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FIFA WC: साउथ अफ्रीका की ऐतिहासिक जीत, पहली बार नॉकआउट में

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 25 जून 2026, 11:26 दोपहर
साउथ अफ्रीका ने साउथ कोरिया को 1-0 से हराकर फीफा विश्व कप के इतिहास में पहली बार नॉकआउट दौर में प्रवेश किया।

मोंटेरे | फीफा विश्व कप 2026 में साउथ अफ्रीका की फुटबॉल टीम ने इतिहास रच दिया है। बुधवार को एस्टाडियो मोंटेरे में हुए एक रोमांचक मुकाबले में, साउथ अफ्रीका ने साउथ कोरिया को 1-0 से हराकर पहली बार टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण में अपनी जगह पक्की कर ली है।

साउथ अफ्रीका ने रचा इतिहास

यह जीत साउथ अफ्रीका के फुटबॉल इतिहास में एक मील का पत्थर है। टीम ने ग्रुप-ए में दूसरे स्थान पर रहते हुए यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इस जीत के बाद पूरे देश में जश्न का माहौल है।

मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल 63वें मिनट में आया, जब युवा खिलाड़ी थापेलो मासेको ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गेंद को नेट में पहुंचाया। इसके बाद टीम ने अपनी बढ़त को अंत तक बनाए रखा।

थापेलो मासेको बने जीत के हीरो

थापेलो मासेको इस जीत के असली हीरो बनकर उभरे। अपने इस गोल के साथ, वह एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर गए।

मासेको 22 साल और 225 दिन की उम्र में फीफा विश्व कप में साउथ अफ्रीका के लिए गोल करने वाले दूसरे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं। उनके इस प्रदर्शन की हर तरफ सराहना हो रही है।

यह हमारे देश और हमारी टीम के लिए एक अविश्वसनीय क्षण है। हमने इसके लिए बहुत मेहनत की थी और आज परिणाम सबके सामने है।

साउथ कोरिया की राह मुश्किल

वहीं दूसरी ओर, इस हार ने साउथ कोरिया के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। टीम अब ग्रुप में तीसरे स्थान पर है और उसके अगले दौर में पहुंचने की संभावनाएं काफी कम हो गई हैं।

साउथ कोरिया के खाते में अभी तीन अंक हैं। नॉकआउट में जगह बनाने के लिए अब उसे अन्य ग्रुप मैचों के परिणामों पर निर्भर रहना होगा, जो उसके पक्ष में जाएं।

नॉकआउट में पहुंचने की उम्मीदें बाकी

हालांकि, साउथ कोरिया के लिए अभी टूर्नामेंट में सब कुछ खत्म नहीं हुआ है। टीम के पास अब भी सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों में से एक के रूप में क्वालीफाई करने का मौका है।

फिलहाल, साउथ कोरिया तीसरे स्थान की टीमों की रैंकिंग में चौथे स्थान पर है। उसे यह देखने के लिए अन्य समूहों के अंतिम परिणामों का इंतजार करना होगा कि क्या वह शीर्ष आठ में बना रहता है या नहीं।

मौजूदा समीकरणों के अनुसार, कुछ टीमें निश्चित रूप से उससे ऊपर रहेंगी, जबकि कुछ खराब गोल अंतर के कारण उससे नीचे रह सकती हैं।

यह जीत साउथ अफ्रीका के लिए एक नई सुबह लेकर आई है, जो उन्हें विश्व फुटबॉल के मंच पर एक नई पहचान देगी। वहीं, साउथ कोरिया को अब किस्मत के सहारे की जरूरत होगी।

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