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  <title>thinQ360 — ताज़ा खबरें</title>
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  <description>thinQ360 — राजस्थान और भारत की ताज़ा खबरें, राजनीति, अपराध, खेल और मनोरंजन</description>
  <language>hi</language>
  <lastBuildDate>Thu, 02 Jul 2026 23:03:19 +0530</lastBuildDate>
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    <title>thinQ360 — ताज़ा खबरें</title>
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    <title>राजस्थान में भुगतान ठप, गहलोत ने CM को लिखा पत्र</title>
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    <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 23:03:19 +0530</pubDate>
    <dc:creator>Pradeep Beedawat</dc:creator>
    <category>राजनीति</category>
    <description><![CDATA[पूर्व CM गहलोत ने CM भजनलाल को पत्र लिख वित्तीय कुप्रबंधन पर जताई गहरी चिंता, कहा- 'इतिहास में ऐसा पहले नहीं देखा'।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong>राजस्थान में सरकारी भुगतान प्रणाली के ठप होने से उपजे गंभीर संकट पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का ध्यान आकर्षित करने के लिए एक 'अति आवश्यक' पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने राज्य में व्याप्त वित्तीय अव्यवस्था को उजागर किया है।</p>
<h2>गहलोत ने क्यों लिखा 'अति आवश्यक' पत्र?</h2>
<p>अशोक गहलोत ने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया है कि यह समस्या किसी एक विभाग या योजना तक सीमित नहीं है। यह एक व्यापक संकट है जो समाज के लगभग हर वर्ग को प्रभावित कर रहा है।</p>
<p>कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, दुर्घटना पीड़ितों के परिवारों, अस्पतालों, दवा विक्रेताओं और छोटे ठेकेदारों को अपने जायज भुगतान के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। गहलोत ने इसे राज्य के इतिहास में वित्तीय कुप्रबंधन का सबसे खराब दौर बताया है।</p>
<h3>आम आदमी पर सीधा असर</h3>
<p>यह संकट केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह लाखों परिवारों की आजीविका और सम्मान से जुड़ा एक गंभीर प्रश्न है। जब सरकार अपने ही कर्मचारियों और सेवा प्रदाताओं का भरोसा खो देती है, तो पूरी व्यवस्था की नींव हिल जाती है।</p>
<p>पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे इस मामले की गंभीरता को समझें और प्रदेश की जनता को इस अनावश्यक संकट से उबारने के लिए तत्काल कदम उठाएं।</p>
<h2>स्वास्थ्य सेवाओं पर सबसे बड़ी मार</h2>
<p>इस वित्तीय संकट का सबसे बुरा असर राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा है। राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के तहत निजी अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटरों और दवा की दुकानों का करोड़ों रुपये का भुगतान महीनों से लंबित है।</p>
<p>स्थिति इतनी विकट हो गई है कि कई अस्पतालों ने RGHS के तहत कैशलेस सेवाएं सीमित करने या सरकार के साथ हुए एमओयू को समाप्त करने की चेतावनी दे दी है।</p>
<h3>कैशलेस योजना में जेब से भुगतान</h3>
<p>इसका सीधा नतीजा यह हो रहा है कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को कैशलेस इलाज के वादे के बावजूद अपनी जेब से पैसे देने पड़ रहे हैं। उन्हें इस उम्मीद पर भुगतान करना पड़ रहा है कि सरकार से पैसा आने पर अस्पताल उन्हें वापस कर देगा।</p>
<p>गहलोत ने मांग की है कि राज्य सरकार को ऐसे मामलों में लिखित गारंटी देकर अस्पतालों को भुगतान के लिए पाबंद करना चाहिए ताकि मरीजों पर बोझ न पड़े।</p>
<h2>चिरंजीवी योजना के लाभार्थी भी परेशान</h2>
<p>मुख्यमंत्री चिरंजीवी/आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के तहत भी हालात अच्छे नहीं हैं। इस योजना में दुर्घटना में मृत्यु होने पर पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, सैकड़ों मामलों में दावे स्वीकृत होने के बावजूद पीड़ित परिवारों को महीनों से भुगतान नहीं मिला है। यह उन परिवारों के प्रति घोर असंवेदनशीलता है जिन्होंने अपना कमाने वाला सदस्य खो दिया है।</p>
<blockquote>गहलोत ने अपने पत्र में लिखा, "प्रदेश के इतिहास में वित्तीय कुप्रबंधन का ऐसा स्वरूप पहले कभी नहीं देखा गया।"</blockquote>
<h2>कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का दर्द</h2>
<p>राज्य के सेवानिवृत्त कर्मचारी भी इस कुप्रबंधन का शिकार हो रहे हैं। जीपीएफ, समूह बीमा, ग्रेच्युटी और अर्जित अवकाश (पीएल) जैसी राशियां, जो उनकी जीवन भर की जमा पूंजी हैं, रिटायरमेंट के कई महीनों बाद भी नहीं मिल रही हैं।</p>
<p>यह पैसा उनका हक है, कोई सरकारी खैरात नहीं। इस देरी से उन्हें अपने भविष्य की योजनाओं और जरूरतों को पूरा करने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<h3>सामाजिक सुरक्षा पेंशन भी अटकी</h3>
<p>इसके अलावा, राज्य के कई जिलों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन भी महीनों से लंबित है। इससे वृद्ध, विधवा और दिव्यांग पेंशनभोगी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, जिनके लिए यह पेंशन राशि ही जीवनयापन का एकमात्र सहारा होती है।</p>
<h2>विकास कार्यों पर लगा ब्रेक, ठेकेदार परेशान</h2>
<p>ट्रेजरी से बिल पास होने के बावजूद भुगतान न होने का संकट पिछले कई महीनों से बना हुआ है। इसका सीधा असर सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर पड़ रहा है, जिससे विकास कार्य ठप हो गए हैं।</p>
<p>हालात इतने खराब हो चुके हैं कि छोटे-छोटे ठेकेदारों को अपना पैसा पाने के लिए अखबारों में विज्ञापन देकर सरकार का ध्यान खींचना पड़ रहा है। यह सरकार की कार्यप्रणाली पर एक गंभीर सवाल खड़ा करता है।</p>
<h3>हजारों की आजीविका खतरे में</h3>
<p>इस भुगतान संकट के कारण हजारों श्रमिकों और छोटे उद्यमियों की आजीविका खतरे में पड़ गई है। जब ठेकेदारों को भुगतान नहीं मिलेगा, तो वे अपने मजदूरों और आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान कैसे करेंगे? यह एक दुष्चक्र बन गया है।</p>
<h2>मानवाधिकार आयोग ने भी लिया संज्ञान</h2>
<p>भुगतान संकट की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य मानवाधिकार आयोग को इस मामले में स्वतः संज्ञान लेना पड़ा। आयोग ने इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन माना है, जो सरकार के लिए एक बड़ी शर्मिंदगी की बात है।</p>
<p>यह दर्शाता है कि स्थिति जमीनी स्तर पर कितनी गंभीर है और सरकार की उदासीनता किस हद तक बढ़ चुकी है।</p>
<h3>गहलोत की मुख्यमंत्री से अपील</h3>
<p>अपने पत्र के अंत में, अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से उम्मीद जताई है कि वे इस विषय की गंभीरता को समझेंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक लापरवाही का मामला नहीं, बल्कि लाखों लोगों के जीवन से जुड़ा मुद्दा है।</p>
<p>उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे समय रहते आवश्यक निर्णय लें, ताकि प्रदेश के लाखों परिवारों को इस अनावश्यक संकट से राहत मिल सके और सरकार पर लोगों का भरोसा फिर से कायम हो सके।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>डॉक्टर्स डे: मरीज की मुस्कान ही डॉक्टर का सबसे बड़ा इनाम</title>
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    <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 23:01:17 +0530</pubDate>
    <dc:creator>गणपत सिंह मांडोली</dc:creator>
    <category>Blog</category>
    <description><![CDATA[डॉ. आफरीन सिद्दीकी बता रही हैं कि कैसे एक गरीब मरीज के ठीक होने की खुशी किसी भी सम्मान से बड़ी है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली | </strong>डॉक्टर्स डे केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि यह सेवा, करुणा और मानवता के प्रति अटूट समर्पण का सम्मान है। यह दिन हमें उन चिकित्सकों को धन्यवाद देने का अवसर देता है जो हमारे स्वास्थ्य की रक्षा के लिए दिन-रात काम करते हैं।</p>
<h2>डॉक्टर्स डे: सेवा और समर्पण का प्रतीक</h2>
<p>एक चिकित्सक के रूप में, हर दिन नई चुनौतियों और अनुभवों से भरा होता है। बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS) की डिग्री के साथ प्रैक्टिस कर रहीं डॉ. आफरीन सिद्दीकी का मानना है कि यह पेशा सिर्फ बीमारियों का इलाज करने तक सीमित नहीं है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि हर मरीज अपने साथ एक अलग कहानी और संघर्ष लेकर आता है। उनकी पीड़ा को समझना और उन्हें राहत देना ही एक डॉक्टर का प्राथमिक कर्तव्य होता है। यह एक ऐसा सफर है जहां हर अनुभव जीवन भर के लिए एक गहरी छाप छोड़ जाता है।</p>
<h3>एक अविस्मरणीय अनुभव: जब मानवता ने जीत हासिल की</h3>
<p>डॉ. सिद्दीकी एक खास अनुभव साझा करती हैं जो उनके दिल के बहुत करीब है। कुछ समय पहले, उनके अस्पताल में एक बेहद गरीब और बेसहारा मरीज को गंभीर हालत में लाया गया था।</p>
<p>उस मरीज के परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि वे इलाज का खर्च उठाने में भी असमर्थ थे। ऐसे मुश्किल समय में, अस्पताल की पूरी टीम ने मिलकर उस मरीज की मदद करने का फैसला किया।</p>
<p>टीम ने न केवल पूरी संवेदनशीलता के साथ उसका इलाज किया, बल्कि समाजसेवियों और सरकारी योजनाओं की मदद से यह भी सुनिश्चित किया कि इलाज में कोई कमी न आए। यह सामूहिक प्रयास मानवता की एक मिसाल बन गया।</p>
<blockquote>एक डॉक्टर के लिए मरीज का स्वस्थ होकर लौटना, उसके चेहरे की मुस्कान और उसके परिवार की आंखों में दिखाई देने वाली संतुष्टि किसी भी पुरस्कार, सम्मान या उपलब्धि से कहीं अधिक मूल्यवान होती है।</blockquote>
<h2>दवाओं से परे है विश्वास का रिश्ता</h2>
<p>कई दिनों की अथक मेहनत और धैर्य के बाद, वह मरीज पूरी तरह से स्वस्थ हो गया। जब वह अपने परिवार के साथ मुस्कुराते हुए घर लौटा, तो वह पल डॉ. सिद्दीकी के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बन गया।</p>
<p>यह घटना इस बात का प्रमाण है कि चिकित्सा सिर्फ दवाइयों और आधुनिक तकनीकों पर निर्भर नहीं है। इसका आधार संवेदनाओं, विश्वास और मानवीय व्यवहार पर टिका होता है।</p>
<p>आज चिकित्सा जगत तेजी से प्रगति कर रहा है, लेकिन डॉक्टर और मरीज के बीच का भावनात्मक जुड़ाव आज भी उतना ही महत्वपूर्ण है। एक अच्छा डॉक्टर सिर्फ बीमारी को नहीं, बल्कि मरीज के मन को भी ठीक करता है।</p>
<h3>चिकित्सा का मानवीय चेहरा</h3>
<p>एक सच्चा चिकित्सक मरीज के मन में जीवन के प्रति नई आशा, साहस और आत्मविश्वास जगाता है। वह उसे यह विश्वास दिलाता है कि वह इस लड़ाई में अकेला नहीं है।</p>
<p>डॉक्टर्स डे हमें यह याद दिलाता है कि चिकित्सा सेवा को केवल एक पेशे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह मानव सेवा का एक सर्वोच्च माध्यम है, जिसका लक्ष्य हर जरूरतमंद तक पहुंचना है।</p>
<p>यह दिन हमें संवेदनशील, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण उपचार को हर व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित करता है। अंत में, एक मरीज की मुस्कान ही एक डॉक्टर का असली पुरस्कार है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>अभय हत्याकांड: राजपुरोहित समाज 8 जुलाई को करेगा महापड़ाव</title>
    <link>https://thinq360.com/rajpurohit-community-protest-sirohi-abhay-murder-case</link>
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    <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 22:56:56 +0530</pubDate>
    <dc:creator>गणपत सिंह मांडोली</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[आमलारी गांव में अभय राजपुरोहित की हत्या के विरोध में समाज ने सिरोही में 8 जुलाई को महापड़ाव का ऐलान किया है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>कालंद्री | </strong>सिरोही जिले के आमलारी गांव में अभय राजपुरोहित की निर्मम हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस हत्याकांड के विरोध में राजपुरोहित समाज ने 8 जुलाई को जिला मुख्यालय पर एक विशाल महापड़ाव करने का निर्णय लिया है। यह फैसला श्री ब्रह्मधाम कालंद्री में आयोजित एक बैठक में लिया गया।</p>
<h2>संघर्ष समिति का गठन और प्रमुख मांगें</h2>
<p>बैठक के दौरान समाज के लोगों ने सर्वसम्मति से एक संघर्ष समिति का गठन किया। समिति का मुख्य उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित करना है।</p>
<p>समिति ने प्रशासन के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। उनकी पहली मांग है कि अपराधियों का मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए ताकि जल्द से जल्द न्याय मिल सके।</p>
<h3>जांच और षड्यंत्र का आरोप</h3>
<p>जिस योजनाबद्ध तरीके से हत्या को अंजाम दिया गया, उससे समाज में गहरे षड्यंत्र की आशंका है। समिति ने मांग की है कि इसकी परत-दर-परत जांच की जाए।</p>
<blockquote>पीड़ित परिवार व संघर्ष समिति को हत्या के पीछे एक बड़े षड्यंत्र की बू आ रही है। अतः हत्या के समस्त दोषियों का नार्को टेस्ट करवाया जाए।</blockquote>
<p>एक अन्य प्रमुख मांग यह है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक संबंधित थानाधिकारी का तबादला नहीं किया जाना चाहिए। इससे जांच की निष्पक्षता बनी रहेगी।</p>
<p>समिति ने आमलारी ग्राम पंचायत पर भी नाली विवाद को न सुलझाने का आरोप लगाया है। उन्होंने पंचायत को भी हत्या का बराबर दोषी मानते हुए उन पर आपराधिक मुकदमा चलाने की मांग की है।</p>
<p>यह महापड़ाव 8 जुलाई को सुबह 11 बजे सिरोही मुख्यालय के रामझरोखा मैदान में आयोजित होगा। इस प्रदर्शन का उद्देश्य प्रशासन पर दबाव बनाना और अभय राजपुरोहित के लिए न्याय की मांग को बुलंद करना है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>लावारिस पशु से मौत: कोर्ट का फैसला, पंचायत जिम्मेदार नहीं</title>
    <link>https://thinq360.com/bikaner-court-rules-gram-panchayat-not-liable-for-stray-animal-accident-death</link>
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    <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 22:54:24 +0530</pubDate>
    <dc:creator>महेन्द्रसिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राज्य</category>
    <description><![CDATA[बीकानेर कोर्ट ने लावारिस पशु से हुई दुर्घटना में बाइक सवारों की मौत के लिए पंचायत को जिम्मेदार नहीं माना। कोर्ट ने इसे चालक की लापरवाही बताया।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>बीकानेर | </strong>जिला एवं सत्र न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि सड़क पर लावारिस पशु से टकराकर हुई मौत के लिए ग्राम पंचायत को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। न्यायालय ने इसे चालक की लापरवाही मानते हुए मुआवजे की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है।</p>
<h2>क्या था पूरा मामला?</h2>
<p>यह घटना 14 जुलाई 2020 की है, जब अवतार सिंह और गुरजंट सिंह की अर्जुनसर और महाजन के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। उनकी मोटरसाइकिल के सामने अचानक एक लावारिस पशु आ गया था, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ।</p>
<p>इस घटना के बाद, मृतकों के परिजनों ने ग्राम पंचायत महाजन और ग्राम पंचायत अर्जनसर स्टेशन को जिम्मेदार ठहराया। उनका तर्क था कि आवारा पशुओं के विचरण को रोकना पंचायत की जिम्मेदारी है।</p>
<p>परिजनों ने दोनों ग्राम पंचायतों से कुल साठ लाख रुपये के मुआवजे की मांग करते हुए न्यायालय में याचिका दायर की थी। ग्राम पंचायत अर्जनसर स्टेशन की ओर से अधिवक्ता गोपाल सिंह सोलंकी ने मामले की पैरवी की।</p>
<h2>न्यायालय ने क्या कहा?</h2>
<p>जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्विनी विज ने मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना निर्णय सुनाया। न्यायालय ने माना कि यह दुर्घटना ग्राम पंचायत की लापरवाही के कारण नहीं हुई।</p>
<blockquote>न्यायालय ने कहा, "दुर्घटना मोटरसाइकिल को गफलत पूर्वक चलाने के कारण हुई, राजमार्ग पर तेज गति से लापरवाही पूर्वक चलने के कारण यह घटना घटी और पशुओं से बचने की जिम्मेदारी स्वयं चालक की होती है।"</blockquote>
<p>इस तर्क के आधार पर, न्यायालय ने ग्राम पंचायत को इस मामले में जिम्मेदार नहीं माना और परिवादियों को कोई भी राहत देने से इनकार कर दिया। यह फैसला सड़क सुरक्षा और स्थानीय निकायों की जिम्मेदारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण नजीर पेश करता है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>ग्रामीण सेवा शिविर: शासन सचिव ने दिए गंभीरता से कार्य के निर्देश</title>
    <link>https://thinq360.com/bikaner-rural-service-camp-inspection-by-secretary-t-ravikant</link>
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    <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 22:52:11 +0530</pubDate>
    <dc:creator>महेन्द्रसिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राज्य</category>
    <description><![CDATA[बीकानेर के सीथल में आयोजित शिविर का शासन सचिव टी. रविकांत ने निरीक्षण किया। अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>बीकानेर | </strong>राज्य सरकार द्वारा आयोजित ग्रामीण सेवा शिविरों की श्रृंखला में, राजस्व विभाग के शासन सचिव श्री टी. रविकांत ने गुरुवार को सीथल ग्राम पंचायत का दौरा किया। उन्होंने शिविर का निरीक्षण कर अधिकारियों को आमजन के कार्य गंभीरता से करने के निर्देश दिए।</p>
<h2>शिविर की प्रगति की समीक्षा</h2>
<p>शासन सचिव ने शिविर में लगे विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने विभागवार शिविर की प्रगति की समीक्षा करते हुए प्रदान की जा रही सेवाओं की विस्तृत जानकारी ली।</p>
<blockquote>उन्होंने कहा कि, "ग्रामीण सेवा शिविरों का उद्देश्य आमजन को एक ही स्थान पर विभिन्न सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है।"</blockquote>
<p>श्री रविकांत ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का अधिकतम लाभ मिले। उन्होंने कार्यों में संवेदनशीलता और समयबद्धता पर विशेष जोर दिया।</p>
<h3>मौके पर समस्याओं का समाधान</h3>
<p>शिविर के दौरान उपखंड अधिकारी महिमा कसाना और तहसीलदार नीतीश कांत भी मौजूद रहे। उन्होंने आम लोगों द्वारा प्रस्तुत की गई परिवेदनाओं को सुना और मौके पर ही उनका निस्तारण सुनिश्चित कराया।</p>
<p>ग्राम पंचायत की पूर्व सरपंच मन्नू देवी बिठू के नेतृत्व में 22 विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने ग्रामीणों के विभिन्न कार्यों का निष्पादन किया। एडवोकेट गणेशदान बिठू ने भी स्थानीय समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया।</p>
<h2>नई योजना का प्रचार-प्रसार</h2>
<p>ग्राम विकास अधिकारी भागीरथ आचार्य ने बताया कि शिविर में वीबी-जीरामजी योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। ग्रामीणों को पंपलेट वितरित कर योजना की जानकारी दी गई।</p>
<p>यह शिविर आमजन के लिए सरकारी सेवाओं तक पहुंच को सुगम बनाने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत होता है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>राजस्थान में मानसून की दस्तक, इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट</title>
    <link>https://thinq360.com/monsoon-arrives-in-rajasthan-heavy-rain-alert-issued-for-several-districts</link>
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    <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 16:10:13 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[राजस्थान में मानसून ने 7 दिन की देरी से दस्तक दी। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong> राजस्थान के निवासियों का लंबा और &eacute;prouvant इंतजार आखिरकार समाप्त हो गया है। भीषण गर्मी और असहनीय उमस से राहत की फुहारें लेकर दक्षिण-पश्चिम मानसून ने प्रदेश में दस्तक दे दी है। अपनी सामान्य आगमन तिथि से करीब 7 दिन की देरी से पहुंचे मानसून के साथ ही राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है, जिससे लोगों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई है।</p>
<h2>मानसून का आगमन और वर्तमान स्थिति</h2>
<p>जयपुर मौसम केंद्र ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि मानसून ने 2 जुलाई को राज्य के पूर्वी भागों से प्रवेश किया। यह सामान्य आगमन तिथि से लगभग एक सप्ताह की देरी है।</p>
<p>अगर पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह पैटर्न दिलचस्प है। इससे पहले 2019 में भी मानसून ने 2 जुलाई को ही राज्य में प्रवेश किया था।</p>
<p>हालांकि, 2017 में मानसून ने रिकॉर्ड समय से पहले 15 जून को ही दस्तक दे दी थी, जो मानसून की परिवर्तनशील प्रकृति को दर्शाता है।</p>
<p>जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने मानसून की वर्तमान स्थिति पर जानकारी दी।</p>
<blockquote>वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा (एनएलएम) टोंक, जयपुर और अलवर से होकर गुजर रही है। परिस्थितियां इसके आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह से अनुकूल हैं।</blockquote>
<p>यह सीमा गुजरात के पोरबंदर से लेकर मध्य प्रदेश के नीमच और राजस्थान के टोंक होते हुए हरियाणा के भिवानी तक फैली हुई है।</p>
<h3>आगामी 2-3 दिनों में तेजी से बढ़ेगा मानसून</h3>
<p>मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून राज्य के अधिकांश अन्य भागों को भी कवर कर लेगा।</p>
<p>इसके तेजी से आगे बढ़ने के लिए मौसम संबंधी सभी परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं, जिससे उम्मीद है कि जल्द ही पूरा प्रदेश मानसूनी बारिश से सराबोर होगा।</p>
<p>मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर अरब सागर और गुजरात के शेष भागों से मिल रही नमी मानसून को आगे बढ़ाने में मदद कर रही है।</p>
<p>इसका असर न केवल राजस्थान बल्कि पड़ोसी राज्यों जैसे हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश के शेष हिस्सों पर भी देखने को मिलेगा।</p>
<h2>आईएमडी की भारी बारिश की चेतावनी</h2>
<p>मानसून के प्रवेश के साथ ही भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने प्रदेश के कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।</p>
<p>गुरुवार को जारी चेतावनी के अनुसार, उदयपुर, कोटा, अजमेर, भरतपुर और जयपुर संभाग के कई हिस्सों में मेघगर्जन के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।</p>
<p>प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और निचले इलाकों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।</p>
<h3>पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान पर विशेष फोकस</h3>
<p>मौसम विभाग का विशेष ध्यान पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान पर है, जहां मानसून सबसे अधिक सक्रिय रहने की उम्मीद है।</p>
<p>कोटा संभाग के कुछ जिलों, जैसे बारां और झालावाड़ में कुछ स्थानों पर अतिभारी बारिश (Very Heavy Rainfall) भी दर्ज की जा सकती है।</p>
<p>विभाग के अनुसार, आगामी एक सप्ताह तक राज्य में मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह से सक्रिय रहेंगी, जिससे बांधों और जलाशयों के जल स्तर में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।</p>
<p>इस दौरान जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के अधिकांश इलाकों में लगातार अच्छी बारिश का दौर जारी रह सकता है।</p>
<h2>पश्चिमी राजस्थान को भी जल्द मिलेगी राहत</h2>
<p>पूर्वी राजस्थान के बाद अब मरुस्थलीय क्षेत्र यानी पश्चिमी राजस्थान के लोगों को भी जल्द ही गर्मी से बड़ी राहत मिलने वाली है।</p>
<p>मौसम विभाग के अनुसार, जोधपुर और बीकानेर संभाग के क्षेत्रों में भी आगामी 3-4 दिनों में मानसून के सक्रिय होने की पूरी संभावना है।</p>
<p>इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ अंधड़ और बारिश की गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी, जिससे तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है।</p>
<p>लंबे समय से भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे लोगों के लिए यह मानसून की बारिश किसी वरदान से कम नहीं है।</p>
<p>मानसून की यह बारिश न केवल आम जनजीवन को राहत देगी, बल्कि खरीफ की फसलों की बुवाई के लिए भी यह 'अमृत' के समान है, जिससे किसानों में खुशी का माहौल है।</p>
<p>संक्षेप में, मानसून का आगमन राजस्थान के लिए एक नई ऊर्जा और उम्मीद लेकर आया है। अगले कुछ दिन राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक बारिश का दौर देखने को मिलेगा, जिससे सूखे की मार झेल रहे कई इलाकों को राहत मिलेगी और कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>गहलोत का CM शर्मा को पत्र: भुगतान ठप, वित्तीय संकट</title>
    <link>https://thinq360.com/ashok-gehlot-writes-to-cm-bhajanlal-sharma-on-rajasthan-financial-crisis</link>
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    <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 15:23:11 +0530</pubDate>
    <dc:creator>Pradeep Beedawat</dc:creator>
    <category>राजनीति</category>
    <description><![CDATA[पूर्व CM गहलोत ने CM भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर सरकारी भुगतान ठप होने और गंभीर वित्तीय संकट पर गहरी चिंता जताई है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong>राजस्थान में सरकारी भुगतान प्रणाली के ठप होने से उत्पन्न गंभीर स्थिति पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक 'अति आवश्यक' पत्र लिखकर राज्य में व्याप्त वित्तीय संकट और प्रशासनिक उदासीनता की ओर तत्काल ध्यान आकर्षित किया है।</p>
<h2>गंभीर वित्तीय संकट पर गहलोत की चिंता</h2>
<p>&nbsp;गहलोत ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि यह समस्या किसी एक विभाग या योजना तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी, पेंशनभोगी, अस्पताल, दवा विक्रेता और छोटे ठेकेदार सहित समाज का हर वर्ग आज अपने जायज भुगतान के लिए भटक रहा है।</p>
<p>उन्होंने इस स्थिति को राज्य के इतिहास में वित्तीय कुप्रबंधन का एक अभूतपूर्व और चिंताजनक मामला बताया है। गहलोत ने मुख्यमंत्री से इस अनावश्यक संकट से प्रदेशवासियों को राहत दिलाने के लिए त्वरित और निर्णायक कदम उठाने का आग्रह किया है।</p>
<blockquote>"प्रदेश के इतिहास में वित्तीय कुप्रबंधन का ऐसा स्वरूप पहले कभी नहीं देखा गया।"</blockquote>
<h3>स्वास्थ्य योजनाओं पर सबसे बड़ा असर</h3>
<p>पत्र में राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) की गंभीर स्थिति पर विशेष जोर दिया गया है। इस योजना के तहत निजी अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटरों और दवा विक्रेताओं का करोड़ों रुपये का भुगतान कई महीनों से अटका हुआ है।</p>
<p>इस विकट स्थिति का संज्ञान लेते हुए राज्य मानवाधिकार आयोग को भी हस्तक्षेप करना पड़ा। आयोग ने इसे मानवाधिकार का उल्लंघन मानते हुए स्वतः संज्ञान लिया।</p>
<p>भुगतान न होने के कारण कई बड़े अस्पतालों ने योजना के तहत सेवाएं सीमित करने या सरकार के साथ हुए एमओयू को समाप्त करने तक की चेतावनी दे डाली है।</p>
<p>इसका सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है। कैशलेस इलाज का दावा करने वाली इस योजना में भी कर्मचारियों और पेंशनरों को इलाज के लिए पहले अपनी जेब से पैसे जमा करवाने पड़ रहे हैं।</p>
<h3>बीमा और पेंशन योजनाओं का बुरा हाल</h3>
<p>मुख्यमंत्री चिरंजीवी/आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना की स्थिति भी उतनी ही चिंताजनक है। इस योजना के तहत दुर्घटना में मृत्यु होने पर पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये की सहायता राशि मिलती है।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, सैकड़ों प्रकरणों में दावे स्वीकृत होने के बावजूद पीड़ित परिवारों को महीनों से भुगतान नहीं मिल पाया है। गहलोत ने इसे सरकार की घोर असंवेदनहीनता करार दिया।</p>
<p>राज्य के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। जीपीएफ, समूह बीमा, ग्रेच्युटी और अर्जित अवकाश (पीएल) जैसी उनकी अपनी जमा पूंजी का भुगतान भी रिटायरमेंट के कई महीनों बाद तक नहीं हो रहा है।</p>
<p>इसके अतिरिक्त, प्रदेश के कई जिलों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन भी महीनों से लंबित चल रही है, जिससे वृद्ध, विधवा और दिव्यांग पेंशनभोगियों का जीवनयापन मुश्किल हो गया है।</p>
<h2>निर्माण कार्य ठप, ठेकेदार परेशान</h2>
<p>ट्रेजरी से पास हो चुके बिलों का भुगतान न होने का सीधा असर राज्य के विकास कार्यों पर भी पड़ रहा है। सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से जुड़े काम ठप हो गए हैं।</p>
<p>भुगतान संकट इतना गहरा गया है कि छोटे-छोटे ठेकेदारों को अपने वाजिब भुगतान के लिए अखबारों में विज्ञापन देकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना पड़ रहा है।</p>
<p>इस संकट के कारण हजारों श्रमिकों और छोटे उद्यमियों की आजीविका सीधे तौर पर खतरे में आ गई है, जिससे आर्थिक चक्र पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।</p>
<p>गहलोत ने पत्र के अंत में कहा कि यह संकट केवल प्रशासनिक लापरवाही का मामला नहीं है, बल्कि यह लाखों परिवारों की आजीविका, स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ा एक गंभीर प्रश्न है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री इस विषय की गंभीरता को समझते हुए प्रदेशवासियों को राहत देने के लिए तत्काल आवश्यक निर्णय लेंगे।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>EPFO का बड़ा बदलाव: अब पीएफ में ₹1800 से ज्यादा स्वैच्छिक</title>
    <link>https://thinq360.com/epfo-new-rules-pf-contribution-voluntary-withdrawal-simplified-2026</link>
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    <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 14:11:44 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>भारत</category>
    <description><![CDATA[EPFO का नया नियम: अब ₹1800 से ज्यादा पीएफ योगदान स्वैच्छिक, निकासी भी हुई आसान। जानें 8 करोड़ लोगों पर असर।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली | </strong> केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नियमों में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव किया है, जिसका सीधा असर देश के करीब 8 करोड़ कर्मचारियों पर पड़ेगा। इस नए नियम के तहत, कर्मचारियों को अपनी रिटायरमेंट सेविंग्स को लेकर पहले से कहीं ज्यादा आजादी मिलेगी।</p>
<h2>क्या हैं पीएफ योगदान के नए नियम?</h2>
<p>नई EPF स्कीम 2026 के अनुसार, अब पीएफ में ₹1800 प्रति माह से अधिक का योगदान पूरी तरह से स्वैच्छिक कर दिया गया है। इसका मतलब है कि कंपनियां अब कर्मचारी की सहमति के बिना उसकी सैलरी से अतिरिक्त पैसा नहीं काट सकेंगी।</p>
<p>हालांकि, ₹15,000 की वैधानिक वेतन सीमा तक 12% पीएफ का योगदान देना सभी के लिए अनिवार्य बना रहेगा। यह राशि ₹1800 प्रति माह होती है।</p>
<p>उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन ₹1 लाख है, तो भी उसका अनिवार्य पीएफ योगदान ₹15,000 की सीमा पर ही कटेगा, जो कि ₹1800 होगा। कंपनी भी इतनी ही राशि का योगदान करेगी।</p>
<h3>स्वैच्छिक योगदान का विकल्प</h3>
<p>कर्मचारी अगर चाहें तो अपनी इच्छा से ₹1800 से अधिक की राशि भी अपने पीएफ खाते में जमा करा सकते हैं। इसे स्वैच्छिक भविष्य निधि (VPF) माना जाएगा।</p>
<p>इस अतिरिक्त योगदान पर कंपनी के लिए अपनी तरफ से पैसा जमा करना अनिवार्य नहीं होगा, हालांकि वे चाहें तो ऐसा कर सकती हैं। कर्मचारी और कंपनी दोनों किसी भी समय इस अतिरिक्त योगदान को संशोधित या बंद कर सकते हैं।</p>
<blockquote>सरकार का कहना है कि इन बदलावों का मकसद कर्मचारियों को रिटायरमेंट सेविंग्स में ज्यादा आजादी देना और पीएफ सिस्टम को पहले से ज्यादा आसान बनाना है।</blockquote>
<h2>निकासी हुई पहले से ज्यादा आसान</h2>
<p>EPFO ने पीएफ से पैसा निकालने की प्रक्रिया को भी काफी सरल बना दिया है। पहले एडवांस निकासी के लिए 13 अलग-अलग श्रेणियां थीं, जिन्हें अब घटाकर सिर्फ तीन कर दिया गया है।</p>
<p>इनमें पहली श्रेणी बीमारी, शिक्षा और विवाह जैसी जरूरी जरूरतों के लिए है। दूसरी श्रेणी आवास संबंधी जरूरतों के लिए और तीसरी विशेष परिस्थितियों के लिए है।</p>
<p>अब सदस्य अपने पात्र पीएफ बैलेंस का 100% तक एडवांस निकाल सकेंगे। लेकिन, खाते में कुल योगदान का कम से कम 25% हिस्सा बनाए रखना अनिवार्य होगा।</p>
<h3>कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों और कंपनियों के लिए निर्देश</h3>
<p>नए नियमों में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के हितों का भी ध्यान रखा गया है। यदि ठेकेदार EPFO में पंजीकृत नहीं है, तो मुख्य नियोक्ता की पूरी जिम्मेदारी होगी कि वह कर्मचारियों का पीएफ जमा कराए।</p>
<p>सभी कंपनियों को योजना लागू होने के 15 दिनों के भीतर 'फॉर्म V' के जरिए अपने सभी कर्मचारियों का विवरण EPFO को देना होगा, जिसमें आधार, पैन और UAN जैसी जानकारियां शामिल होंगी।</p>
<p>इन बदलावों से कर्मचारियों के हाथ में अधिक नकदी आने की उम्मीद है, जिससे उन्हें अपने वित्तीय लक्ष्यों को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने में मदद मिलेगी। साथ ही, कंपनियों के लिए अनुपालन प्रक्रिया को भी स्पष्ट किया गया है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>जालोर: BJP नेता को घेरकर सरियों से पीटा, सिर फटा, हाथ टूटा</title>
    <link>https://thinq360.com/jalore-bjp-leader-natwar-singh-rajpurohit-attacked-with-iron-rods</link>
    <guid isPermaLink="true">https://thinq360.com/jalore-bjp-leader-natwar-singh-rajpurohit-attacked-with-iron-rods</guid>
    <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 13:47:39 +0530</pubDate>
    <dc:creator>ललित पथमेड़ा</dc:creator>
    <category>जालोर</category>
    <description><![CDATA[जालोर में भाजपा नेता नटवर सिंह राजपुरोहित पर जानलेवा हमला। कार रुकवाकर लोहे के सरियों से पीटा, सिर में गंभीर चोट।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जालोर | </strong> राजस्थान के जालोर जिले में बुधवार देर शाम एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) युवा मोर्चा के एक जिला प्रवक्ता और वकील पर कुछ अज्ञात लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने उनकी कार रुकवाकर लोहे के सरियों से उन्हें बेरहमी से पीटा।</p>
<h2>क्या है पूरा मामला?</h2>
<p>यह घटना जालोर जिले के बागरा थाना क्षेत्र के सियाणा गांव के पास हुई। पीड़ित की पहचान भाजपा युवा मोर्चा के जिला प्रवक्ता और पेशे से वकील नटवर सिंह राजपुरोहित (37) के रूप में हुई है। वह बुधवार को जालोर कचहरी से अपना काम खत्म कर अपनी कार से सियाणा लौट रहे थे।</p>
<p>शाम करीब 6 बजे आकोली और सियाणा के बीच आडवाडा गांव के पास यह हमला हुआ। सामने से आ रही एक गाड़ी में सवार अज्ञात लोगों ने उनकी कार को जबरन रुकवा लिया।</p>
<h3>धारदार हथियारों से किया गया हमला</h3>
<p>बिशनगढ़ थाने के सीआई मोहनलाल गर्ग ने बताया कि कार रुकते ही हमलावरों ने नटवर सिंह पर धारदार हथियारों और लोहे के सरियों से हमला कर दिया। उन्होंने नटवर सिंह को कार से बाहर खींचने की भी कोशिश की।</p>
<p>हमले के दौरान आसपास से अन्य लोगों को आता देख हमलावर अपनी गाड़ी में बैठकर मौके से फरार हो गए। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत मदद की।</p>
<h2>सिर में गहरा घाव, हाथ में फ्रैक्चर</h2>
<p>इस जानलेवा हमले में नटवर सिंह राजपुरोहित गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर पर एक गहरा और लंबा चीरा लगा, जिससे काफी खून बह गया। घाव इतना गंभीर था कि सिर पर कई टांके लगाने पड़े।</p>
<p>इसके अलावा, उनके एक हाथ में भी फ्रैक्चर बताया जा रहा है। मौके पर मौजूद लोगों ने एम्बुलेंस की मदद से घायल नटवर सिंह को सियाणा के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।</p>
<p>यहां प्राथमिक इलाज के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए सिरोही रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज जारी है।</p>
<h2>गिरफ्तारी की मांग पर देर रात तक धरना</h2>
<p>घटना की खबर फैलते ही इलाके में तनाव का माहौल बन गया। सियाणा क्षेत्रपाल व्यापार संघ और राजपुरोहित समाज के सैकड़ों लोग सियाणा पुलिस चौकी के बाहर इकट्ठा हो गए।</p>
<p>लोगों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह धरना देर रात करीब 11 बजे तक चला।</p>
<h3>पुलिस ने दिया कार्रवाई का आश्वासन</h3>
<p>मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। बागरा थाना प्रभारी मोहनलाल गर्ग ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।</p>
<blockquote>बागरा थाने के सीआई मोहनलाल गर्ग ने बताया, "रात में हुई मारपीट के मामले में जांच की जा रही है और टीमें बनाकर आरोपियों के पकड़ने का प्रयास किया जा रहा हैं।"</blockquote>
<p>पुलिस के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त किया। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर गुरुवार शाम 5 बजे तक आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे फिर से आंदोलन करेंगे। पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार को जब्त कर जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की तलाश में जुट गई है।</p>
<p>इस हमले के पीछे की वजह अभी तक साफ नहीं हो पाई है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है, जिसमें राजनीतिक रंजिश से लेकर व्यक्तिगत दुश्मनी तक के पहलू शामिल हैं। इस घटना ने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>5 साल से बंद थी पेंशन, कलेक्टर खुद चैंबर से बाहर आए, दिए निर्देश</title>
    <link>https://thinq360.com/jalore-collector-helps-80-year-old-blind-woman-restart-pension-after-5-years</link>
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    <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 12:35:48 +0530</pubDate>
    <dc:creator>ललित पथमेड़ा</dc:creator>
    <category>राज्य</category>
    <description><![CDATA[जालोर में 80 वर्षीय दृष्टिहीन महिला की 5 साल से बंद पेंशन कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद बहाल, दिए सभी योजनाओं का लाभ देने के निर्देश।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जालोर | </strong> राजस्थान के जालोर में एक 80 वर्षीय दृष्टिहीन बुजुर्ग महिला की फरियाद पर जिला कलेक्टर ने जो संवेदनशीलता दिखाई, वह चर्चा का विषय बन गई है। पांच वर्षों से बंद पड़ी सामाजिक सुरक्षा पेंशन को कलेक्टर के एक निर्देश ने तत्काल बहाल करा दिया।</p>
<h2>पांच साल का संघर्ष और कलेक्टर की एक मुलाकात</h2>
<p>आहोर तहसील के जेतपुरा गांव की रहने वाली 80 वर्षीय कोकु देवी अपनी बंद पेंशन की गुहार लेकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंची थीं।</p>
<p>बुढ़ापे और शारीरिक अक्षमता के कारण वह ठीक से चल भी नहीं पा रही थीं और जमीन पर घिसटकर आगे बढ़ रही थीं।</p>
<p>उनकी यह हालत देखकर कलेक्ट्रेट के सुरक्षाकर्मी चैनाराम ने मानवता दिखाते हुए उन्हें व्हीलचेयर पर बैठाया।</p>
<p>सुरक्षाकर्मी उन्हें सहारा देकर जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गवांडे के चैंबर तक ले गए, जहां से उनकी समस्या के समाधान का रास्ता खुला।</p>
<h3>बायोमेट्रिक बनी बाधा, भटकता रहा परिवार</h3>
<p>कोकु देवी की विधवा बेटी नाथुदेवी ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि उनकी मां की पेंशन लगभग पांच साल पहले बंद हो गई थी।</p>
<p>इसका कारण बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान उनकी मां के फिंगरप्रिंट का स्पष्ट न आना था।</p>
<p>तब से लेकर आज तक, परिवार लगातार आहोर एसडीएम कार्यालय और तहसील के चक्कर काटता रहा, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिले।</p>
<p>नाथुदेवी ने बताया कि परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा है। 20 साल पहले पिता और बाद में दोनों भाइयों का भी निधन हो गया।</p>
<p>अब घर में केवल महिलाएं और एक पोती ही बची हैं, जिनके लिए आजीविका चलाना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।<img src="https://d2uvd0bcf4ztg.cloudfront.net/uploads/images/Screenshot_2026-07-02_123143.webp" alt="" width="997" height="514"></p>
<h2>कलेक्टर ने दिखाई संवेदनशीलता, दिए तत्काल निर्देश</h2>
<p>जैसे ही जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गवांडे को बुजुर्ग महिला के आने की सूचना मिली, वह स्वयं अपने चैंबर से बाहर आ गए।</p>
<p>उन्होंने गैलरी में ही कोकु देवी की पूरी बात धैर्य से सुनी और उनकी दयनीय स्थिति को समझा।</p>
<p>कलेक्टर ने तुरंत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया।</p>
<p>उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोकु देवी की बंद पेंशन को तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए।</p>
<p>इसके अलावा, उन्होंने लंबित दस्तावेजों को प्राथमिकता के आधार पर तैयार करने और आवास योजना सहित सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने को कहा।</p>
<h3>"वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं का हो तत्काल समाधान"</h3>
<blockquote>कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गवांडे ने कहा, "मामले का निस्तारण कर दिया गया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बुजुर्ग महिला की पेंशन जल्द शुरू कराई जाए। साथ ही भविष्य में भी वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुनकर तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।"</blockquote>
<p>जिला कलेक्टर की इस त्वरित और मानवीय कार्रवाई से न केवल कोकु देवी के परिवार को एक बड़ी राहत मिली है, बल्कि यह सुशासन और प्रशासनिक संवेदनशीलता का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत करता है। इस कदम से सरकारी तंत्र में आमजन का विश्वास और मजबूत हुआ है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>किचन गार्डन पार्किंग से हटाए गए अवैध कब्जे</title>
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    <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 12:28:28 +0530</pubDate>
    <dc:creator>किशन वासवानी</dc:creator>
    <category>राज्य</category>
    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, पर्यटकों को पार्किंग की समस्या से मिलेगी राहत।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>माउंट आबू | </strong> राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए, नगरपालिका ने किचन गार्डन पार्किंग क्षेत्र को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त कर दिया है। इस कदम से पर्यटकों को होने वाली पार्किंग की गंभीर समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।</p>
<h2>मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुई कार्रवाई</h2>
<p>हाल ही में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आबू विकास समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी।</p>
<p>इस बैठक में माउंट आबू में पर्यटकों को होने वाली पार्किंग की गंभीर समस्या पर गहन चर्चा हुई।</p>
<p>जिला कलेक्टर रोहिताश्व कुमार सिंह और उपखंड अधिकारी डॉ. अंशु प्रिया ने वीकेंड पर लगने वाले जाम और पार्किंग की कमी से होने वाली परेशानियों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा।</p>
<p>पर्यटकों की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए मुख्यमंत्री ने इस पर तत्काल ध्यान देने का निर्देश दिया।<img src="https://d2uvd0bcf4ztg.cloudfront.net/uploads/images/WhatsApp_Image_2026-07-02_at_11_35_33.webp" alt="" width="1280" height="720"></p>
<h3>पार्किंग को प्राथमिकता देने का आदेश</h3>
<p>मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को किचन गार्डन पार्किंग को डबल स्टोरी बनाने का निर्देश दिया ताकि अधिक वाहनों को समायोजित किया जा सके।</p>
<p>उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पूरे शहर का एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया जाए और पार्किंग व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।</p>
<p>साथ ही, अवैध रूप से काबिज लोगों के अतिक्रमण को एक योजना बनाकर जल्द से जल्द हटाने और किसी भी अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के सख्त निर्देश दिए गए।</p>
<h2>माउंट आबू के सौंदर्यीकरण की व्यापक योजना</h2>
<p>यह कार्रवाई माउंट आबू के समग्र विकास की एक बड़ी योजना का हिस्सा है।</p>
<p>मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव श्रीनिवासन ने पूरे शहर को एक प्रमुख धार्मिक आस्था के केंद्र के रूप में विकसित करने का आश्वासन दिया है।</p>
<p>इस योजना में नक्की झील के चारों ओर का सौंदर्यीकरण, संत सरोवर, अचलगढ़, गुरु शिखर और अधर देवी जैसे प्रमुख पर्यटक स्थलों का योजनाबद्ध विकास शामिल है।</p>
<blockquote>एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "हमारा लक्ष्य माउंट आबू को न केवल एक सुंदर पर्यटन स्थल बनाना है, बल्कि यहाँ आने वाले हर पर्यटक को विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करना भी है।"</blockquote>
<h3>प्रशासन ने बनाई ठोस रणनीति</h3>
<p>मुख्यमंत्री के निर्देशों के तुरंत बाद, जिला कलेक्टर और उपखंड अधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों के साथ मिलकर शहर के विकास पर मंथन किया।</p>
<p>अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए एक चरणबद्ध योजना बनाई गई। इसके तहत पहले शहर की मुख्य सड़कों को चौड़ा करने का काम किया गया।</p>
<p>सड़कों के अतिक्रमण मुक्त होने से मुख्य मार्ग काफी चौड़ा हो गया, जिससे यातायात सुगम हुआ।</p>
<p>इसी क्रम में, गुरुवार सुबह किचन गार्डन पार्किंग से अतिक्रमण हटाने की अंतिम कार्रवाई को अंजाम दिया गया। सूत्रों के अनुसार, प्रशासन ने इस कार्रवाई से दो दिन पहले ही संबंधित लोगों को अतिक्रमण हटाने की सूचना दे दी थी।</p>
<p>इस कार्रवाई के बाद किचन गार्डन पार्किंग क्षेत्र अब पूरी तरह से खुला और वाहनों के लिए उपलब्ध है। प्रशासन की इस पहल से स्थानीय निवासियों और पर्यटकों ने समान रूप से राहत की सांस ली है। यह कदम माउंट आबू को एक सुव्यवस्थित और पर्यटक-अनुकूल गंतव्य बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।<img src="https://d2uvd0bcf4ztg.cloudfront.net/uploads/images/WhatsApp_Image_2026-07-02_at_11_35_34.webp" alt="" width="1600" height="900"></p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>संसद में NDA की ताकत बढ़ी, क्या अब संविधान संशोधन होगा?</title>
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    <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 12:13:15 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजनीति</category>
    <description><![CDATA[TMC और शिवसेना में टूट से NDA को मिला फायदा, दो-तिहाई बहुमत के करीब, मानसून सत्र में बड़े बिल संभव।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली | </strong>देश की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) न केवल देश में, बल्कि संसद में भी पहले से कहीं अधिक मजबूत स्थिति में आ गई है। सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज है कि क्षेत्रीय दलों में बगावत और टूट ने संसद में भाजपा की राह आसान कर दी है।</p>
<h2>संसद में बदला शक्ति का समीकरण</h2>
<p>हालिया राजनीतिक घटनाओं ने संसद के अंकगणित को सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के पक्ष में झुका दिया है। लोकसभा में भाजपा के पास वर्तमान में 240 निर्वाचित सांसद हैं, और सहयोगियों के साथ मिलकर एनडीए के पास 318 सीटों का बहुमत है, जो सामान्य कानून पारित करने के लिए पर्याप्त है।</p>
<p>हालांकि, बड़े संवैधानिक संशोधनों के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है, और एनडीए अब उस लक्ष्य के करीब पहुंचता दिख रहा है।</p>
<h3>तृणमूल और शिवसेना में बगावत का असर</h3>
<p>विपक्षी खेमे में हुई बड़ी उथल-पुथल ने एनडीए को यह बढ़त दिलाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसदों का एक गुट अलग होकर एनडीए में शामिल हो गया, जिससे लोकसभा में टीएमसी की संख्या घटकर केवल 8 रह गई है।</p>
<p>इसी तरह, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में हुई टूट ने महाराष्ट्र की राजनीति को बदल दिया। शिवसेना (यूबीटी) के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 ने एनडीए का दामन थाम लिया है।</p>
<blockquote>सियासी गलियारों में चर्चा है कि प्रांतीय दलों में बगावत या उनके टूटने से संसद में भाजपा के लिए आसानी हो गई है।</blockquote>
<p>इन विभाजनों से न केवल विपक्षी एकता कमजोर हुई है, बल्कि सत्ताधारी दल को महत्वपूर्ण विधायी समर्थन भी मिला है, जिससे वे अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए अधिक आत्मविश्वास महसूस कर रहे हैं।</p>
<h2>संवैधानिक संशोधनों की राह आसान?</h2>
<p>संसद में अपनी बढ़ी हुई ताकत के साथ, एनडीए सरकार कुछ बड़े संवैधानिक संशोधन लाने की तैयारी में है। इसके लिए सदन में मौजूद और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है। भाजपा गठबंधन इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने की कोशिशें तेज कर दी हैं।</p>
<p>यह बहुमत सरकार को उन कानूनों को पारित करने की शक्ति देगा जो देश की सामाजिक और राजनीतिक संरचना पर गहरा प्रभाव डाल सकते हैं।</p>
<h3>मानसून सत्र में पेश हो सकते हैं अहम विधेयक</h3>
<p>मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार 17 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र में 130वां संवैधानिक संशोधन विधेयक पेश कर सकती है। इस विधेयक में गंभीर अपराधों के लिए 30 दिनों तक हिरासत में रहने वाले मंत्रियों को पद से हटाने का प्रावधान शामिल है।</p>
<p>इसके अलावा, सरकार लंबे समय से लंबित परिसीमन संबंधी संवैधानिक संशोधन विधेयक को पारित कराने और महिला आरक्षण कानून को लागू करने का एक और प्रयास कर सकती है। ये विधेयक देश के चुनावी और प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकते हैं।</p>
<p>इन d&eacute;veloppements से स्पष्ट है कि आने वाला मानसून सत्र काफी हंगामेदार और महत्वपूर्ण होने वाला है। एनडीए की बढ़ी हुई ताकत और विपक्ष की कमजोर स्थिति के बीच, यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार अपने विधायी एजेंडे को किस हद तक आगे बढ़ा पाती है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>राजस्थान BJP में नियुक्ति का नया फॉर्मूला, अब ऐसे मिलेंगे पद</title>
    <link>https://thinq360.com/rajasthan-bjp-new-appointment-process-yamuna-water-agreement-campaign</link>
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    <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 12:06:04 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजनीति</category>
    <description><![CDATA[जिलाध्यक्ष अब एक नहीं, तीन नामों का पैनल भेजेंगे। अनुभव और सक्रियता को मिलेगी प्राथमिकता। पार्टी प्रवक्ताओं के काम की भी होगी समीक्षा।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong>राजस्थान प्रदेश भाजपा संगठन ने जिला स्तर पर संगठनात्मक नियुक्तियों की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब स्थानीय संगठन में किसी भी पद पर नियुक्ति के लिए जिलाध्यक्ष केवल एक नाम की सिफारिश नहीं कर सकेंगे, बल्कि उन्हें तीन योग्य कार्यकर्ताओं के नामों का एक पैनल प्रदेश संगठन को भेजना होगा।</p>
<h2>नियुक्तियों में पारदर्शिता और समन्वय पर जोर</h2>
<p>संगठन का मानना है कि इस नई व्यवस्था से नियुक्तियों में पारदर्शिता बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित होगा। यह कदम योग्य और मेहनती कार्यकर्ताओं को आगे लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।</p>
<h3>तीन नामों का पैनल, अंतिम फैसला ऊपर</h3>
<p>नई प्रक्रिया के तहत, जिलाध्यक्ष द्वारा भेजे गए तीन नामों के पैनल में से ही किसी एक का चयन अंतिम रूप से किया जाएगा। इसके साथ ही, किसी भी स्तर पर संगठनात्मक दायित्व सौंपने से पहले संबंधित संभाग प्रभारी की राय लेना भी अनिवार्य कर दिया गया है।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, हाल ही में हुई संगठनात्मक बैठकों में इस नई व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की गई और इसे सर्वसम्मति से लागू करने का निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य भाई-भतीजावाद और गुटबाजी पर अंकुश लगाना है।</p>
<h3>अनुभव और सक्रियता बनेगी जिम्मेदारी का आधार</h3>
<p>संगठन ने इस बात पर भी जोर दिया है कि बिना पर्याप्त संगठनात्मक अनुभव वाले कार्यकर्ताओं को सीधे अहम जिम्मेदारियां देने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाए।</p>
<p>अब किसी भी कार्यकर्ता को कोई भी पद देने से पहले उसकी सक्रियता, पार्टी के प्रति समर्पण, पूर्व में निभाए गए दायित्वों और संगठनात्मक अनुभव को प्रमुख आधार बनाया जाएगा। इससे कार्यकर्ताओं के बीच एक सकारात्मक संदेश जाएगा कि योग्यता और प्रदर्शन ही आगे बढ़ने का एकमात्र मानदंड है।</p>
<h2>यमुना जल समझौता: बड़ी उपलब्धि को भुनाने की तैयारी</h2>
<p>एक तरफ जहां संगठन आंतरिक सुधारों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, वहीं दूसरी ओर वह अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर भी काम कर रहा है। इसी कड़ी में, यमुना जल समझौते को लेकर एक बड़े अभियान की रूपरेखा तैयार की गई है।</p>
<p>पार्टी इस ऐतिहासिक समझौते के लाभों को शेखावाटी क्षेत्र के गांव-गांव और ढाणियों तक पहुंचाएगी। इसके लिए एक विस्तृत जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।</p>
<h3>चूरू में विशाल जनसभा और कलश यात्रा</h3>
<p>इस अभियान के तहत चूरू में एक विशाल जनसभा और कलश यात्रा की योजना बनाई जा रही है। इस बड़े आयोजन की जिम्मेदारी पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ को सौंपी गई है।</p>
<p>इस कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं को आमंत्रित करने की योजना है ताकि समझौते के महत्व को प्रभावी ढंग से जनता के सामने रखा जा सके।</p>
<p>गौरतलब है कि 29 जून को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में राजस्थान और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों ने यमुना जल समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।</p>
<blockquote>आज का दिन दोनों राज्यों के लिए एक बहुत अहम दिन है। एक ऐसा दिन जो इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा।</blockquote>
<p>यह बात मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद कही थी, जो इस उपलब्धि के महत्व को दर्शाता है।</p>
<h3>मीडिया टीम के काम की भी समीक्षा</h3>
<p>इसके अतिरिक्त, पार्टी अपने प्रवक्ताओं और मीडिया पैनलिस्टों के कामकाज का भी मूल्यांकन कर रही है। संगठन ने इस बात का फीडबैक मांगा है कि किसने मीडिया में पार्टी का पक्ष प्रभावी ढंग से रखा और कौन कितना सक्रिय रहा। इस फीडबैक के आधार पर मीडिया टीम में भी आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं।</p>
<p>कुल मिलाकर, राजस्थान भाजपा एक दोहरी रणनीति पर काम कर रही है। एक ओर वह संगठनात्मक ढांचे को मजबूत और पारदर्शी बना रही है, तो दूसरी ओर वह सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाकर अपनी राजनीतिक जमीन को और मजबूत करने में जुटी है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>लोहागढ़ किला: &#039;सिया पॉइंट&#039; पर भड़कीं देवोलीना, 50% पर्यटक बढ़े</title>
    <link>https://thinq360.com/devoleena-bhattacharjee-slams-siya-point-trend-at-lohagad-fort-after-ketan-agarwal-murder</link>
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    <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 11:52:49 +0530</pubDate>
    <dc:creator>desk</dc:creator>
    <category>राज्य</category>
    <description><![CDATA[केतन अग्रवाल हत्याकांड के बाद लोहागढ़ किला बना 'डार्क टूरिज्म' स्पॉट, देवोलीना ने जताई नाराजगी।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>पुणे | </strong> पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड के बाद महाराष्ट्र का ऐतिहासिक लोहागढ़ किला एक दुखद वजह से सुर्खियों में है। किले के एक हिस्से को सोशल मीडिया पर 'सिया पॉइंट' कहा जा रहा है, जिस पर टीवी एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<h2>देवोलीना भट्टाचार्जी ने जताई नाराजगी</h2>
<p>'साथ निभाना साथिया' फेम अभिनेत्री देवोलीना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी नाराजगी व्यक्त की।</p>
<p>उन्होंने केवल परेशान और हैरान करने वाले इमोजी के साथ 'सिया पॉइंट' लिखकर इस ट्रेंड की आलोचना की।</p>
<p>उनका यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद कई यूजर्स ने भी एक ऐतिहासिक धरोहर को इस तरह एक मर्डर केस से जोड़ने पर चिंता जताई।</p>
<h3>क्यों चर्चा में है 'सिया पॉइंट'?</h3>
<p>दरअसल, कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उस जगह को 'सिया पॉइंट' का नाम दे दिया।</p>
<p>इसके बाद से ही यह नाम मीम्स और वीडियो के जरिए वायरल हो गया, जिससे किले की पहचान पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।</p>
<h2>किले में 50% बढ़ी पर्यटकों की भीड़</h2>
<p>इस घटना के बाद लोहागढ़ किले में आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगभग 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।</p>
<p>स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले लोग ट्रैकिंग और इतिहास के लिए आते थे, लेकिन अब ज्यादातर लोग सिर्फ उस जगह को देखने आ रहे हैं।</p>
<blockquote>गाइड और सुरक्षाकर्मियों से बार-बार एक ही सवाल पूछा जा रहा है&mdash; 'सिया पॉइंट कहां है?'</blockquote>
<p>बढ़ती भीड़ और जांच को देखते हुए पुलिस को कुछ समय के लिए किले में पर्यटकों की आवाजाही रोकनी पड़ी थी।</p>
<h3>ऐतिहासिक पहचान पर खतरा</h3>
<p>लोहागढ़ किला महाराष्ट्र की एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर है, जिसका इतिहास लगभग दो हजार वर्ष पुराना माना जाता है।</p>
<p>इतिहासकारों और स्थानीय संगठनों ने इस बात पर दुख जताया है कि एक अपराध की वजह से किले की पहचान बदल रही है।</p>
<p>उनका मानना है कि लोगों को किले के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को समझना चाहिए, न कि उसे किसी दर्दनाक घटना से जोड़कर देखना चाहिए। यह प्रवृत्ति किले की गरिमा को ठेस पहुंचा रही है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>अभिषेक शर्मा का धमाका, इंग्लैंड में तोड़ा केएल राहुल का रिकॉर्ड</title>
    <link>https://thinq360.com/abhishek-sharma-breaks-kl-rahul-record-fastest-t20i-fifty-in-england-vs-eng</link>
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    <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 11:42:19 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>क्रिकेट</category>
    <description><![CDATA[डरहम में अभिषेक ने सिर्फ 20 गेंदों में जड़ा अर्धशतक, बारिश के कारण रद्द हुआ पहला टी20 मुकाबला।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>डरहम | </strong>डरहम में बुधवार रात भारतीय बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने अपने बल्ले से तूफान ला दिया। इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में उन्होंने कई रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। अभिषेक ने न केवल सबसे तेज अर्धशतक जड़ा, बल्कि टीम को एक मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।</p>
<h2>अभिषेक शर्मा का रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन</h2>
<p>मैच में अभिषेक शर्मा ने विस्फोटक बल्लेबाजी का शानदार नमूना पेश किया। उन्होंने आते ही इंग्लिश गेंदबाजों पर धावा बोल दिया।</p>
<p>अपनी पारी के दौरान उन्होंने महज 20 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया, जो एक नया कीर्तिमान है।</p>
<h3>केएल राहुल को छोड़ा पीछे</h3>
<p>इस पारी के साथ ही अभिषेक इंग्लैंड की धरती पर सबसे तेज टी20 अर्धशतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं।</p>
<p>इससे पहले यह रिकॉर्ड केएल राहुल के नाम था, जिन्होंने साल 2018 में 27 गेंदों पर अर्धशतक बनाया था।</p>
<p>अभिषेक ने कुल 24 गेंदों का सामना करते हुए 59 रनों की धुआंधार पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से 6 चौके और 4 गगनचुंबी छक्के निकले।</p>
<p>उनका स्ट्राइक रेट 245.83 का रहा, जिसने इंग्लैंड के गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया।</p>
<p>इंग्लैंड के खिलाफ उनका शानदार रिकॉर्ड इस मैच में भी बरकरार रहा। वह इंग्लिश टीम के खिलाफ टी20 में खेली 7 पारियों में 219 के स्ट्राइक रेट से 347 रन बना चुके हैं।</p>
<h2>कप्तान अय्यर का अर्धशतक, अन्य बल्लेबाज फ्लॉप</h2>
<p>अभिषेक के अलावा कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी जिम्मेदारी भरी पारी खेली और टीम के स्कोर को आगे बढ़ाया।</p>
<p>अय्यर ने 47 गेंदों का सामना करते हुए 68 रन बनाए, जिसमें 6 चौके और एक छक्का शामिल था। उन्होंने पारी को संभालने का काम किया।</p>
<h3>सैमसन और ईशान किशन का खराब फॉर्म जारी</h3>
<p>हालांकि, टीम के अन्य बल्लेबाज कुछ खास कमाल नहीं कर सके। संजू सैमसन एक बार फिर सस्ते में पवेलियन लौट गए।</p>
<p>आयरलैंड सीरीज के बाद उनका खराब फॉर्म यहां भी जारी रहा और वह 7 गेंदों में सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए।</p>
<p>विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन भी बिना खाता खोले रन आउट हो गए, जिससे मध्यक्रम पर दबाव बढ़ गया।</p>
<p>युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे और 13 रन बनाकर चलते बने।</p>
<h2>शिवम दुबे की तूफानी पारी और बारिश ने फेरा पानी</h2>
<p>अंत के ओवरों में ऑलराउंडर शिवम दुबे ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित की और ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की।</p>
<p>दुबे ने सिर्फ 21 गेंदों पर 200 के स्ट्राइक रेट से 42 रनों की नाबाद पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 2 चौके और 3 छक्के जड़े।</p>
<p>उनकी इस आतिशी पारी की बदौलत भारतीय टीम 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 189 रनों का सम्मानजनक स्कोर खड़ा करने में सफल रही।</p>
<blockquote>एक क्रिकेट विश्लेषक ने कहा, "अभिषेक की यह पारी भारतीय टी20 टीम के लिए एक नई उम्मीद है, खासकर जब शीर्ष क्रम संघर्ष कर रहा हो।"</blockquote>
<p>भारतीय पारी समाप्त होने के बाद तेज बारिश शुरू हो गई, जो रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी।</p>
<p>लंबे इंतजार के बाद अंपायरों ने मैच को रद्द करने का फैसला किया, जिससे प्रशंसकों को निराशा हाथ लगी।</p>
<h3>मैनचेस्टर में होगी अगली भिड़ंत</h3>
<p>अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का दूसरा मुकाबला 4 जुलाई को मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला जाएगा।</p>
<p>भारतीय टीम इस लय को बरकरार रखते हुए सीरीज में बढ़त बनाने के इरादे से उतरेगी, जबकि इंग्लैंड वापसी की कोशिश करेगा।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>PM मोदी 4 जुलाई को करेंगे पचपदरा रिफाइनरी का लोकार्पण</title>
    <link>https://thinq360.com/pm-modi-to-inaugurate-pachpadra-refinery-in-rajasthan-on-july-4</link>
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    <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 11:36:48 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[पश्चिमी राजस्थान की बहुप्रतीक्षित रिफाइनरी का उद्घाटन, सुरक्षा के कड़े इंतजाम, पर्यावरण संरक्षण पर जोर।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>बालोतरा | </strong> पश्चिमी राजस्थान का दशकों पुराना सपना साकार होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को बहुप्रतीक्षित पचपदरा रिफाइनरी का लोकार्पण करेंगे। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और प्रशासन हाई अलर्ट पर है।</p>
<h2>प्रधानमंत्री का प्रस्तावित कार्यक्रम और तैयारियां</h2>
<p>सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी 4 जुलाई को दोपहर 12 बजे पचपदरा पहुंचेंगे। वे रिफाइनरी का लोकार्पण कर एक जनसभा को भी संबोधित कर सकते हैं।</p>
<p>कार्यक्रम में वे करीब दो घंटे तक मौजूद रहेंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे वे जोधपुर के लिए रवाना हो जाएंगे। हालांकि, अभी तक प्रधानमंत्री का आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है।</p>
<p>इस महत्वपूर्ण दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से मुस्तैद हैं। हर पहलू की माइक्रो-प्लानिंग की गई है ताकि कोई चूक न हो।</p>
<p>भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ गुरुवार को पचपदरा पहुंचकर तैयारियों का जायजा लेंगे। वे पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी करेंगे।</p>
<p>वहीं, 3 जुलाई को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा स्वयं रिफाइनरी स्थल का दौरा करेंगे। वे तैयारियों की अंतिम समीक्षा करेंगे और उनका रात्रि विश्राम जोधपुर में प्रस्तावित है।</p>
<h3>सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस</h3>
<p>रिफाइनरी परिसर में इन दिनों वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का लगातार जमावड़ा है। कार्यक्रम में अब कुछ ही समय शेष है, इसलिए सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।</p>
<p>सुरक्षा एजेंसियां, पुलिस और प्रशासन मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हैं। कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं।</p>
<p>प्रशासन के अनुसार, सुरक्षा कारणों से समारोह में प्रवेश सीमित रखा गया है। कार्यक्रम स्थल पर लगभग पांच हजार लोगों की उपस्थिति की ही अनुमति होगी।</p>
<p>हालांकि, आमजन इस ऐतिहासिक पल से वंचित नहीं रहेंगे। समारोह का सीधा प्रसारण जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले के गांवों और शहरों में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से किया जाएगा।</p>
<h2>पर्यावरण संरक्षण का महाअभियान</h2>
<p>प्रधानमंत्री के आगमन को पर्यावरण संरक्षण के एक बड़े जनअभियान से जोड़ा गया है। जिला प्रशासन ने इस अवसर पर एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।</p>
<p>पूरे जिले में एक ही दिन में 2 लाख 51 हजार पौधे लगाए जाएंगे। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड होगा और पर्यावरण के प्रति एक मजबूत संदेश देगा।</p>
<p>इस अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में 500 पौधे लगाने का लक्ष्य है। इसके अलावा, नगर निकाय क्षेत्रों, स्कूलों और सरकारी कार्यालयों में भी बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण होगा।</p>
<p>सार्वजनिक स्थलों, पंचायत परिसरों और चारागाह भूमि को भी इस हरियाली अभियान में शामिल किया गया है। हर पौधे की जियो-टैगिंग की जाएगी।</p>
<p>जियो-टैगिंग से पौधों की निगरानी और उनके संरक्षण को सुनिश्चित किया जा सकेगा। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, छात्रों और सामाजिक संगठनों को भी जोड़ा जा रहा है।</p>
<h3>साइकिल रैली से ईंधन बचत का संदेश</h3>
<p>लोकार्पण समारोह केवल एक औद्योगिक उपलब्धि तक सीमित नहीं रहेगा। प्रदेश सरकार इसके माध्यम से ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देगी।</p>
<blockquote>योजना के अनुसार, मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी पचपदरा से एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी तक एक साइकिल रैली में भाग लेंगे।</blockquote>
<p>यह रैली पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने का प्रतीक होगी।</p>
<p>कार्यक्रम स्थल पर ई-वाहनों और साइकिलों के लिए एक विशेष 'ग्रीन पार्किंग' की व्यवस्था भी की जाएगी, जो इस पहल को और मजबूती देगी।</p>
<p>जिला प्रशासन ने आम लोगों से भी इस पौधरोपण अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की है। साथ ही, लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आग्रह किया है।</p>
<p>यह लोकार्पण समारोह पश्चिमी राजस्थान के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह न केवल क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करेगा, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।</p>
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  </item>
  <item>
    <title>राजस्थान में अब 30 दिन से ज्यादा APO नहीं, अफसरों पर नकेल</title>
    <link>https://thinq360.com/rajasthan-government-new-rule-apo-posting-limit-30-days</link>
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    <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 11:34:19 +0530</pubDate>
    <dc:creator>desk</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[वित्त विभाग का सख्त फरमान, नियम तोड़ने पर अफसर होंगे जवाबदेह, कर्मचारियों का शोषण रुकेगा।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong>राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों को महीनों तक 'पदस्थापन की प्रतीक्षा' (APO) में रखकर नियुक्ति लटकाने का खेल अब खत्म होने जा रहा है। राज्य के वित्त विभाग ने एक सख्त फरमान जारी करते हुए एपीओ की अधिकतम अवधि 30 दिन तय कर दी है। इस कदम से अफसरों की मनमानी पर लगाम लगने की उम्मीद है।</p>
<p>यह नई गाइडलाइन वित्त विभाग की विशेष सचिव शिवांगी स्वर्णकार द्वारा राजस्थान सेवा नियम 1951 के नियम 25-ए के तहत जारी की गई है। सरकार का मानना है कि इस संबंध में 1981, 1984 और 2007 में जारी पुराने आदेशों का ठीक से पालन नहीं हो रहा था।</p>
<h2>30 दिन की 'लक्ष्मण रेखा', अब नहीं चलेगी मनमानी</h2>
<p>नए नियमों के तहत, किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को 30 दिनों से अधिक समय तक एपीओ नहीं रखा जा सकेगा। यह एक तरह की लक्ष्मण रेखा है जिसे पार करना अब आसान नहीं होगा।</p>
<p>यदि किसी विशेष परिस्थिति में इस अवधि को बढ़ाने की आवश्यकता होती है, तो इसके लिए ठोस कारण बताने होंगे। विभाग को इसके लिए वित्त विभाग से अग्रिम मंजूरी लेनी होगी, जिसके साथ एक चेकलिस्ट भी संलग्न करनी होगी।</p>
<h3>जवाबदेही होगी तय</h3>
<p>सर्कुलर में स्पष्ट कहा गया है कि यदि 30 दिनों के भीतर पोस्टिंग के आदेश जारी नहीं किए जाते हैं, तो संबंधित विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव को जवाब देना होगा।</p>
<p>उन्हें हर महीने मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव को एक डीओ लेटर के माध्यम से रिपोर्ट देनी होगी। इस रिपोर्ट में कर्मचारी का नाम, पद और एपीओ की कुल अवधि का स्पष्ट उल्लेख करना होगा।</p>
<h2>क्यों पड़ी इस नियम की जरूरत?</h2>
<p>लंबे समय से यह देखा जा रहा था कि एपीओ को एक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था। कई मामलों में, कर्मचारियों को महीनों और कभी-कभी सालों तक बिना किसी पोस्टिंग के रखा जाता था, जिससे उनका मानसिक और आर्थिक शोषण होता था।</p>
<p>इसके अलावा, नियम विरुद्ध एपीओ के कई मामले हाईकोर्ट तक पहुंचे, जहां सरकार को फटकार का सामना करना पड़ा। इन सब वजहों से सरकार पर एक पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली बनाने का दबाव था।</p>
<h3>शोषण और वित्तीय बोझ पर लगेगी लगाम</h3>
<p>कर्मचारी संगठनों द्वारा लंबे समय से यह मांग की जा रही थी कि एपीओ के नाम पर होने वाले शोषण को बंद किया जाए। बिना काम के वेतन देने से राज्य के खजाने पर भी अनावश्यक वित्तीय भार पड़ रहा था।</p>
<blockquote>एक कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधि ने कहा, "यह एक स्वागत योग्य कदम है। एपीओ को अक्सर एक सजा के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था, जिससे कर्मचारी परेशान होता था। अब इस पर रोक लगेगी और व्यवस्था में सुधार होगा।"</blockquote>
<p>नई गाइडलाइन से यह सुनिश्चित होगा कि अधिकारियों को समय पर पोस्टिंग आदेश जारी करने होंगे, जिससे न केवल कर्मचारियों का शोषण रुकेगा बल्कि वित्तीय बोझ भी कम होगा।</p>
<h2>अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान</h2>
<p>नए सर्कुलर में कुछ और अहम प्रावधान भी शामिल किए गए हैं ताकि पूरी प्रक्रिया को सुचारू बनाया जा सके।</p>
<h3>छुट्टी और प्रतिनियुक्ति के लिए भी नियम</h3>
<p>अब किसी कर्मचारी की छुट्टी मंजूर करते समय ही उसकी वापसी पर पोस्टिंग के स्थान का उल्लेख करना अनिवार्य होगा। छुट्टी समाप्त होने से पहले ही पोस्टिंग का आदेश जारी कर दिया जाएगा।</p>
<p>इसी तरह, प्रतिनियुक्ति या प्रशिक्षण से लौटने वाले कर्मचारियों के मामले में, उनके लौटने से 15 दिन पहले ही पोस्टिंग के आदेश जारी करने होंगे। इससे उन्हें वापस आने के बाद इंतजार नहीं करना पड़ेगा।</p>
<p>कुल मिलाकर, सरकार का यह कदम प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इससे न केवल सरकारी खजाने पर पड़ रहा अनावश्यक बोझ कम होगा, बल्कि कर्मचारियों को भी बड़ी राहत मिलेगी और व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>झुंझुनूं: फर्जी ECHS अफसर बन 3 अस्पतालों में की जांच, ऐसे खुली पोल</title>
    <link>https://thinq360.com/fake-echs-officer-raids-hospitals-in-jhunjhunu-chirawa-escapes</link>
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    <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 11:21:44 +0530</pubDate>
    <dc:creator>desk</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[झुंझुनूं में सेना की वर्दी पहनकर एक युवक फर्जी ECHS अफसर बन अस्पतालों में जांच करने पहुंचा। शक होने पर भागा।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>झुंझुनूं | </strong> राजस्थान के झुंझुनूं जिले के चिड़ावा कस्बे में बुधवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया। यहां एक युवक खुद को आर्मी का लेफ्टिनेंट कर्नल और ECHS का विजिलेंस ऑफिसर बताकर तीन निजी अस्पतालों में जांच करने पहुंच गया, जिससे हड़कंप मच गया। हालांकि, अस्पताल संचालकों की सूझबूझ और सतर्कता से उसकी पोल खुल गई और वह मौके से फरार हो गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<h2>वर्दी में ठग, मचा हड़कंप</h2>
<p>जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक काले रंग की कार में सवार होकर आया था। उसने लेफ्टिनेंट कर्नल के स्टार और अशोक स्तंभ लगी सेना की वर्दी पहन रखी थी। उसकी उम्र करीब 30-35 साल बताई जा रही है।</p>
<p>सबसे पहले वह चुंगी नाके के पास एक निजी अस्पताल पहुंचा। वहां उसने अस्पताल प्रबंधन को खुद को दिल्ली से आया ECHS अधिकारी बताते हुए रिकॉर्ड की मांग की। अस्पताल प्रबंधन ने उसे जरूरी दस्तावेज दिखा दिए।</p>
<h3>एक के बाद एक तीन अस्पतालों को बनाया निशाना</h3>
<p>पहले अस्पताल में काफी देर तक जांच-पड़ताल का नाटक करने के बाद वह खेतड़ी रोड स्थित एक दूसरे निजी अस्पताल पहुंचा। यहां भी उसने जांच करने की कोशिश की, लेकिन प्रबंधन ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया।</p>
<p>इसके बाद वह खेतड़ी रोड पर ही स्थित एक तीसरे निजी अस्पताल गया। यहां उसने स्टाफ से ECHS योजना से जुड़े मरीजों की ओपीडी, भर्ती और इलाज से संबंधित सभी दस्तावेज मांगे। स्टाफ ने उसे रिकॉर्ड दिखा भी दिया।</p>
<h2>ऐसे हुआ फर्जी अफसर पर शक</h2>
<p>इसी बीच तीसरे अस्पताल के डायरेक्टर रिकॉर्ड रूम में पहुंचे। उन्होंने जब कथित अधिकारी से कुछ जानकारी मांगी तो वह उन्हें अपने चैंबर में चलने के लिए कहने लगा।</p>
<p>डायरेक्टर ने अपने चैंबर में उससे सेना से जुड़ी कुछ बातें कीं, जिस पर उन्हें शक हुआ। सबसे बड़ा शक इस बात से हुआ कि विजिलेंस ऑफिसर होने के बावजूद उसके साथ कोई सुरक्षाकर्मी या टीम का अन्य सदस्य नहीं था।</p>
<h3>असली कर्नल से बात करते ही खुली पोल</h3>
<p>इसी दौरान, दूसरे अस्पताल के संचालक ने इस कथित अधिकारी की जानकारी ECHS पॉलीक्लिनिक, चिड़ावा के प्रभारी कर्नल दलीप सिंह शेखावत को दे दी। कर्नल शेखावत ने तुरंत तीसरे अस्पताल के निदेशक से संपर्क किया और आरोपी को वहीं रोकने के लिए कहा।</p>
<p>जब अस्पताल संचालक ने उसकी बात कर्नल शेखावत से करवाई तो वह सेना से जुड़े कुछ सवालों में उलझ गया और संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया।</p>
<blockquote>निजी अस्पतालों से आर्मी विजिलेंस ऑफिसर के जांच के लिए पहुंचने की शिकायत मिली थी। खुद को विजिलेंस ऑफिसर बता रहे आरोपी से मैंने बात की और कुछ आर्मी कोर और ट्रेड से संबंधित सवाल किए तो वह जवाब नहीं दे पाया। जिस कारण हमें शक हुआ, पॉली क्लिनिक से दो जवानों को पकड़ने के लिए भी भेजा। मगर आरोपी फरार हो गया। जिसकी शिकायत आर्मी हेडक्वार्टर को भेजी जा रही है। - कर्नल दलीप सिंह शेखावत, प्रभारी, ECHS पॉलीक्लिनिक</blockquote>
<h2>टीम पहुंचने से पहले ही हुआ फरार</h2>
<p>खुद को फंसता देख आरोपी दूसरे अस्पताल का निरीक्षण करने का बहाना बनाकर वहां से निकल गया। कर्नल शेखावत ने उसे पकड़ने के लिए सूबेदार मेजर हीरासिंह और एएलडी जितेंद्र कुमार को तुरंत अस्पताल भेजा, लेकिन तब तक वह अपनी कार से फरार हो चुका था। अस्पताल प्रबंधन ने उसका पिलोद तक पीछा भी किया, लेकिन वह किसी दूसरे रास्ते से निकल भागा।</p>
<p>इस घटना ने क्षेत्र के निजी अस्पतालों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। आरोपी को सेना और ECHS योजना की काफी जानकारी थी, जिससे लगता है कि यह एक सोची-समझी ठगी की कोशिश थी। फिलहाल, मामले की शिकायत आर्मी हेडक्वार्टर को भेजी जा रही है ताकि ऐसे धोखेबाजों पर कार्रवाई हो सके।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>गाड़ी पर &#039;इष्ट देव&#039; का नाम लिखने पर चालान, MLA ने पूछा गुनाह है?</title>
    <link>https://thinq360.com/rajasthan-challan-for-religious-slogan-on-vehicle-mla-ravindra-bhati-questions</link>
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    <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 11:11:55 +0530</pubDate>
    <dc:creator>desk</dc:creator>
    <category>राजनीति</category>
    <description><![CDATA[राजस्थान में गाड़ी पर 'बाबा गरीबनाथ' लिखने पर चालान कटा। MLA रविंद्र भाटी ने पूछा- राम राज्य में यह गुनाह है?]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>बाड़मेर | </strong>राजस्थान में इन दिनों एक नया विवाद गरमाया हुआ है। यहां ट्रैफिक पुलिस वाहनों पर 'इष्ट देव' का नाम या कोई धार्मिक संदेश लिखे होने पर चालान काट रही है। इस कार्रवाई ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है, जिसमें शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने इसे आस्था से जुड़ा मुद्दा बना दिया है।</p>
<h2>'राम राज्य में इष्ट का नाम लिखना भी गुनाह?'</h2>
<p>यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब बाड़मेर में एक गाड़ी का चालान सिर्फ इसलिए काटा गया क्योंकि उस पर 'बाबा गरीबनाथ जी' लिखा था। दावा है कि वाहन चालक ने किसी अन्य यातायात नियम का उल्लंघन नहीं किया था।</p>
<p>इस घटना के सामने आते ही शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल दिया। उन्होंने चालान की कॉपी शेयर करते हुए सरकार से सीधा सवाल किया।</p>
<blockquote>भाटी ने अपनी पोस्ट में लिखा, "राम राज्य में अपने इष्ट का नाम लिखना भी क्या गुनाह है?"</blockquote>
<p>उन्होंने कहा कि नियमों के नाम पर चुनिंदा या धार्मिक आस्थाओं को ठेस पहुंचाने वाली कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कानून सभी के लिए समान रूप से लागू होना चाहिए।</p>
<h2>'जय बजरंगबली' और 'जय मां जगदम्बे' पर भी एक्शन</h2>
<p>बाड़मेर का मामला अकेला नहीं है। इसके बाद सोशल मीडिया पर ऐसे ही कई और चालान की तस्वीरें वायरल होने लगीं, जिससे लोगों का गुस्सा और भड़क गया।</p>
<p>जोधपुर पुलिस द्वारा काटे गए एक चालान में वाहन पर "जय मां जगदम्बे" लिखे होने का जिक्र है। वहीं, राजधानी जयपुर में एक गाड़ी पर "जय बजरंगबली" लिखने पर 100 रुपये का चालान काटा गया। इन मामलों ने बहस को और तेज कर दिया है।</p>
<h2>सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा</h2>
<p>विधायक भाटी के मुद्दा उठाने के बाद एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। ज्यादातर लोगों ने इस कार्रवाई को गलत और सनातन संस्कृति पर हमला बताया।</p>
<h3>पुलिस की प्राथमिकता पर सवाल</h3>
<p>यूजर्स ने लिखा कि पुलिस को अपराधियों को पकड़ने और महिला सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, न कि गाड़ियों पर लिखे भगवान के नामों पर। एक यूजर ने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुधर नहीं रही और पुलिस 100 रुपये के चालान में व्यस्त है।</p>
<h3>"चुनिंदा कार्रवाई" का आरोप</h3>
<p>कई लोगों ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई सिर्फ बहुसंख्यक समाज की भावनाओं को आहत करने के लिए की जा रही है। सवाल उठाए गए कि अन्य मजहबी प्रतीकों या जातिसूचक शब्दों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती?</p>
<h2>क्या कहता है मोटर व्हीकल एक्ट?</h2>
<p>कानूनी जानकारों के मुताबिक, मोटर व्हीकल एक्ट के तहत वाहन की नंबर प्लेट पर कुछ भी लिखना गैर-कानूनी है। हालांकि, गाड़ी की बॉडी या शीशे पर नाम लिखने को लेकर नियम स्पष्ट नहीं हैं और यह स्थानीय पुलिस की व्याख्या पर निर्भर करता है। इसी अस्पष्टता के कारण पुलिस पर कानून के दुरुपयोग का आरोप लग रहा है।</p>
<p>यह विवाद अब कानून की व्याख्या और धार्मिक स्वतंत्रता के बीच एक बड़ी बहस बन चुका है। लोगों का कहना है कि अपनी आस्था प्रकट करना अपराध नहीं हो सकता, जबकि प्रशासन इसे नियमों का उल्लंघन बता रहा है। इस मामले पर सरकार की अगली कार्रवाई का इंतजार है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>PM मोदी करेंगे पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन, अलर्ट पर प्रशासन</title>
    <link>https://thinq360.com/pm-modi-to-inaugurate-pachpadra-refinery-rajasthan-on-high-alert</link>
    <guid isPermaLink="true">https://thinq360.com/pm-modi-to-inaugurate-pachpadra-refinery-rajasthan-on-high-alert</guid>
    <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 11:04:05 +0530</pubDate>
    <dc:creator>desk</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[4 जुलाई को PM मोदी करेंगे लोकार्पण, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर, 2.51 लाख पौधे लगाए जाएंगे।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>बालोतरा | </strong>पश्चिमी राजस्थान की बहुप्रतीक्षित पचपदरा रिफाइनरी अब उद्घाटन के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को इस विशाल परियोजना का लोकार्पण करेंगे। उनके दौरे को लेकर जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं, और तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।</p>
<h2>सुरक्षा के कड़े इंतजाम</h2>
<p>प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी 4 जुलाई को दोपहर 12 बजे पचपदरा पहुंचेंगे और लगभग दो घंटे के कार्यक्रम के बाद जोधपुर के लिए रवाना होंगे। हालांकि, अभी आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है।</p>
<p>कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों, पुलिस और प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। हर पहलू की माइक्रो-प्लानिंग की गई है ताकि किसी भी तरह की कोई चूक न हो।</p>
<h3>सीमित लोगों को मिलेगी एंट्री</h3>
<p>सुरक्षा कारणों से समारोह में प्रवेश सीमित रखा गया है। कार्यक्रम स्थल पर लगभग पांच हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। आम जनता इस ऐतिहासिक पल की गवाह बन सके, इसके लिए जिले भर में एलईडी स्क्रीन पर सीधा प्रसारण किया जाएगा।</p>
<p>भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ तैयारियों का जायजा लेने पचपदरा पहुंचेंगे, वहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 3 जुलाई को अंतिम समीक्षा करेंगे।</p>
<h2>पर्यावरण संरक्षण का महाअभियान</h2>
<p>इस ऐतिहासिक उद्घाटन को पर्यावरण संरक्षण के एक बड़े जनअभियान से भी जोड़ा गया है। जिला प्रशासन ने इस दिन पूरे जिले में 2.51 लाख पौधे लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।</p>
<p>प्रत्येक ग्राम पंचायत में 500 पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर भी बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण होगा।</p>
<h3>साइकिल रैली से देंगे संदेश</h3>
<p>प्रदेश सरकार ईंधन बचाने और पर्यावरण की रक्षा का संदेश देने के लिए एक अनूठी पहल कर रही है। मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक पचपदरा से रिफाइनरी तक एक साइकिल रैली में हिस्सा लेंगे।</p>
<blockquote>जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे पौधरोपण अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें और लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लें।</blockquote>
<p>कार्यक्रम स्थल पर ई-वाहनों और साइकिलों के लिए एक विशेष 'ग्रीन पार्किंग' भी बनाई जाएगी, जो पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।</p>
<p>यह आयोजन न केवल राजस्थान के औद्योगिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नई मिसाल भी कायम करेगा। यह विकास और प्रकृति के बीच संतुलन का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करने की तैयारी है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>राजस्थान: नए जिलों का विकास पुराने परिषदों के हाथ, जानें क्यों</title>
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    <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 10:41:43 +0530</pubDate>
    <dc:creator>desk</dc:creator>
    <category>राजनीति</category>
    <description><![CDATA[पंचायतीराज चुनाव न होने से 9 नए जिलों में जिला परिषदों का गठन अटका, विकास योजनाओं पर पड़ रहा असर।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong> राजस्थान में हाल ही में बने नए जिलों के विकास की रफ्तार पर एक बड़ा सवालिया निशान लग गया है। सबसे बड़ी वजह यह है कि इन जिलों में अभी तक अपनी जिला परिषदें ही नहीं बन पाई हैं, जिसके चलते विकास की पूरी कमान पुराने जिलों के हाथों में ही सिमटी हुई है।</p>
<h2>क्यों अटकी नए जिलों में विकास की गाड़ी?</h2>
<p>राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव समय पर नहीं हो पाने का सीधा और गहरा असर नवगठित जिलों के भविष्य पर पड़ा है। प्रदेश में बनाए गए 9 नए जिलों में अब तक जिला परिषदों का गठन नहीं हो सका है।</p>
<p>यह प्रशासनिक ढांचा किसी भी जिले के ग्रामीण विकास की रीढ़ माना जाता है। इसके अभाव में नई योजनाओं को धरातल पर उतारना और उनका सही तरीके से प्रबंधन करना एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया है।</p>
<p>जब तक स्थानीय स्तर पर निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं होंगे, तब तक इन नए जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों की विशिष्ट जरूरतों और आकांक्षाओं को समझना और उन्हें पूरा करना लगभग असंभव है।</p>
<h3>पंचायतीराज चुनाव में देरी का बड़ा असर</h3>
<p>प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक राज्य में पंचायतीराज चुनाव संपन्न नहीं हो जाते, तब तक यह अनिश्चितता की स्थिति बनी रहेगी। चुनावों के बाद ही नई जिला परिषदों, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों का विधिवत गठन संभव हो पाएगा।</p>
<p>इस देरी के कारण न केवल विकास से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि वित्तीय आवंटन में भी पुरानी व्यवस्था ही लागू है, जो नए जिलों की बदली हुई भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों के लिए पूरी तरह से कारगर नहीं है।</p>
<h2>पुरानी परिषदों के भरोसे चल रहीं नई योजनाएं</h2>
<p>इस प्रशासनिक खालीपन को भरने के लिए, सरकार ने फिलहाल एक अस्थायी और वैकल्पिक व्यवस्था अपनाई है। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग की सभी महत्वपूर्ण योजनाएं पुराने जिलों की जिला परिषदों के माध्यम से ही संचालित की जा रही हैं।</p>
<p>इसका सीधा मतलब यह है कि जो जिले भौगोलिक रूप से पूरी तरह अलग हो चुके हैं, वे प्रशासनिक और वित्तीय रूप से आज भी अपने पुराने 'मूल' जिले पर ही निर्भर रहने को मजबूर हैं। यह स्थिति विकास में असंतुलन पैदा कर सकती है।</p>
<h3>विकसित भारत गारंटी मिशन भी पुराने ढर्रे पर</h3>
<p>केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना, 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन', का संचालन भी इन नए जिलों में पुरानी जिला परिषदों को ही सौंपा गया है। यह फैसला योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन पर सवाल खड़े करता है।</p>
<p>इसी तरह, श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना के लिए भी यही निर्देश जारी किए गए हैं। परियोजना निदेशक ओमकारेश्वर शर्मा ने अपने निर्देशों में स्पष्ट रूप से कहा है कि:</p>
<blockquote>"योजना का संचालन पूर्व की नोडल जिला परिषदों के माध्यम से ही किया जाए।"</blockquote>
<p>इस आधिकारिक निर्देश से यह पूरी तरह साफ हो जाता है कि जब तक नई परिषदें अस्तित्व में नहीं आतीं, तब तक वित्तीय प्रबंधन से लेकर प्रशासनिक नियंत्रण तक, सब कुछ पुरानी व्यवस्था के तहत ही चलता रहेगा।</p>
<h2>सरकार के फैसले और जिलों का जटिल गणित</h2>
<p>यह जानना भी दिलचस्प है कि राजस्थान में जिलों की संख्या को लेकर पिछले एक साल में काफी बड़े बदलाव हुए हैं। पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार ने 2023 में 19 नए जिले और 3 नए संभाग घोषित किए थे, जिससे राज्य में कुल जिलों की संख्या 50 हो गई थी।</p>
<p>हालांकि, दिसंबर 2023 में सत्ता में आई भजनलाल शर्मा सरकार ने इस फैसले की व्यापक समीक्षा की। नई सरकार ने प्रशासनिक और वित्तीय जरूरतों का हवाला देते हुए गहलोत सरकार के बनाए कुछ जिलों के गठन को निरस्त करने का फैसला किया।</p>
<h3>गहलोत से भजनलाल सरकार तक का सफर</h3>
<p>भजनलाल सरकार ने एक अहम फैसले में दूदू, केकड़ी, शाहपुरा, नीम का थाना, गंगापुर सिटी, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर ग्रामीण, अनूपगढ़ और सांचौर जैसे जिलों को रद्द कर दिया था।</p>
<p>वहीं, बालोतरा, ब्यावर, डीग, डीडवाना-कुचामन, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, फलौदी और सलूंबर जैसे नए जिले अपने अस्तित्व में बने रहे। इन सभी बदलावों के बाद, राजस्थान में वर्तमान में कुल 41 जिले और 7 संभाग हैं।</p>
<p>अब इन नए बने जिलों के लाखों निवासियों को अपनी स्थानीय जिला परिषद का बेसब्री से इंतजार है, ताकि उनके क्षेत्र का विकास उनकी अपनी प्राथमिकताओं और स्थानीय जरूरतों के हिसाब से तेजी से हो सके।</p>
<h3>क्या है भविष्य की राह?</h3>
<p>अब सभी की निगाहें राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग पर टिकी हुई हैं। पंचायतीराज चुनावों की घोषणा के बाद ही इन नए जिलों को उनकी असली प्रशासनिक पहचान और स्वायत्तता मिल सकेगी।</p>
<p>जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक इन क्षेत्रों के विकास की गाड़ी पुराने जिलों के सहारे ही धीरे-धीरे आगे बढ़ती रहेगी, जो एक स्थायी और प्रभावी समाधान बिल्कुल नहीं है। यह स्थिति जल्द से जल्द बदलनी चाहिए।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>संयम लोढ़ा का बड़ा हमला: चुनाव टालना ओबीसी से अन्याय</title>
    <link>https://thinq360.com/sanyam-lodha-rajasthan-election-delay-obc-reservation</link>
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    <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 19:07:39 +0530</pubDate>
    <dc:creator>Pradeep Beedawat</dc:creator>
    <category>राजनीति</category>
    <description><![CDATA[राजस्थान में निकाय चुनाव टालने पर पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने सरकार को घेरा।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर |&nbsp;</strong>राजस्थान में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मी अब पूरी तरह से तेज हो गई है। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने इस मुद्दे पर सरकार पर तीखा हमला बोला है।</p>
<p>उन्होंने चुनाव टालने की कोशिशों को ओबीसी वर्ग के साथ बड़ा अन्याय बताया है। संयम लोढ़ा के इस बयान ने राज्य की राजनीति में नया उबाल ला दिया है।</p>
<p>राजस्थान हाईकोर्ट की 31 जुलाई 2026 की डेडलाइन जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे सरकार और विपक्ष के बीच जुबानी जंग भी तेज होती जा रही है।</p>
<h2>हाईकोर्ट का सख्त आदेश और प्रशासनिक सुस्ती</h2>
<p>संयम लोढ़ा ने कहा कि माननीय राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 22 मई 2026 को ही इस मामले में अपना रुख साफ कर दिया था। कोर्ट ने चुनाव कराने के निर्देश दिए थे।</p>
<p>न्यायालय ने स्पष्ट कहा था कि 31 जुलाई तक हर हाल में चुनाव प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए। इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।</p>
<p>स्वायत्त शासन विभाग और पंचायती राज विभाग केवल कागजी पत्राचार में उलझे हुए हैं। धरातल पर चुनाव की तैयारियां अभी तक शुरू भी नहीं हो पाई हैं।</p>
<h2>ओबीसी आरक्षण के नाम पर गुमराह करने का आरोप</h2>
<p>संयम लोढ़ा ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह ओबीसी आरक्षण और ट्रिपल टेस्ट की आड़ में जानबूझकर चुनाव टालने की कोशिश कर रही है। यह बेहद निंदनीय है।</p>
<blockquote>"न्यायालय ने साफ कहा था कि ट्रिपल टेस्ट या ओबीसी आयोग की सुस्ती को आधार बनाकर जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों को नहीं छीना जा सकता है।"</blockquote>
<p>लोढ़ा ने कहा कि यह पिछड़े वर्गों को उनका संवैधानिक हक न देने की सोची-समझी रणनीति है। अधिकारी स्थानीय निकायों पर नौकरशाही का कब्जा बनाए रखना चाहते हैं।</p>
<p>वार्ड डिलिमिटेशन और वोटर लिस्ट बनाने का काम भी समय पर पूरा नहीं हुआ। जून का पूरा महीना अधिकारियों ने मीटिंग और लेटर में बर्बाद कर दिया।</p>
<p>डी.बी. सिविल रिट के मामले में हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को स्पष्ट निर्देश दिए थे। इसके बावजूद निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है।</p>
<p>20 जून 2026 तक सभी वार्डों का परिसीमन पूरा हो जाना चाहिए था। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह काम समय पर पूरा नहीं हो सका।</p>
<h3>अधिकारियों पर लटकी अवमानना की तलवार</h3>
<p>इस प्रशासनिक ढिलाई के खिलाफ अब शीर्ष अधिकारियों को 'न्याय की मांग' का लीगल नोटिस भी भेजा जा चुका है। इससे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।</p>
<p>संयम लोढ़ा ने इस कानूनी कदम का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय पर चुनाव अधिसूचना जारी नहीं हुई तो गंभीर परिणाम होंगे।</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-media-max-width="560">
<p dir="ltr" lang="hi">राजस्थान में चुनाव टालने पर बड़ा एक्शन: अफसरों को कंटेंप्ट नोटिस संयम लोढ़ा का वार: OBC आरक्षण की आड़ में चुनाव टालने की साज़िश? 31 जुलाई डेडलाइन या जेल? राजस्थान के टॉप अफसरों को लीगल नोटिस राजस्थान में हाईकोर्ट की अवमानना? अफसरों को सीधा लीगल नोटिस! 31 जुलाई की डेडलाइन...&hellip; <a href="https://t.co/3qvBvyNNGu">pic.twitter.com/3qvBvyNNGu</a></p>
&mdash; thinQ360 (@thinQ360) <a href="https://x.com/thinQ360/status/2072320939447165163?ref_src=twsrc%5Etfw">July 1, 2026</a></blockquote>
<p>अधिकारियों को न्यायालय अवमानना अधिनियम, 1971 के तहत जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। कानून से ऊपर कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं हो सकता है।</p>
<p>उन्होंने मांग की है कि सरकार तुरंत प्रभाव से वार्डवार आरक्षण की स्थिति साफ करे। इसके साथ ही राज्य में तुरंत आचार संहिता लागू की जानी चाहिए।</p>
<h2>राजस्थान की राजनीति में बड़ा राजनीतिक उबाल</h2>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा अब केवल प्रशासनिक नहीं रह गया है। यह राजस्थान में एक बड़ा ओबीसी राजनीतिक नैरेटिव बनता जा रहा है।</p>
<p>यदि 31 जुलाई तक चुनाव नहीं होते हैं, तो विपक्ष इस मामले को दोबारा अदालत में ले जाएगा। इससे सरकार की चौतरफा किरकिरी होना पूरी तरह तय है।</p>
<p>पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए कई सामाजिक संगठन भी अब लामबंद होने लगे हैं। राज्य में एक बड़ा आंदोलन भी शुरू हो सकता है।</p>
<p>विपक्ष का आरोप है कि सरकार चुनाव हारने के डर से इन्हें टालने का प्रयास कर रही है। ग्रामीण इलाकों में सरकार के खिलाफ माहौल बन रहा है।</p>
<p>इस विवाद ने पंचायती राज व्यवस्था की स्वायत्तता पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। नौकरशाही का बढ़ता हस्तक्षेप लोकतंत्र के लिए घातक संकेत है।</p>
<h3>क्या समय पर हो पाएंगे निकाय चुनाव?</h3>
<p>स्थानीय स्वशासन ही हमारे लोकतंत्र की असली और मजबूत बुनियाद है। संयम लोढ़ा के इन तीखे सवालों के बाद अब गेंद पूरी तरह सरकार के पाले में है।</p>
<p>क्या सरकार हाईकोर्ट की 31 जुलाई की समय-सीमा का सम्मान करेगी? या फिर यह मामला एक बड़े कानूनी और राजनीतिक टकराव का रूप ले लेगा, यह देखना होगा।</p>
<p>जनता अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकार को जल्द से जल्द इस दिशा में सकारात्मक और ठोस निर्णय लेना ही होगा।</p>
<p>संयम लोढ़ा के इस आक्रामक रुख ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में राजस्थान की सियासत में चुनाव को लेकर घमासान और तेज होगा।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>बीकानेर: पुलिस इंस्पेक्टर श्रवण बिश्नोई ने की आत्महत्या, जांच जारी</title>
    <link>https://thinq360.com/bikaner-police-inspector-shravan-bishnoi-commits-suicide-investigation-underway</link>
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    <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 18:03:20 +0530</pubDate>
    <dc:creator>महेन्द्रसिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राज्य</category>
    <description><![CDATA[बीकानेर में पुलिस इंस्पेक्टर श्रवण बिश्नोई ने की आत्महत्या। हाल ही में एसीबी से सीआईडी में हुआ था तबादला।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>बीकानेर | </strong>राजस्थान के बीकानेर से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां एक पुलिस इंस्पेक्टर श्रवण बिश्नोई ने आत्महत्या कर ली है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।</p>
<h2>क्या है पूरा मामला?</h2>
<p>यह घटना बीकानेर की है, जहां पुलिस इंस्पेक्टर श्रवण बिश्नोई ने अपनी जान दे दी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे।</p>
<p>उन्होंने मौके का मुआयना किया और शव को अपने कब्जे में ले लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए स्थानीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।</p>
<p>पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है और सबूत जुटाने के लिए जयपुर से फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है।</p>
<h3>तबादले से थे परेशान?</h3>
<p>प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, श्रवण बिश्नोई हाल ही में हुए अपने तबादले को लेकर परेशान चल रहे थे। उनका तबादला कुछ समय पहले ही एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) से सीआईडी-सीबी, जयपुर में हुआ था।</p>
<p>बताया जा रहा है कि वे इस तबादले से खुश नहीं थे और वापस बीकानेर आने के लिए लगातार प्रयास कर रहे थे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल पा रही थी।</p>
<p>सूत्रों का कहना है कि वे कुछ व्यक्तिगत कारणों से भी तनाव में थे। इन्हीं सब वजहों से वे पिछले कुछ समय से छुट्टी पर बीकानेर में ही अपने घर पर थे।</p>
<blockquote>एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "मामला बेहद संवेदनशील है। हम हर एंगल से जांच कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।"</blockquote>
<h2>जांच में जुटी पुलिस और फॉरेंसिक टीम</h2>
<p>पुलिस ने आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए जांच तेज कर दी है। अभी तक कोई सुसाइड नोट मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।</p>
<p>पुलिस बिश्नोई के परिवार के सदस्यों, दोस्तों और सहकर्मियों से पूछताछ कर रही है ताकि उनकी मानसिक स्थिति और परेशानी के संभावित कारणों का पता चल सके।</p>
<p>एफएसएल टीम घटनास्थल से फिंगरप्रिंट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र करेगी, जिससे जांच को सही दिशा मिल सके। पुलिस विभाग ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।</p>
<h3>कौन थे श्रवण बिश्नोई?</h3>
<p>इंस्पेक्टर श्रवण बिश्नोई मूल रूप से बीकानेर के कोलायत क्षेत्र के चक विजयसिंहपुरा के रहने वाले थे। उन्होंने एक लंबा समय बीकानेर एसीबी में अपनी सेवाएं दी थीं।</p>
<p>वे एक काबिल और मेहनती अधिकारी के रूप में जाने जाते थे। उनके इस तरह अचानक दुनिया से चले जाने से उनके परिवार और पुलिस विभाग में शोक की लहर है।</p>
<p>इस दुखद घटना ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों पर काम के दबाव और मानसिक तनाव के मुद्दे को उजागर किया है। विभाग के कई सहयोगियों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।</p>
<p>पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही आत्महत्या के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल, पूरा पुलिस महकमा इस घटना से स्तब्ध है और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहा है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>गोविंदराम मेघवाल की बड़ी चेतावनी</title>
    <link>https://thinq360.com/bikaner-mosque-dispute-govindram-meghwal-warning</link>
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    <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 16:56:50 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[गोविंदराम मेघवाल ने 300 मस्जिदों को न हटाने का लिखित आश्वासन मांगा है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>बीकानेर | </strong> राजस्थान के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता गोविंदराम मेघवाल ने प्रशासन को बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कथित तौर पर 300 मस्जिदों को हटाने की साजिश के विरोध में मोर्चा खोल दिया है।<img src="https://d2uvd0bcf4ztg.cloudfront.net/uploads/images/WhatsApp_Image_2026-07-01_at_4_22_15_PM.webp" alt="" width="974" height="545"></p>
<h2>लिखित आश्वासन की मांग</h2>
<p>मेघवाल ने प्रशासन से स्पष्ट लिखित आश्वासन मांगा है कि इन मस्जिदों को नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर अगली बार बीस गुना अधिक भीड़ के साथ घेराव किया जाएगा।<img src="https://d2uvd0bcf4ztg.cloudfront.net/uploads/images/WhatsApp_Image_2026-07-01_at_4_22_14_PM.webp" alt="" width="1239" height="1332"></p>
<blockquote>"300 मस्जिदें नहीं टूटेंगी, हमें ऐसा लिखित आश्वासन चाहिए। अन्यथा अगली बार बीस गुना बड़ी भीड़ जिम्मेदारी होगी।"</blockquote>
<h2>केंद्र सरकार पर तीखा हमला</h2>
<p>कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार देश की संपत्तियों को बड़े उद्योगपतियों को बेच रही है।</p>
<h3>सामाजिक समरसता का संदेश</h3>
<p>मेघवाल ने दावा किया कि इस सभा में जाट, राजपूत, मुस्लिम और सिख सहित सभी 36 कौम के लोग शामिल हुए। यह सर्वसमाज की भागीदारी का प्रतीक है।</p>
<p>इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम ने बीकानेर में तनाव बढ़ा दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस चेतावनी पर क्या प्रतिक्रिया देता है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
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    <title>दिव्यांगजनों को स्वरोजगार के लिए 5 लाख रुपये तक का ऋण मिलेगा</title>
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    <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 13:41:34 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन स्वरोजगार योजना के तहत मिलेगा लाभ, 50 हजार तक का अनुदान भी शामिल।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>बीकानेर | </strong> सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन स्वरोजगार योजना के तहत, पात्र दिव्यांगों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।</p>
<h2>योजना की पात्रता और शर्तें</h2>
<p>इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक का राजस्थान का मूल निवासी होना अनिवार्य है। साथ ही, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुसार उसमें कम से कम 40 प्रतिशत दिव्यांगता होनी चाहिए।</p>
<p>आवेदक की आयु 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा, आवेदक के स्वयं एवं परिवार की कुल वार्षिक आय 2 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।</p>
<blockquote>सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक एलडी पंवार ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सम्मानजनक आजीविका प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।</blockquote>
<h2>कैसे और किन व्यवसायों के लिए मिलेगा ऋण?</h2>
<p>ऋण राशि पर 50 प्रतिशत या अधिकतम 50 हजार रुपये का अनुदान भी दिया जाएगा। समय पर ऋण चुकाने वालों को ब्याज दर में 5 प्रतिशत की विशेष छूट भी मिलेगी।</p>
<p>इच्छुक व्यक्ति किराना स्टोर, टेलरिंग शॉप, ब्यूटी पार्लर, मोबाइल रिपेयरिंग, टी हाउस और पुस्तक-स्टेशनरी जैसे कई छोटे व्यवसायों के लिए यह ऋण प्राप्त कर सकते हैं।</p>
<p>पात्र दिव्यांगजन एसएसओ पोर्टल पर डीएसएपी पोर्टल के माध्यम से या किसी ई-मित्र कियोस्क पर जाकर आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।</p>
<h3>योजना का प्रभाव</h3>
<p>यह योजना दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे आत्मनिर्भर जीवन जी सकेंगे।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>वैभव के डेब्यू पर अय्यर ने तोड़ी चुप्पी, बताया क्यों नहीं मिला मौका</title>
    <link>https://thinq360.com/shreyas-iyer-breaks-silence-on-vaibhav-suryavanshi-t20-debut-vs-england</link>
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    <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 11:25:17 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>क्रिकेट</category>
    <description><![CDATA[श्रेयस अय्यर ने बताया कि वर्ल्ड कप विजेता खिलाड़ियों को मौका देना टीम की प्राथमिकता है, जिससे सूर्यवंशी का इंतजार बढ़ सकता है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>चेस्टर-ले-स्ट्रीट | </strong> भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 सीरीज के आगाज से ठीक पहले, युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू को लेकर चल रही अटकलों पर कप्तान श्रेयस अय्यर ने पूर्णविराम लगा दिया है। उन्होंने साफ किया है कि टीम की प्राथमिकता फिलहाल वर्ल्ड कप विजेता खिलाड़ियों को ही मौके देना है।</p>
<h2>अय्यर ने क्यों किया वर्ल्ड कप विजेताओं का समर्थन?</h2>
<p>मैच से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्रेयस अय्यर ने टीम की रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि जिन खिलाड़ियों ने हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप जिताया है, उनका आत्मविश्वास बनाए रखना बेहद जरूरी है।</p>
<p>अय्यर का मानना है कि इन खिलाड़ियों को लगातार मौके देने से उन्हें सुरक्षा का एहसास होता है, जो टीम के लिए फायदेमंद है।</p>
<blockquote>"जिन खिलाड़ियों ने पिछला टी20 वर्ल्ड कप जीता है, उन्हें अच्छी तरह पता है कि टी20 क्रिकेट कैसे खेला जाता है और टीम को मैच कैसे जिताए जाते हैं। वे इस टीम के मुख्य स्तंभ हैं।"</blockquote>
<p>इस बयान से यह लगभग तय हो गया है कि इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 में वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में जगह मिलना मुश्किल है।</p>
<h3>टीम संयोजन को प्राथमिकता</h3>
<p>कप्तान ने जोर देकर कहा कि एक बड़े टूर्नामेंट से पहले टीम के मुख्य खिलाड़ियों को लय में रखना महत्वपूर्ण है। ये वही खिलाड़ी हैं जो लगातार टी20 फॉर्मेट खेलते आ रहे हैं और टीम की जरूरतों को समझते हैं।</p>
<p>इसलिए, टीम मैनेजमेंट किसी नए खिलाड़ी को आजमाने की बजाय स्थापित खिलाड़ियों पर ही भरोसा जता रहा है।</p>
<h2>वर्ल्ड कप में चमके थे ये सितारे</h2>
<p>श्रेयस अय्यर जिस वर्ल्ड कप की बात कर रहे हैं, उसमें कुछ खिलाड़ियों का प्रदर्शन असाधारण रहा था। संजू सैमसन ने भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए थे।</p>
<p>सैमसन ने सिर्फ 5 मैचों में 80 की शानदार औसत से 321 रन बटोरे थे, जिसमें 27 चौके और 24 छक्के शामिल थे।</p>
<p>वहीं, विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने भी 9 मैचों में 35 की औसत से 317 रन बनाकर अहम योगदान दिया था।</p>
<h3>अभिषेक शर्मा पर सवाल</h3>
<p>हालांकि, टीम में अभिषेक शर्मा की जगह पर सवाल उठते रहे हैं। फाइनल की एक पारी को छोड़ दें तो पूरे टूर्नामेंट में उनका बल्ला खामोश रहा था।</p>
<p>उनसे ज्यादा रन तो सूर्यकुमार यादव और शिवम दुबे ने बनाए थे। इसके बावजूद वर्ल्ड कप के बाद अभिषेक टीम में बने रहे, जबकि सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाने के साथ-साथ टीम से भी बाहर कर दिया गया।</p>
<p>इन फैसलों से साफ है कि टीम मैनेजमेंट फिलहाल अपने आजमाए हुए खिलाड़ियों के साथ ही आगे बढ़ना चाहता है, जिससे वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा प्रतिभाओं को अपने मौके के लिए और इंतजार करना पड़ सकता है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>एम्बाप्पे के 2 गोल, फ्रांस अंतिम-16 में</title>
    <link>https://thinq360.com/fifa-world-cup-2026-france-vs-sweden-mbappe-scores-twice-to-reach-round-of-16</link>
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    <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 10:15:05 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>खेल</category>
    <description><![CDATA[कप्तान एम्बाप्पे के दो गोलों की मदद से फ्रांस ने स्वीडन को 3-0 से हराया। अब पैराग्वे से होगी भिड़ंत।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>न्यूयॉर्क | </strong>फीफा विश्व कप 2026 के एकतरफा मुकाबले में फ्रांस ने स्वीडन को 3-0 से करारी शिकस्त दी है। इस जीत के हीरो कप्तान किलियन एम्बाप्पे रहे, जिन्होंने दो गोल दागकर अपनी टीम को राउंड ऑफ 16 में पहुंचा दिया। अब फ्रांस का अगला मुकाबला पैराग्वे से होगा।</p>
<h2>एम्बाप्पे के दम पर फ्रांस की शानदार जीत</h2>
<p>न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में फ्रांसीसी टीम शुरुआत से ही हावी रही। टीम ने लगातार आक्रामक खेल दिखाया और स्वीडन के डिफेंस पर दबाव बनाए रखा।</p>
<p>कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने अपनी रफ्तार और बेहतरीन फिनिशिंग का प्रदर्शन करते हुए दो शानदार गोल किए। उनके गोलों ने टीम को एक मजबूत बढ़त दिलाई, जिससे टीम का आत्मविश्वास और बढ़ गया।</p>
<p>मैच का तीसरा गोल ब्रैडली बारकोला ने किया, जिससे फ्रांस की जीत पूरी तरह सुनिश्चित हो गई। इस जीत ने फ्रांस को खिताब के प्रबल दावेदारों में से एक के रूप में स्थापित कर दिया है।</p>
<h3>स्वीडन की टीम रही बेबस</h3>
<p>दूसरी ओर, स्वीडन की टीम पूरे मैच में संघर्ष करती नजर आई। फ्रांस के मजबूत डिफेंस को भेदने में वे पूरी तरह नाकाम रहे और कोई बड़ा मौका नहीं बना सके।</p>
<p>स्वीडिश फॉरवर्ड गोल करने का एक भी स्पष्ट मौका नहीं बना सके। फ्रांस के गोलकीपर ने भी कुछ अच्छे बचाव किए, जिससे स्वीडन की वापसी की सभी उम्मीदें खत्म हो गईं।</p>
<h2>एम्बाप्पे ने तोड़े कई रिकॉर्ड</h2>
<p>स्वीडन के खिलाफ दो गोल करने के साथ ही किलियन एम्बाप्पे ने फीफा विश्व कप के नॉकआउट मुकाबलों में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।</p>
<p>उनके नाम अब नॉकआउट चरण में कुल 10 गोल हो गए हैं। उन्होंने ब्राजील के महान फुटबॉलर रोनाल्डो और लियोनिडास (8-8 गोल) के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।</p>
<p><q>एम्बाप्पे इस पीढ़ी के सबसे खतरनाक स्ट्राइकर हैं, खासकर बड़े मैचों में उनका प्रदर्शन अविश्वसनीय होता है।</q></p>
<p>यह उपलब्धि उन्होंने केवल 9 नॉकआउट मैचों में हासिल की है, जो उनकी असाधारण प्रतिभा और लगातार बेहतरीन फॉर्म को दर्शाता है।</p>
<h3>गोल्डन बूट की रेस हुई रोमांचक</h3>
<p>इस प्रदर्शन के साथ ही गोल्डन बूट की दौड़ भी बेहद रोमांचक हो गई है। एम्बाप्पे के इस टूर्नामेंट में अब 6 गोल हो गए हैं, जिससे वह शीर्ष पर पहुंच गए हैं।</p>
<p>उन्होंने इस मामले में अर्जेंटीना के दिग्गज लियोनेल मेसी की बराबरी कर ली है। दोनों खिलाड़ी अब इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए बराबरी पर हैं।</p>
<p>विश्व कप इतिहास में सर्वाधिक गोल करने वालों की सूची में भी एम्बाप्पे (18 गोल) अब मेसी (19 गोल) के ठीक पीछे दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।</p>
<p>फ्रांस की यह जीत टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाएगी। अब 5 जुलाई को फिलाडेल्फिया में उनका सामना पैराग्वे से होगा, जिसने जर्मनी को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। यह मुकाबला निश्चित रूप से रोमांचक होने की उम्मीद है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>बूंदी में भगवान जगन्नाथ स्नान पूर्णिमा महोत्सव, उमड़े श्रद्धालु</title>
    <link>https://thinq360.com/bundi-jagannath-snan-purnima-mahotsav-celebrated-with-devotion</link>
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    <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 22:00:55 +0530</pubDate>
    <dc:creator>ललित पथमेड़ा</dc:creator>
    <category>राज्य</category>
    <description><![CDATA[वंशीवट फॉर्म में 21 कलश गंगाजल से हुआ महाअभिषेक, 15 दिन के लिए अनवसर काल में रहेंगे प्रभु।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>बूंदी | </strong> बाणगंगा रोड स्थित वंशीवट फॉर्म में रविवार को भगवान श्री जगन्नाथ का स्नान पूर्णिमा महोत्सव बड़े ही धूमधाम और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और देर रात तक चले कार्यक्रमों का आनंद लिया।</p>
<h2>21 कलश गंगाजल से महाअभिषेक</h2>
<p>महोत्सव का आयोजन इस्कॉन बूंदी के प्रभारी गजेंद्र पति विष्णु दास महाराज के सानिध्य में किया गया।</p>
<p>इस विशेष अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा महारानी का भव्य अभिषेक हुआ।</p>
<p>मंदिर प्रबंधन ने अभिषेक के लिए विशेष रूप से हरिद्वार से पवित्र गंगाजल मंगवाया था।</p>
<p>जब 21 कलशों से महाअभिषेक किया गया, तो पूरा परिसर 'जय जगन्नाथ' के उद्घोष से गूंज उठा।</p>
<h2>15 दिनों के अनवसर काल में प्रभु</h2>
<p>कार्यक्रम के दौरान हल्की बारिश भी हुई, लेकिन भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई।</p>
<p>भजन संध्या और कीर्तन के दौरान श्रद्धालु भक्ति के सागर में गोते लगाते रहे। सुंदर कथा ने वातावरण को और भी दिव्य बना दिया।</p>
<p>सामाजिक कार्यकर्ता पुरुषोत्तम पारीक ने इस अवसर पर धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला।</p>
<blockquote>उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार, स्नान पूर्णिमा के बाद भगवान जगन्नाथ 15 दिनों के लिए 'अनवसर' काल में विश्राम करते हैं। इस अवधि में वे अस्वस्थ माने जाते हैं।</blockquote>
<p>इस कारण मंदिर में नियमित दर्शन बंद रहेंगे और अब भगवान रथयात्रा महोत्सव पर ही भक्तों को दर्शन देंगे।</p>
<h3>सफल आयोजन में सहयोग</h3>
<p>इस महोत्सव को सफल बनाने में विवेक शर्मा, कैलाश गुप्ता, एडवोकेट संजय सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह हाड़ा, रितेश अग्रवाल, योगेश सोनी, करण भाटी, एडवोकेट सुधीर शर्मा और अमित गौतम सहित कई सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।</p>
<p>उनके प्रयासों से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और भक्तों को एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हुआ।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>बीकानेर: गणेशम रिसॉर्ट सीज, 4 बीघा सरकारी जमीन पर कब्जा</title>
    <link>https://thinq360.com/bikaner-ganesham-resort-sealed-bda-land-encroachment-case</link>
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    <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 21:58:52 +0530</pubDate>
    <dc:creator>महेन्द्रसिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राज्य</category>
    <description><![CDATA[BDA की बड़ी कार्रवाई! हाईकोर्ट से स्टे टूटने के बाद बीकानेर के नामचीन गणेशम रिसॉर्ट पर लगा ताला।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>बीकानेर | </strong>बीकानेर विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के प्रसिद्ध गणेशम रिसॉर्ट को सीज कर दिया। रिसॉर्ट पर बीडीए की चार बीघा से अधिक कीमती भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने का गंभीर आरोप है। यह कार्रवाई जिला कलेक्टर निशांत जैन के निर्देशन में की गई।</p>
<h2>क्या है पूरा मामला?</h2>
<p>सूत्रों के अनुसार, एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें रिसॉर्ट द्वारा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का आरोप लगाया गया था।</p>
<p>शिकायत के बाद रिसॉर्ट मालिक ने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए हाईकोर्ट से स्टे ले लिया था, जिससे बीडीए की कार्रवाई रुक गई थी।</p>
<p>हाल ही में हाईकोर्ट से यह स्टे टूट गया, जिसके बाद प्रशासन को कार्रवाई करने का रास्ता साफ हो गया।</p>
<h3>प्रशासन की सख्त कार्रवाई</h3>
<p>स्टे हटने के तुरंत बाद, जिला कलेक्टर निशांत जैन ने बीडीए को कार्रवाई के निर्देश दिए। निगम आयुक्त सिद्धार्थ पलनीचामी और तहसीलदार आकांक्षा गोदारा की मौजूदगी में टीम ने मौके पर पहुंचकर रिसॉर्ट को सीज करने की प्रक्रिया पूरी की।</p>
<blockquote>प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर किसी भी तरह के अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</blockquote>
<p>इस कार्रवाई से शहर में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों में हड़कंप मच गया है। यह कदम भू-माफिया के खिलाफ प्रशासन के कड़े रुख को दर्शाता है और भविष्य में इस तरह के अतिक्रमण को रोकने के लिए एक मिसाल कायम करता है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>मोदी-शाह सत्ता में आए तो चुनाव नहीं होंगे: डोटासरा</title>
    <link>https://thinq360.com/govind-singh-dotasra-attacks-modi-shah-congress-protest-in-bikaner</link>
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    <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 19:26:52 +0530</pubDate>
    <dc:creator>महेन्द्रसिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[बीकानेर में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, डोटासरा ने कहा- भाजपा सत्ता में लौटी तो देश में चुनाव नहीं होंगे।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>बीकानेर | </strong> राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर एक बड़ा और विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर इस बार भी भाजपा सत्ता में लौट आई तो देश में भविष्य में चुनाव होना मुश्किल हो जाएगा। डोटासरा बीकानेर में पीबीएम अस्पताल में अव्यवस्थाओं के खिलाफ आयोजित एक बड़े प्रदर्शन को संबोधित कर रहे थे।</p>
<h2>डोटासरा का केंद्र पर बड़ा हमला: 'खत्म कर देंगे लोकतंत्र'</h2>
<p>गोविंद सिंह डोटासरा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया, "अगर इस बार भी भाजपा सत्ता में लौट आई और परिसीमन की प्रक्रिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथ में रही, तो देश में भविष्य में चुनाव होना मुश्किल हो जाएगा।"</p>
<p>डोटासरा ने आगे कहा कि ये लोग देश में कभी चुनाव नहीं होने देंगे और लोकतंत्र के मूल ढांचे को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पार्टी को लगातार सत्ता मिलती रही तो देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।</p>
<h2>बीकानेर में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन</h2>
<p>पीबीएम अस्पताल में हाल ही में दो प्रसूताओं की मौत और कथित अव्यवस्थाओं के विरोध में कांग्रेस ने बीकानेर में एक विशाल शक्ति प्रदर्शन किया।</p>
<p>इस प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट में घुसने का प्रयास किया और पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स पर चढ़ गए।</p>
<h3>पुलिस ने किया हल्का बल प्रयोग</h3>
<p>मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। जब प्रदर्शनकारी नहीं माने तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ दिया।</p>
<p>स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था, जहां भारी पुलिस बल, आरएसी और स्पेशल पुलिस फोर्स तैनात रही। वाटर कैनन और आंसू गैस छोड़ने वाली मशीनें भी तैयार रखी गई थीं।</p>
<h2>कलेक्टर को सौंपा 10 सूत्रीय ज्ञापन</h2>
<p>प्रदर्शन के बाद, एक कांग्रेसी प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर निशांत जैन से मुलाकात की। हालांकि, इस प्रतिनिधिमंडल में डोटासरा और जूली शामिल नहीं हुए।</p>
<p>प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला, भंवर सिंह भाटी, मदन गोपाल मेघवाल और बिशनाराम सियाग शामिल थे। उन्होंने कलेक्टर को दस सूत्री मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।</p>
<p>कलेक्टर ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर दस दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।</p>
<h2>मंत्रियों पर व्यक्तिगत हमले और आरोप</h2>
<p>इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार के मंत्रियों पर भी जमकर निशाना साधा। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा, "जहां लोग जान बचाने जाते हैं, वहां से अर्थी निकलती है। बच्चे स्कूल जाते हैं, बिल्डिंग गिर जाती है।"</p>
<p>गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर व्यक्तिगत हमला किया।</p>
<blockquote>डोटासरा ने कहा, "शिक्षा मंत्री ने कहा है कि जो सरकारी टीचर अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में नहीं पढ़ा रहा है, वो निकम्मा है। मैं कहता हूं जो शिक्षा मंत्री अपने पोते को प्राइवेट इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ा रहा है, वो महा निकम्मा है।"</blockquote>
<p>उन्होंने कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर भी सवाल उठाए और उनके एक करीबी के पास से बड़ी रकम मिलने के मामले में एसीबी की कार्रवाई न होने पर सवाल खड़े किए।</p>
<h3>अस्पताल में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप</h3>
<p>पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने आरोप लगाया कि पीबीएम अस्पताल में ब्लैकलिस्टेड कंपनियों से दवाइयां खरीदी गईं, जिससे दो महिलाओं की मौत हो गई।</p>
<p>उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आईसीयू के लिए 77 हजार रुपये के मल्टीपैरा मॉनिटर को एक-एक लाख रुपये में खरीदा गया, फिर भी हालात नहीं सुधरे।</p>
<h2>प्रदर्शन में दिखी अंदरूनी कलह</h2>
<p>सभा के दौरान कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी भी सतह पर आ गई। जब पूर्व मंत्री गोविंदराम मेघवाल भाषण दे रहे थे, तो रामेश्वर डूडी के समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की।</p>
<p>मंच पर मौजूद डोटासरा ने कार्यकर्ताओं को शांत रहने का इशारा किया, लेकिन 'डूडी अमर रहें' के नारे लगातार गूंजते रहे, जिससे कुछ देर के लिए असहज स्थिति पैदा हो गई।</p>
<p>यह प्रदर्शन कांग्रेस द्वारा राज्य सरकार के खिलाफ एक बड़ी लामबंदी का प्रतीक है। पीबीएम अस्पताल में हुई दुखद घटनाओं को आधार बनाकर कांग्रेस ने न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर भी सीधा हमला बोला है, जिससे आने वाले दिनों में राजस्थान की राजनीति में और गरमाहट देखने को मिल सकती है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>मोदी-शाह सत्ता में आए तो चुनाव नहीं होंगे: डोटासरा</title>
    <link>https://thinq360.com/govind-singh-dotasra-attacks-modi-shah-congress-protest-in-bikaner</link>
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    <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 19:25:49 +0530</pubDate>
    <dc:creator>Pradeep Beedawat</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[बीकानेर में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, डोटासरा ने कहा- भाजपा सत्ता में लौटी तो देश में चुनाव नहीं होंगे।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>बीकानेर | </strong> राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर एक बड़ा और विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर इस बार भी भाजपा सत्ता में लौट आई तो देश में भविष्य में चुनाव होना मुश्किल हो जाएगा। डोटासरा बीकानेर में पीबीएम अस्पताल में अव्यवस्थाओं के खिलाफ आयोजित एक बड़े प्रदर्शन को संबोधित कर रहे थे।</p>
<h2>डोटासरा का केंद्र पर बड़ा हमला: 'खत्म कर देंगे लोकतंत्र'</h2>
<p>गोविंद सिंह डोटासरा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया, "अगर इस बार भी भाजपा सत्ता में लौट आई और परिसीमन की प्रक्रिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथ में रही, तो देश में भविष्य में चुनाव होना मुश्किल हो जाएगा।"</p>
<p>डोटासरा ने आगे कहा कि ये लोग देश में कभी चुनाव नहीं होने देंगे और लोकतंत्र के मूल ढांचे को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पार्टी को लगातार सत्ता मिलती रही तो देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।</p>
<h2>बीकानेर में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन</h2>
<p>पीबीएम अस्पताल में हाल ही में दो प्रसूताओं की मौत और कथित अव्यवस्थाओं के विरोध में कांग्रेस ने बीकानेर में एक विशाल शक्ति प्रदर्शन किया।</p>
<p>इस प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट में घुसने का प्रयास किया और पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स पर चढ़ गए।</p>
<h3>पुलिस ने किया हल्का बल प्रयोग</h3>
<p>मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। जब प्रदर्शनकारी नहीं माने तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ दिया।</p>
<p>स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था, जहां भारी पुलिस बल, आरएसी और स्पेशल पुलिस फोर्स तैनात रही। वाटर कैनन और आंसू गैस छोड़ने वाली मशीनें भी तैयार रखी गई थीं।</p>
<h2>कलेक्टर को सौंपा 10 सूत्रीय ज्ञापन</h2>
<p>प्रदर्शन के बाद, एक कांग्रेसी प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर निशांत जैन से मुलाकात की। हालांकि, इस प्रतिनिधिमंडल में डोटासरा और जूली शामिल नहीं हुए।</p>
<p>प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला, भंवर सिंह भाटी, मदन गोपाल मेघवाल और बिशनाराम सियाग शामिल थे। उन्होंने कलेक्टर को दस सूत्री मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।</p>
<p>कलेक्टर ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर दस दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।</p>
<h2>मंत्रियों पर व्यक्तिगत हमले और आरोप</h2>
<p>इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार के मंत्रियों पर भी जमकर निशाना साधा। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा, "जहां लोग जान बचाने जाते हैं, वहां से अर्थी निकलती है। बच्चे स्कूल जाते हैं, बिल्डिंग गिर जाती है।"</p>
<p>गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर व्यक्तिगत हमला किया।</p>
<blockquote>डोटासरा ने कहा, "शिक्षा मंत्री ने कहा है कि जो सरकारी टीचर अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में नहीं पढ़ा रहा है, वो निकम्मा है। मैं कहता हूं जो शिक्षा मंत्री अपने पोते को प्राइवेट इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ा रहा है, वो महा निकम्मा है।"</blockquote>
<p>उन्होंने कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर भी सवाल उठाए और उनके एक करीबी के पास से बड़ी रकम मिलने के मामले में एसीबी की कार्रवाई न होने पर सवाल खड़े किए।</p>
<h3>अस्पताल में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप</h3>
<p>पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने आरोप लगाया कि पीबीएम अस्पताल में ब्लैकलिस्टेड कंपनियों से दवाइयां खरीदी गईं, जिससे दो महिलाओं की मौत हो गई।</p>
<p>उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आईसीयू के लिए 77 हजार रुपये के मल्टीपैरा मॉनिटर को एक-एक लाख रुपये में खरीदा गया, फिर भी हालात नहीं सुधरे।</p>
<h2>प्रदर्शन में दिखी अंदरूनी कलह</h2>
<p>सभा के दौरान कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी भी सतह पर आ गई। जब पूर्व मंत्री गोविंदराम मेघवाल भाषण दे रहे थे, तो रामेश्वर डूडी के समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की।</p>
<p>मंच पर मौजूद डोटासरा ने कार्यकर्ताओं को शांत रहने का इशारा किया, लेकिन 'डूडी अमर रहें' के नारे लगातार गूंजते रहे, जिससे कुछ देर के लिए असहज स्थिति पैदा हो गई।</p>
<p>यह प्रदर्शन कांग्रेस द्वारा राज्य सरकार के खिलाफ एक बड़ी लामबंदी का प्रतीक है। पीबीएम अस्पताल में हुई दुखद घटनाओं को आधार बनाकर कांग्रेस ने न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर भी सीधा हमला बोला है, जिससे आने वाले दिनों में राजस्थान की राजनीति में और गरमाहट देखने को मिल सकती है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>यमुना जल समझौता: CM भजनलाल का जयपुर में भव्य स्वागत</title>
    <link>https://thinq360.com/yamuna-water-agreement-cm-bhajanlal-sharma-grand-welcome-in-jaipur-shekhawati-bjp</link>
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    <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 18:33:56 +0530</pubDate>
    <dc:creator>Pradeep Beedawat</dc:creator>
    <category>राजनीति</category>
    <description><![CDATA[यमुना जल समझौते पर CM भजनलाल का भव्य स्वागत, बोले- शेखावाटी की धरती अब सोना उगलेगी।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong>यमुना जल समझौते पर ऐतिहासिक हस्ताक्षर के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के जयपुर आगमन पर उनका अभूतपूर्व स्वागत किया गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की अगुवाई में हजारों कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन कर अपनी खुशी जाहिर की।</p>
<h2>एयरपोर्ट से सीएम निवास तक जश्न का माहौल</h2>
<p>शेखावाटी क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। जयपुर एयरपोर्ट से लेकर मुख्यमंत्री निवास तक का मार्ग उत्सव के रंग में रंगा नजर आया।</p>
<p>कार्यकर्ताओं ने कनोडिया कॉलेज, रामबाग सर्किल और भाजपा प्रदेश कार्यालय जैसे प्रमुख स्थानों पर पुष्पवर्षा और माल्यार्पण कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।</p>
<p>भाजपा कार्यालय में माहौल विशेष रूप से जीवंत था, जहां ढोल-नगाड़ों की थाप पर शेखावाटी के लोक कलाकारों ने पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति देकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।</p>
<h3>कार्यकर्ताओं को समर्पित स्वागत</h3>
<p>मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस भव्य स्वागत का श्रेय पार्टी के कार्यकर्ताओं को दिया। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से मुखातिब होते हुए कहा कि यह उनका नहीं, बल्कि बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक के हर कार्यकर्ता का सम्मान है।</p>
<h2>शेखावाटी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि: सीएम शर्मा</h2>
<p>भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस समझौते को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व को दिया।</p>
<h3>रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ काम</h3>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने यमुना जल परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। सरकार गठन के तुरंत बाद 17 फरवरी 2024 को एक संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया गया।</p>
<p>इसके बाद तेजी से डीपीआर तैयार की गई और 29 जून 2026 को यह महत्वपूर्ण समझौता संपन्न हुआ। उन्होंने इस सहयोग के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल का आभार व्यक्त किया।</p>
<h3>34 हजार करोड़ की महत्वाकांक्षी योजना</h3>
<p>सीएम शर्मा ने कहा कि 34 हजार करोड़ रुपए की यह महत्वाकांक्षी योजना शेखावाटी सहित प्रदेश के एक बड़े हिस्से की तस्वीर बदल देगी। इस योजना के तहत तीन विशाल पाइपलाइनों के माध्यम से पानी पहुंचाया जाएगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इससे वर्षों से पानी की समस्या झेल रहे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा, &ldquo;विधानसभा में हमने कहा था कि हम करते जाएंगे, आप देखते जाएंगे और आज सरकार अपने संकल्पों को धरातल पर उतार रही है।&rdquo;</p>
<h2>कांग्रेस पर तीखा प्रहार</h2>
<p>मुख्यमंत्री ने दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद इस मुद्दे को नजरअंदाज करने के लिए कांग्रेस की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी यमुना जल परियोजना को गंभीरता से आगे नहीं बढ़ाया।</p>
<h3>"आलू से सोना नहीं, अब धरती उगलेगी सोना"</h3>
<p>कांग्रेस पर व्यंग्य करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग पहले &ldquo;आलू से सोना बनाने&rdquo; की बातें करते थे। उन्होंने कहा कि भाजपा ऐसे दावे नहीं करती, लेकिन यह विश्वास दिलाती है कि जब शेखावाटी के किसानों को पानी मिलेगा तो यह धरती सोना उगलेगी।</p>
<blockquote>&ldquo;भाजपा आलू से सोना बनाने का दावा नहीं करती, लेकिन यह विश्वास अवश्य दिलाती है कि शेखावाटी के किसानों को पानी मिलेगा तो यह धरती सोना उगलेगी।&rdquo;</blockquote>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव आते ही बिना किसी ठोस योजना के केवल शिलान्यास और घोषणाएं कर जनता को भ्रमित करती थी, जबकि भाजपा सरकार ने जमीन पर काम करके दिखाया है।</p>
<h3>"समझ में नहीं आता क्या बज रहा है"</h3>
<p>मुख्यमंत्री ने कांग्रेसी नेताओं पर तंज कसते हुए उनकी तुलना एक ऐसे बैंड से की जो बजता तो बहुत है, लेकिन समझ में नहीं आता कि क्या बज रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि कांग्रेस की स्थिति भी कुछ ऐसी ही हो गई है, जहां नेताओं के अलग-अलग और विरोधाभासी बयान जनता को भ्रमित करने का प्रयास करते हैं।</p>
<h2>विकास और विरासत का संगम</h2>
<p>सीएम शर्मा ने कहा कि शेखावाटी केवल विकास की भूमि नहीं, बल्कि एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की धरोहर भी है। सरकार इस विरासत को सहेजने के लिए भी प्रतिबद्ध है।</p>
<h3>600 हवेलियों का होगा संरक्षण</h3>
<p>उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने क्षेत्र की 600 से अधिक हवेलियों को संरक्षण और पर्यटन विकास के लिए चिह्नित किया है। सरकार विरासत और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ने की दिशा में काम कर रही है।</p>
<h3>रोजगार और समग्र विकास का लक्ष्य</h3>
<p>मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यमुना जल पहुंचने के बाद शेखावाटी की धरती हरियाली से आच्छादित होगी। इससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा, पर्यटन को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य शिक्षा, पर्यटन, उद्योग और कृषि के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं तलाशना है ताकि क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।</p>
<h2>मदन राठौड़ ने बताया 'आधुनिक भागीरथ'</h2>
<p>इस अवसर पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का अभिनंदन करते हुए उन्हें 'विकास पुरुष' और 'आधुनिक भागीरथ' की संज्ञा दी।</p>
<h3>वर्षों पुराना सपना हुआ साकार</h3>
<p>राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री ने शेखावाटी और राजस्थान के करोड़ों लोगों का वर्षों पुराना सपना साकार कर दिखाया है। उन्होंने याद दिलाया कि 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भैंरो सिंह शेखावत ने इस दिशा में प्रयास किए थे, लेकिन कांग्रेस सरकारों ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया।</p>
<p>उन्होंने इस ऐतिहासिक समझौते के लिए प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का भी आभार व्यक्त किया।</p>
<h3>कांग्रेस नेताओं पर कसा तंज</h3>
<p>मदन राठौड़ ने भी कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यमुना से शेखावाटी में तीन बड़ी पाइप लाइन से पानी आएगा।</p>
<p>उन्होंने कहा, &ldquo;कांग्रेसी नेता गहलोत, डोटासरा और जूली चाहें तो इन पाइप लाइनों में ट्रक भी चला सकते हैं।&rdquo; राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत की आलोचना करते हुए कहा कि वे चाहते तो आज एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री का स्वागत करके इतिहास रच सकते थे।</p>
<p>यमुना जल समझौता न केवल शेखावाटी के लिए एक जीवन रेखा साबित होगा, बल्कि यह भजनलाल सरकार के लिए एक बड़ी राजनीतिक उपलब्धि भी है। यह समझौता क्षेत्र में कृषि, उद्योग और पर्यटन के नए द्वार खोलेगा, जिससे समग्र विकास को गति मिलेगी।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>आरएसएस की चड्डी पहनने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा - गोविंद सिंह डोटासरा</title>
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    <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 17:10:40 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजनीति</category>
    <description><![CDATA[बीकानेर में गरजे डोटासरा, कहा- प्रदेश में 'पर्ची की सरकार' चल रही है और RSS की चड्डी वाले बचेंगे नहीं।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>बीकानेर | </strong>राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बीकानेर में राज्य की भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने सरकार को 'पर्ची की सरकार' करार देते हुए कहा कि सभी मंत्री गैर-जिम्मेदाराना तरीके से काम कर रहे हैं, जिससे जनता का बुरा हाल है।<img src="https://d2uvd0bcf4ztg.cloudfront.net/uploads/images/WhatsApp_Image_2026-06-30_at_5_01_17_PM__1_.webp" alt="" width="1239" height="1521"></p>
<h2>डोटासरा का सरकार पर तीखा हमला</h2>
<p>बीकानेर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डोटासरा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री से एमओयू के नाम पर अंगूठा लगवा लिया गया, लेकिन हरियाणा से प्रदेश को पानी नहीं मिल सका। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा।&nbsp;</p>
<p>डोटासरा ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री 'सरेंडर' हैं और गृह मंत्री की सोच सांप्रदायिक है। उन्होंने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।</p>
<h3>'आरएसएस की चड्डी' पर विवादित बयान</h3>
<p>अपने संबोधन में डोटासरा ने एक पड़ोसी राज्य के मंत्री के बयान का हवाला देते हुए एक विवादित टिप्पणी की।</p>
<blockquote>"जो भी अधिकारी आता है, वह 'आरएसएस की चड्डी पहनकर आता है', लेकिन राजस्थान में ऐसे लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।"</blockquote>
<p>इस बयान ने प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों को छोड़ा नहीं जाएगा जो इस तरह की विचारधारा के साथ काम करते हैं।</p>
<h2>शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल</h2>
<p>डोटासरा ने प्रदेश की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में भारी अव्यवस्था है और चिकित्सा मंत्री गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं।</p>
<p>शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के बच्चे खुद निजी स्कूलों में पढ़ते हैं। वहीं, उच्च शिक्षा मंत्री को शिक्षा की पर्याप्त जानकारी नहीं है।</p>
<p>उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार पंचायत चुनाव कराने से बच रही है और सरकार के मंत्री अमर्यादित व्यवहार कर रहे हैं।</p>
<h3>कांग्रेस में अंदरूनी कलह पर असहज हुए डोटासरा</h3>
<p>जब पत्रकारों ने कांग्रेस में अंदरूनी मतभेदों पर सवाल किया तो डोटासरा कुछ असहज नजर आए। उन्होंने पत्रकारों से भाजपा को घेरने में कांग्रेस की मदद करने का आग्रह किया।</p>
<p>लगातार सवालों के बाद उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री गोविंद मेघवाल और विधायक सुशीला डूडी के बीच कोई मतभेद नहीं है। हालांकि, मेघवाल द्वारा प्रस्तावित आमसभा को लेकर वह पहले असमंजस में दिखे।</p>
<h2>अन्य नेताओं ने भी सरकार को घेरा</h2>
<p>इस आमसभा को नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी संबोधित किया। यह सभा चिकित्सा व्यवस्थाओं में सुधार की मांग को लेकर चल रहे धरने के समर्थन में आयोजित की गई थी।</p>
<p>पूर्व मंत्री भंवर सिंह भाटी ने चिकित्सा सुविधाओं की बहाली की मांग की। वहीं, पूर्व मंत्री गोविंद मेघवाल ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मुस्लिम समुदाय के धार्मिक स्थलों को तोड़ना प्रदेश की संस्कृति के विपरीत है।</p>
<p>पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने प्रसूताओं की मौत को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे प्रशासन की विफलता करार दिया। सभा में कई अन्य विधायकों और नेताओं ने भी अपने विचार रखे।</p>
<p>डोटासरा के इन बयानों ने राजस्थान की राजनीति में गर्मी बढ़ा दी है। उनके आक्रामक तेवर यह संकेत देते हैं कि आने वाले समय में कांग्रेस, सरकार के खिलाफ अपने हमलों को और तेज करेगी।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>यमुना जल पर गहलोत का तंज, &#039;पानी आया तो करूंगा स्वागत&#039;</title>
    <link>https://thinq360.com/ashok-gehlot-challenges-rajasthan-govt-on-yamuna-water-agreement</link>
    <guid isPermaLink="true">https://thinq360.com/ashok-gehlot-challenges-rajasthan-govt-on-yamuna-water-agreement</guid>
    <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 17:05:16 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजनीति</category>
    <description><![CDATA[पूर्व सीएम ने कहा- बयानबाजी छोड़ धरातल पर काम करे सरकार। राजीव-लोंगोवाल समझौते का पानी भी पंजाब से दिलाने की मांग की।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong>राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यमुना जल समझौते को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में नीमकाथाना तक यमुना का पानी पहुंचाती है, तो वे स्वयं मुख्यमंत्री आवास जाकर उनका स्वागत और अभिनंदन करेंगे।</p>
<h2>कागजी राजनीति पर निशाना</h2>
<p>गहलोत ने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है, जबकि उनका रुख हमेशा स्पष्ट रहा है। उन्होंने कहा कि एमओयू या एमओए जैसी कागजी प्रक्रियाओं से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि राजस्थान को उसके हक का पानी मिले।</p>
<blockquote>"यदि प्रदेश को पानी मिलता है तो इससे बड़ी खुशी पूरे राजस्थान के लिए नहीं हो सकती। मैं स्वयं मुख्यमंत्री आवास जाकर मुख्यमंत्री का स्वागत और अभिनंदन करूंगा।"</blockquote>
<p>उन्होंने 1994 के ऐतिहासिक यमुना जल समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि अगर सरकार उसे धरातल पर लागू करवा दे तो यह शेखावाटी क्षेत्र के लिए एक बड़ी सौगात होगी। गहलोत ने कहा कि इतने वर्षों में दोनों राज्यों में भाजपा और कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन समझौता पूरी तरह लागू नहीं हो सका।</p>
<h3>राजनीतिक बयानबाजी का आरोप</h3>
<p>पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ मंत्री केवल अपनी राजनीतिक झेंप मिटाने और आलाकमान को खुश करने के लिए अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल प्रदेश के हित की बात करना है, न कि मुद्दे का राजनीतिकरण करना।</p>
<h2>पंजाब से पानी का मुद्दा भी उठाया</h2>
<p>गहलोत ने राजीव-लोंगोवाल समझौते का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत राजस्थान के हिस्से का 0.8 एमसीएम पानी आज तक नहीं मिला है क्योंकि पंजाब ने उस पर कब्जा कर रखा है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रयासों का स्वागत किया, लेकिन कहा कि सफलता तभी मानी जाएगी जब पानी वास्तव में राजस्थान पहुंचेगा।</p>
<h3>नहरी तंत्र पर विफलता का आरोप</h3>
<p>उन्होंने कहा कि यह पानी इंदिरा गांधी नहर परियोजना के लिए भी महत्वपूर्ण है, जिससे श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर और जैसलमेर के किसानों को लाभ होगा। गहलोत ने वर्तमान सरकार पर नहरी तंत्र के संचालन में लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मरम्मत के लिए क्लोजर के बावजूद पानी की आपूर्ति सामान्य नहीं है और जोधपुर जैसे शहरों में लोग पानी के लिए तरस रहे हैं।</p>
<p>गहलोत ने कहा कि उनके कार्यकाल में पंजाब की सरकारों से बेहतर समन्वय था, लेकिन आज श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के किसान सिंचाई और पेयजल संकट से जूझ रहे हैं।</p>
<p>अंत में, उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि वह कागजी राजनीति छोड़कर जमीन पर काम करे। उन्होंने कहा कि सरकार को राजनीति से ऊपर उठकर किसानों और आमजन के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>तिलक वर्मा पर भड़के श्रीकांत- &#039;देश के लिए नहीं खेल रहे&#039;</title>
    <link>https://thinq360.com/kris-srikkanth-slams-tilak-varma-for-selfish-batting-against-ireland</link>
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    <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 16:39:19 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>क्रिकेट</category>
    <description><![CDATA[पूर्व भारतीय कप्तान ने आयरलैंड के खिलाफ धीमी पारी के लिए तिलक वर्मा को लताड़ा, कहा- वह हीरो बनने की कोशिश कर रहे थे।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>बेलफास्ट | </strong></p>
<p>भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य कृष्णमाचारी श्रीकांत ने युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में तिलक की धीमी बल्लेबाजी को भारत की एक रन से हार का मुख्य जिम्मेदार ठहराया है। श्रीकांत ने अपने यूट्यूब चैनल पर आरोप लगाया कि तिलक देश के लिए नहीं, बल्कि अपने लिए खेल रहे थे।</p>
<h2>'देश के लिए नहीं, अपने लिए खेल रहे थे'</h2>
<p>श्रीकांत ने तिलक वर्मा की पारी की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि उनका रवैया बेहद स्वार्थी था। वह सिर्फ अपने व्यक्तिगत स्कोर पर ध्यान केंद्रित कर रहे थे, न कि टीम की जरूरत पर।</p>
<p>ज्ञात हो कि इस महत्वपूर्ण मुकाबले में तिलक ने 46 गेंदों का सामना करते हुए धीमी गति से 55 रन बनाए थे। उनकी इस पारी के बावजूद टीम इंडिया को करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा, जिससे भारत 0-2 से सीरीज भी हार गया।</p>
<p>श्रीकांत ने स्पष्ट कहा, "आप इस तरह से नहीं खेल सकते। तिलक वर्मा सिर्फ अपने लिए खेल रहे थे, चुपके से एक और दो रन बना रहे थे और अक्षर भी वैसा ही कुछ कर रहे थे।"</p>
<h3>बीच के ओवरों में बल्लेबाजी पर उठाए सवाल</h3>
<p>पूर्व कप्तान ने भारतीय टीम की मध्यक्रम की बल्लेबाजी पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मैच के दौरान एक ऐसा दौर भी आया जब बीच के 45 गेंदों में एक भी बाउंड्री नहीं लगी।</p>
<p>उन्होंने कहा, "आप ऐसे टी20 मैच कैसे जीत सकते हैं? यह बेहद शर्मनाक है कि आयरलैंड जैसी टीम की गेंदबाजी ने इस मजबूत भारतीय बैटिंग लाइनअप को पूरी तरह से रोक दिया।"</p>
<p>श्रीकांत ने शिवम दुबे और अक्षर पटेल के खराब स्ट्राइक रेट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर आप बीच के फेज में फेल हुए तो आप खत्म हो जाओगे। इंडिया बीच के फेज में ही गेम हार गया।</p>
<h2>'हीरो बनने का प्रयास कर रहे थे तिलक'</h2>
<p>श्रीकांत ने तिलक वर्मा की मानसिकता पर भी निशाना साधा। उनके अनुसार, तिलक मैच को आखिरी ओवर तक ले जाकर हीरो बनना चाहते थे, जो कि एक गलत रणनीति थी।</p>
<blockquote>"उसने आखिर में जीतने और अपनी जर्सी के साथ जश्न मनाने के बारे में सोचा। लेकिन, ऐसे लक्ष्य को एक ओवर शेष रहते हासिल करना होता है, आप इसे आखिर तक नहीं ले जाते।"</blockquote>
<p>उन्होंने आईपीएल का उदाहरण देते हुए लखनऊ के विकेट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहां भी कई शीर्ष भारतीय बल्लेबाज रन बनाने में संघर्ष करते हैं, जहां गेंद स्विंग और सीम होती है।</p>
<h3>आक्रामक रवैये की थी जरूरत</h3>
<p>अंत में, श्रीकांत ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि भारतीय टीम को बीच के ओवरों में रक्षात्मक होने के बजाय आक्रामक रवैया अपनाना चाहिए था।</p>
<p>उनके अनुसार, मैच को अंत तक ले जाने की रणनीति इस मुकाबले में पूरी तरह से गलत साबित हुई। इस कड़ी आलोचना ने युवा तिलक वर्मा के प्रदर्शन और टीम इंडिया की मध्यक्रम की रणनीति पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है, जिस पर टीम प्रबंधन को ध्यान देना होगा।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>भारत का दबदबा, एक दशक से नहीं हारी T20I सीरीज</title>
    <link>https://thinq360.com/ind-vs-eng-t20i-series-records-team-india-unbeaten-for-a-decade</link>
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    <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 16:34:05 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>क्रिकेट</category>
    <description><![CDATA[भारत और इंग्लैंड के बीच T20I आंकड़ों पर एक नजर, टीम इंडिया का पलड़ा भारी। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया एक दशक के दबदबे को कायम रखने उतरेगी।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>चेस्टर-ले-स्ट्रीट | </strong>आयरलैंड दौरे पर मिली हार को पीछे छोड़ते हुए भारतीय क्रिकेट टीम अब इंग्लैंड पहुंच चुकी है। यहां 1 जुलाई से भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की T20I सीरीज का रोमांचक आगाज होने जा रहा है। श्रेयस अय्यर की अगुवाई में युवा भारतीय टीम जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत करने के लिए बेताब होगी।</p>
<p>सीरीज का पहला मुकाबला चेस्टर-ले-स्ट्रीट के रिवरसाइड ग्राउंड में खेला जाएगा। इस हाई-वोल्टेज मुकाबले से पहले, आइए दोनों टीमों के बीच T20I आंकड़ों पर एक नजर डालते हैं, जो भारतीय फैंस को खुश कर देंगे।</p>
<h2>IND vs ENG: हेड-टू-हेड में भारत का दबदबा</h2>
<p>जब भी भारत और इंग्लैंड T20I क्रिकेट में आमने-सामने आए हैं, मुकाबला हमेशा कांटे का रहा है। हालांकि, आंकड़े टीम इंडिया के पक्ष में कहानी बयां करते हैं।</p>
<p>दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 30 T20I मैच खेले गए हैं। इनमें से भारतीय टीम ने 18 मुकाबलों में शानदार जीत दर्ज की है, जबकि इंग्लिश टीम को केवल 12 मैचों में ही जीत मिल सकी है।</p>
<p>यह रिकॉर्ड साफ दिखाता है कि इस फॉर्मेट में भारत का पलड़ा इंग्लैंड पर भारी रहा है। टीम इंडिया इस मनोवैज्ञानिक बढ़त के साथ मैदान पर उतरेगी।</p>
<h3>एक दशक की बादशाहत</h3>
<p>सबसे दिलचस्प आंकड़ा यह है कि टीम इंडिया पिछले एक दशक से इंग्लैंड के खिलाफ कोई भी द्विपक्षीय T20I सीरीज नहीं हारी है। यह भारतीय टीम के दबदबे को दर्शाता है।</p>
<p>इंग्लैंड ने आखिरी बार भारत को 2016-17 के दौरे पर 2-1 से T20I सीरीज में मात दी थी। उसके बाद से भारत ने लगातार चार द्विपक्षीय सीरीज अपने नाम की हैं।</p>
<blockquote>क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि युवा भारतीय टीम इस लय को बरकरार रखने और इंग्लैंड की धरती पर एक और सीरीज जीतने के लिए पूरी तरह तैयार है।</blockquote>
<p>पिछली बार जब इंग्लैंड की टीम भारत दौरे पर आई थी, तो भारत ने 2024/25 में 4-1 से एकतरफा जीत हासिल की थी, जो भारत की सबसे बड़ी T20I सीरीज जीत में से एक थी।</p>
<h2>युवा कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी</h2>
<p>इस सीरीज में कई सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिया गया है। टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में है, जबकि तिलक वर्मा उप-कप्तान हैं। टीम में संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे और अर्शदीप सिंह जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं।</p>
<p>वहीं, इंग्लैंड टीम की कप्तानी हैरी ब्रूक कर रहे हैं और उनकी टीम में जोफ्रा आर्चर, जोस बटलर और सैम करन जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी शामिल हैं।</p>
<p>यह सीरीज युवा भारतीय खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का एक बेहतरीन मौका है। फैंस को उम्मीद है कि टीम इंडिया अपने शानदार रिकॉर्ड को बरकरार रखते हुए इंग्लैंड को एक बार फिर मात देगी और सीरीज की शुरुआत जीत के साथ करेगी।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>IPL में बेंच पर, MLC में तूफान, ओवेन ने ठोके 337 रन</title>
    <link>https://thinq360.com/mitchell-owen-smashes-records-in-mlc-after-being-benched-by-punjab-kings-in-ipl-2026</link>
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    <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 16:28:39 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>खेल</category>
    <description><![CDATA[पंजाब किंग्स द्वारा पूरे IPL 2026 में बेंच पर बिठाए गए मिचेल ओवेन ने MLC में बल्ले से आग लगा दी है। उन्होंने 5 मैचों में 337 रन बनाए हैं।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>डलास | </strong>इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में जिसे एक मौके के लिए तरसा दिया गया, उसने अब विदेशी लीग में तहलका मचा दिया है। हम बात कर रहे हैं ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर मिचेल ओवेन की, जो पंजाब किंग्स (PBKS) की बेंच पर बैठे रहे।</p>
<h2>MLC में ओवेन का बल्ला बोला</h2>
<p>मिचेल ओवेन इस समय अमेरिका की मेजर लीग क्रिकेट (MLC) में वाशिंगटन फ्रीडम के लिए खेल रहे हैं।</p>
<p>इस टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन इतना शानदार रहा है कि गेंदबाज उनके सामने बेबस नजर आ रहे हैं।</p>
<p>ओवेन ने अब तक खेले गए सिर्फ 5 मैचों में ही 337 रन बना डाले हैं।</p>
<p>इस दौरान उनका औसत 67.40 का रहा, जबकि स्ट्राइक रेट 217.42 का है, जो उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी को दर्शाता है।</p>
<h3>एक पारी में बना डाला रिकॉर्ड</h3>
<p>ओवेन ने टूर्नामेंट में अब तक 31 चौके और सबसे ज्यादा 24 छक्के लगाए हैं।</p>
<p>एमआई न्यूयॉर्क के खिलाफ डलास के ग्रैंड प्रेयरी स्टेडियम में उन्होंने एक ऐतिहासिक पारी खेली।</p>
<p>इस मैच में उन्होंने सिर्फ 68 गेंदों पर 155 रन बना दिए, जो MLC के इतिहास का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है।</p>
<blockquote>"जब आपको मौका नहीं मिलता तो यह निराशाजनक होता है, लेकिन एक खिलाड़ी के तौर पर आपको हमेशा तैयार रहना होता है।"</blockquote>
<h2>क्या पंजाब किंग्स को होगा पछतावा?</h2>
<p>पंजाब किंग्स ने ओवेन को 3 करोड़ रुपये में खरीदा था, लेकिन IPL 2026 में उन्हें एक भी मैच में मौका नहीं दिया।</p>
<p>जब टीम प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो रही थी, तब भी उन्हें नजरअंदाज किया गया।</p>
<p>अब MLC में उनके इस प्रदर्शन ने यकीनन पंजाब किंग्स के मैनेजमेंट को सोचने पर मजबूर कर दिया होगा कि क्या उनसे कोई बड़ी गलती हो गई।</p>
<p>मिचेल ओवेन का यह फॉर्म दिखाता है कि प्रतिभा को ज्यादा देर तक बेंच पर नहीं रखा जा सकता। उनका यह प्रदर्शन दुनिया भर की टी20 लीग्स के लिए एक बड़ा संदेश है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>यमुना जल समझौता: BJP ने गहलोत को भेजा न्योता, याद दिलाया वादा</title>
    <link>https://thinq360.com/yamuna-water-agreement-rajasthan-bjp-invites-ashok-gehlot-bhajanlal-sharma</link>
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    <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 16:07:04 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजनीति</category>
    <description><![CDATA[यमुना जल समझौते पर 32 साल बाद बनी सहमति। भाजपा ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत को सीएम के स्वागत में बुलाया।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong>यमुना जल को लेकर राजस्थान और हरियाणा के बीच 32 साल पुराना विवाद सुलझ गया है। इस ऐतिहासिक समझौते के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सीएम भजनलाल शर्मा के स्वागत समारोह के लिए आमंत्रित किया है।</p>
<h2>यमुना जल समझौता: भाजपा का गहलोत को निमंत्रण</h2>
<p>भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ ने सोमवार को एक प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मंगलवार सुबह जयपुर पहुंचेंगे, जहां एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया जाएगा।</p>
<p>राठौड़ ने बताया कि इस अभिनंदन समारोह के लिए पूर्व सीएम अशोक गहलोत को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। उन्होंने गहलोत का पुराना बयान याद दिलाया।</p>
<p>भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी एक्स पर पोस्ट कर गहलोत से अपनी घोषणा का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह जनहित का मामला है और उन्हें राजनीति से ऊपर उठना चाहिए।</p>
<h3>क्या कहा था पूर्व सीएम गहलोत ने?</h3>
<p>पिछले सप्ताह जोधपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान अशोक गहलोत ने यमुना जल समझौते पर अपनी बात रखी थी। उन्होंने अपने पुराने वादे को दोहराया था।</p>
<blockquote>"मैंने पहले भी कहा था और आज फिर दोहराता हूं कि जिस दिन आप राजस्थान में यमुना का पानी ले आएंगे, मैं खुद मुख्यमंत्री निवास पर आकर आपको माला पहनाऊंगा। मैं अपने इस वादे पर आज भी पूरी तरह कायम हूं।"</blockquote>
<p>हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि सिर्फ बैठकों से बात नहीं बनेगी, बल्कि जमीन पर पानी आना ज्यादा महत्वपूर्ण है।</p>
<h2>कांग्रेस के दोहरे रवैये पर साधा निशाना</h2>
<p>राजेंद्र राठौड़ ने इस मौके पर कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में यमुना का पानी दूसरे राज्यों को नहीं देने का वादा किया था।</p>
<p>राठौड़ ने कहा कि गहलोत उसी घोषणा पत्र के आधार पर हरियाणा में कांग्रेस के लिए प्रचार कर रहे थे, जो उनके दोहरे रवैये को स्पष्ट रूप से दिखाता है।</p>
<h3>32 साल बाद ऐतिहासिक समझौता</h3>
<p>यमुना जल बंटवारे पर यह सहमति 32 साल के लंबे इंतजार के बाद बनी है। सोमवार को दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में इस पर अंतिम मुहर लगी।</p>
<p>राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मेमोरंडम ऑफ एग्रीमेंट (एमओए) पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल भी मौजूद थे।</p>
<p>यह समझौता 1994 के मूल समझौते को लागू करने के विवाद को सुलझाने के लिए किया गया है। इससे राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>सरकार ने कोर्ट में क्यों लगाई केविएट?</title>
    <link>https://thinq360.com/rajasthan-teacher-transfer-policy-government-files-caveat-in-high-court</link>
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    <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 13:58:13 +0530</pubDate>
    <dc:creator>thinQ360</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[तबादला आदेशों को चुनौती देने से पहले सरकार का बड़ा कदम, शिक्षकों में बढ़ी चिंता और अविश्वास का माहौल।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong>राजस्थान में शिक्षकों के तबादलों की चर्चाओं के बीच राज्य सरकार ने एक बड़ा कानूनी कदम उठाया है। शिक्षा विभाग ने संभावित तबादला सूचियों को कानूनी चुनौतियों से बचाने के लिए राजस्थान उच्च न्यायालय और सिविल सेवा अपीलीय न्यायाधिकरण में केविएट याचिका दायर की है।</p>
<h2>सरकार ने क्यों उठाया यह कदम?</h2>
<p>सरकार की ओर से यह केविएट एडिशनल गवर्नमेंट काउंसिल महिपाल खर्रा और डिप्टी गवर्नमेंट काउंसिल देवांश शर्मा ने दाखिल की है।</p>
<p>इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तबादला सूची जारी होने के बाद अगर कोई शिक्षक इसे अदालत में चुनौती देता है, तो कोर्ट सरकार का पक्ष सुने बिना कोई एकतरफा स्थगन आदेश (Stay Order) जारी न करे।</p>
<p>नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी याचिका की अग्रिम प्रति सरकारी वकीलों को देनी होगी। यह कदम प्रशासनिक प्रक्रिया को सुचारू रखने के लिए उठाया गया है।<img src="https://d2uvd0bcf4ztg.cloudfront.net/uploads/images/Screenshot_2026-06-30_135826.webp" alt="" width="606" height="590"></p>
<h2>शिक्षक संगठनों की क्या हैं चिंताएं?</h2>
<p>सरकार के इस कदम ने शिक्षक संघों के बीच चिंता और अविश्वास का माहौल पैदा कर दिया है। उन्हें लगता है कि यह उनके कानूनी अधिकारों को सीमित करने का प्रयास है।</p>
<h3>पारदर्शिता की कमी का डर</h3>
<p>शिक्षक संगठनों का मानना है कि केविएट यह दर्शाता है कि सरकार को खुद अपने तबादला आदेशों में खामियों का अंदेशा है।</p>
<p>उन्हें डर है कि 'बड़े पैमाने पर तबादलों' के नाम पर राजनीतिक या व्यक्तिगत द्वेष के आधार पर मनमाने ढंग से तबादले किए जा सकते हैं।</p>
<blockquote>एक वरिष्ठ शिक्षक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "सरकार पहले से ही केविएट लगाकर यह सुनिश्चित करना चाहती है कि अगर कोई गलत तबादला हो, तो शिक्षक को तुरंत राहत न मिल सके।"</blockquote>
<h3>कानूनी राहत में देरी की आशंका</h3>
<p>केविएट के कारण, किसी भी गलत तबादले के खिलाफ शिक्षकों को अदालत से तत्काल राहत मिलने में देरी हो सकती है।</p>
<p>प्रक्रिया लंबी खिंचने से शिक्षकों को नए स्थान पर ज्वाइन करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है, जो मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान करने वाला हो सकता है।</p>
<p>शिक्षक संघ लंबे समय से एक स्पष्ट और पारदर्शी तबादला नीति की मांग कर रहे हैं, ताकि ऐसे विवादों से बचा जा सके।</p>
<h3>निष्कर्ष</h3>
<p>जहां सरकार इस कदम को कानूनी जटिलताओं से बचने का एक उपाय बता रही है, वहीं शिक्षक इसे मनमाने तबादलों का रास्ता साफ करने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं। अब सबकी निगाहें आने वाली तबादला सूची और उसके बाद की स्थिति पर टिकी हैं।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>श्मशान भूमि के पास मिला अवैध निर्माण का जखीरा</title>
    <link>https://thinq360.com/mount-abu-illegal-construction-material-seized-probe-ordered</link>
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    <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 13:49:53 +0530</pubDate>
    <dc:creator>गणपत सिंह मांडोली</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[गोरा छापरा में श्मशान भूमि के पास से भारी मात्रा में अवैध ब्लॉक्स और सीमेंट जब्त, आयुक्त ने जांच बिठाई।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>माउंट आबू |</strong>&nbsp;माउंट आबू में अवैध निर्माण का सिलसिला अभी भी रुका नहीं निर्बाध रूप से यहां पर अवैध रूप से निर्माण सामग्री आ रही है और बस से जप्त करने का कार्रवाई भी चल रही है ।<img src="https://d2uvd0bcf4ztg.cloudfront.net/uploads/images/Screenshot_18.webp" alt="" width="836" height="474"></p>
<p><br>ताजा मामला सोमवार की शाम का है जब नगर पालिका के जमादार मनोज व विशाल अपनी बीट क्षेत्र गोरा छपरा में नियमित रूप से साफ सफाई के निरीक्षण के लिए गए हुए थे।</p>
<p><br>यहां उल्लेखनीय यह भी है कि यहां पर जमादार को भी अपने बीट में या सुनिश्चित करना है कि कहीं उसके क्षेत्र में अवैध निर्माण तो नहीं हो रहा इसके लिए सभी जमादार व सफाई कर्मी को भी पाबंद किया जा चुका है ।</p>
<p><br>तो गोरा छपरा में &nbsp;अचानक उन्हें एक शमशान भूमि के निकट बने मकान के पास में दूर से ब्लॉक व सीमेंट व कुछ अन्य सामग्री नजर आई जिस पर उन्होंने पास जाकर देखा तो सीमेंट का ब्लॉक के जखीरा नजर आया ।</p>
<p>इसको देखकर उन्होंने जमादार विशाल व मनोज ने पालिका आयुक्त को समस्त जानकारी दी जिस पर तुरंत मौके पर सहायक अभियंता नवदीप सिंह पालिका की टीम पहुंची जिसने आसपास के लोगों से इसकी भारी मात्रा में ब्लॉक पाए जाने की वह सीमेंट पाए जाने की जानकारी मांगी वह संबंधित व्यक्तियों से कहा कि जिसकी भी है वह हमें अपने कागजात बताए ।</p>
<p>लेकिन गौरतलब है कि माउंट आबू में कभी भी ब्लॉकस को लाने की अनुमति नहीं मिलती है । &nbsp;न ही निर्माण सामग्री लाने वाले फॉर्म में इसका प्रावधान है । ब्लॉक लाने की अनुमति ही जब नही दी जा सकती तो इतनी मात्रा में ब्लॉक का पाया जाना अपने आप में कई संदिग्ध प्रश्न चिन्ह खड़े कर रहा है ?<br>&nbsp;<br>फिर भी लोग क्यों लाते हैं यहां परसीमेंट्स के &nbsp;ब्लॉकस ?</p>
<p>&nbsp;लोग अवैध रूप से ब्लॉक इसलिए लाते हैं ताकि जल्दी से अवैध निर्माण किया जा सके । और ब्लॉकस &nbsp;के माध्यम से कम बजरी व सीमेंट से जल्दी कमरे तैयार हो जाते हैं । &nbsp;इसलिए यहां पर अवैध रूप से अधिकतर ब्लॉकस ले जाते हैं ।</p>
<p>यदि बात की जाए इसी वर्ष 12 जनवरी 2026 की तो इसी &nbsp;एक बर्निग बस पकड़ी गई थी । जिसमें भारी मात्रा में ऐसे ही ब्लॉक भरे हुए थे, और इस बस में आगे की दो सीट छोड़कर ठेठ पीछे तक ऐसे ही सीमेंट के ब्लॉकस भरे हुए थे</p>
<p>यही वजह है कि माउंट आबू में सीमेंट के ब्लॉक का लाने का चलन बहुत ज्यादा है और अवैध रूप में से लाया जाता है ।</p>
<p><br>इस प्रकरण पर स्वयं पालिका आयुक्त भी ज्यादा हैरान है अब उन्होंने इसकी पूरी जांच बिठा दी है कि यह सामग्री आई कैसे वह किसकी थी और इसकी अनुमति जारी कैसे की जबकि प्रावधानी फॉर्म में नहीं है कि यहां पर सीमेंट के ब्लॉक लाया जाए केवल इथे लाने की अनुभूति होती है वह भी जेएनवीएन के निरीक्षण के बाद आपको तय मात्रा में एक लिमिट में ही आईटी दी जाती है और वह भी बड़ी प्रक्रिया लंबी व जटिल होती है जिसको करने में ही सालों लग जाते हैं ।</p>
<p>बड़े धनाड्य पैसे वालों,प्रभावशाली की बात अलग है उनको अनुमतियां जल्दी मिल जाती है लेकिन आम व्यक्ति के लिए तो नगर पालिका से अनुमति लेना जटिल प्रक्रिया है ।</p>
<p>उल्लेखनीय की यह प्रक्रिया ही शुरुआत होती है जब आप अपना प्रार्थना पत्र देते हो तो आपको पूरी निर्माण सामग्री एकता फॉर्म में भरकर देनी होती है उसके बाद आपके घर का जैन अयान स्टार के अधिकारी निरीक्षण करते हैं हल्का अधिकारी यानी जमादार आपके एरिया का विवरण बढ़ता है वह भूमि शाखा उसमें आपका जमीन के पत्ते होने की पुष्टि करती है उसके बाद आपके सारे कागजातों की लंबी चौड़ी जांच होती है और यह सारी प्रक्रिया होने के बाद एसडीएम कार्यालय पर आने में महीना लग जाते और वहां पर भी आपको अगर टोकन मिल जाए तो फिर समझो आपको कोई इस संसार में इससे बढ़िया कोई तोहफा ही नहीं यहां टोकन मिलना मतलब बहुत बड़ा अवार्ड मिलने के बराबर होता है ।&nbsp;</p>
<p>बाकायदा माउंट आबू में लोग टोकन मिलने पर तो देवताओं के यहां जाकर धूप लगते हैं और उनकी &nbsp;खुशी की सीमा नही होती एक सामान्य परिवार के लिए ।</p>
<p>बहरहाल पालिका आयुक्त देश के लिए एक जांच दल गठित कर दिया है जो आसपास के पूरे क्षेत्र की जनता से जांच करेगा कि वहां पर और भी कहीं अवैध रूप से निर्माण सामग्री तो नहीं रखी गई है और अगर पाई जाती है तो उसे भी जप्त करने की कार्रवाई आगे की जाएगी</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>अजमेर जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या, साथी कैदी ने घोंटा गला</title>
    <link>https://thinq360.com/dacoit-jagan-gurjar-murdered-in-ajmer-high-security-jail-by-inmate-vishnu</link>
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    <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 10:25:30 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>क्राइम</category>
    <description><![CDATA[कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी ने की हत्या, नाश्ते के दौरान हुई थी कहासुनी, जेल में हड़कंप।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>अजमेर | </strong> राजस्थान की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार को सनसनीखेज वारदात हुई। यहां बंद कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की उसके साथी कैदी ने ही गला घोंटकर हत्या कर दी। दोपहर 3 बजे जब जेल खुली तो इस हत्याकांड का खुलासा हुआ, जिससे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।</p>
<h2>जेल में सनसनीखेज हत्या, साथी कैदी ने ली जान</h2>
<p>प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बैरक नंबर 2 में बंद भरतपुर के चर्चित कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने हत्या की है। उसने गमछे से जगन का गला घोंट दिया।</p>
<p>पुलिस अधिकारियों द्वारा पूछताछ किए जाने पर विष्णु ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। दोनों पिछले करीब तीन महीने से एक ही बैरक में साथ रह रहे थे।</p>
<blockquote>मैंने मार डाला।</blockquote>
<p>विष्णु ने बताया कि जगन उसे छोटी-छोटी बातों पर ताने मारता था। वह उसे लगातार मानसिक रूप से परेशान कर रहा था, जिससे तंग आकर उसने यह कदम उठाया।</p>
<h3>नाश्ते पर हुई कहासुनी बनी वजह</h3>
<p>जांच में पता चला कि सोमवार सुबह करीब 10 बजे नाश्ते के समय दोनों बंदियों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। इसके बाद दोनों 11 बजे अपनी बैरक में चले गए।</p>
<p>माना जा रहा है कि इसी विवाद के बाद विष्णु ने जगन की हत्या की योजना बनाई और मौका देखकर उसे अंजाम दे दिया। दोपहर में जब गिनती के लिए बैरक खुला तो घटना सामने आई।</p>
<h2>कौन है कातिल विष्णु?</h2>
<p>जगन गुर्जर की हत्या का आरोपी विष्णु अजान कभी बाइक चोरी जैसे छोटे अपराध करता था। लेकिन जेल पहुंचने के बाद वह एक संगठित गैंग का खतरनाक शूटर बन गया।</p>
<p>पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, विष्णु के खिलाफ भरतपुर के थानों में बाइक चोरी के तीन मामले दर्ज हैं। इन्हीं मामलों में वह 2023 में सेवर जेल पहुंचा था।</p>
<h3>बाइक चोर से बना गैंग का शूटर</h3>
<p>सेवर जेल में ही विष्णु कृपाल गैंग के संपर्क में आया। गैंग के लोगों ने उसकी जमानत कराई और उसके रहने-खाने का पूरा जिम्मा उठा लिया।</p>
<p>जमानत मिलने के बाद वह कृपाल के घर पर ही रहा और गैंग की कई वारदातों में शामिल हो गया। वह 2023 में हुए भरतपुर के चर्चित कुलदीप जघीना हत्याकांड के प्रमुख आरोपियों में से एक है।</p>
<h2>प्रशासन में हड़कंप, जांच शुरू</h2>
<p>हत्या की सूचना मिलते ही एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। एफएसएल की टीम ने भी घटनास्थल से सबूत जुटाए।</p>
<p>देर शाम जगन के शव को कड़ी सुरक्षा के बीच जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। इस घटना ने हाई सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>फाइनल के लिए ऑस्ट्रेलिया-वेस्टइंडीज में भिड़ंत</title>
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    <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 10:19:16 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>खेल</category>
    <description><![CDATA[T20 वर्ल्ड कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में आज ऑस्ट्रेलिया का सामना वेस्टइंडीज से होगा। जानें कब और कहाँ देखें।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>लंदन | </strong>आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में आज क्रिकेट जगत की दो दिग्गज टीमें आमने-सामने होंगी। लंदन के ओवल मैदान पर छह बार की विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया का मुकाबला 2016 की चैंपियन वेस्टइंडीज से होगा। इस हाई-वोल्टेज मैच की विजेता टीम फाइनल में अपनी जगह पक्की करेगी।</p>
<h2>ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच खिताबी जंग</h2>
<p>यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए 'करो या मरो' जैसा है। विजेता टीम 5 जुलाई को लॉर्ड्स में होने वाले खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड या दक्षिण अफ्रीका से भिड़ेगी।</p>
<p>ऑस्ट्रेलियाई टीम इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही है। उसने अपने ग्रुप के सभी पांच मैच जीतकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया है।</p>
<p>वहीं, वेस्टइंडीज का सफर थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रहा। टीम ने ग्रुप बी में पांच में से तीन मैच जीते और उसे अपने आखिरी लीग मैच में आयरलैंड से हार का सामना करना पड़ा था।</p>
<h3>हेड-टू-हेड में किसका पलड़ा भारी?</h3>
<p>आंकड़ों पर नजर डालें तो ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी नजर आता है। दोनों टीमों के बीच अब तक हुए 19 टी20 मैचों में से 17 में ऑस्ट्रेलिया ने जीत हासिल की है।</p>
<p>हालांकि, वेस्टइंडीज को कम आंकना बड़ी भूल होगी। वेस्टइंडीज इकलौती ऐसी टीम है जिसने टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को मात दी है।</p>
<p>साल 2016 के फाइनल में वेस्टइंडीज ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर अपना पहला और एकमात्र खिताब जीता था। यह ऐतिहासिक जीत आज भी कैरेबियाई टीम को प्रेरणा देती है।</p>
<blockquote>"यह मुकाबला अनुभव और युवा जोश के बीच की टक्कर है, जहाँ ऑस्ट्रेलिया का दबदबा है, लेकिन वेस्टइंडीज उलटफेर करने में माहिर है।"</blockquote>
<h3>पिच का मिजाज और टॉस की भूमिका</h3>
<p>यह मैच ओवल में खेला जाएगा, जहाँ इस वर्ल्ड कप में लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों का दबदबा रहा है। अब तक यहाँ हुए सभी पांच मैचों में चेज करने वाली टीम ही जीती है।</p>
<p>ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करने का फैसला कर सकती है, ताकि लक्ष्य का पीछा करने के ट्रेंड का फायदा उठाया जा सके।</p>
<h2>कब और कहाँ देखें लाइव मैच?</h2>
<p>यह रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 7:00 बजे से शुरू होगा। भारत में क्रिकेट प्रशंसक इस मैच का सीधा प्रसारण देख सकते हैं।</p>
<p>मैच को स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क्स पर टीवी पर लाइव देखा जा सकता है। इसके अलावा, जियो हॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर भी मैच की लाइव स्ट्रीमिंग उपलब्ध होगी। डीडी स्पोर्ट्स पर भी इसका प्रसारण किया जाएगा।</p>
<p>इस मुकाबले पर दुनियाभर के क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ऑस्ट्रेलिया अपना दबदबा कायम रखती है या वेस्टइंडीज एक और बड़ा उलटफेर कर फाइनल में जगह बनाती है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>इंग्लैंड के खिलाफ वैभव का डेब्यू, कप्तान लेंगे कड़ा फैसला</title>
    <link>https://thinq360.com/eng-vs-ind-t20-series-vaibhav-suryavanshi-may-debut-team-india-playing-11</link>
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    <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 10:14:05 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>क्रिकेट</category>
    <description><![CDATA[आयरलैंड में ओपनर्स के फ्लॉप शो के बाद 15 साल के वैभव को इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में मौका मिल सकता है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>चेस्टर-ले-स्ट्रीट | </strong>भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज बुधवार से शुरू हो रही है। इस सीरीज में सबकी नजरें 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर टिकी हैं, जिन्हें प्लेइंग 11 में मौका मिल सकता है।</p>
<h2>ओपनर्स का फ्लॉप शो बना वजह</h2>
<p>टीम इंडिया को हाल ही में आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। इस हार की सबसे बड़ी वजह टीम के ओपनिंग बल्लेबाजों का खराब प्रदर्शन रहा।</p>
<p>अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और संजू सैमसन जैसे अनुभवी खिलाड़ी पूरी सीरीज में रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे। तीनों ने मिलकर 3 मैचों में सिर्फ 67 रन बनाए।</p>
<p>इस खराब प्रदर्शन के बाद से ही युवा प्रतिभा वैभव सूर्यवंशी को टीम में शामिल करने की मांग तेज हो गई है। वैभव ने अपनी कम उम्र में ही घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा है।</p>
<h3>आयरलैंड में मिली थी करारी हार</h3>
<p>आयरलैंड जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीम से मिली हार ने टीम मैनेजमेंट को बड़े फैसले लेने पर मजबूर कर दिया है। यह भारत की लगातार 16 टी20 सीरीज जीत के बाद पहली सीरीज हार थी।</p>
<p>इस हार ने न केवल टीम के आत्मविश्वास को प्रभावित किया है, बल्कि इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ रणनीति पर पुनर्विचार करने की जरूरत भी पैदा कर दी है।</p>
<h2>कप्तान और मैनेजमेंट पर दबाव</h2>
<p>कप्तान श्रेयस अय्यर और टीम मैनेजमेंट पर अब इंग्लैंड के खिलाफ सही संयोजन खोजने का भारी दबाव है। आयरलैंड सीरीज से पहले अय्यर ने सूर्यवंशी के डेब्यू को लेकर धैर्य रखने की बात कही थी।</p>
<blockquote>श्रेयस अय्यर ने कहा था, "टीम में कई ऐसे प्लेयर हैं, जिन्होंने ने शानदार प्रदर्शन किया है और उनकी प्लेइंग 11 में जगह पहले बनती है। हालांकि वैभव सूर्यवंशी का भी समय आएगा और वह खेलेंगे।"</blockquote>
<p>लेकिन आयरलैंड में मिली हार के बाद अब स्थिति बदल गई है। टीम को एक नई शुरुआत की जरूरत है और सूर्यवंशी वह एक्स-फैक्टर साबित हो सकते हैं।</p>
<h3>क्या कहते हैं समीकरण?</h3>
<p>सूत्रों के मुताबिक, इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 में अभिषेक शर्मा को आराम दिया जा सकता है। उनकी जगह वैभव सूर्यवंशी को संजू सैमसन के साथ ओपनिंग का मौका मिल सकता है।</p>
<p>इससे टीम का लेफ्ट-राइट हैंड ओपनिंग कॉम्बिनेशन भी बना रहेगा। साथ ही, सैमसन जैसे अनुभवी खिलाड़ी के साथ खेलने से वैभव को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ढलने में मदद मिलेगी।</p>
<p><strong>टीम इंडिया की संभावित प्लेइंग 11:</strong></p>
<p>वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन, तिलक वर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), अक्षर पटेल, शिवम दुबे, हर्षित राणा, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव।</p>
<p>इंग्लैंड के खिलाफ यह सीरीज भारत के लिए आत्मसम्मान की लड़ाई है। ऐसे में एक 15 साल के खिलाड़ी को डेब्यू कराना एक साहसिक लेकिन जरूरी कदम हो सकता है, जो टीम में नई ऊर्जा का संचार कर सकता है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>IPL स्टार शशांक सिंह पर FIR, कुक ने लगाए गंभीर आरोप</title>
    <link>https://thinq360.com/fir-on-punjab-kings-cricketer-shashank-singh-cook-alleges-assault-in-bhopal</link>
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    <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 10:04:37 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>क्रिकेट</category>
    <description><![CDATA[पंजाब किंग्स के क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके पिता पर घरेलू कुक ने मारपीट, गाली-गलौज और बंधक बनाने का आरोप लगाया है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल | </strong> इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में पंजाब किंग्स के स्टार बल्लेबाज शशांक सिंह मुश्किलों में घिर गए हैं। भोपाल की रातीबड़ पुलिस ने शशांक सिंह और उनके पिता, रिटायर्ड स्पेशल डीजी शैलेश सिंह के खिलाफ एक गंभीर मामले में एफआईआर दर्ज की है।</p>
<p>यह मामला उनके घर पर काम करने वाले एक रसोइए की शिकायत पर दर्ज किया गया है। रसोइए ने क्रिकेटर और उनके पिता पर मारपीट, गाली-गलौज, मोबाइल छीनने और बंधक बनाने जैसे संगीन आरोप लगाए हैं।</p>
<h2>क्या है पूरा मामला?</h2>
<p>शिकायतकर्ता, विपेंद्र सिंह तोमर, रीवा जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह 25 जून को नीलबाद स्थित शशांक सिंह के बंगले पर रसोइए के तौर पर काम करने आए थे।</p>
<p>विपेंद्र के अनुसार, उन्हें 15,000 रुपये महीने की सैलरी के साथ रहने और खाने की सुविधा का वादा किया गया था। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन कुछ ही दिनों में हालात बदल गए।</p>
<h3>मोबाइल छीनने से शुरू हुआ विवाद</h3>
<p>विपेंद्र ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उनसे कहा गया कि उनके काम में कमियां हैं और इसी बहाने उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया।</p>
<p>उन्होंने बताया, "28 जून को नाश्ता बनाने के बाद मैंने शैलेश सिंह से अपना मोबाइल फोन वापस मांगा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इससे परेशान होकर मैं अपने कमरे में चला गया।"</p>
<blockquote>शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि "शैलेश सिंह, उनके बेटे शशांक सिंह और उनके ड्राइवर मेरे कमरे में आए, मुझे अपशब्द कहे और हाथों व घूंसों से मारपीट करने लगे। मुझे पीटने के बाद, उन्होंने मुझे जबरदस्ती घर से बाहर निकाल दिया।"</blockquote>
<p>विपेंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि उनके मोबाइल से 1,000 रुपये यह कहकर ट्रांसफर कर लिए गए कि यह उनके खाने और रहने का खर्च था।</p>
<h2>पुलिस ने दर्ज की FIR</h2>
<p>इस घटना के बाद, विपेंद्र अपने रिश्तेदारों के साथ रातीबड़ पुलिस स्टेशन पहुंचे और अपनी लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की।</p>
<p>पुलिस ने शशांक सिंह, उनके पिता शैलेश सिंह और उनके ड्राइवर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।</p>
<p>पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। इस मामले में अभी तक शशांक सिंह या उनके परिवार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।</p>
<p>यह मामला इसलिए भी ज्यादा चर्चा में है क्योंकि शशांक सिंह एक जाने-माने क्रिकेटर हैं और उनके पिता एक वरिष्ठ पूर्व पुलिस अधिकारी रह चुके हैं। पुलिस की जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ पाएगी।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>इस पिच पर 140 रन बनाना भी मुश्किल, भारत अलर्ट</title>
    <link>https://thinq360.com/eng-vs-ind-1st-t20-pitch-report-riverside-ground-chester-le-street-stats</link>
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    <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 09:58:21 +0530</pubDate>
    <dc:creator>जोगेन्द्र सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>क्रिकेट</category>
    <description><![CDATA[चेस्टर-ले-स्ट्रीट की पिच गेंदबाजों के लिए स्वर्ग मानी जा रही है। यहां पहली पारी का औसत स्कोर सिर्फ 138 रन है।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>चेस्टर-ले-स्ट्रीट | </strong>आयरलैंड के खिलाफ मिली शर्मनाक हार के बाद भारतीय क्रिकेट टीम अब इंग्लैंड के खिलाफ जीत की पटरी पर लौटना चाहेगी। दोनों टीमों के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला बुधवार को चेस्टर-ले-स्ट्रीट के रिवरसाइड ग्राउंड पर खेला जाएगा। हालांकि, मैच से पहले पिच के आंकड़े भारतीय फैंस की चिंता बढ़ा सकते हैं।</p>
<p>यह मैदान बल्लेबाजों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं है। यहां की पिच पर रन बनाना बेहद मुश्किल रहा है, जो हाल ही में आयरलैंड में भारतीय बल्लेबाजों के संघर्ष की याद दिलाता है।</p>
<h2>पिच का मिजाज: गेंदबाजों का रहेगा बोलबाला?</h2>
<p>रिवरसाइड ग्राउंड के आंकड़े बताते हैं कि यहां गेंदबाजों का दबदबा रहता है। इस मैदान पर अब तक कुल आठ टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले गए हैं।</p>
<p>इनमें से सिर्फ तीन बार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है, जबकि पांच बार लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम ने बाजी मारी है।</p>
<p>यहां पहली पारी का औसत स्कोर महज 138 रन है, जो टी20 के लिहाज से काफी कम है। दूसरी पारी में यह और भी गिरकर 131 रन रह जाता है।</p>
<p>हालांकि, इंग्लैंड ने इसी मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 195 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। लेकिन यह एक अपवाद जैसा है।</p>
<blockquote>इस मैदान पर सबसे बड़ा सफल रन चेज सिर्फ 143 रन का है, जिसे इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड के खिलाफ हासिल किया था। इससे पता चलता है कि यहां छोटा लक्ष्य भी बचाना संभव है।</blockquote>
<h3>क्या आयरलैंड वाली गलती दोहराएगी टीम इंडिया?</h3>
<p>भारतीय टीम के लिए यह पिच एक बड़ी चुनौती है। हाल ही में आयरलैंड के बेलफास्ट में भी टीम को लगभग ऐसी ही पिचों पर खेलना पड़ा था, जहां औसत स्कोर 130 रन के करीब था।</p>
<p>वहां भारतीय बल्लेबाज बुरी तरह फ्लॉप हुए थे और टीम को दोनों मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली युवा टीम को इस चुनौती से पार पाना होगा।</p>
<h2>मैच की जानकारी और टीमें</h2>
<p>यह मुकाबला भारतीय समयानुसार बुधवार रात 10:00 बजे से शुरू होगा। मैच का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगा, जबकि लाइव स्ट्रीमिंग SonyLIV ऐप पर उपलब्ध होगी।</p>
<h3>इंग्लैंड के खिलाफ भारत की टी20 टीम</h3>
<p>श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), वैभव सूर्यवंशी, सूर्यांश शेडगे, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, अभिषेक शर्मा, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्णा।</p>
<h3>टी20 सीरीज के लिए इंग्लैंड की टीम</h3>
<p>हैरी ब्रूक, रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, सोनी बेकर, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, जोस बटलर, जेम्स कोल्स, जॉर्डन कॉक्स, सैम कुरेन, लियाम डॉसन, विल जैक, साकिब महमूद, आदिल राशिद, फिल साल्ट, जोश टोंग और ल्यूक वुड।</p>
<p>कुल मिलाकर, यह मुकाबला बल्ले और गेंद के बीच एक कड़ा संघर्ष होने वाला है। जिस टीम के गेंदबाज और बल्लेबाज परिस्थितियों से बेहतर तालमेल बिठाएंगे, जीत उसी की होगी। भारतीय टीम को पिछली गलतियों से सबक लेकर मैदान पर उतरना होगा।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>पैराग्वे ने जर्मनी को हराकर रचा इतिहास</title>
    <link>https://thinq360.com/fifa-world-cup-2026-paraguay-knocks-out-germany-in-penalty-shootout-upset</link>
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    <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 09:39:41 +0530</pubDate>
    <dc:creator>बलजीत सिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>खेल</category>
    <description><![CDATA[फीफा विश्व कप 2026 में बड़ा उलटफेर, पैराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में जर्मनी को 4-3 से हराया।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली | </strong>फीफा विश्व कप 2026 में अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। सोमवार को खेले गए राउंड ऑफ-32 के एक रोमांचक मुकाबले में, 41वीं रैंक वाली पैराग्वे ने चार बार की विश्व चैंपियन जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।</p>
<h2>पहले हाफ में पैराग्वे का दबदबा</h2>
<p>मैच की शुरुआत से ही पैराग्वे की टीम ने मजबूत इरादे दिखाए। उन्होंने जर्मन टीम पर लगातार दबाव बनाए रखा।</p>
<p>खेल के 42वें मिनट में पैराग्वे को इसका फायदा मिला। जूलियो एन्सिसो ने एक शानदार हेडर लगाकर अपनी टीम को 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी।</p>
<p>पहले हाफ में जर्मनी का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा। टीम कोई भी बड़ा मौका बनाने में नाकाम रही और बराबरी का गोल नहीं कर सकी।</p>
<h3>जर्मनी की वापसी और VAR का ड्रामा</h3>
<p>दूसरे हाफ की शुरुआत में जर्मनी ने वापसी की कोशिशें तेज कर दीं। मैच के 53वें मिनट में काई हावर्ट्ज ने गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।</p>
<p>इसके कुछ ही देर बाद जर्मनी को एक कॉर्नर मिला, जिस पर उन्होंने गोल भी कर दिया। लेकिन वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) ने इस गोल को रद्द कर दिया।</p>
<p>VAR ने पाया कि गोल से पहले पैराग्वे के गोलकीपर के साथ फाउल हुआ था, जिससे जर्मनी की बढ़त की उम्मीदें खत्म हो गईं।</p>
<p>निर्धारित 90 मिनट और फिर अतिरिक्त समय में भी दोनों टीमें कोई और गोल नहीं कर सकीं। इसके बाद मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट से होना तय हुआ।</p>
<h2>पेनल्टी शूटआउट का रोमांचक अंत</h2>
<p>पेनल्टी शूटआउट जर्मनी के लिए एक बुरे सपने की तरह शुरू हुआ। टीम के स्टार खिलाड़ी काई हावर्ट्ज अपना पहला ही प्रयास चूक गए।</p>
<p>जर्मनी ने कुल मिलाकर तीन पेनल्टी गंवाई, जो उनके लिए काफी महंगा साबित हुआ। वहीं, पैराग्वे ने भी दो मौके गंवाए लेकिन अंत में वे संयम बनाए रखने में कामयाब रहे।</p>
<blockquote>"यह विश्व कप इतिहास के सबसे अविश्वसनीय क्षणों में से एक है। किसी ने उम्मीद नहीं की थी कि जर्मनी इस तरह टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा।"</blockquote>
<p>आखिरकार, पैराग्वे ने शूटआउट 4-3 से जीतकर अंतिम-16 में अपनी जगह पक्की कर ली और फुटबॉल जगत को स्तब्ध कर दिया।</p>
<h3>जर्मनी के नाम अनचाहा रिकॉर्ड</h3>
<p>इस हार के साथ जर्मनी के नाम एक अनचाहा रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया है। यह विश्व कप के इतिहास में पहली बार है जब जर्मन टीम पेनल्टी शूटआउट में हारकर बाहर हुई है।</p>
<p>2014 में विश्व कप जीतने के बाद से जर्मनी का प्रदर्शन बड़े टूर्नामेंटों में लगातार खराब रहा है। यह हार उनके लिए एक बड़ी निराशा है।</p>
<p>इस उलटफेर की तुलना 1994 विश्व कप से की जा रही है, जब बुल्गारिया ने क्वार्टर फाइनल में तत्कालीन चैंपियन जर्मनी को हराकर बाहर कर दिया था।</p>
<p>पैराग्वे की इस ऐतिहासिक जीत ने उन्हें टूर्नामेंट का 'डार्क हॉर्स' बना दिया है, जबकि जर्मनी को अपनी गलतियों पर विचार करने के लिए घर वापस लौटना होगा।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>यमुना समझौते पर मदन राठौड़ ने अशोक गहलोत को दिया खुला न्योता</title>
    <link>https://thinq360.com/madan-rathore-invites-ashok-gehlot-yamuna-water-agreement</link>
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    <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 21:03:28 +0530</pubDate>
    <dc:creator>Pradeep Beedawat</dc:creator>
    <category>राजनीति</category>
    <description><![CDATA[भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने यमुना जल समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए गहलोत को घेरा।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong> भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य मदन राठौड़ ने यमुना जल समझौते को राजस्थान के लिए ऐतिहासिक बताते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इसे राज्य की जनता के लिए बड़ी जीत घोषित किया।</p>
<h2>गहलोत को मदन राठौड़ का खुला निमंत्रण</h2>
<p>मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुराने बयानों को याद दिलाया। उन्होंने कहा कि गहलोत अक्सर यमुना समझौते पर सवाल उठाते थे और मुख्यमंत्री को माला पहनाने का दावा करते थे.</p>
<p>अब जबकि ऐतिहासिक समझौता हो चुका है, राठौड़ ने गहलोत को अपना वादा निभाने के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि राजनीति से ऊपर उठकर इस उपलब्धि का स्वागत होना चाहिए।</p>
<blockquote>"आइये, गहलोत जी मुख्यमंत्री जी का इस शानदार उपलब्धि के लिए स्वागत करते हैं। अब पीछे हटने का कोई बहाना नहीं चलना चाहिए।" - मदन राठौड़</blockquote>
<h2>दिल्ली दौरों की तुलना और कांग्रेस पर प्रहार</h2>
<p>भाजपा अध्यक्ष ने पिछली कांग्रेस सरकार और वर्तमान भाजपा सरकार के कामकाज के तरीकों की तुलना की। उन्होंने कांग्रेस की कार्यशैली पर तीखा हमला बोला।</p>
<p>राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस की नीति हमेशा अटकाने, लटकाने और भटकाने की रही है। उनके लिए जनता के हितों से ज्यादा खुद की राजनीति महत्वपूर्ण थी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जब भी दिल्ली जाते थे, तो उनका एकमात्र एजेंडा अपनी कुर्सी बचाना होता था। वे आपसी कलह को सुलझाने में ही व्यस्त रहते थे।</p>
<p>इसके विपरीत, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जब भी दिल्ली का दौरा करते हैं, तो राजस्थान के लिए खुशहाली की नई सौगात लेकर लौटते हैं। उनके दौरे पूरी तरह विकास केंद्रित होते हैं।</p>
<h3>शेखावाटी के 75 लाख लोगों को मिलेगा पानी</h3>
<p>इस ऐतिहासिक समझौते से शेखावाटी क्षेत्र के लगभग 75 लाख लोगों के जीवन में बड़ा सुधार होगा। यह क्षेत्र दशकों से पीने और सिंचाई के पानी के लिए तरस रहा था।</p>
<p>यमुना जल समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में संभव हुआ है। गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में हरियाणा और राजस्थान के बीच यह सहमति बनी।</p>
<p>राठौड़ ने कहा कि मध्य प्रदेश के साथ राम सेतु समझौता और अब यमुना समझौता, भाजपा सरकार की बड़ी उपलब्धियां हैं। ये फैसले 'आपणो अग्रणी राजस्थान' के संकल्प को पूरा करेंगे।</p>
<p>कांग्रेस ने 32 वर्षों तक इस समझौते को लटकाए रखा। वे हरियाणा में पानी न देने का वादा करते थे और राजस्थान में पानी लाने का झूठा दावा करते थे।</p>
<h2>जयपुर में होगा ऐतिहासिक स्वागत</h2>
<p>मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के जयपुर लौटने पर उनका भव्य अभिनंदन किया जाएगा। भाजपा कार्यकर्ताओं और आम जनता में इस समझौते को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।</p>
<p>जयपुर एयरपोर्ट, कानोडिया कॉलेज, रामबाग चौराहा और भाजपा प्रदेश कार्यालय पर स्वागत द्वार बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री निवास पर भी विशेष बधाई कार्यक्रम आयोजित होगा।</p>
<p>यह ऐतिहासिक समझौता साबित करता है कि मजबूत इच्छाशक्ति और जन सरोकार की नीति ही वास्तविक परिणाम लाती है। राजस्थान अब पानी की समस्या से मुक्त होने की दिशा में बढ़ चुका है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>बीकानेर में बनेगा नाल-पलाना गुड्स ट्रेन बाईपास</title>
    <link>https://thinq360.com/bikaner-nal-palana-goods-train-bypass</link>
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    <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 20:59:50 +0530</pubDate>
    <dc:creator>महेन्द्रसिंह शेखावत</dc:creator>
    <category>राजस्थान</category>
    <description><![CDATA[बीकानेर में ₹448 करोड़ की लागत से बनेगा नया गुड्स ट्रेन बाईपास, प्रदूषण से मिलेगी राहत।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>बीकानेर | </strong> बीकानेर रेल मंडल के बीकानेर रेलवे स्टेशन का ट्रैफिक भार कम करने के लिए नाल-पलाना बाईपास रेलमार्ग का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना से सुगम रेल संचालन सुनिश्चित होगा और मालगाड़ियां समय पर गंतव्य तक पहुंचेंगी।</p>
<h2>रेलवे बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण</h2>
<p>उल्लेखनीय है कि हाल ही में बीकानेर दौरे पर आए रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस बाईपास के निर्माण की घोषणा की थी। अब इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है।</p>
<p>इस महत्वपूर्ण रेल बाईपास परियोजना पर लगभग 448 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। यह बाईपास आकार में छोटा होने के बावजूद परिचालन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होने वाला है।</p>
<blockquote>"इस बाईपास के बनने से जैसलमेर की ओर से आने वाली मालगाड़ियां बिना बीकानेर स्टेशन और यार्ड में प्रवेश किए सीधे मेड़ता रोड की दिशा में संचालित हो सकेंगी।"</blockquote>
<h2>प्रदूषण और शोर से मिलेगी बड़ी राहत</h2>
<p>बीकानेर शहर में अनावश्यक रेल यातायात कम होने से शोर एवं प्रदूषण में भारी कमी आएगी। इससे स्थानीय निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी और शहर का पर्यावरण भी बेहतर होगा।</p>
<h3>परिवहन क्षमता में होगी भारी वृद्धि</h3>
<p>नई रेल लाइन के माध्यम से मालगाड़ियों को कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंचने में बड़ी सुविधा मिलेगी। इससे रेलवे की माल परिवहन क्षमता और दक्षता में अभूतपूर्व सुधार होगा।</p>
<p>यह परियोजना रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने तथा भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>जालोर: हत्या, भूमि कब्जा और अवैध खनन पर शिवसेना का प्रदर्शन</title>
    <link>https://thinq360.com/jalore-shiv-sena-bsp-protest-murder-land-grabbing-illegal-mining</link>
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    <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 20:49:06 +0530</pubDate>
    <dc:creator>ललित पथमेड़ा</dc:creator>
    <category>जालोर</category>
    <description><![CDATA[जालोर में शिवसेना और बसपा ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। हत्या, भूमि कब्जा, अवैध खनन और महंगाई जैसे मुद्दों पर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जालोर | </strong> राजस्थान के जालोर में शिवसेना और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जिला कलेक्ट्रेट के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। दोनों दलों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर अलग-अलग ज्ञापन सौंपे और तत्काल कार्रवाई की मांग की।<br><br></p>
<h2>शिवसेना का हल्ला बोल: हत्या से लेकर खनन तक के मुद्दे</h2>
<p>शिवसेना ने जिला अध्यक्ष रूपराज पुरोहित के नेतृत्व में कई गंभीर मामलों पर प्रशासन का ध्यान खींचा। इसमें प्रमुख रूप से अमृत देवासी हत्या प्रकरण, भूमि पर अवैध कब्जा और जवाई नदी में अवैध बजरी खनन के मुद्दे शामिल थे।</p>
<h3>न्याय के लिए मां की गुहार</h3>
<p>मृतक अमृत देवासी की मां रतीदेवी ने अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि उनके बेटे का शव मिले लगभग तीन साल हो गए हैं, लेकिन पुलिस अब तक मामले का खुलासा नहीं कर पाई है।</p>
<blockquote>मृतक की मां ने कहा, "27 जून 2023 को मेरा बेटा लापता हुआ था और अगले दिन उसका शव मिला। आज तक हमें न्याय नहीं मिला है।"</blockquote>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि शव के पास मिले मोबाइल की फॉरेंसिक रिपोर्ट तक आज तक नहीं आई है, जो जांच में गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।</p>
<h3>फर्जी दस्तावेजों से जमीन पर कब्जा</h3>
<p>एक अन्य मामले में, बैरठ गांव की नेहा राजपुरोहित ने बताया कि उनके नाम से फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनाकर उनकी जमीन और प्लॉट हड़प लिए गए।</p>
<p>उन्होंने बताया कि बागरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराए 9 महीने बीत चुके हैं, लेकिन कोई प्रभावी जांच नहीं हुई। शिवसेना ने इस मामले में दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।</p>
<h3>जवाई नदी में अवैध खनन</h3>
<p>शिवसेना जिला प्रमुख रूपराज पुरोहित ने जवाई नदी में हो रहे अवैध बजरी खनन का मुद्दा भी उठाया।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि बजरी माफिया 3 मीटर की लीज सीमा के बजाय 17 से 20 फीट तक गहरी खुदाई कर रहे हैं, जिससे नदी का स्वरूप बिगड़ रहा है और किसानों के कुओं का जलस्तर गिर रहा है।</p>
<h2>बसपा ने भी बुलंद की आवाज</h2>
<p>दूसरी ओर, बहुजन समाज पार्टी ने भी जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश मेघवाल के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। बसपा ने बढ़ती महंगाई और शहर की मूलभूत समस्याओं पर सरकार को घेरा।</p>
<h3>शहर की बदहाली पर प्रशासन को घेरा</h3>
<p>बसपा कार्यकर्ताओं ने सुन्देलाव तालाब में जा रहे सीवरेज के गंदे पानी, खराब सीवरेज व्यवस्था, जर्जर सड़कों और अनियमित पेयजल आपूर्ति जैसे मुद्दों पर जालोर सीओ को ज्ञापन सौंपा।</p>
<p>पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे।</p>
<p>दोनों दलों के प्रदर्शन ने स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन गंभीर शिकायतों पर कब और क्या कार्रवाई करता है, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और शहरवासियों को राहत।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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  </item>
  <item>
    <title>जयपुर: कार में सोए डॉक्टर की मौत, पेट्रोल खत्म, दम घुटा</title>
    <link>https://thinq360.com/jaipur-resident-doctor-found-dead-in-car-suffocation-due-to-heat</link>
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    <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 20:47:11 +0530</pubDate>
    <dc:creator>ललित पथमेड़ा</dc:creator>
    <category>जालोर</category>
    <description><![CDATA[जयपुर में रेजिडेंट डॉक्टर कार में मृत मिले। शराब के नशे में एसी चलाकर सोए, पेट्रोल खत्म होने पर दम घुटने से मौत की आशंका।]]></description>
    <content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर | </strong> जयपुर में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक रेजिडेंट डॉक्टर का शव उनकी कार के अंदर मिला। शुरुआती जांच में पता चला है कि डॉक्टर साहब कार में ही सो गए थे और पेट्रोल खत्म होने के कारण गाड़ी का एसी बंद हो गया, जिससे दम घुटने से उनकी मौत हो गई।</p>
<p>यह घटना आदर्श नगर थाना क्षेत्र की है, जहां बर्फखाना के पास सड़क किनारे एक कार कई घंटों से खड़ी थी। राहगीरों ने जब कार में एक युवक को बेसुध हालत में देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी।</p>
<h2>पुलिस ने तोड़ा कार का शीशा</h2>
<p>मौके पर पहुंची पुलिस ने कार को खोलने की कोशिश की, लेकिन वह अंदर से लॉक थी। ड्राइवर सीट पर बैठे युवक को कई बार आवाज दी गई, लेकिन कोई हरकत नहीं हुई।</p>
<p>इसके बाद पुलिस को कार का शीशा तोड़ना पड़ा। जब उन्होंने दरवाजा खोला और युवक की जांच की, तो पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है। मृतक की पहचान डॉ. संदीप कुमार शर्मा (37) के रूप में हुई, जो झुंझुनूं के उदयपुरवाटी के रहने वाले थे।</p>
<h3>शराब के नशे में सोने की आशंका</h3>
<p>डॉ. संदीप सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज के स्किन डिपार्टमेंट में फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट थे। पुलिस को कार के अंदर से शराब का एक क्वार्टर भी मिला है, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि उन्होंने शराब पी रखी थी।</p>
<p>आदर्श नगर थाना SHO मनीष गुप्ता ने बताया, <q>प्रथमदृष्टया ऐसा लग रहा है कि शराब के नशे में डॉक्टर एसी चलाकर कार में सो गए। पेट्रोल खत्म होने पर एसी बंद हो गया और कार के शीशे बंद होने के कारण अंदर गर्मी बढ़ गई, जिससे दम घुटने से मौत हो गई।</q></p>
<p>स्थानीय लोगों के अनुसार, कार लगभग 5 घंटे से उसी जगह पर खड़ी थी। पुलिस ने FSL टीम की मदद से सबूत जुटाए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए SMS हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है।</p>
<h2>पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार</h2>
<p>पुलिस का कहना है कि मौत के असली कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। इस घटना ने मेडिकल समुदाय में शोक की लहर दौड़ा दी है। परिवार को सूचित कर दिया गया है और आगे की जांच जारी है।</p>
<p style="display: flex; align-items: center; gap: 4px; font-style: italic; font-size: 0.65em; color: #94a3b8; font-weight: normal; margin-top: 20px;">*Edit with Google AI Studio</p>]]></content:encoded>
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