राजनीति

ममता बनर्जी पर FIR: सनातन धर्म पर टिप्पणी का आरोप

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 27 मई 2026, 11:10 दोपहर
ममता बनर्जी की कथित टिप्पणी से मचा बवाल, सिलीगुड़ी में दर्ज हुआ मामला।

सिलीगुड़ी | पश्चिम बंगाल की राजनीति में फिर से हलचल मच गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ सनातन धर्म पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। इस घटना ने राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है।

विवाद की मुख्य वजह

यह पूरा मामला पिछले साल कोलकाता में आयोजित एक ईद समारोह के दौरान दिए गए भाषण से जुड़ा हुआ है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री ने वहां कुछ विवादित बयान दिए थे।

अधिवक्ता रिंकी चटर्जी सिंह ने सिलीगुड़ी साइबर पुलिस स्टेशन में यह शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि ममता बनर्जी के शब्दों से करोड़ों सनातनियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

शिकायतकर्ता के अनुसार, टीएमसी प्रमुख ने कथित तौर पर सनातन धर्म को लेकर गलत शब्दों का चुनाव किया। इससे समाज में साम्प्रदायिक वैमनस्य बढ़ने और शांति भंग होने की आशंका जताई गई है।

पुलिस की कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इसमें शांति भंग करने के इरादे से अपमान की धाराएं शामिल हैं।

एफआईआर में धारा 351(1) और 353(2) का उल्लेख किया गया है। ये धाराएं मुख्य रूप से आपराधिक धमकी और विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच नफरत फैलाने से संबंधित कानूनी प्रावधानों को दर्शाती हैं।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि 2026 के विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान ममता बनर्जी ने भड़काऊ बयान दिए थे। इसका उद्देश्य मतदाताओं को डराना और सामाजिक अशांति फैलाना बताया गया है।

शुभेन्दु अधिकारी का प्रहार

भाजपा नेता शुभेन्दु अधिकारी ने इस मुद्दे पर ममता बनर्जी को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर मुख्यमंत्री की साम्प्रदायिक बयानबाजी को एक हथियार करार दिया है।

अधिकारी ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री किस धर्म को नीचा दिखाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वह एक विशेष समुदाय को खुश करने के लिए ऐसी भाषा का उपयोग करती हैं।

"आप किस धर्म की बात कर रही थीं? क्या आप सनातन हिंदू धर्म का उल्लेख कर रही थीं? मुख्यमंत्री का भाषण धार्मिक से अधिक राजनीतिक और भड़काऊ था।" - शुभेन्दु अधिकारी

राजनीतिक प्रभाव और भविष्य

विपक्ष का कहना है कि मुख्यमंत्री के इस तरह के भाषणों से बंगाल का माहौल खराब हो सकता है। भाजपा इसे हिंदू विरोधी मानसिकता बताकर जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। पार्टी का कहना है कि यह केवल आगामी चुनावों को देखते हुए मुख्यमंत्री की छवि खराब करने की साजिश है।

इस कानूनी विवाद ने बंगाल की राजनीति में धर्म और राजनीति की बहस को फिर से केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में यह मामला और भी तूल पकड़ सकता है।

ममता बनर्जी के खिलाफ दर्ज यह एफआईआर केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गई है। अब देखना यह होगा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।

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