जालोर

Jalore: गणपत सिंह हत्याकांड: मुख्य षड्यंत्रकर्ता की गिरफ्तारी हेतु ज्ञापन

गणपत सिंह मांडोली · 09 मई 2026, 03:09 दोपहर
जालोर में गणपत सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी और निलंबन की मांग को लेकर ज्ञापन।

जालोर | जालोर जिले में गणपत सिंह हत्याकांड को लेकर आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। मृतक के भाई कल्याण सिंह ने मुख्य षड्यंत्रकर्ता की गिरफ्तारी और विभागीय कार्रवाई की मांग को लेकर मुख्यमंत्री और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है।

कल्याण सिंह ने बताया कि 28 अगस्त 2024 को उनके भाई गणपत सिंह की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य अपराध में गजेंद्र सिंह, वागाराम और लच्छू देवी के साथ सुरेंद्र सिंह का नाम प्रमुखता से शामिल है।

हत्याकांड के पीछे अवैध संबंधों का खुलासा

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात स्पष्ट हो चुकी है कि इस पूरी साजिश के पीछे सुरेंद्र सिंह का ही हाथ था। जांच के दौरान सुरेंद्र सिंह और लच्छू देवी के अवैध संबंधों की बात भी सामने आई है।

आरोप है कि इन अवैध संबंधों को समाज से छुपाने के लिए सुरेंद्र सिंह ने अपने पुत्र गजेंद्र सिंह को आगे किया। इसी साजिश के तहत गणपत सिंह की जघन्य हत्या को अंजाम दिया गया ताकि राज सुरक्षित रहे।

शिक्षक की संलिप्तता और निलंबन की मांग

मुख्य आरोपी सुरेंद्र सिंह एक शिक्षक है और वर्तमान में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय रतपुरा में प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात है। वह हत्याकांड का खुलासा होने के बाद से विद्यालय से लगातार अनुपस्थित चल रहा है।

कल्याण सिंह का कहना है कि एक शिक्षक का ऐसे गंभीर और जघन्य अपराध में शामिल होना समाज के लिए अत्यंत चिंताजनक है। पीड़ित परिवार ने मांग की है कि उसके विरुद्ध विभागीय जांच शुरू कर उसे निलंबित किया जाए।

पुलिस प्रशासन को भूख हड़ताल की चेतावनी

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि मुख्य षड्यंत्रकर्ता सुरेंद्र सिंह अभी भी खुलेआम घूम रहा है। वह अन्य लोगों के माध्यम से पीड़ित परिवार पर दबाव बना रहा है और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दे रहा है।

"मुख्य षड्यंत्रकर्ता सुरेंद्र सिंह के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाए। यदि न्याय नहीं मिला, तो हमें मजबूर होकर पुनः भूख हड़ताल पर बैठने के लिए विवश होना पड़ेगा।"

पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए ज्ञापन में पीड़ित परिवार ने अपनी सुरक्षा की भी गुहार लगाई है। परिवार का कहना है कि आरोपी के रसूख के कारण उसकी गिरफ्तारी में देरी हो रही है, जो न्याय प्रक्रिया पर सवाल उठाता है।

न्याय के लिए प्रशासन से अंतिम अपील

इस हत्याकांड ने जालोर में कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार अब इंसाफ के लिए प्रशासन के हर दरवाजे पर दस्तक दे रहा है और आरोपियों को जेल भेजने की मांग कर रहा है।

यदि पुलिस प्रशासन ने शीघ्र ही मुख्य आरोपी को सलाखों के पीछे नहीं भेजा, तो ग्रामीण और परिजन बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में इस मामले को लेकर तनाव का माहौल बना हुआ है।

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