अटलांटा |
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड का 60 साल बाद खिताब जीतने का सपना टूट गया। गुरुवार सुबह अटलांटा में खेले गए रोमांचक मुकाबले में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर फाइनल में जगह बना ली।
इंग्लैंड ने मैच में बढ़त बना ली थी, लेकिन आखिरी के कुछ मिनटों में टीम अपनी लय बरकरार नहीं रख सकी। टीम के हेड कोच थॉमस टूचेल ने इस हार पर गहरी निराशा जताई और बताया कि आखिर टीम से कहां चूक हुई।
आखिरी 7 मिनट पड़े इंग्लैंड पर भारी
इंग्लैंड की टीम जीत के बेहद करीब पहुंचकर भी फाइनल में जगह बनाने से चूक गई। कोच थॉमस टूचेल का मानना है कि पहला गोल करने के बाद टीम अपने प्रदर्शन को उसी स्तर पर बनाए नहीं रख सकी, जिसका खामियाजा उन्हें हार के रूप में भुगतना पड़ा।
मैच के दूसरे हाफ में एंथनी गॉर्डन ने शानदार गोल कर इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिलाई थी। ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड यह मुकाबला जीतकर फाइनल में पहुंच जाएगा, लेकिन मैच के अंतिम सात मिनटों में अर्जेंटीना ने पासा पलट दिया।
अर्जेंटीना की शानदार वापसी
अर्जेंटीना ने मैच के आखिरी पलों में जबरदस्त वापसी की। एंजो फर्नांडीज ने 85वें मिनट में गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद इंजरी टाइम में लाउतारो मार्टिनेज ने विजयी गोल दागकर अर्जेंटीना को 2-1 से यादगार जीत दिला दी।
कोच टूचेल ने बताई हार की असली वजह
मैच के बाद इंग्लैंड के कोच थॉमस टूचेल ने स्वीकार किया कि उनकी टीम ने गोल करने के बाद खेल पर से अपना नियंत्रण खो दिया। उन्होंने कहा, "हम जीत के बहुत करीब थे, लेकिन बढ़त मिलने के बाद हम जरूरत से ज्यादा रक्षात्मक हो गए।"
टूचेल ने आगे कहा, "हमने गेंद पर अपना नियंत्रण नहीं बनाए रखा और विपक्ष को कई क्रॉस, शॉट और गोल करने के मौके दे दिए।" उन्होंने यह भी बताया कि टीम ने बाद में डिफेंस को मजबूत करने के लिए पांच डिफेंडरों के साथ खेलने की रणनीति अपनाई थी।
रक्षात्मक रणनीति पड़ी भारी
कोच ने बताया कि अर्जेंटीना के खिलाड़ी लगातार इंग्लैंड के बॉक्स में गेंद भेज रहे थे और उनके हेडर भी सटीक बैठ रहे थे। उन्होंने कहा, "हमने बीच के गैप को बंद करने और डिफेंस को मजबूत करने की कोशिश की, लेकिन हम गेंद अपने पास नहीं रख पाए। अगर आपके पास गेंद नहीं होगी तो दबाव से निकलना मुश्किल हो जाता है।"
टूचेल ने यह भी कहा कि उस समय उन्हें नहीं लगा कि सब्स्टिट्यूशन से मैच का रुख बदल सकता है। उन्हें विश्वास था कि मैदान पर मौजूद खिलाड़ी ही स्थिति को संभाल लेंगे, लेकिन टीम आखिरी मिनटों में अपनी बढ़त को बरकरार नहीं रख सकी।
खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर गर्व
हार से निराश होने के बावजूद, कोच टूचेल ने अपनी टीम के प्रदर्शन और खिलाड़ियों की मानसिकता की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, "खिलाड़ियों ने अपना सब कुछ मैदान पर झोंक दिया। हम 1-0 की बढ़त के हकदार थे और पूरे टूर्नामेंट में यह हमारा सबसे अच्छा प्रदर्शन था।"
उन्होंने आगे कहा, "जीत नहीं मिली, पर खिलाड़ियों की मेहनत और जज्बे पर मुझे गर्व है।"
टूर्नामेंट में टीम का संघर्ष
टूचेल ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान टीम के संघर्ष का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इंग्लैंड ने लंबी यात्राएं कीं, ऊंचाई वाले मैदानों पर मुकाबले खेले, गर्म मौसम का सामना किया और एक मैच में 10 खिलाड़ियों के साथ भी चुनौती का सामना किया। इन सबके बावजूद खिलाड़ियों ने हर मुकाबले में अपना पूरा दम लगाया।
अभी भी इतिहास रचने का मौका
सेमीफाइनल में हार के बावजूद इंग्लैंड के पास इतिहास रचने का मौका है। अब इंग्लैंड का सामना शनिवार को तीसरे स्थान के लिए होने वाले प्लेऑफ मुकाबले में फ्रांस से होगा।
अगर इंग्लैंड यह मैच जीत जाता है, तो वह पिछले 60 सालों में विश्व कप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज करेगा। वहीं, फाइनल में अर्जेंटीना का सामना स्पेन से होगा।
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