राजस्थान

एफएफएस ऐप से घर बैठे खाद बुकिंग: किसानों को खाद के लिए अब नहीं लगना पड़ेगा कतार में, एफएफएस ऐप से घर बैठे होगी उर्वरक की बुकिंग

महेन्द्रसिंह शेखावत · 16 अगस्त 2026, 08:38 रात
राजस्थान में किसानों के लिए अनुदानित उर्वरक वितरण की नई व्यवस्था 15 अगस्त से लागू हो गई है। एफएफएस मोबाइल ऐप के जरिए किसान फार्मर आईडी या आधार कार्ड से नजदीकी विक्रेता के पास उपलब्ध डीएपी, यूरिया, एनपीके और एसएसपी की ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे।

बीकानेर | किसानों को अनुदानित उर्वरक लेने के लिए अब लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं होगी। राजस्थान में 15 अगस्त से फ्रेमवर्क फोर फर्टिलाइजर सेल (एफएफएस) की नई उर्वरक वितरण व्यवस्था लागू हो गई है। इसके तहत किसान फार्मर आईडी अथवा आधार कार्ड के माध्यम से एफएफएस मोबाइल ऐप पर घर बैठे नजदीकी उर्वरक विक्रेता से खाद की ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे।

घर बैठे बुक कर सकेंगे डीएपी, यूरिया और एनपीके

नई व्यवस्था के तहत किसान एफएफएस मोबाइल ऐप के माध्यम से डीएपी, यूरिया, एनपीके एवं एसएसपी सहित विभिन्न अनुदानित उर्वरकों की बुकिंग कर सकेंगे। ऐप पर जिले में अलग-अलग उर्वरक विक्रेताओं के पास उपलब्ध खाद की जानकारी भी प्राप्त की जा सकेगी। इससे किसानों को अपनी जरूरत के अनुसार नजदीकी विक्रेता का चयन करने में सुविधा होगी।

खाद के लिए लंबी कतारों से मिलेगी राहत

नई व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य किसानों को उर्वरक वितरण प्रक्रिया में अधिक सुविधा और पारदर्शिता उपलब्ध करवाना है। ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा मिलने से किसानों को खाद प्राप्त करने के लिए विक्रेताओं के यहां लंबी कतारों में खड़े होने की आवश्यकता कम होगी।

संतुलित उर्वरक उपयोग को मिलेगा बढ़ावा

कृषि विभाग के अनुसार एफएफएस व्यवस्था के माध्यम से किसानों को उनकी फसल और भूमि के प्रकार के आधार पर वैज्ञानिक सिफारिश के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध करवाने में सहायता मिलेगी। इससे उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और किसानों द्वारा आवश्यकता से अधिक उर्वरक इस्तेमाल करने पर भी प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।

बीकानेर जिले में विक्रेताओं और किसानों को प्रशिक्षण

नई व्यवस्था को लेकर बीकानेर जिले के सभी ब्लॉकों में उर्वरक विक्रेताओं को संबंधित उर्वरक निरीक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा चुका है। यह प्रशिक्षण कृषि विभाग जिला बीकानेर के संयुक्त निदेशक मदन लाल की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।

जिला स्तरीय प्रशिक्षण में सहायक निदेशक सुरेंद्र मारू एवं मीनाक्षी शर्मा तथा कृषि अधिकारी राम निवास गोदारा ने प्रशिक्षण दिया। वहीं खाजूवाला-छतरगढ़ में कृषि अधिकारी सोमेश तंवर, लूणकरणसर में कृषि अधिकारी गिरिराज चारण, नोखा में सहायक निदेशक राजूराम डोगीवाल, पांचू में कृषि अधिकारी मामराज, श्रीडूंगरगढ़ में सहायक निदेशक रघुवर दयाल एवं कृषि अधिकारी मेघराज तथा बज्जू में सहायक निदेशक रामकिशोर मेहरा ने उर्वरक विक्रेताओं और प्रगतिशील किसानों को एफएफएस व्यवस्था की जानकारी दी।

किसानों को ऐप के प्रति जागरूक करने का आह्वान

प्रशिक्षण के दौरान उर्वरक विक्रेताओं और प्रगतिशील किसानों से अधिक से अधिक किसानों को एफएफएस ऐप के बारे में जागरूक करने का आह्वान किया गया। कृषि विभाग का उद्देश्य है कि किसान नई ऑनलाइन व्यवस्था की जानकारी प्राप्त कर इसका अधिकतम लाभ उठा सकें।

15 अगस्त से लागू हुई नई व्यवस्था

एफएफएस की नई उर्वरक वितरण व्यवस्था 15 अगस्त से लागू हो चुकी है। ऐसे में किसानों के लिए खाद की उपलब्धता और बुकिंग की जानकारी मोबाइल के माध्यम से प्राप्त करना आसान होगा। नई व्यवस्था से उर्वरक वितरण में पारदर्शिता बढ़ने के साथ किसानों को समय और श्रम दोनों की बचत होने की उम्मीद है।

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