शख्सियत

गणपत सिंह देवड़ा बने जिलाध्यक्ष: राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी (सत्य) ने गणपत सिंह देवड़ा को बनाया पूर्वी गोदावरी का जिलाध्यक्ष, 40 वर्षों से चला रहे दहेज विरोधी मुहिम

प्रदीप बीदावत · 29 मार्च 2026, 07:40 सुबह
प्रख्यात समाजसेवी गणपत सिंह देवड़ा को राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी (सत्य) ने आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले का अध्यक्ष नियुक्त किया है। वे पिछले 40 वर्षों से दहेज मुक्त समाज के लिए कार्य कर रहे हैं।

राजमहेंद्रवरम | समाज सेवा और राष्ट्र हित के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले प्रख्यात समाजसेवी गणपत सिंह देवड़ा को एक नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी (सत्य) ने उनके अनुभव और समर्पण को देखते हुए उन्हें बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी है।

शेरसिंह राणा की विचारधारा से प्रभावित

पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक शेरसिंह राणा की क्रांतिकारी विचारधारा से प्रभावित होकर गणपत सिंह देवड़ा ने RJP (सत्य) का दामन थामा है। उनकी सक्रियता को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले की कमान सौंपी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यपाल सिंह सिसोदिया ने 28 मार्च 2026 को देवड़ा की नियुक्ति का आधिकारिक पत्र जारी किया। इस नियुक्ति के बाद से ही उनके समर्थकों और राजपूत समाज में खुशी की लहर दौड़ गई है।

राजस्थान से आंध्र प्रदेश तक का सफर

मूल रूप से राजस्थान के सिरोही जिले के ग्राम वाड़का के रहने वाले गणपत सिंह देवड़ा वर्तमान में आंध्र प्रदेश के राजमहेंद्रवरम में निवास कर रहे हैं। वे यहां प्रवासी राजस्थानियों और राजपूत समाज के बीच काफी लोकप्रिय व्यक्तित्व माने जाते हैं। देवड़ा केवल राजनीति में ही नहीं, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी अत्यंत सक्रिय हैं। वे 'टीम दहेज विरोधी क्षत्रिय संघ (भारत)' के आंध्र प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और समाज को जागरूक कर रहे हैं। इसके साथ ही, वे 'टीम राजपूत सर्वोत्तम सहयोग संस्थान (भारत)' के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व भी बखूबी निभा रहे हैं। उनकी कार्यशैली और समाज के प्रति अटूट निष्ठा की हर कोई सराहना करता है।

40 वर्षों से दहेज मुक्त समाज का संकल्प

गणपत सिंह देवड़ा का जीवन समाज सुधार की एक जीती-जागती मिसाल है। उन्होंने लगभग 40 साल पहले दहेज जैसी कुरीति के खिलाफ आवाज उठाई थी और आज भी वे उस संकल्प पर मजबूती से अडिग हैं। उन्होंने न केवल अपनी शादी बिना दहेज के की, बल्कि अपने बच्चों के विवाह में भी इसी आदर्श को कायम रखा। उनके इस क्रांतिकारी कदम ने समाज के हजारों युवाओं को एक नई दिशा दिखाने का काम किया है।

पार्टी संगठन को मिलेगी मजबूती

RJP (सत्य) के शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि देवड़ा की नियुक्ति से आंध्र प्रदेश में पार्टी का संगठन काफी मजबूत होगा। वे समाज के विभिन्न वर्गों को पार्टी की राष्ट्रवादी विचारधारा से जोड़ने में सफल होंगे। नियुक्ति के बाद गणपत सिंह देवड़ा ने कहा कि वे पार्टी के विश्वास पर पूरी तरह खरा उतरेंगे। उनका मुख्य लक्ष्य राजपूत समाज को संगठित करना और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुँचाना है। उन्हें स्थानीय स्तर पर और उनके पैतृक गांव सिरोही से भी लगातार बधाइयां मिल रही हैं। समाज बंधुओं का मानना है कि उनकी यह नई पारी राजनीति में शुचिता और सेवा का एक नया अध्याय लिखेगी।

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