज कर दिया। इसका सीधा मतलब यह है कि इस वर्ष के लिए कंपनी को रिफंड का लाभ प्राप्त होगा। वहीं, कर निर्धारण वर्ष 1995-96 के मामले में कोर्ट ने विभाग की दलीलों को स्वीकार कर लिया है।</p>
<h3>क्या है KVSS योजना और विवाद की जड़</h3>
<p>इस विवाद की शुरुआत वर्ष 1998-99 में हुई थी, जब केंद्र सरकार ने 'कर विवाद समाधान योजना' (KVSS) पेश की थी। हिंदुस्तान जिंक ने उस समय अपने बकाया करों के निपटान के लिए इस योजना के तहत घोषणा की थी। आयकर आयुक्त ने फरवरी 1999 में प्रमाण पत्र जारी कर समझौते पर अपनी मुहर लगा दी थी। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन विवाद तब पैदा हुआ जब रिफंड का मुद्दा सामने आया। आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) ने 23 जनवरी 2008 को एक आदेश जारी किया था।</p>
<h3>ITAT के आदेश ने बढ़ाई थी हलचल</h3>
<p>ITAT ने अपने आदेश में कहा था कि कंपनी के पुराने वर्षों के घाटे को समायोजित किया जाना चाहिए। इस समायोजन के बाद कंपनी को टैक्स रिफंड जारी करने का निर्देश दिया गया था। आयकर विभाग ने ITAT के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने का निर्णय लिया। विभाग का मुख्य तर्क यह था कि एक बार KVSS के तहत समझौता होने के बाद रिफंड संभव नहीं है। वित्त अधिनियम 1998 की धारा 93 का हवाला देते हुए विभाग ने अपनी बात रखी।</p>
<h3>अदालत में वकीलों की जोरदार बहस</h3>
<p>आयकर विभाग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता के.के. बिस्सा ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा। उन्होंने तर्क दिया कि KVSS योजना के तहत जमा की गई किसी भी राशि का रिफंड कानूनन मना है। दूसरी ओर, हिंदुस्तान जिंक की ओर से अधिवक्ता अंजय कोठारी और हरप्रीत सिंह ने दलीलें दीं। कंपनी के वकीलों का कहना था कि पिछले वर्षों का घाटा KVSS समझौते के दायरे में नहीं आता। उनका तर्क था कि रिफंड का दावा समझौते से अलग एक स्वतंत्र कानूनी प्रक्रिया है।</p>
<h3>1993-94 के मामले में कोर्ट का तर्क</h3>
<p>खंडपीठ ने 1993-94 के मामले का विश्लेषण करते हुए पाया कि उस वर्ष का KVSS प्रमाण पत्र अलग प्रकृति का था। कोर्ट ने देखा कि उस वर्ष का समझौता केवल बकाया ब्याज के निपटान के लिए किया गया था। इसमें टैक्स की कोई मूल मांग शामिल नहीं थी, इसलिए रिफंड पर रोक का नियम यहाँ लागू नहीं होता। अदालत ने माना कि साल 1992-93 के 5.53 करोड़ रुपए के घाटे को समायोजित करना सही था। इसके आधार पर कोर्ट ने कंपनी को रिफंड देने के ITAT के निर्देश को बरकरार रखा।</p>
<h3>1995-96 के मामले में क्यों मिली विभाग को जीत?</h3>
<p>कर निर्धारण वर्ष 1995-96 का मामला थोड़ा जटिल था और इसमें बड़ी राशि शामिल थी। इस वर्ष के लिए विभाग ने 50.30 करोड़ रुपए से ज्यादा की बकाया टैक्स मांग निकाली थी। कंपनी ने KVSS के तहत मात्र 16.84 करोड़ रुपए देकर इस पूरी मांग का सेटलमेंट कर लिया था। इस सेटलमेंट में 22.13 करोड़ रुपए की मुख्य आयकर मांग भी शामिल थी जिसे कम किया गया था। कोर्ट ने कहा कि इतने बड़े डिस्काउंट के बाद फिर से रिफंड मांगना उचित नहीं है।</p>
<h3>कानूनी प्रावधानों की व्याख्या</h3>
<p>जस्टिस अरुण मोंगा ने अपने फैसले में वित्त अधिनियम 1998 की धारा 90(3) का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना के तहत जारी किया गया प्रमाण पत्र अंतिम और निर्णायक होता है। एक बार मामला बंद हो जाने के बाद उसे किसी भी आधार पर दोबारा नहीं खोला जा सकता। कोर्ट ने माना कि अगर इस मामले में रिफंड दिया जाता है, तो यह कंपनी को अनुचित लाभ देने जैसा होगा। कानूनी भाषा में इसे 'अनजस्ट एनरिचमेंट' की श्रेणी में रखा गया जो स्वीकार्य नहीं है।</p>
<h3>27 साल का लंबा इंतजार और सबक</h3>
<p>यह मामला दर्शाता है कि भारत में टैक्स से जुड़े विवाद कितने लंबे समय तक खिंच सकते हैं। हिंदुस्तान जिंक जैसी बड़ी कंपनी के लिए यह फैसला वित्तीय स्पष्टता लेकर आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से KVSS जैसी पुरानी योजनाओं के कानूनी पहलुओं पर रोशनी पड़ी है। भविष्य में अन्य कंपनियों के लिए भी यह फैसला एक नजीर की तरह काम करेगा। टैक्स सेटलमेंट करते समय अब कंपनियों को रिफंड की शर्तों पर अधिक ध्यान देना होगा।</p>
<h3>फैसले का मुख्य सारांश</h3>
<ul>
<li>कोर्ट ने स्पष्ट किया कि KVSS प्रमाण पत्र एक बार जारी होने पर अंतिम होता है।</li>
<li>ब्याज और मूल टैक्स मांग के बीच के अंतर को कोर्ट ने बारीकी से समझा।</li>
<li>घाटे के समायोजन (Set-off of losses) के नियमों पर विस्तृत चर्चा की गई।</li>
<li>आयकर विभाग की अपीलों का आंशिक रूप से निपटारा कर दिया गया।</li>
</ul>
<h3>उदयपुर और हिंदुस्तान जिंक का जुड़ाव</h3>
<p>उदयपुर स्थित हिंदुस्तान जिंक दुनिया की प्रमुख जस्ता और सीसा उत्पादक कंपनियों में से एक है। कंपनी का मुख्यालय और मुख्य परिचालन राजस्थान में होने के कारण यह राज्य के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में कंपनी से जुड़े इतने बड़े टैक्स विवाद का सुलझना औद्योगिक जगत के लिए बड़ी खबर है। कोर्ट के इस फैसले ने अब दशकों पुरानी फाइलों को बंद करने का रास्ता साफ कर दिया है। न्यायपालिका ने एक बार फिर साबित किया है कि कानून की बारीकियां ही अंतिम सत्य तय करती हैं।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>आसाराम की उम्रकैद को चुनौती: राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित; जानिए अब तक क्या-क्या हुआ</title>
    <link>https://thinq360.com/asaram-bapu-case-rajasthan-high-court-verdict-reserved-life-imprisonment-appeal</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 12:41:48 +0530</pubDate>
    <dc:creator>thinQ360</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने आसाराम की उम्रकैद की सजा के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई पूरी कर ली है। जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जोधपुर | </strong> राजस्थान के बहुचर्चित नाबालिग यौन उत्पीड़न मामले में एक बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। जोधपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट की मुख्यपीठ में आसाराम द्वारा दायर अपील पर लंबी बहस के बाद सुनवाई पूरी हो गई है।<br><br>न्यायालय ने अब इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। यह अपील आसाराम को मिली उम्रकैद की सजा के खिलाफ दायर की गई थी। इस मामले पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।<br><br></p>
<h3>हाईकोर्ट में अंतिम बहस का दौर</h3>
<p>जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। 20 अप्रैल को दोनों पक्षों की ओर से अंतिम जिरह पूरी कर ली गई।<br><br>अदालत में पिछले कई दिनों से इस मामले पर गहन चर्चा हो रही थी। आसाराम के वकीलों ने सजा को रद्द करने के लिए कई तर्क पेश किए। वहीं, अभियोजन पक्ष ने सजा को बरकरार रखने पर जोर दिया।<br><br></p>
<h3>दोनों पक्षों की दलीलें पूरी</h3>
<p>आसाराम के वकीलों ने 17 अप्रैल को ही अपनी मुख्य दलीलें पूरी कर ली थीं। उन्होंने ट्रायल कोर्ट के फैसले में कई कमियां गिनाने की कोशिश की थी।<br><br>इसके बाद पीड़िता के वकील पी. सी. सोलंकी ने अपनी जिरह शुरू की। सोलंकी ने अदालत के सामने पीड़िता का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने ट्रायल कोर्ट के साक्ष्यों को पुख्ता बताया।</p>
<p>फैसला सुरक्षित रखने का अर्थ</p>
<p>जब कोर्ट किसी मामले में फैसला सुरक्षित रखता है, तो इसका मतलब है कि सुनवाई पूरी हो चुकी है। अब न्यायाधीश सभी तथ्यों का बारीकी से अध्ययन करेंगे।<br><br>इसके बाद एक निश्चित तारीख पर अंतिम निर्णय सुनाया जाएगा। आसाराम के समर्थकों और विरोधियों दोनों को ही अब इस फैसले का बेसब्री से इंतजार है।<br><br></p>
<h3>2018 का वह ऐतिहासिक फैसला</h3>
<p>उल्लेखनीय है कि आसाराम को साल 2018 में जोधपुर की एक विशेष अदालत ने दोषी ठहराया था। तत्कालीन पीठासीन अधिकारी मधुसूदन शर्मा ने यह फैसला सुनाया था।<br><br>अदालत ने आसाराम को 'अंतिम सांस तक' उम्रकैद की सजा सुनाई थी। यह फैसला पॉक्सो (POCSO) कानून के तहत सुनाया गया था। इस फैसले ने तब काफी सुर्खियां बटोरी थीं।<br><br></p>
<h3>क्या था पूरा मामला?</h3>
<p>यह मामला साल 2013 का है। एक नाबालिग लड़की ने आसाराम पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। घटना जोधपुर के मणाई गांव स्थित आश्रम की बताई गई थी।<br><br>पीड़िता उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की रहने वाली थी। उसने दिल्ली के कमला मार्केट थाने में जीरो एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद केस जोधपुर ट्रांसफर हुआ था।<br><br></p>
<h3>आसाराम की गिरफ्तारी और जेल</h3>
<p>आरोप लगने के बाद आसाराम को अगस्त 2013 में इंदौर से गिरफ्तार किया गया था। तब से वह जोधपुर की सेंट्रल जेल में बंद है।<br>आसाराम ने कई बार जमानत के लिए आवेदन किया, लेकिन हर बार उसे निराशा हाथ लगी। निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक उसकी याचिकाएं खारिज होती रहीं।<br><br></p>
<h3>सह-आरोपियों की स्थिति</h3>
<p>2018 के फैसले में केवल आसाराम ही दोषी नहीं पाया गया था। कोर्ट ने उसके दो सहयोगियों, शिवा और शिल्पी को भी सजा सुनाई थी।<br>शिवा और शिल्पी को 20-20 साल की कैद की सजा मिली थी। हालांकि, इसी मामले में शरद और प्रकाश नाम के दो अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया था।<br><br></p>
<h3>मेडिकल जमानत पर विवाद</h3>
<p>हाल ही में आसाराम ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए जमानत मांगी थी। उसने अपनी चिकित्सीय जमानत की अवधि बढ़ाने के लिए अर्जी लगाई थी।<br>आसाराम के वकीलों ने कोर्ट से इस पर जल्द सुनवाई की अपील की थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान जमानत की अवधि जल्द ही समाप्त होने वाली है।<br><br></p>
<h3>हाईकोर्ट का सख्त रुख</h3>
<p>हालांकि, हाईकोर्ट ने मेडिकल बेल पर शीघ्र सुनवाई से इनकार कर दिया। कोर्ट ने पूछा कि अब तक मुख्य अपील पर सुनवाई पूरी क्यों नहीं हुई थी?<br><br>जस्टिस ने स्पष्ट किया कि जमानत अर्जी में कोई ऐसी जल्दबाजी नहीं है। इस पर रजिस्ट्री द्वारा तय की गई नियमित तारीख पर ही विचार किया जाएगा।<br><br></p>
<h3>कानूनी विशेषज्ञों की राय</h3>
<p>कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि हाईकोर्ट का फैसला काफी महत्वपूर्ण होगा। यदि हाईकोर्ट ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखता है, तो आसाराम को जेल में ही रहना होगा।<br><br>वहीं, यदि सजा में कोई बदलाव होता है, तो यह अभियोजन पक्ष के लिए बड़ा झटका होगा। फिलहाल, सभी की नजरें हाईकोर्ट के आदेश की प्रति पर हैं।<br><br></p>
<h3>पीड़िता के परिवार का संघर्ष</h3>
<p>पीड़िता का परिवार पिछले 11 वर्षों से न्याय की लड़ाई लड़ रहा है। उन्हें कई बार धमकियां भी मिलीं, लेकिन वे पीछे नहीं हटे।<br><br>पीड़िता के वकील पी. सी. सोलंकी ने हमेशा कहा है कि उनके पास पर्याप्त सबूत हैं। उन्हें उम्मीद है कि हाईकोर्ट भी निचली अदालत के फैसले को सही ठहराएगा।<br><br></p>
<h3>आसाराम के समर्थकों की उम्मीदें</h3>
<p>आसाराम के अनुयायी अभी भी उसकी बेगुनाही का दावा करते हैं। जोधपुर हाईकोर्ट के बाहर अक्सर उनके समर्थकों की भीड़ देखी जाती है।<br><br>समर्थकों को उम्मीद है कि हाईकोर्ट से उन्हें राहत मिलेगी। हालांकि, कानून विशेषज्ञों का कहना है कि पॉक्सो मामलों में राहत मिलना काफी कठिन होता है।<br><br></p>
<h3>जोधपुर की सुरक्षा व्यवस्था</h3>
<p>फैसला सुरक्षित होने के बाद जोधपुर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा है। जब भी इस केस में कोई बड़ा मोड़ आता है, शहर में अलर्ट जारी किया जाता है।<br><br>प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए तैयार है। 2018 में सजा के वक्त भी जोधपुर को छावनी में बदल दिया गया था।<br><br></p>
<h3>न्यायिक प्रक्रिया का लंबा सफर</h3>
<p>यह केस भारतीय न्याय व्यवस्था में एक मिसाल बन गया है। एक रसूखदार व्यक्ति के खिलाफ नाबालिग की लड़ाई ने सबको प्रभावित किया है।<br><br>हाईकोर्ट में अपील पर सुनवाई पूरी होना इस लंबी कानूनी लड़ाई का एक पड़ाव है। अब अंतिम निर्णय ही तय करेगा कि आसाराम का भविष्य क्या होगा।<br><br></p>
<h3>आगे क्या होगा?</h3>
<p>अब हाईकोर्ट की खंडपीठ अपना लिखित फैसला तैयार करेगी। इसमें हफ्तों या महीनों का समय लग सकता है।<br><br>एक बार फैसला आने के बाद, हारने वाला पक्ष सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है। यानी कानूनी लड़ाई अभी और लंबी खिंच सकती है।<br><br></p>
<h3>आसाराम की उम्र और स्वास्थ्य</h3>
<p>आसाराम की उम्र अब 80 वर्ष से अधिक हो चुकी है। वह लगातार विभिन्न बीमारियों का हवाला देकर जेल से बाहर आने की कोशिश कर रहा है।<br><br>जेल प्रशासन का कहना है कि उसे जेल के अंदर ही आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं। कोर्ट भी इस मामले में मेडिकल रिपोर्ट्स को ही आधार मानती है।<br><br></p>
<h3>निष्कर्ष</h3>
<p>आसाराम केस में राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित होना एक बड़ी खबर है। यह मामला न केवल कानूनी बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी अहम है।<br><br>समाज में संतों की भूमिका और कानून के शासन को लेकर यह केस हमेशा चर्चा में रहेगा। अब बस इंतजार है उस दिन का जब हाईकोर्ट अपना फैसला सुनाएगा।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>दौसा पुलिस का बड़ा धमाका: 25 साल से फरार रोडवेज बस लुटेरा और तेल टैंकर लूट का इनामी बदमाश गिरफ्तार</title>
    <link>https://thinq360.com/dausa-police-arrest-absconding-criminals-25-years-later</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 12:17:04 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राज्य</category>
    <description><![CDATA[दौसा कोतवाली पुलिस ने दो बड़ी सफलताओं में 25 साल से फरार रोडवेज बस लुटेरे गंभीर सिंह और 7 साल से फरार 10 हजार के इनामी बदमाश देवेंद्र गुर्जर को गिरफ्तार किया है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>दौसा | </strong> राजस्थान के दौसा जिले की कोतवाली थाना पुलिस ने अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।</p>
<h3>25 साल बाद पकड़ा गया रोडवेज बस लुटेरा</h3>
<p>पुलिस ने रोडवेज बस में लूटपाट करने वाले उद्घोषित आरोपी गंभीर सिंह यादव को गिरफ्तार किया है। गंभीर सिंह पिछले 25 सालों से पुलिस की पकड़ से दूर चल रहा था। उसे उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से डिटेन किया गया है। थानाधिकारी भगवान सहाय शर्मा ने बताया कि आरोपी गंभीर सिंह ने साल 2001 में एक सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया था। वारदात के समय उसकी उम्र महज 33 साल थी। अब गिरफ्तारी के वक्त वह 58 साल का हो चुका है और उसकी पहचान बदल चुकी थी।</p>
<h3>हथियारों के बल पर की थी लूटपाट</h3>
<p>यह घटना 23 जुलाई 2001 की रात की है, जब जयपुर से अलीगढ़ जा रही बस में लुटेरे घुसे थे। बदमाशों ने चालक को तमंचा दिखाकर बस रुकवाई और यात्रियों से गहने व नकदी लूट ली थी। परिचालक मनोज कुमार ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। बदमाश बस को सुनसान रास्ते पर ले गए थे और चालक को चलती गाड़ी से कूदने पर मजबूर कर दिया था। इस मामले में पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में दबिश दे रही थी।</p>
<h3>10 हजार का इनामी बदमाश भी गिरफ्तार</h3>
<p>कोतवाली पुलिस ने एक अन्य कार्रवाई में 7 साल से फरार चल रहे देवेंद्र कुमार गुर्जर को भी गिरफ्तार किया है। आरोपी देवेंद्र पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह सरसों तेल लूट मामले में वांछित था। साल 2019 में नेशनल हाईवे 11 पर बदमाशों ने 50 लाख रुपये मूल्य के सरसों के तेल से भरे ट्रक को लूट लिया था। इस मामले में पुलिस ने साइबर सेल की मदद से आरोपी को बहरोड़ के पास से गिरफ्तार किया है। इन दोनों ही मामलों में पुलिस टीम की तकनीकी दक्षता और मुखबिर तंत्र की अहम भूमिका रही। पुलिस अब इन अपराधियों से अन्य वारदातों के संबंध में कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि अन्य खुलासे हो सकें।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>पश्चिम बंगाल चुनाव: ममता के &#039;लक्ष्मी भंडार&#039; के सामने बीजेपी की &#039;मातृ शक्ति वंदन&#039;, महिला वोटरों को लुभाने की बड़ी जंग</title>
    <link>https://thinq360.com/west-bengal-elections-women-voters-bjp-vs-tmc-schemes</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 11:21:31 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजनीति</category>
    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार चरम पर है, जहां बीजेपी और टीएमसी महिला वोटरों को लुभाने के लिए बड़ी घोषणाएं कर रही हैं। पीएम मोदी ने ममता बनर्जी पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>कोलकाता | </strong> पश्चिम बंगाल में दो चरणों के मतदान को लेकर चुनाव प्रचार अब अपने चरम पर पहुंच गया है। सभी राजनीतिक दल महिला वोटरों को लुभाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।<br><br>प्रदेश की सत्ता तक पहुंचने के लिए महिलाएं सबसे अहम भूमिका निभाती हैं। यही कारण है कि बीजेपी और टीएमसी दोनों ने ही अपनी कल्याणकारी योजनाओं का पिटारा खोल दिया है।<br><br></p>
<h3>पीएम मोदी का विपक्ष पर तीखा हमला</h3>
<p>पीएम नरेंद्र मोदी ने हालिया रैली में महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने ममता बनर्जी को महिला विरोधी बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।<br><br>पीएम ने कहा कि टीएमसी नहीं चाहती थी कि बंगाल की बेटियां विधायक और सांसद बनें। उनके अनुसार, टीएमसी और कांग्रेस ने मिलकर महिलाओं के 33% आरक्षण को रोकने की साजिश रची।<br><br>बीजेपी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में गरीब महिलाओं के लिए कई बड़े वादे किए हैं। पार्टी का लक्ष्य महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता पहुंचाकर उन्हें अपने पाले में लाना है।<br><br></p>
<h3>बीजेपी के सामने बड़ी चुनौतियां</h3>
<p>बीजेपी के लिए महिला वोटरों को साधना आसान नहीं है। ममता बनर्जी की 'लक्ष्मी भंडार' योजना ने 2021 के चुनाव में टीएमसी की जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी।<br><br>इसके मुकाबले बीजेपी ने 'मातृ शक्ति वंदन' योजना के तहत 3000 रुपये देने का वादा किया है। हालांकि, ममता की 'बंगाल की बेटी' वाली छवि को तोड़ना बीजेपी के लिए कठिन चुनौती है।<br><br>पार्टी के पास फिलहाल ममता बनर्जी जैसा कोई स्थानीय चेहरा नहीं है। बंगाली अस्मिता और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बनकर ममता ने महिलाओं के बीच अपनी गहरी पैठ बनाई है।<br><br></p>
<h3>मुस्लिम वोटर और महिला उम्मीदवार</h3>
<p>बंगाल में मुस्लिम महिला वोटरों पर बीजेपी की पकड़ फिलहाल कम मानी जाती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुस्लिम महिलाओं का समर्थन टीएमसी की जीत का बड़ा आधार रहा है।<br><br>चुनाव में महिला उम्मीदवारों की संख्या भी एक बड़ा मुद्दा है। टीएमसी ने 52 महिला प्रत्याशियों को टिकट दिया है, जबकि बीजेपी ने केवल 33 महिलाओं को चुनावी मैदान में उतारा है।<br><br></p>
<h3>योजनाओं से बदलता चुनावी गणित</h3>
<p>मध्य प्रदेश में 'लाड़ली बहना' और महाराष्ट्र में 'लाड़की बहिन' जैसी योजनाओं ने चुनाव परिणामों को बदला है। बीजेपी बंगाल में भी इसी रणनीति पर काम कर रही है।<br><br>हालांकि, टीएमसी पर महिलाओं की सुरक्षा न कर पाने के आरोप लग रहे हैं। आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले को लेकर बीजेपी ममता सरकार को घेरकर महिला सुरक्षा का मुद्दा उठा रही है।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>IPL: रियान पराग की कप्तानी पर भड़के अश्विन, रवींद्र जडेजा को ओवर न देने पर उठाए गंभीर सवाल</title>
    <link>https://thinq360.com/ashwin-slams-riyan-parag-over-jadeja-bowling-spell-rr-vs-kkr</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 11:14:00 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>खेल</category>
    <description><![CDATA[राजस्थान रॉयल्स की हार के बाद रविचंद्रन अश्विन ने कप्तान रियान पराग के फैसले की कड़ी आलोचना की है। अश्विन ने जडेजा को उनका स्पेल पूरा न करने देने को 'भरोसे की कमी' बताया है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>कोलकाता | </strong> इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में राजस्थान रॉयल्स (RR) की लगातार दूसरी हार ने टीम प्रबंधन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ मिली रोमांचक हार के बाद कप्तान रियान पराग के एक रणनीतिक फैसले ने क्रिकेट जगत में हलचल पैदा कर दी है।</p>
<h3>मैच का रोमांचक मोड़</h3>
<p>ईडन गार्डन्स में 156 रनों का छोटा लक्ष्य बचाने उतरी राजस्थान ने शुरुआत में मैच पर पकड़ बना ली थी। कोलकाता की टीम एक समय 81 रनों पर अपने 6 विकेट गंवा चुकी थी। इस दौरान रवींद्र जडेजा अपनी फिरकी का जादू चला रहे थे। उन्होंने अपने 3 ओवरों में मात्र 8 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए थे।</p>
<h3>पराग की कप्तानी पर सवाल</h3>
<p>मैच के निर्णायक मोड़ पर रियान पराग ने जडेजा को उनका अंतिम ओवर नहीं दिया। उस वक्त क्रीज पर रिंकू सिंह और अनुकूल रॉय जैसे बाएं हाथ के बल्लेबाज मौजूद थे। पराग ने 'मैचअप' के आंकड़ों को तवज्जो देते हुए जडेजा के बजाय खुद गेंदबाजी की और डेथ ओवर्स में बृजेश शर्मा का इस्तेमाल किया।</p>
<h3>अश्विन का फूटा गुस्सा</h3>
<p>दिग्गज खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन इस फैसले से बेहद खफा नजर आए। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि आपके पास जडेजा जैसा विश्व स्तरीय गेंदबाज था, जिसने शानदार स्पेल डाला था। लेकिन आपने ऑफ-स्पिनर होने के नाते खुद पर अधिक भरोसा दिखाया, जो गलत साबित हुआ।अश्विन ने आगे कहा कि अगर जडेजा छक्के भी खा लेते, तो भी उन्हें ओवर देना चाहिए था। उन्हें गेंदबाजी से हटाना यह दर्शाता है कि कप्तान को अपनी बॉलिंग यूनिट की क्षमताओं पर भरोसा नहीं है। अश्विन ने याद दिलाया कि रिंकू सिंह जडेजा की गेंदों पर संघर्ष कर रहे थे।</p>
<h3>राजस्थान को भारी पड़ी चूक</h3>
<p>इस हार ने न केवल राजस्थान के विजयी रथ को रोका है, बल्कि टीम के भीतर आत्मविश्वास पर भी सवाल उठाए हैं। अगर जडेजा वो ओवर फेंकते और रिंकू का विकेट लेते, तो वह 'मैन ऑफ द मैच' के प्रबल दावेदार होते। अब राजस्थान को अपनी आगामी रणनीति पर गंभीरता से विचार करना होगा।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>रवि बिश्नोई की वाइड गेंद पर ध्रुव जुरेल ने किया कमाल, कैमरन ग्रीन को ऐसे किया स्टंप आउट</title>
    <link>https://thinq360.com/rr-vs-kkr-dhruv-jurel-stumping-cameron-green-ipl-2026</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 11:09:24 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>क्रिकेट</category>
    <description><![CDATA[कोलकाता के ईडन गार्डन्स में राजस्थान रॉयल्स और केकेआर के बीच रोमांचक मुकाबला खेला गया। ध्रुव जुरेल ने रवि बिश्नोई की वाइड गेंद पर कैमरन ग्रीन को स्टंप आउट कर सभी को चौंका दिया।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>कोलकाता | </strong> आईपीएल 2026 के 28वें मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच ईडन गार्डन्स में कांटे की टक्कर देखने को मिली। इस मैच में रोमांच अपने चरम पर था। राजस्थान रॉयल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 9 विकेट खोकर 155 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से संभलकर बल्लेबाजी देखने को मिली। लक्ष्य का पीछा करने उतरी कोलकाता की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम के दोनों सलामी बल्लेबाज खाता खोले बिना ही आउट हो गए, जिससे टीम दबाव में आ गई।</p>
<h3>कैमरन ग्रीन की तूफानी पारी</h3>
<p>संकट के समय कैमरन ग्रीन ने मोर्चा संभाला। उन्होंने मात्र 13 गेंदों में 27 रनों की तेज तर्रार पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 1 छक्का शामिल था। ग्रीन 200 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी कर रहे थे और टीम को जीत की ओर ले जा रहे थे। लेकिन तभी रवि बिश्नोई की एक गेंद ने मैच बदल दिया।</p>
<h3>वाइड गेंद पर ग्रीन का विकेट</h3>
<p>पारी के पांचवें ओवर में रवि बिश्नोई ने लेग स्टंप के काफी बाहर एक गेंद फेंकी। यह गेंद स्पष्ट रूप से वाइड थी, लेकिन ग्रीन इसे खेलने के प्रयास में बाहर निकल आए। विकेट के पीछे तैनात ध्रुव जुरेल ने पलक झपकते ही गेंद को कलेक्ट किया और गिल्लियां बिखेर दीं। उस समय कैमरन ग्रीन क्रीज से काफी बाहर खड़े थे। ग्रीन को बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि वाइड गेंद पर वह आउट हो जाएंगे। वह बिना पीछे देखे पवेलियन की ओर चल दिए, जिससे केकेआर को तगड़ा झटका लगा।</p>
<p><img src="https://d2uvd0bcf4ztg.cloudfront.net/uploads/images/mceu_84771816511776663558092.webp"></p>
<h3>सोशल मीडिया पर जुरेल की चर्चा</h3>
<p>ध्रुव जुरेल की इस शानदार स्टंपिंग ने स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को हैरान कर दिया। बिश्नोई की वाइड गेंद पर उनकी फुर्ती की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है। ग्रीन के आउट होते ही केकेआर की पारी लड़खड़ा गई। इसके तुरंत बाद रोवमन पावेल भी रविंद्र जडेजा की गेंद पर आउट होकर पवेलियन लौट गए। इस विकेट ने मैच का रुख पूरी तरह राजस्थान रॉयल्स की ओर मोड़ दिया। जुरेल की इस चपलता ने एक बार फिर साबित किया कि वह आधुनिक क्रिकेट के बेहतरीन विकेटकीपर हैं।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>राजस्थान रॉयल्स को हराने के बाद केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने की गेंदबाजों की तारीफ, बल्लेबाजों को दी नसीहत</title>
    <link>https://thinq360.com/kkr-vs-rr-ipl-2026-ajinkya-rahane-post-match-reaction</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 11:02:35 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>क्रिकेट</category>
    <description><![CDATA[आईपीएल 2026 के 28वें मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स ने राजस्थान रॉयल्स को 4 विकेट से मात दी। कप्तान अजिंक्य रहाणे ने जीत के बाद गेंदबाजों के प्रदर्शन पर खुशी जताई लेकिन बल्लेबाजों को सुधार करने के लिए कहा।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>कोलकाता | </strong> आईपीएल 2026 के 28वें रोमांचक मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने राजस्थान रॉयल्स को 4 विकेट से हराकर सीजन की पहली जीत दर्ज की।<br><br>ईडन गार्डन्स के मैदान पर मिली इस शानदार जीत के बाद कप्तान अजिंक्य रहाणे के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने टीम के सामूहिक प्रयास की सराहना की।<br><br>रहाणे ने विशेष रूप से वरुण चक्रवर्ती, अनुकूल रॉय और रिंकू सिंह के योगदान को जीत का मुख्य आधार बताया और उनकी जमकर तारीफ की।<br><br></p>
<h3>गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन</h3>
<p>कप्तान रहाणे ने कहा कि वरुण चक्रवर्ती ने मैच के दौरान बेहतरीन स्पेल डाला। वहीं, अनुकूल रॉय ने अपनी लय को बरकरार रखते हुए सटीक गेंदबाजी की।<br><br>रहाणे के अनुसार, अनुकूल का घरेलू सत्र बहुत शानदार रहा था और उन्होंने प्रैक्टिस सेशन की बातों को मैदान पर बखूबी लागू किया है।<br><br>कार्तिक त्यागी की प्रशंसा करते हुए कप्तान ने कहा कि एक युवा तेज गेंदबाज के रूप में उनमें जो आत्मविश्वास है, वह वास्तव में कमाल का है।<br><br></p>
<h3>बल्लेबाजी में सुधार की जरूरत</h3>
<p>हालांकि, जीत के बावजूद रहाणे बल्लेबाजों के प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने माना कि बल्लेबाजी यूनिट को अभी बहुत कुछ सीखना है।<br><br>रहाणे ने चिंता जताई कि पिछले तीन मुकाबलों में टीम का पावरप्ले प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। उन्होंने स्ट्राइक रेट से ज्यादा स्थिति समझने पर जोर दिया।<br><br>उन्होंने स्पष्ट किया कि बल्लेबाजी में सुधार की काफी गुंजाइश है और आगामी ब्रेक के दौरान टीम अपनी इन कमियों पर काम करेगी।<br><br></p>
<h3>प्रशंसकों को समर्पित जीत</h3>
<p>पिछले पांच मैचों की निराशा के बाद मिली इस जीत को रहाणे ने प्रशंसकों को समर्पित किया। उन्होंने फैंस की सकारात्मक ऊर्जा की सराहना की।<br><br>कप्तान ने कहा कि ड्रेसिंग रूम का माहौल बहुत ही शानदार है। अब हमें जो 5-6 दिन का समय मिलेगा, उसमें हम और बेहतर तैयारी करेंगे।<br><br>ईडन गार्डन्स में मिली इस जीत ने केकेआर के खेमे में नया उत्साह भर दिया है, जो टूर्नामेंट के अगले चरण के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>IPL 2026: एमएस धोनी की मैदान पर वापसी कब? सीएसके कोच माइक हसी ने दिया बड़ा अपडेट</title>
    <link>https://thinq360.com/ms-dhoni-ipl-2026-return-update-mike-hussey-csk</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 10:58:06 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>क्रिकेट</category>
    <description><![CDATA[चेन्नई सुपर किंग्स के फैंस के लिए बुरी खबर है। कोच माइक हसी ने धोनी की वापसी पर अनिश्चितता जाहिर की है, जिससे फैंस का इंतजार और बढ़ गया है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>चेन्नई | </strong> चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के प्रशंसकों को अपने चहेते 'थाला' एमएस धोनी की मैदान पर वापसी का बेसब्री से इंतजार है। हालांकि, यह इंतजार अब और लंबा होने वाला है। सीएसके के बैटिंग कोच माइक हसी ने स्वीकार किया है कि धोनी की वापसी के लिए फिलहाल कोई स्पष्ट समय-सीमा तय नहीं की गई है। अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज फिलहाल पिंडली की चोट से उबर रहे हैं।</p>
<h3>कोच हसी का बड़ा बयान</h3>
<p>हसी ने बताया कि धोनी अपनी रिकवरी में अच्छी प्रगति कर रहे हैं और टीम के साथ यात्रा भी कर रहे हैं। लेकिन मैच फिटनेस हासिल करना अभी बाकी है। जब हसी से धोनी की वापसी पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, "सच कहूं तो मुझे पक्का नहीं पता।" उन्होंने धोनी की बल्लेबाजी पर संतोष जताया लेकिन फिट होने पर संशय बरकरार रखा।</p>
<h3>दौड़ने की क्षमता है मुख्य चिंता</h3>
<p>सीएसके प्रबंधन धोनी की चोट को लेकर काफी सतर्कता बरत रहा है। हसी के अनुसार, धोनी की बल्लेबाजी बेहतरीन है, लेकिन मैच की परिस्थितियों में दौड़ना एक बड़ी चुनौती है। पारी के आखिरी ओवरों में तेजी से सिंगल और डबल रन लेने के लिए उन्हें अपनी गति में सुधार करना होगा। अभी उनका आत्मविश्वास इस मामले में थोड़ा कम नजर आ रहा है।</p>
<h3>टीम के लिए धोनी की अहमियत</h3>
<p>आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले ही धोनी की चोट की खबर आई थी। तब उम्मीद थी कि वह शुरुआती कुछ मैचों के बाद फिट हो जाएंगे, लेकिन अब अनिश्चितता बढ़ गई है। चेन्नई सुपर किंग्स इस समय उतार-चढ़ाव भरे दौर से गुजर रही है। ऐसे में धोनी का अनुभव और फिनिशिंग टच टीम के लिए बेहद जरूरी है। ड्रेसिंग रूम में धोनी की मौजूदगी न केवल मनोबल बढ़ाती है, बल्कि मैच के निर्णायक क्षणों में उनका नियंत्रण टीम को जीत की ओर ले जाता है।</p>
<h3>फैंस को करना होगा इंतजार</h3>
<p>फिलहाल फैंस को बस उम्मीद करनी होगी कि धोनी जल्द ही अपनी पूरी फिटनेस हासिल कर पीली जर्सी में मैदान पर नजर आएं। कोच ने भी जल्द वापसी की उम्मीद जताई है। धोनी की अनुपस्थिति में टीम के अन्य खिलाड़ियों पर अधिक दबाव है। उनकी वापसी न केवल बल्लेबाजी में गहराई लाएगी बल्कि टीम की रणनीति को भी मजबूती देगी।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>पंजाब से करारी हार के बाद ऋषभ पंत हुए भावुक, अपनी चोट और आयुष बडोनी की ओपनिंग पर दिया बड़ा अपडेट</title>
    <link>https://thinq360.com/rishabh-pant-injury-update-lsg-vs-pbks-ipl-2026-match-report</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 10:54:52 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>क्रिकेट</category>
    <description><![CDATA[लखनऊ सुपर जायंट्स को पंजाब किंग्स के खिलाफ 54 रनों से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। कप्तान ऋषभ पंत ने हार के कारणों और अपनी नई चोट के बारे में मैच के बाद विस्तार से बात की।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ | </strong> आईपीएल 2026 के 29वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को पंजाब किंग्स के खिलाफ 54 रनों की करारी हार का सामना करना पड़ा। यह लखनऊ की इस सीजन में लगातार तीसरी हार है। इस हार के बाद लखनऊ की टीम पॉइंट्स टेबल में आठवें स्थान पर खिसक गई है। टीम ने अब तक खेले गए छह मुकाबलों में से केवल दो में जीत दर्ज की है, जो चिंता का विषय है।</p>
<h3>ऋषभ पंत की चोट ने बढ़ाई मुश्किलें</h3>
<p>मैच के बाद कप्तान ऋषभ पंत काफी निराश नजर आए। उन्होंने अपनी फिटनेस पर एक बड़ा खुलासा किया। पंत ने बताया कि वह पहले से ही कोहनी की चोट से जूझ रहे थे। पंत ने कहा, "मेरा बायां हाथ अब ठीक हो रहा है, लेकिन आज मुझे दाएं हाथ में भी चोट लग गई है। अब मुझे अपनी रिकवरी पर नए सिरे से ध्यान देना होगा।" कप्तान की यह चोट टीम के लिए दोहरा झटका साबित हो सकती है। पंत ने हार का श्रेय पंजाब किंग्स को देते हुए कहा कि उन्होंने हर विभाग में शानदार खेल दिखाया।</p>
<h3>बडोनी को ओपनर भेजने का सच</h3>
<p>मैच में आयुष बडोनी को ओपनर के तौर पर भेजने के फैसले ने सबको चौंका दिया था। पंत ने स्पष्ट किया कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया था बल्कि पहले से ही तय था। पंत के मुताबिक, टीम चाहती थी कि बडोनी मैदान पर जाकर बिना किसी डर के आजादी से खेलें। मैनेजमेंट टॉप ऑर्डर में थोड़ा आक्रामक रुख अपनाना चाहता था ताकि मिडिल ऑर्डर को मजबूती मिले।</p>
<h3>टीम को अब भी है वापसी का भरोसा</h3>
<p>पंत ने कहा कि हालांकि बल्लेबाजी में कुछ कमियां रहीं, लेकिन कुछ सकारात्मक झलकियां भी देखने को मिलीं। टीम उन अच्छी बातों को लेकर आगे बढ़ना चाहेगी। उन्होंने टीम के खिलाड़ियों पर पूरा भरोसा जताया। पंत ने कहा, "हमारे पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो मैच पलट सकते हैं। हमें बस अपनी गलतियों से सीखकर जोरदार वापसी करनी होगी।"</p>
<ul>
<li>लखनऊ की 6 मैचों में यह चौथी हार है।</li>
<li>ऋषभ पंत की फिटनेस अब टीम के लिए बड़ी चिंता है।</li>
<li>पंजाब किंग्स ने 54 रनों के अंतर से बड़ी जीत दर्ज की।</li>
<li>लखनऊ को प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए अगले मैच जीतने होंगे।</li>
</ul>
<p>लखनऊ के प्रशंसकों को उम्मीद है कि टीम जल्द ही अपनी लय हासिल करेगी। पंत की कप्तानी में टीम को अब अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करने की जरूरत है ताकि टूर्नामेंट में बने रहें।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>IPL 2026 Points Table: पंजाब किंग्स की बादशाहत बरकरार, लखनऊ की हार से बदला समीकरण; जानें अन्य टीमों का हाल</title>
    <link>https://thinq360.com/ipl-2026-points-table-pbks-top-mi-bottom-latest-rankings</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 10:46:41 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>खेल</category>
    <description><![CDATA[आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को हराकर शीर्ष स्थान सुरक्षित कर लिया है। वहीं, मुंबई इंडियंस अंक तालिका में सबसे निचले पायदान पर संघर्ष कर रही है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>चंडीगढ़ | </strong> पंजाब किंग्स ने आईपीएल 2026 में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। न्यू चंडीगढ़ में खेले गए मुकाबले में पंजाब ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 54 रनों के बड़े अंतर से मात दी।<br><br>इस शानदार जीत के साथ पंजाब किंग्स पॉइंट्स टेबल में पहले स्थान पर मजबूती से जमी हुई है। दूसरी ओर, लखनऊ की टीम इस हार के बाद फिसलकर आठवें स्थान पर पहुंच गई है।<br><br></p>
<h3>कोलकाता की पहली जीत और राजस्थान की हार</h3>
<p>रविवार को हुए एक अन्य रोमांचक मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स ने राजस्थान रॉयल्स को 4 विकेट से हरा दिया। यह इस सीजन में केकेआर की पहली जीत है।<br><br>इस जीत की बदौलत केकेआर अब 10वें स्थान से ऊपर उठकर 9वें पायदान पर पहुंच गई है। हालांकि, राजस्थान रॉयल्स हार के बावजूद 8 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर बनी हुई है।<br><br></p>
<h3>टॉप-4 टीमों का दबदबा</h3>
<p>पंजाब किंग्स अब तक अजेय रही है और 6 मैचों में 5 जीत के साथ 11 अंक लेकर शीर्ष पर है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 6 में से 4 मैच जीतकर 8 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है।<br><br>राजस्थान रॉयल्स तीसरे और सनराइजर्स हैदराबाद चौथे स्थान पर काबिज है। हैदराबाद ने 6 में से 3 मैच जीते हैं। दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात टाइटंस भी 6-6 अंकों के साथ कड़ी चुनौती दे रही हैं।<br><br></p>
<h3>मुंबई इंडियंस और चेन्नई का संघर्ष</h3>
<p>पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस के लिए यह सीजन किसी बुरे सपने जैसा साबित हो रहा है। टीम 5 मैचों में से केवल 1 जीत हासिल कर पाई है और सबसे नीचे है।<br><br>मुंबई फिलहाल 2 अंकों के साथ तालिका में 10वें पायदान पर है। वहीं, चेन्नई सुपर किंग्स 6 मैचों में 2 जीत के साथ सातवें स्थान पर है। लखनऊ 4 अंकों के साथ आठवें स्थान पर है।<br><br></p>
<h3>प्लेऑफ का शेड्यूल और आगे की राह</h3>
<p>आईपीएल 2026 के लीग स्टेज में अब तक 29 मैच खेले जा चुके हैं, जबकि 41 मैच अभी बाकी हैं। जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ेगा, प्लेऑफ की तस्वीर पूरी तरह साफ होती जाएगी।<br><br>भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) जल्द ही प्लेऑफ मैचों के आधिकारिक शेड्यूल की घोषणा कर सकता है। सभी टीमें अब नेट रन रेट सुधारने और टॉप-4 में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रही हैं।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>पीएम मोदी करेंगे पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन: 5000 जवान तैनात, 6 रूट और भव्य पंडाल तैयार; जानें पूरा ट्रैफिक प्लान</title>
    <link>https://thinq360.com/pm-modi-pachpadra-refinery-inauguration-barmer-security-traffic-plan</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 10:04:56 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान के बाड़मेर जिले के पचपदरा में देश की पहली हाई-टेक बीएस-6 रिफाइनरी का उद्घाटन करने आ रहे हैं। सुरक्षा के लिए 5 हजार पुलिसकर्मी तैनात हैं और यातायात के लिए विशेष रूट मैप तैयार किया गया है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>बाड़मेर | </strong> राजस्थान के रेगिस्तानी इलाके बाड़मेर में विकास की एक नई इबारत लिखी जाने वाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पचपदरा में स्थित एचपीसीएल की नई रिफाइनरी का उद्घाटन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।</p>
<h3>विकास की नई ऊंचाइयां और रिफाइनरी</h3>
<p>यह रिफाइनरी कोई साधारण प्रोजेक्ट नहीं है। यह देश की पहली न्यू हाई टेक्नोलॉजी वाली बीएस-6 मानक की रिफाइनरी है। इस प्रोजेक्ट से न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश की ऊर्जा जरूरतों को एक नई दिशा मिलेगी। प्रशासन और सरकार ने इस मेगा इवेंट के लिए अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। रिफाइनरी परिसर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। यहां की तकनीक दुनिया के बेहतरीन मानकों के अनुरूप तैयार की गई है।</p>
<h3>भव्य पंडाल और पीएम मोदी का अभिनंदन</h3>
<p>कार्यक्रम के लिए करीब 3 बीघा जमीन पर एक विशाल पंडाल तैयार किया गया है। इस पंडाल की खासियत यह है कि इसके ठीक बीच में एक सड़क बनाई गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी सड़क से एक खुली गाड़ी में सवार होकर लोगों के बीच पहुंचेंगे। वह हाथ हिलाकर वहां मौजूद हजारों लोगों का अभिनंदन स्वीकार करेंगे। इसके बाद वह मुख्य मंच पर पहुंचेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। पंडाल में बैठने के लिए एक लाख से ज्यादा कुर्सियां लगाई गई हैं।</p>
<h3>सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम</h3>
<p>प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन ने कड़े प्रबंध किए हैं। जोधपुर रेंज के आईजी सत्येंद्र सिंह ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को तीन मुख्य डिविजन में बांटा गया है। इस पूरे आयोजन की निगरानी 3 डीआईजी और 12 एसपी स्तर के अधिकारी करेंगे। सुरक्षा घेरे को अभेद्य बनाने के लिए 5 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा सभा स्थल और आसपास के इलाकों में 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखेंगे।</p>
<h3>पीएम मोदी का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम</h3>
<p>जानकारी के अनुसार, पीएम मोदी 21 अप्रैल को सुबह 11 बजे विशेष विमान से उतरलाई हवाई अड्डे पर उतरेंगे। वहां से वह हेलीकॉप्टर के जरिए सीधे पचपदरा रिफाइनरी पहुंचेंगे। रिफाइनरी में वह करीब एक घंटे का समय बिताएंगे। इस दौरान वह रिफाइनरी का निरीक्षण करेंगे और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। वह उन श्रमिकों और इंजीनियरों से भी बातचीत करेंगे जिन्होंने इस विशाल ढांचे को खड़ा किया है। इसके बाद वह जनसभा स्थल के लिए प्रस्थान करेंगे।</p>
<h3>यातायात और पार्किंग की विस्तृत योजना</h3>
<p>पुलिस ने आम जनता की सुविधा के लिए 6 अलग-अलग रूट तय किए हैं। हर रूट के लिए अलग पार्किंग जोन बनाए गए हैं। बाड़मेर और जैसलमेर की तरफ से आने वाले वाहन बागुण्डी सर्किल होते हुए आएंगे। उनके लिए सांभरा माता मंदिर के सामने P-2 और P-2A पार्किंग बनाई गई है। बसों के लिए P-4A स्थल निर्धारित किया गया है। उदयपुर, सिरोही, जालोर और पाली से आने वाले वाहन सिवाना सर्किल और बालोतरा ओवरब्रिज होते हुए आएंगे। इनके लिए P-1 और P-10 पार्किंग की व्यवस्था है।</p>
<h3>अन्य जिलों से आने वाले वाहनों का मार्ग</h3>
<p>जोधपुर, नागौर, अजमेर और ब्यावर से आने वाले लोग कल्याणपुर और पचपदरा बाईपास का उपयोग करेंगे। उनके लिए P-5, P-6, P-7 और P-8 पार्किंग जोन बनाए गए हैं। फलौदी, शेरगढ़ और बालेसर से आने वाले वाहन मेगा हाईवे के रास्ते पचपदरा पहुंचेंगे। बालोतरा कस्बे के स्थानीय लोगों के लिए P-1 पार्किंग निर्धारित की गई है। प्रशासन ने अपील की है कि लोग अपने निर्धारित रूट का ही पालन करें ताकि जाम की स्थिति पैदा न हो।</p>
<h3>भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन</h3>
<p>कॉमर्शियल और भारी वाहनों के लिए विशेष डायवर्जन लागू किया गया है। बाड़मेर से जोधपुर जाने वाले भारी वाहन अब बायतू से फलसुंड, गिड़ा और पाटोदी होते हुए जाएंगे। धोरीमन्ना और गुड़ामालानी से जोधपुर जाने वाले वाहन भारतमाला रोड का उपयोग करेंगे। बालोतरा कस्बे से जोधपुर जाने के लिए मुंगड़ा सर्किल से उमरलाई वाला रास्ता तय किया गया है। पचपदरा कस्बे के भीतर से किसी भी प्रकार के भारी वाहन को गुजरने की अनुमति नहीं होगी।</p>
<h3>जनता के लिए विशेष निर्देश</h3>
<p>पुलिस प्रशासन ने जनसभा में आने वाले लोगों से एक खास अपील की है। सुरक्षा कारणों से सभा स्थल पर मोबाइल फोन के अलावा अन्य कोई भी सामान ले जाना वर्जित है। बैग, पानी की बोतल या अन्य कोई भी संदिग्ध वस्तु साथ न लाएं। आईजी ने स्पष्ट किया है कि हर व्यक्ति की सघन तलाशी ली जाएगी। पुलिसकर्मियों को पहले ही ब्रीफिंग दे दी गई है ताकि आम लोगों को कम से कम परेशानी हो। अगर कोई वाहन रास्ते में खराब होता है, तो उसे हटाने के लिए क्रेन की व्यवस्था भी की गई है।</p>
<h3>आर्थिक विकास का नया इंजन</h3>
<p>यह रिफाइनरी बाड़मेर के लिए केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं है, बल्कि यह रोजगार के हजारों अवसर लेकर आई है। स्थानीय लोगों में इस प्रोजेक्ट को लेकर भारी उत्साह है। उद्घाटन के बाद यहां उत्पादन की प्रक्रिया में तेजी आएगी। इससे राजस्थान के राजस्व में भी बड़ी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। पीएम मोदी का यह दौरा इस प्रोजेक्ट को वैश्विक पटल पर मजबूती से स्थापित करेगा।</p>
<h3>निष्कर्ष</h3>
<p>पचपदरा की यह जनसभा ऐतिहासिक होने वाली है। प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और जनसुविधाओं का जो खाका खींचा है, वह सराहनीय है। 5 हजार जवानों की मुस्तैदी और अत्याधुनिक सीसीटीवी निगरानी के बीच पीएम मोदी का यह दौरा राजस्थान के विकास में एक नया मील का पत्थर साबित होगा। लोगों से अनुरोध है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और शांतिपूर्ण तरीके से इस विकास उत्सव का हिस्सा बनें।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>उदयपुर में नेशनल हाईवे-48 पर चलते ट्रक की डीजल टंकी फटी: धमाके के साथ लगी भीषण आग, ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान</title>
    <link>https://thinq360.com/udaipur-truck-fire-national-highway-48-diesel-tank-blast</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 10:01:05 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[उदयपुर में नेशनल हाईवे-48 पर एक बड़ा हादसा टल गया जब सोप स्टोन पाउडर से भरे ट्रक की डीजल टंकी धमाके के साथ फट गई। ड्राइवर ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचाई, हालांकि ट्रक पूरी तरह जलकर खाक हो गया।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>उदयपुर | </strong> राजस्थान के उदयपुर में बीती रात एक रूह कंपा देने वाला हादसा हुआ। नेशनल हाईवे-48 पर चलते हुए एक ट्रक में अचानक जोरदार धमाका हुआ और वह आग के गोले में बदल गया।</p>
<h3>पेट्रोल पंप के सामने हुआ धमाका</h3>
<p>पिपली-अ गांव के पास एक पेट्रोल पंप के ठीक सामने ट्रक की डीजल टंकी अचानक फट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि दूर-दूर तक इसकी आवाज सुनाई दी।</p>
<h3>ड्राइवर ने दिखाई बहादुरी</h3>
<p>जैसे ही ट्रक में आग लगी, ड्राइवर ने बिना वक्त गंवाए चलते ट्रक से छलांग लगा दी। उसकी फुर्ती की वजह से उसकी जान बच गई। ट्रक सोप स्टोन पाउडर से भरा हुआ था।</p>
<h3>आग ने लिया विकराल रूप</h3>
<p>देखते ही देखते आग ने पूरे ट्रक को अपनी चपेट में ले लिया। पेट्रोल पंप के कर्मचारी मोड सिंह ने बताया कि ट्रक रुकते ही लपटें आसमान छूने लगी थीं। स्थानीय लोग चाहकर भी कुछ नहीं कर सके।</p>
<h3>हाईवे पर लगा लंबा जाम</h3>
<p>हादसे की सूचना मिलते ही ऋषभदेव पुलिस मौके पर पहुंची। एएसआई अनिल मीणा और उनकी टीम ने तुरंत ट्रैफिक रुकवाया। आग की वजह से हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।</p>
<h3>दमकल ने पाया आग पर काबू</h3>
<p>पुलिस ने दमकल की गाड़ियों को मौके पर बुलाया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इसके बाद क्रेन की मदद से ट्रक को रास्ते से हटाया गया और यातायात सुचारू किया गया।</p>
<h3>हादसे की जांच शुरू</h3>
<p>शुरुआती जांच में सामने आया है कि डीजल टंकी फटने से ही आग लगी थी। हालांकि, टंकी फटने का असली तकनीकी कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।</p>
<h3>सुरक्षित बचा ट्रक चालक</h3>
<p>गनीमत रही कि इस भीषण अग्निकांड में कोई जनहानि नहीं हुई। ड्राइवर पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन ट्रक में रखा लाखों का माल और ट्रक पूरी तरह जलकर राख हो गया है।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>जालोर में पंचायत का तुगलकी फरमान: लिव-इन रिलेशनशिप के कारण पूरे परिवार का बहिष्कार, शादी की बिंदौरी में नहीं आया कोई ग्रामीण</title>
    <link>https://thinq360.com/jalore-panchayat-boycott-family-wedding-live-in-relationship-dispute</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 09:53:36 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[जालोर के भीनमाल में एक पंचायत के फरमान ने शादी वाले घर की खुशियों को मातम जैसी शांति में बदल दिया है। भतीजे के लिव-इन रिलेशनशिप की सजा पूरे परिवार को भुगतनी पड़ रही है, जहां गांव वालों को शादी में आने पर पाबंदी लगा दी गई है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जालोर | </strong> जालोर जिले के भीनमाल क्षेत्र से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो आधुनिक समाज में सामाजिक रूढ़िवादिता के काले चेहरे को उजागर करती है। यहां एक परिवार की खुशियों पर कथित पंचायत के तुगलकी फरमान का ग्रहण लग गया है।</p>
<h3>शादी के घर में पसरा सन्नाटा</h3>
<p>भीनमाल के एक गांव में रहने वाले परिवार में 20 अप्रैल को दो बहनों और 21 अप्रैल को भाई की शादी होनी है। घर में उत्सव का माहौल होना चाहिए था, लेकिन वहां सन्नाटा पसरा हुआ है।</p>
<p>शादी की रस्मों के तहत बिंदौरी निकाली जानी थी, लेकिन गांव का एक भी व्यक्ति इस आयोजन में शामिल नहीं हुआ। शादी के लिए लगाए गए टेंट और कुर्सियां पूरी तरह खाली नजर आ रहे हैं।</p>
<h3>लिव-इन रिलेशनशिप बना बहिष्कार की वजह</h3>
<p>इस पूरे विवाद की जड़ परिवार के एक भतीजे का लिव-इन रिलेशनशिप में रहना है। यह मामला पिछले साल 26 अगस्त से शुरू हुआ था, जिसे आधार बनाकर पंचायत ने परिवार को निशाना बनाया।</p>
<p>कथित पंचों ने बैठक बुलाकर निर्णय लिया कि इस परिवार का समाज से पूरी तरह बहिष्कार किया जाएगा। जो भी ग्रामीण इस परिवार की शादी में शामिल होगा, उसे भी समाज से बाहर कर दिया जाएगा।</p>
<h3>31 लाख का जुर्माना और धमकियां</h3>
<p>पंचायत ने परिवार पर 31 लाख रुपये का भारी आर्थिक दंड लगाया है। इतना ही नहीं, भतीजे का सहयोग करने के आरोप में उसके बहनोई पर भी 4 लाख रुपये का जुर्माना ठोका गया है।</p>
<p>पीड़ित परिवार का आरोप है कि समरथाराम, दीपाराम, बाबुलाल और जगदीश जैसे पंच उन पर पुराना मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही हैं।</p>
<h3>मेहंदी रचे हाथों से थाने पहुंची बहनें</h3>
<p>जब गांव का कोई भी व्यक्ति बिंदौरी में नहीं आया, तो भाई-बहन अपने हाथों की मेहंदी और शादी का कार्ड लेकर भीनमाल थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा और पंचों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।</p>
<p>परिजनों का कहना है कि पंचों के डर से लोग उनके घर आने से कतरा रहे हैं। भीनमाल थाना अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और डीएसपी शंकरलाल मंसूरिया इसकी जांच कर रहे हैं।</p>
<h3>सामाजिक न्याय पर उठते सवाल</h3>
<p>यह घटना दर्शाती है कि आज भी ग्रामीण इलाकों में स्वयंभू पंचों का किस कदर खौफ है। एक व्यक्ति के निजी फैसले की सजा पूरे परिवार को देना मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है।</p>
<p>पुलिस प्रशासन अब इस मामले में कानूनी कार्रवाई की बात कह रहा है। लेकिन देखना यह होगा कि क्या यह परिवार अपनी शादी की रस्मों को बिना किसी डर के पूरा कर पाएगा या नहीं।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>जालोर में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का बड़ा एक्शन: 2 किलो अफीम और भारी मात्रा में डोडा चूरा जब्त, दो गिरफ्तार</title>
    <link>https://thinq360.com/jalore-antf-drug-bust-opium-poppy-husk-seized-arrests</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 09:50:23 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[जालोर और बाड़मेर में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 2 किलो अफीम और करीब 3 किलो डोडा चूरा बरामद किया है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जालोर | </strong> राजस्थान में नशे के सौदागरों के खिलाफ एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक बार फिर बड़ी कामयाबी हासिल की है। जालोर और बाड़मेर जिलों में अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर पुलिस ने भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए हैं।<br><br>इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को दबोचने में सफलता पाई है। इनके पास से कुल 2 किलो अफीम और 2.900 किलो डोडा चूरा बरामद किया गया है। पकड़े गए दोनों आरोपी जालोर जिले के ही निवासी बताए जा रहे हैं।<br><br></p>
<h3>बागोड़ा में पुलिस की पहली बड़ी कार्रवाई</h3>
<p>जालोर एएनटीएफ टीम को सूचना मिली थी कि बागोड़ा थाना क्षेत्र के भालनी में रुपा की ढाणी में एक व्यक्ति अवैध मादक पदार्थ की सप्लाई करता है। सूचना मिलते ही टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी।<br><br>टीम को देखते ही आरोपी नरपत कुमार (33) पुत्र बगताराम मौके से भागने लगा। हालांकि, मुस्तैद जवानों ने पीछा कर उसे दबोच लिया। तलाशी के दौरान मकान के पास छिपाकर रखा 500 ग्राम अफीम और 2.900 किलो डोडा चूरा बरामद किया गया।<br><br></p>
<h3>पशु बाड़े में छिपा रखी थी अफीम</h3>
<p>दूसरी बड़ी कार्रवाई बाड़मेर एएनटीएफ टीम द्वारा की गई। टीम को सूचना मिली थी कि कांखी के परिहारों की ढाणी में एक व्यक्ति अफीम की तस्करी कर रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस ने स्थानीय पुलिस के साथ मौके पर दबिश दी।<br><br>पुलिस ने बागोड़ा के डूंगरवा निवासी देवीचंद (34) पुत्र पुनमाराम के घर की बारीकी से तलाशी ली। इस दौरान घर में बने पशुओं के बाड़े से करीब 1.500 किलो अफीम बरामद हुई। पुलिस ने अफीम जब्त कर आरोपी देवीचंद को गिरफ्तार कर लिया।<br><br></p>
<h3>एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज</h3>
<p>दोनों ही मामलों में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये तस्कर माल कहां से लाते थे और किन्हें सप्लाई करते थे।<br><br>एएनटीएफ की इस सक्रियता से इलाके के नशा तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस का कहना है कि नशा मुक्ति अभियान के तहत इस तरह की कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी। पूछताछ में कई बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>कोटा थर्मल प्लांट में खौफ: चाय पीकर लौट रहे ऑपरेटर पर भालू ने किया जानलेवा हमला, सहकर्मियों ने बचाई जान</title>
    <link>https://thinq360.com/bear-attack-kota-thermal-power-plant-operator-injured</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 09:43:41 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[कोटा के थर्मल पावर प्लांट में रविवार देर शाम एक भालू ने ड्यूटी पर तैनात ऑपरेटर नितिन मिश्रा पर हमला कर दिया। गनीमत रही कि साथियों की मदद से उनकी जान बच गई, लेकिन इस घटना ने प्लांट में सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>कोटा | </strong> राजस्थान के कोटा में स्थित थर्मल पावर प्लांट से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ रविवार की देर शाम एक खूंखार भालू ने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी पर हमला कर दिया। नितिन मिश्रा (38), जो कुन्हाड़ी के रहने वाले हैं, प्लांट की यूनिट नंबर दो के फायरिंग सेक्शन में ऑपरेटर के रूप में कार्यरत हैं। रविवार शाम वह अपनी शिफ्ट के दौरान काम कर रहे थे। नितिन ने बताया कि वह ऑपरेटर रूम से निकलकर पास की कैंटीन में चाय पीने गए थे। चाय पीकर जब वह वापस अपने ड्यूटी पॉइंट की ओर लौट रहे थे, तभी अचानक यह हादसा हुआ।</p>
<h3>अंधेरे का फायदा उठाकर भालू ने किया वार</h3>
<p>नितिन के अनुसार, रास्ते में अचानक पीछे से एक भालू ने उन पर हमला बोल दिया। भालू ने इतनी तेजी से प्रहार किया कि नितिन को संभलने का मौका ही नहीं मिला। भालू ने उनके पीठ पर अपने पंजों से जोरदार वार किया। जैसे ही नितिन पीछे मुड़े, भालू ने दोबारा उनके चेहरे और छाती की तरफ अपने पंजे और मुंह से हमला किया। नितिन ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी जान बचाने के लिए शोर मचाना शुरू किया। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास काम कर रहे अन्य कर्मचारी तुरंत मौके की तरफ दौड़े।</p>
<h3>सहकर्मियों की सूझबूझ से बची जान</h3>
<p>वहां मौजूद कर्मचारियों ने देखा कि भालू नितिन को अपना शिकार बनाने की कोशिश कर रहा है। कर्मचारियों ने बिना डरे शोर मचाना शुरू किया और भालू पर पत्थर फेंके। चारों तरफ से घिरता देख और शोर सुनकर भालू जंगल की ओर भाग निकला। इस तरह साथियों की बहादुरी और सूझबूझ से नितिन की जान बाल-बाल बच गई। घटना के तुरंत बाद लहूलुहान नितिन को कुन्हाड़ी के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया और घावों की मरहम-पट्टी की।</p>
<h3>अस्पताल में भर्ती और सुरक्षा की चिंता</h3>
<p>डॉक्टरों ने एहतियात के तौर पर नितिन को रेबीज और टिटनेस के इंजेक्शन लगाए हैं। नितिन ने बताया कि उनकी रीढ़ की हड्डी में भालू के हमले से काफी चोट आई है और दर्द असहनीय है। थर्मल प्लांट के कर्मचारियों का कहना है कि यह इलाका वन्यजीवों के मूवमेंट के लिए जाना जाता है। प्लांट के आसपास घने जंगल और झाड़ियां होने के कारण यहाँ जंगली जानवर अक्सर घुस आते हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि आए दिन यहां भालू और तेंदुए नजर आते हैं, लेकिन प्रशासन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं कर रहा है। इससे मजदूरों की जान हमेशा जोखिम में रहती है।</p>
<h3>प्रशासन के पुराने आदेश और हकीकत</h3>
<p>दिलचस्प बात यह है कि राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम ने सुरक्षा को लेकर पहले ही गाइडलाइंस जारी की थीं। 9 अप्रैल को एक आधिकारिक सर्कुलर भी निकाला गया था। इस सर्कुलर में कर्मचारियों को अकेले अंधेरे स्थानों पर न जाने, समूह में चलने और चौपहिया वाहनों का उपयोग करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन धरातल पर स्थितियां अलग हैं। कर्मचारियों का कहना है कि प्लांट के कई हिस्सों में पर्याप्त लाइटिंग नहीं है। साथ ही, पैदल चलने वाले रास्तों पर वन्यजीवों से बचाव के लिए कोई फेसिंग या सुरक्षा दीवार नहीं है।</p>
<h3>क्या कहते हैं सुरक्षा निर्देश?</h3>
<p>जारी किए गए निर्देशों के अनुसार, नाइट ड्यूटी के दौरान किसी भी कर्मचारी को खुले क्षेत्र में सोने की मनाही है। साथ ही वन्यजीव दिखने पर तुरंत ऑफिस में सूचना देने को कहा गया है। प्रशासन ने कर्मचारियों को यह भी हिदायत दी है कि वे वन्यजीवों के फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर न डालें। हालांकि, कर्मचारी अब अपनी सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। नितिन मिश्रा के साथ हुई इस घटना ने थर्मल प्लांट के भीतर काम करने वाले सैकड़ों मजदूरों के मन में डर पैदा कर दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>कूनो नेशनल पार्क से बारां के शेरगढ़ पहुंचा चीता KP-3, दो खरगोशों का किया शिकार; वन विभाग की टीम कर रही मॉनिटरिंग</title>
    <link>https://thinq360.com/cheetah-kp3-reaches-shergarh-wildlife-sanctuary-baran-kuno-news</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 09:39:36 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[कूनो नेशनल पार्क से निकला चीता KP-3 अब राजस्थान के बारां जिले के शेरगढ़ वाइल्डलाइफ अभयारण्य पहुंच गया है। यहाँ उसने दो खरगोशों का शिकार किया है और वन विभाग की टीम उसकी लगातार निगरानी कर रही है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>बारां | </strong> मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से निकलकर चीता केपी-3 अब राजस्थान के बारां जिले की सीमा में दाखिल हो चुका है। शनिवार को वह शेरगढ़ वाइल्डलाइफ अभयारण्य में पहुंच गया। वन विभाग के अनुसार, चीता पिछले कुछ दिनों से इस क्षेत्र में विचरण कर रहा है। रविवार को उसने परवन नदी के किनारे दो खरगोशों का शिकार किया।</p>
<h3>परवन नदी के पास बनाया ठिकाना</h3>
<p>शेरगढ़ वाइल्डलाइफ के रेंजर जितेंद्र खटीक ने बताया कि चीता केपी-3 वर्तमान में नाहरिया ब्लॉक में सक्रिय है। वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है। वन विभाग की टीमें उसकी सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं। टीम के सदस्य करीब 500 मीटर की दूरी से उसकी हर गतिविधि पर नज़र रख रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि शेरगढ़ पहुंचने से पहले भी यह चीता काफी सक्रिय था। उसने रास्ते में करीब 8 अलग-अलग शिकार किए थे।</p>
<h3>शेरगढ़ है चीतों के लिए मुफीद</h3>
<p>वाइल्ड लाइफ ऑफ इंडिया की टीम ने पहले ही शेरगढ़ को चीतों के लिए अनुकूल बताया था। यहाँ चीता बसाने की तैयारियाँ पहले से ही चल रही थीं। दिलचस्प बात यह है कि बिना किसी ट्रांसलोकेशन के, चीता खुद ही चलकर शेरगढ़ पहुंच गया है। यहाँ बोमा बनाने के लिए बजट भी जारी हो चुका है।</p>
<h3>प्राकृतिक कॉरिडोर का लाभ</h3>
<p>एक्सपर्ट आर.एस. तोमर के अनुसार, बारां के जंगल कूनो, रणथंभौर और माधव टाइगर रिजर्व से सटे हुए हैं। यह एक प्राकृतिक कॉरिडोर बनाता है। कूनो में चीतों की संख्या 50 से अधिक हो गई है। ऐसे में वे नए क्षेत्रों की तलाश में बाहर निकल रहे हैं। केपी-3 भी अपनी नई टेरिटरी बना रहा है।</p>
<h3>सुरक्षा और विकास की जरूरत</h3>
<p>वन विशेषज्ञों का मानना है कि अब बारां के जंगलों को वाइल्डलाइफ के अनुसार और अधिक विकसित करने की आवश्यकता है। चीता केपी-3 का यहाँ पहुंचना इस बात का संकेत है कि यहाँ का वातावरण उनके अनुकूल है। अब विभाग को इसकी सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। स्थानीय ग्रामीणों को भी चीते की मौजूदगी के बारे में जागरूक किया जा रहा है। परवन नदी का किनारा चीते के लिए पानी और शिकार दोनों की दृष्टि से उत्तम है।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>अजमेर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: लूटे हुए मोबाइल खरीदने वाला टॉप-10 बदमाश गिरफ्तार, 48 ब्रांडेड फोन बरामद</title>
    <link>https://thinq360.com/ajmer-police-arrest-criminal-with-48-stolen-mobile-phones</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 09:35:13 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>क्राइम</category>
    <description><![CDATA[अजमेर पुलिस ने लूट के मोबाइल खरीदकर बेचने वाले एक शातिर बदमाश पंकज जैन को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से 48 महंगे मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जो वह लूट गिरोहों से खरीदता था।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>अजमेर | </strong> अजमेर की क्लॉक टावर थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लूट के मोबाइल फोन के अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने शहर के टॉप-10 बदमाशों की सूची में शामिल एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है।<br><br>गिरफ्तार आरोपी की पहचान पंकज जैन (42) के रूप में हुई है। यह बदमाश शहर में सक्रिय मोबाइल लूट गिरोहों से सीधे संपर्क में रहता था। वह लूटे गए मोबाइल फोन को कौड़ियों के दाम खरीदता था।<br><br></p>
<h3>48 ब्रांडेड मोबाइल फोन बरामद</h3>
<p>पुलिस ने आरोपी पंकज जैन की निशानदेही पर सघन छापेमारी की। इस दौरान पुलिस के हाथ 48 महंगे और ब्रांडेड मोबाइल फोन लगे हैं। इन फोन्स की बाजार में कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।<br><br>एसएचओ भीखाराम काला ने बताया कि बरामद किए गए मोबाइल फोन में से एक मोबाइल हाल ही में हुई लूट की वारदात से संबंधित है। पुलिस अब अन्य फोन्स के आईएमईआई नंबर के जरिए उनके असली मालिकों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।<br><br></p>
<h3>अलवर के युवक से हुई थी लूट</h3>
<p>यह पूरा मामला तब खुला जब अलवर निवासी एक युवक ने अजमेर में लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़ित 16 फरवरी को अजमेर रेलवे स्टेशन पहुंचा था, जहां दो अज्ञात बदमाशों ने उसे बातों में फंसाकर अपना शिकार बनाया।<br><br>बदमाशों ने युवक को बातों में उलझाया और एक सुनसान जगह ले गए। वहां उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। बदमाश उसका कीमती मोबाइल, पर्स और जरूरी दस्तावेज छीनकर मौके से फरार हो गए थे।<br><br></p>
<h3>200 सीसीटीवी कैमरों ने खोला राज</h3>
<p>घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर एक विशेष टीम बनाई गई। इस टीम ने स्टेशन और आसपास के इलाकों में लगे करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को दिन-रात एक करके खंगाला।<br><br>तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली सटीक सूचना पर पुलिस पंकज जैन तक पहुंची। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह लूट का माल बाजार में खपाने का काम करता था। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे गिरोह की जड़ों तक पहुंचा जा सके।<br><br></p>
<h3>पुलिस की अपील</h3>
<p>पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे सस्ते के चक्कर में बिना बिल के मोबाइल न खरीदें। ऐसे मोबाइल चोरी या लूट के हो सकते हैं, जिन्हें खरीदना आपको कानूनी पचड़े में डाल सकता है।<br><br>पंकज जैन की गिरफ्तारी से शहर में मोबाइल लूट की वारदातों में कमी आने की उम्मीद है। पुलिस अब उन लुटेरों की तलाश कर रही है जो पंकज को यह मोबाइल सप्लाई करते थे।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>अजमेर में चार्जिंग के दौरान धूं-धूं कर जला ई-रिक्शा, बैंक की किस्तों पर लिया था वाहन, रोजी-रोटी का संकट</title>
    <link>https://thinq360.com/ajmer-e-rickshaw-fire-charging-incident-faridabad-colony</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 09:31:14 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[अजमेर की फरीदाबाद कॉलोनी में चार्जिंग के दौरान एक ई-रिक्शा में भीषण आग लग गई। बैंक लोन पर खरीदे गए इस रिक्शे के जलने से पीड़ित परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>अजमेर | </strong> राजस्थान के अजमेर जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहाँ फरीदाबाद कॉलोनी में रविवार सुबह चार्जिंग पर लगा एक ई-रिक्शा अचानक आग की लपटों में घिर गया। देखते ही देखते पूरा रिक्शा जलकर खाक हो गया।</p>
<h3>अचानक उठी चिंगारी</h3>
<p>कॉलोनी निवासी सोनू बिजावत ने रोज की तरह अपना ई-रिक्शा घर के बाहर चार्ज करने के लिए लगाया था। चार्जिंग के दौरान बैटरी से अचानक चिंगारी निकली। कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप ले लिया।</p>
<p>आस-पास के लोगों ने तुरंत पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की। लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि रिक्शा को बचाया नहीं जा सका। कुछ ही मिनटों में वाहन लोहे का ढांचा बनकर रह गया।</p>
<h3>परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़</h3>
<p>सोनू ने बताया कि यह रिक्शा उनकी आय का एकमात्र जरिया था। उन्होंने हाल ही में बैंक से लोन लेकर इसे किस्तों पर खरीदा था। अब रिक्शा जलने से उनके सामने रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।</p>
<p>पीड़ित परिवार अब सरकार और प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहा है। बैंक की किस्तें और परिवार का भरण-पोषण अब सोनू के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस हादसे ने पूरे मोहल्ले को झकझोर दिया है।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>सीकर में सनसनी: सामान लेने गई 16 साल की नाबालिग लापता, 28 साल की महिला का भी नहीं चला पता</title>
    <link>https://thinq360.com/sikar-minor-girl-and-woman-missing-case-rajasthan</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 09:29:20 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>क्राइम</category>
    <description><![CDATA[सीकर जिले में लापता होने के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। एक 16 साल की नाबालिग लड़की दुकान से सामान लेने गई थी और लौटी नहीं, वहीं एक 28 साल की महिला भी घर से अचानक गायब हो गई है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>सीकर | </strong> राजस्थान के सीकर जिले में लापता होने की दो अलग-अलग घटनाओं ने सनसनी फैला दी है। पहली घटना में एक 16 साल की नाबालिग लड़की घर से सामान लेने निकली थी, लेकिन फिर वापस नहीं लौटी।<br><br></p>
<h3>सामान लेने गई थी नाबालिग</h3>
<p>नाबालिग की मां ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि 17 अप्रैल की दोपहर उनकी बेटी गांव की ही एक दुकान पर सामान लेने गई थी। शाम ढलने तक जब वह घर नहीं आई, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई।<br><br>परिजनों ने गांव के आस-पड़ोस और सभी रिश्तेदारों के यहां तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। नाबालिग के पास एक मोबाइल फोन भी है, जिस पर लगातार कॉल की जा रही है, लेकिन वह फोन रिसीव नहीं कर रही है।<br><br></p>
<h3>28 साल की महिला भी गायब</h3>
<p>सीकर में ही एक अन्य मामले में 28 साल की विवाहित महिला के लापता होने की खबर है। महिला के पति ने पुलिस को बताया कि 18 अप्रैल की सुबह करीब 10 बजे उनकी पत्नी बिना बताए घर से कहीं चली गई।<br><br>पति ने अपनी स्तर पर काफी खोजबीन की, लेकिन सफलता नहीं मिली। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे किसी अनहोनी की आशंका से डरे हुए हैं। अब पुलिस ने दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज कर लिया है।<br><br></p>
<h3>पुलिस कर रही है तलाश</h3>
<p>पुलिस अब मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी माध्यमों से लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई है। स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि जल्द से जल्द उनका पता लगाया जा सके। पुलिस सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>सीकर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 6.35 ग्राम स्मैक के साथ मोहम्मद आसिफ गिरफ्तार, शहर में सप्लाई करने की थी फिराक</title>
    <link>https://thinq360.com/sikar-police-arrest-smack-smuggler-mohammad-asif</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 09:26:28 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>क्राइम</category>
    <description><![CDATA[सीकर की कोतवाली पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान 6.35 ग्राम स्मैक के साथ मोहम्मद आसिफ को गिरफ्तार किया है। आरोपी शहर में नशा बेचने की फिराक में था।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>सीकर | </strong> सीकर की कोतवाली थाना पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने शहर के फतेहपुर रोड पर नाकाबंदी के दौरान एक युवक को भारी मात्रा में स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है।</p>
<h3>नाकाबंदी के दौरान दबोचा गया आरोपी</h3>
<p>कोतवाली थाना SHO सुनील कुमार जांगिड़ ने जानकारी दी कि गिरफ्तार आरोपी का नाम मोहम्मद आसिफ (26) है। पुलिस टीम ने फतेहपुर रोड स्थित नॉर्थ चौकी के सामने चेकिंग अभियान चलाया हुआ था। इसी दौरान खटीकान प्याऊ की ओर से एक युवक बाइक पर आता दिखाई दिया। पुलिस को देखते ही युवक घबरा गया और अपनी बाइक वापस घुमाकर भागने की कोशिश करने लगा। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे तुरंत पकड़ लिया।</p>
<h3>जेब में छिपा रखी थी स्मैक</h3>
<p>पकड़े जाने पर युवक बार-बार अपनी जींस की पिछली जेब को संभाल रहा था। पुलिस ने जब उसकी तलाशी ली, तो एक प्लास्टिक के जिपर में 6.35 ग्राम स्मैक बरामद हुई। प्रारंभिक पूछताछ में आसिफ ने बताया कि उसने यह स्मैक करीब 20 दिन पहले डोलियों का बास निवासी नरेश भाट से खरीदी थी। वह इसे सीकर शहर के स्थानीय ग्राहकों को सप्लाई करने वाला था।</p>
<h3>पुलिस कर रही है सप्लायर की तलाश</h3>
<p>पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस की टीमें स्मैक के मुख्य सप्लायर नरेश भाट की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं। पुलिस यह भी जांच रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है और आरोपी पहले कितने लोगों को माल बेच चुका है।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>महिला आरक्षण बिल पर डोटासरा का करारा हमला: &#039;भाजपा का षड्यंत्र हुआ विफल, ओबीसी को हक देने से भाग रही मोदी सरकार&#039;</title>
    <link>https://thinq360.com/govind-singh-dotasra-press-conference-bjp-women-reservation-bill-conspiracy</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 09:26:15 +0530</pubDate>
    <dc:creator>प्रदीप बीदावत</dc:creator>
    <category>राजनीति</category>
    <description><![CDATA[पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने जयपुर में प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा सरकार पर महिला आरक्षण के नाम पर देश को गुमराह करने और राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong> राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री गोविंद सिंह डोटासरा ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखे प्रहार किए।<br><br>डोटासरा ने कहा कि देश की संसद में 22 सितंबर 2023 को नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित हुआ था। उस समय इंडिया गठबंधन ने स्पष्ट मांग रखी थी कि इसे तुरंत लागू किया जाए।<br><br></p>
<h3>भाजपा का पुराना इतिहास और विरोध</h3>
<p>डोटासरा ने याद दिलाया कि कांग्रेस पार्टी ने सबसे पहले 1996 में महिला आरक्षण विधेयक संसद में पेश किया था। इसके बाद 2010 में यूपीए सरकार ने इसे राज्यसभा में पारित करवाया।<br><br>उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय भारतीय जनता पार्टी और उनके सहयोगी दलों ने इस बिल का कड़ा विरोध किया था। आज वही भाजपा श्रेय लेने की राजनीति कर रही है।<br><br>पीसीसी चीफ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज निराशा व्यक्त कर रहे हैं। जबकि उन्होंने कभी भी इस बिल पर विपक्ष से औपचारिक समर्थन नहीं मांगा था।<br><br></p>
<h3>शर्तों के साथ आया 2023 का बिल</h3>
<p>वर्ष 2023 में एनडीए सरकार महिला आरक्षण बिल अपनी शर्तों के साथ लेकर आई। इन शर्तों से असहमत होते हुए भी कांग्रेस ने मातृशक्ति के हित में इसका समर्थन किया।<br><br>डोटासरा ने कहा कि बिल पारित होने के बाद प्रधानमंत्री ने जश्न मनाया। उन्होंने दावा किया था कि यह इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा, लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली।<br><br>कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा ने 2023 में बिल पारित करवाकर केवल राजनीतिक लाभ लिया। इसके बाद वे 2024 के चुनावों में पुन: सत्ता में आने का रास्ता साफ करने में जुट गए।<br><br></p>
<h3>जनगणना और परिसीमन का जाल</h3>
<p>डोटासरा ने सवाल उठाया कि 2021 में होने वाली जनगणना अभी तक क्यों नहीं करवाई गई? भाजपा सरकार ने जानबूझकर इसमें देरी की है ताकि आरक्षण लागू न हो सके।<br><br>उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल पारित होने के तीन साल बाद तक कोई गजट नोटिफिकेशन नहीं निकाला गया। लेकिन चुनावों के बीच अचानक संसद का सत्र बुला लिया गया।<br><br>डोटासरा के अनुसार, भाजपा ने दो मुख्य षड्यंत्र रचे हैं। पहला, संसद की सीटों का मनमाना परिसीमन करना ताकि वे लंबे समय तक सत्ता में बने रह सकें।<br><br>दूसरा षड्यंत्र महिला आरक्षण के नाम पर अधिक से अधिक राजनीतिक लाभ लेना था। भाजपा चाहती है कि 2011 की जनगणना के आधार पर ही परिसीमन की छूट मिल जाए।<br><br></p>
<h3>ओबीसी आरक्षण की अनदेखी</h3>
<p>डोटासरा ने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के दबाव के कारण प्रधानमंत्री ने जातिगत जनगणना की घोषणा की थी। लेकिन अब भाजपा इससे पीछे हट रही है।<br><br>भाजपा को यह आभास हो गया है कि जातिगत जनगणना के बाद ओबीसी को आरक्षण देना अनिवार्य होगा। इसी से बचने के लिए 131वां संविधान संशोधन पेश किया गया।<br><br>कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा मनमर्जी से परिसीमन कर लोकसभा की सीटें 850 तक बढ़ाना चाहती है। यह सब साधारण बहुमत के आधार पर करने की साजिश है।<br><br></p>
<h3>संवैधानिक संस्थाओं पर नियंत्रण</h3>
<p>डोटासरा ने कहा कि परिसीमन आयोग के चेयरपर्सन की नियुक्ति भाजपा सरकार करेगी। चुनाव आयोग भी भाजपा के प्रवक्ता की तरह कार्य कर रहा है, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है।<br><br>उन्होंने आरोप लगाया कि जहाँ भाजपा का बहुमत है, वहां सीटें बढ़ा दी जाएंगी। वहीं आर्थिक योगदान देने वाले अन्य राज्यों का प्रभाव कम करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।<br><br>आसाम और जम्मू-कश्मीर के परिसीमन का उदाहरण देते हुए उन्होंने इसे असंवैधानिक बताया। इंडिया गठबंधन ने भाजपा के इस गुप्त एजेंडे को सफल नहीं होने दिया।<br><br></p>
<h3>नोटिफिकेशन की टाइमिंग पर सवाल</h3>
<p>डोटासरा ने एक चौंकाने वाला दावा किया कि 16 अप्रैल 2026 की रात्रि 11 बजे आनन-फानन में गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया। यह सरकार की बौखलाहट को दर्शाता है।<br><br>उन्होंने पूछा कि जब अधिनियम को नोटिफिकेशन के जरिए लागू ही नहीं किया गया था, तो उसमें संशोधन कैसे लाया जा सकता था? यह कानूनी रूप से एक बड़ी चूक है।<br><br>जनगणना के रजिस्ट्रार के अनुसार मार्च 2027 तक आंकड़े आएंगे। डोटासरा ने कहा कि जब सब डिजिटल है, तो 2029 के चुनाव में आरक्षण क्यों नहीं दिया जा सकता?<br><br></p>
<h3>कांग्रेस बनाम भाजपा: महिला सशक्तिकरण</h3>
<p>महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए डोटासरा ने कहा कि भाजपा ने आज तक कोई महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बनाया। जबकि कांग्रेस में 5 महिला अध्यक्ष रह चुकी हैं।<br><br>उन्होंने याद दिलाया कि देश को प्रथम महिला प्रधानमंत्री, प्रथम महिला राष्ट्रपति और प्रथम महिला लोकसभा अध्यक्ष कांग्रेस पार्टी ने ही दिए हैं।<br><br>भाजपा नेताओं द्वारा सोनिया गांधी के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा की भी उन्होंने निंदा की। उन्होंने कहा कि भाजपा का महिला प्रेम केवल दिखावा और चुनावी स्टंट है।<br><br></p>
<h3>स्थानीय निकायों में आरक्षण का सच</h3>
<p>राजस्थान के संदर्भ में डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस ने पंचायती राज और निकायों में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया। लेकिन भाजपा ने कई अधिकारों से मातृशक्ति को वंचित रखा है।<br><br>प्रदेश की 309 नगर निकायों और 14,000 ग्राम पंचायतों में महिलाओं के हक के लिए कांग्रेस लड़ाई लड़ेगी। भाजपा के असली चेहरे को जनता के सामने बेनकाब किया जाएगा।<br><br></p>
<h3>सड़क से सदन तक आंदोलन</h3>
<p>कांग्रेस के कार्यकर्ता अब पूरे प्रदेश में जन-जागरण अभियान चलाएंगे। सभी 50 जिलों में महिला नेत्रियां भाजपा की महिला विरोधी सोच को उजागर करेंगी।<br><br>इस प्रेस वार्ता में महिला कांग्रेस अध्यक्ष सारिका सिंह ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मणिपुर और महिला पहलवानों के मुद्दे पर प्रधानमंत्री की चुप्पी शर्मनाक है।<br><br>उन्होंने घोषणा की कि महिला कांग्रेस कल जयपुर में मुख्यमंत्री आवास तक एक विशाल रैली निकालेगी। यह मार्च महिला आरक्षण को तुरंत प्रभावी रूप से लागू करने की मांग के लिए होगा।<br><br>डोटासरा ने अंत में कहा कि भाजपा केवल भ्रम फैला रही है और सवालों से बच रही है। राजस्थान के मुख्यमंत्री भी केवल दिल्ली की पर्ची पर काम कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>अलवर: वन मंत्री संजय शर्मा ने भगवान परशुराम शोभायात्रा को दिखाई हरी झंडी, खुद बने रथ के सारथी</title>
    <link>https://thinq360.com/alwar-parshuram-jayanti-procession-sanjay-sharma-news</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 09:20:02 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[अलवर में भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। वन मंत्री संजय शर्मा ने ध्वज दिखाकर इसकी शुरुआत की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>अलवर | </strong> अलवर शहर में भगवान परशुराम जयंती के पावन अवसर पर ब्राह्मण समाज द्वारा एक भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पर्यावरण एवं वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।</p>
<h3>मंत्री ने किया ध्वजारोहण</h3>
<p>मंत्री संजय शर्मा ने दिल्ली दरवाजा स्थित परशुराम भवन से ध्वज लहराकर शोभायात्रा को रवाना किया। इस दौरान उन्होंने भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना कर राजस्थान की सुख-समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा।</p>
<h3>सारथी बने वन मंत्री</h3>
<p>शोभायात्रा में एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला जब मंत्री संजय शर्मा स्वयं भगवान परशुराम के वाहन के सारथी बने। उन्होंने होप सर्कस पर आयोजित महाआरती में भी भाग लिया और भक्ति भाव प्रदर्शित किया।</p>
<h3>समाज को दिया संदेश</h3>
<p>मंत्री ने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन अन्याय के विरुद्ध लड़ने और पीड़ितों की सेवा करने की प्रेरणा देता है। उनके आदर्शों को अपनाकर समाज में समानता का भाव उत्पन्न किया जा सकता है। यह यात्रा शहर के मुख्य मार्गों से गुजरी जहां विभिन्न समुदायों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। अंत में यात्रा ब्राह्मण छात्रावास में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई। इसमें बड़ी संख्या में विप्र बंधु मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>परशुराम जयंती पर मंत्री संजय शर्मा ने अलवर में की गौ सेवा, दिया सेवा का संदेश</title>
    <link>https://thinq360.com/sanjay-sharma-alwar-parshuram-jayanti-gau-seva</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 09:17:33 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने अलवर में भगवान परशुराम जयंती पर आयोजित गौ सवामनी कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने गौ सेवा को सनातन संस्कृति का आधार बताया और भगवान परशुराम के आदर्शों को अपनाने की अपील की।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>अलवर | </strong> वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री संजय शर्मा ने रविवार को अलवर में भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में शिरकत की।<br><br>विप्र फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस गौ सवामनी कार्यक्रम में उन्होंने गौ माता को चारा खिलाया और समाज को पशु सेवा का संदेश दिया।<br><br>इस दौरान मंत्री ने भगवान परशुराम की विधिवत आरती की। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली के लिए ईश्वर से मंगल कामना की।<br><br></p>
<h3>भगवान परशुराम के आदर्श</h3>
<p><br>शर्मा ने कहा कि भगवान परशुराम अन्याय के विरुद्ध प्रतिरोध और जीवन में आदर्शों की स्थापना के महान प्रेरणा स्रोत हैं।<br><br>हमें उनके त्याग, तप और धर्म रक्षा की प्रतिज्ञा को अपने जीवन में उतारना चाहिए। अन्याय के खिलाफ निर्भीकता से खड़ा होना ही सच्ची सेवा है।<br><br></p>
<h3>गौ सेवा ही परम धर्म</h3>
<p><br>मंत्री ने गौ माता को भारतीय संस्कृति का आधार बताया। उन्होंने कहा कि हमारे ग्रंथों में पशु सेवा को सबसे ऊपर स्थान दिया गया है।<br><br>सच्चे मन से की गई गौ सेवा जीवन के सभी कष्टों को दूर करती है। यह सनातन धर्म की पवित्र परंपरा का एक अभिन्न हिस्सा है और हमें इसे सहेजना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>राजस्थान: वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने नव-विवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद, सामूहिक विवाह सम्मेलनों को बताया समाज की ताकत</title>
    <link>https://thinq360.com/sanjay-sharma-alwar-mass-marriage-ceremony-rajasthan</link>
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    <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 09:12:39 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[अलवर में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने शिरकत की। उन्होंने नव-विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि राज्य सरकार बेटियों के सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>अलवर | </strong> राजस्थान के वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने रविवार को अलवर जिले में एक बड़ी सामाजिक पहल में हिस्सा लिया। उन्होंने राम जानकी विवाह समिति द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में पहुंचकर नव-विवाहित जोड़ों को अपना आशीर्वाद दिया। मंत्री शर्मा ने इस दौरान सभी जोड़ों के सुखद और उज्जवल वैवाहिक जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा साबित हो रहे हैं। सामूहिक विवाह सम्मेलन समाज को एक सकारात्मक और नई दिशा प्रदान करते हैं।</p>
<h3>बेटियों का सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता</h3>
<p>संजय शर्मा ने कार्यक्रम में जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं और बेटियों के उत्थान के लिए संकल्पबद्ध है। सरकार का मुख्य लक्ष्य हर बेटी को आत्मनिर्भर बनाना और समाज में उन्हें एक विशेष पहचान दिलाना है।</p>
<h3>सरकारी योजनाओं का मिल रहा सीधा लाभ</h3>
<p>मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने महिला कल्याण और सशक्तिकरण के लिए अनेक प्रभावी योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं का सीधा लाभ आज लाखों बालिकाओं और महिलाओं तक पहुंच रहा है। उन्होंने विशेष रूप से मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत बेटियों के विवाह के लिए सरकार द्वारा निरंतर आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे गरीब परिवारों को संबल मिल रहा है।</p>]]></content:encoded>
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