गुआडलाजारा | फीफा वर्ल्ड कप 2026 में एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। ग्रुप H से महान कोच मार्सेलो बिएल्सा की उरुग्वे टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई है, जबकि पहली बार खेल रहे छोटे से देश केप वर्डे ने नॉकआउट में पहुंचकर फुटबॉल जगत को हैरान कर दिया है।
स्पेन की जीत ने तोड़ा उरुग्वे का सपना
मेक्सिको के गुआडलाजारा स्टेडियम में खेले गए एक अहम मुकाबले में स्पेन ने उरुग्वे को 1-0 से मात दी। इस हार के साथ ही उरुग्वे का वर्ल्ड कप का सफर समाप्त हो गया।
मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल 42वें मिनट में स्पेन के एलेक्स बाएना ने किया। यह गोल उरुग्वे के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ।
अनुभवी गोलकीपर की एक भूल पड़ी भारी
उरुग्वे के अनुभवी गोलकीपर फर्नांडो मुस्लेरा एक क्रॉस को सही से पकड़ नहीं पाए। उनकी इस गलती का फायदा उठाते हुए बाएना ने गेंद को आसानी से नेट में डाल दिया।
मैच के अंतिम क्षणों में हताशा में उरुग्वे के अगस्टिन कैनोबियो को रेड कार्ड भी देखना पड़ा। टीम 3 मैचों में सिर्फ 2 अंक ही जुटा सकी।
केप वर्डे का अविश्वसनीय 'ड्रीम रन' जारी
दूसरी ओर, ह्यूस्टन में केप वर्डे ने सऊदी अरब को 0-0 के ड्रॉ पर रोककर इतिहास रच दिया। इस ड्रॉ ने उन्हें नॉकआउट (राउंड ऑफ 32) में पहुंचा दिया।
महज 5 लाख की आबादी वाले इस देश ने ग्रुप स्टेज में एक भी मैच नहीं हारा। उन्होंने स्पेन और उरुग्वे जैसी मजबूत टीमों को भी ड्रॉ पर रोका था।
40 साल के गोलकीपर ने रचा इतिहास
इस ऐतिहासिक सफलता के सबसे बड़े हीरो उनके 40 वर्षीय गोलकीपर वोजिन्हा रहे। उन्होंने सऊदी अरब के कई یقینی गोल्स को शानदार तरीके से बचाया।
एक फुटबॉल विशेषज्ञ ने कहा, "यह फुटबॉल की खूबसूरती है, जहां जुनून और दृढ़ संकल्प किसी भी बड़े नाम को मात दे सकता है।"
केप वर्डे 3 अंकों के साथ ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहा, जबकि स्पेन 7 अंकों के साथ शीर्ष पर रहा। सऊदी अरब भी टूर्नामेंट से बाहर हो गया।
उरुग्वे का बाहर होना और केप वर्डे का आगे बढ़ना इस वर्ल्ड कप की सबसे बड़ी कहानियों में से एक है। यह दिखाता है कि फुटबॉल में कुछ भी असंभव नहीं है और छोटी टीमें भी बड़े मंच पर चमक सकती हैं।
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