नई दिल्ली। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में EV खरीदने वाले ग्राहकों के लिए सही इंश्योरेंस चुनना पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल या डीजल वाहनों के लिए मिलने वाला सामान्य मोटर इंश्योरेंस इलेक्ट्रिक वाहनों की सभी तकनीकी जरूरतों और जोखिमों को पूरी तरह कवर नहीं करता। इसलिए EV मालिकों को वाहन की जरूरतों के अनुसार अतिरिक्त बीमा सुरक्षा (ऐड-ऑन कवर) जरूर लेनी चाहिए।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इलेक्ट्रिक वाहनों का बीमा प्रीमियम आमतौर पर पेट्रोल और डीजल वाहनों की तुलना में 20 से 25 प्रतिशत अधिक होता है। इसकी मुख्य वजह EV में लगी महंगी बैटरी और एडवांस इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम हैं, जिनके नुकसान की लागत काफी ज्यादा होती है।
सामान्य इंश्योरेंस में बैटरी खराब होने का खर्च नहीं मिलता
यदि EV की बैटरी समय के साथ अपने आप खराब हो जाती है या उसकी क्षमता कम हो जाती है, तो सामान्य मोटर इंश्योरेंस इसके रिप्लेसमेंट या मरम्मत का खर्च नहीं उठाता। हालांकि, यदि दुर्घटना, आग, बाढ़ या किसी प्राकृतिक आपदा के कारण बैटरी को नुकसान पहुंचता है, तभी सामान्य पॉलिसी के तहत क्लेम किया जा सकता है।
बैटरी प्रोटेक्शन ऐड-ऑन क्यों है जरूरी?
बैटरी किसी भी इलेक्ट्रिक वाहन की कुल कीमत का 30 से 50 प्रतिशत तक हिस्सा होती है, जिससे यह वाहन का सबसे महंगा कंपोनेंट बन जाती है। ऐसे में बैटरी प्रोटेक्शन ऐड-ऑन लेना फायदेमंद माना जाता है।
यह कवर निम्न जोखिमों से सुरक्षा प्रदान करता है—
- बैटरी में पानी घुसना (Water Ingress)
- शॉर्ट सर्किट
- चार्जिंग के दौरान पावर सर्ज
- अत्यधिक गर्मी (Thermal Event)
- बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम और संबंधित इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स को नुकसान
चार्जर और चार्जिंग केबल भी हों बीमा कवर में
बैटरी चार्जर और चार्जिंग केबल EV के महत्वपूर्ण और महंगे उपकरण हैं। इनके खराब होने पर वाहन का उपयोग प्रभावित हो सकता है। इसलिए इंश्योरेंस खरीदते समय यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पॉलिसी में—
- चार्जिंग केबल
- वॉल-माउंटेड चार्जर
- बिजली से होने वाले नुकसान (Electrical Damage)
का कवर शामिल हो।
रोडसाइड असिस्टेंस भी रहेगा उपयोगी
इलेक्ट्रिक वाहन चलाते समय यदि रास्ते में बैटरी खत्म हो जाए, चार्जिंग सिस्टम में खराबी आ जाए या वाहन अचानक बंद हो जाए, तो रोडसाइड असिस्टेंस (RSA) ऐड-ऑन काफी मददगार साबित होता है। इसके तहत वाहन को नजदीकी चार्जिंग स्टेशन, अधिकृत सर्विस सेंटर या डीलरशिप तक पहुंचाने की सुविधा मिलती है।