राजस्थान

ग्राम रथ अभियान में शेखावत का संवाद: डूंगरपुर में गजेंद्र सिंह शेखावत: विकास के सारथी बनें

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 17 मई 2026, 12:58 दोपहर
केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने भीलूडा में रात्रि चौपाल के दौरान सरकार की योजनाओं पर चर्चा की।

डूंगरपुर | केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राजस्थान के डूंगरपुर जिले में चल रहे 'ग्राम रथ अभियान' में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। शुक्रवार को ग्राम पंचायत भीलूडा में आयोजित एक भव्य संध्या-रात्रि चौपाल के दौरान उन्होंने जनता को संबोधित किया।

शेखावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प को याद दिलाया। उन्होंने कहा कि राजस्थान को इस प्रगति के इंजन के रूप में उभरना होगा। इसके लिए जनता को विकास रथ का केवल सहभागी नहीं, बल्कि सारथी बनना चाहिए।

ग्राम रथ अभियान: विकास की नई लहर

मंत्री शेखावत ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांव-गांव तक योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर रही है। यह प्रयास सराहनीय और दूरदर्शी है।

उन्होंने कहा कि ग्राम रथ अभियान का मुख्य उद्देश्य अंतिम पंक्ति में बैठे गरीब और वंचित व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच बनाना है। सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक जागरूक होकर अपने अधिकारों का लाभ उठा सके।

जनता के साथ सीधा जुड़ाव

शेखावत ने जोर देकर कहा कि ग्राम रथ अभियान जनता के साथ सीधे जुड़ने का एक सशक्त माध्यम है। पहले योजनाओं का लाभ केवल कुछ सीमित लोगों तक ही सिमट कर रह जाता था।

अब केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर वंचितों, गरीबों, महिलाओं, किसानों और युवाओं के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही हैं। सरकार की प्राथमिकता अब समाज के हर वर्ग का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है।

खाद्य सुरक्षा और 'गिव अप' अभियान

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री ने राजस्थान में खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत शुरू किए गए 'गिव अप' अभियान की विशेष सराहना की। उन्होंने इसे समाज में परिवर्तन लाने वाली एक क्रांतिकारी पहल बताया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की इस पहल से लाखों सक्षम लोगों ने स्वेच्छा से लाभ छोड़ा है। इससे उन पात्र और जरूरतमंद लोगों को लाभ मिल पाएगा जो वास्तव में इसके हकदार हैं।

जल जीवन मिशन की सफलता

हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना सरकार का अटूट संकल्प है। शेखावत ने बताया कि पहले देश में केवल कुछ चुनिंदा लोगों तक ही पाइप से पानी पहुंचता था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है।

उन्होंने जानकारी दी कि 'हर घर नल जल योजना' के माध्यम से अब तक देश की 84 प्रतिशत आबादी तक पानी पहुंच चुका है। यह उपलब्धि जल शक्ति मंत्रालय के अथक प्रयासों का परिणाम है।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति

मंत्री शेखावत ने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। वर्तमान सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर कठोरता से कार्य कर रही है।

उन्होंने अधिकारियों को पारदर्शी तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए। सरकार का मानना है कि जनता के पैसे का एक-एक पैसा सीधे लाभार्थियों के काम आना चाहिए और इसमें कोई सेंधमारी नहीं होनी चाहिए।

महिला सशक्तिकरण और नेतृत्व

शेखावत ने अपने संबोधन में महिलाओं के आत्मसम्मान और उनकी बढ़ती भागीदारी पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि देश के विकास में महिलाओं का नेतृत्व बढ़ाना सरकार का मुख्य संकल्प है।

महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से स्वतंत्र बनाने के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। जब महिलाएं सशक्त होंगी, तभी एक विकसित राष्ट्र की नींव मजबूत होगी और समाज प्रगति करेगा।

प्राकृतिक खेती: धरती माँ का संरक्षण

किसानों को संबोधित करते हुए मंत्री शेखावत ने प्राकृतिक खेती अपनाने का पुरजोर आह्वान किया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि धरती हमारी माता है और उसका संरक्षण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने पूर्वजों का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि पिछली पीढ़ियों ने जल, जंगल और जमीन को शुद्ध रखा, तभी हम आज जीवित हैं। अब हमारी बारी है कि हम अगली पीढ़ी को एक स्वस्थ पर्यावरण सौंपें।

"उर्वरक के अधिक इस्तेमाल से धरती बांझ होती है, जबकि प्राकृतिक खेती में उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ती है और खेती का खर्चा भी कम होता है।"

गौ-आधारित कृषि को बढ़ावा

शेखावत ने प्राकृतिक खेती के फायदों को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि मात्र एक गाय के सहयोग से 25 एकड़ जमीन के लिए पर्याप्त खाद तैयार की जा सकती है। यह किसानों के लिए वरदान है।

उन्होंने स्थानीय प्रशासन को प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। इससे किसानों को तकनीकी जानकारी मिलेगी और वे रसायनों के चंगुल से बाहर निकल सकेंगे।

किसान सम्मान निधि में राज्य का योगदान

केंद्र सरकार ने किसानों की आर्थिक समस्याओं को समझते हुए 'किसान सम्मान निधि' की शुरुआत की थी। राजस्थान सरकार ने इसमें अपनी ओर से अतिरिक्त राशि जोड़कर किसानों को बड़ा तोहफा दिया है।

अब प्रदेश के प्रत्येक किसान के खाते में बढ़ी हुई सम्मान निधि की राशि सीधे पहुंचाई जा रही है। इससे किसानों को खेती के छोटे-मोटे खर्चों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।

अंतिम व्यक्ति तक पहुँचती योजनाएं

शेखावत ने कहा कि अब बिजली, पानी, गैस चूल्हा, और जनधन खाते जैसी सुविधाएं हर गरीब के द्वार तक पहुंच रही हैं। सरकार ने हर वंचित के घर तक अपनी पहुंच सुनिश्चित की है।

खाद्य सुरक्षा और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब बिना किसी बिचौलिए के सीधे जनता को मिल रहा है। यह डिजिटल इंडिया और पारदर्शी शासन व्यवस्था के कारण संभव हो पाया है।

विरासत भी और विकास भी

मंत्री ने 'विरासत भी और विकास भी' के मंत्र पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हम अपनी प्राचीन परंपराओं और संस्कृति का संरक्षण करते हुए आधुनिक विकास की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने भीलूडा की पावन भूमि और वागड़ की गौरवशाली परंपरा को नमन किया। उन्होंने यहाँ के वीर सपूतों, शहीदों और संत महात्माओं के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की।

वागड़ के वीरों का वंदन

शेखावत ने वागड़ के इतिहास को याद करते हुए कहा कि यहाँ के वीरों ने जंगलों में रहकर हमारी संस्कृति को बचाने के लिए खुद को समर्पित किया। उनका वंदन और अभिनंदन करना हमारा सौभाग्य है।

उन्होंने रघुनाथ की इस भूमि पर आने को अपना परम सौभाग्य बताया। यहाँ के लोगों का उत्साह और संस्कृति के प्रति उनका प्रेम देखकर मंत्री अत्यंत प्रभावित नजर आए।

बिजली समस्या और जनसुनवाई

गर्मियों के मौसम में बिजली की बढ़ती मांग और ओवरलोड की समस्या पर भी शेखावत ने चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे उपभोक्ताओं के साथ संवेदनशीलता से पेश आएं।

उन्होंने कहा कि बिजली कटौती की स्थिति में अधिकारियों को संवाद बनाए रखना चाहिए। न्यूनतम व्यवधान के साथ गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध करवाना बिजली विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।

रात्रि चौपाल का महत्व

मंत्री ने कहा कि रात्रि चौपाल केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संवाद और जनसुनवाई का एक बेहतरीन अवसर है। इससे आमजन की छोटी-बड़ी समस्याएं सरकार के सीधे संज्ञान में आती हैं।

उन्होंने देर रात तक रुककर ग्रामवासियों की एक-एक परिवेदना को सुना। मौके पर मौजूद जिला कलेक्टर और संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सख्त निर्देश दिए।

सांस्कृतिक स्वागत और सम्मान

भीलूडा पहुँचने पर मंत्री शेखावत का भव्य स्वागत किया गया। लोक कलाकारों ने परंपरागत ढोल और कुंडी वाद्य यंत्रों की सुरीली धुन के साथ उनका अभिनंदन किया, जिससे माहौल उत्सवमय हो गया।

कार्यक्रम में कथा वाचक आचार्य कमलेश शास्त्री और पूर्व सांसद कनक मल कटारा सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। मंत्री ने आचार्य का शाल ओढ़ाकर और माल्यार्पण कर सम्मान किया।

इस अवसर पर विधायक शंकर लाल डेचा, पूर्व विधायक अनीता कटारा और जिला कलेक्टर देशलदान सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रतिभावान बालिकाओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित भी किया।

अंत में, मंत्री शेखावत ने विश्वास जताया कि ऐसे अभियानों से राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में खुशहाली आएगी। उन्होंने सभी से एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।

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