राजस्थान

भरतपुर अस्पताल में स्वास्थ्य सचिव का छापा: भरतपुर: स्वास्थ्य सचिव गायत्री राठौड़ का अस्पतालों में औचक निरीक्षण, संवेदनशीलता दिखाते हुए मरीज को तुरंत दिलाया ब्लड

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 11 अप्रैल 2026, 10:29 दोपहर
प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने भरतपुर के आरबीएम और जनाना अस्पताल का औचक निरीक्षण कर चिकित्सा व्यवस्थाओं को परखा। उन्होंने मरीजों से संवाद किया और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के कड़े निर्देश दिए।

भरतपुर | राजस्थान सरकार की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ शुक्रवार को भरतपुर दौरे पर रहीं। इस दौरान उन्होंने भरतपुर शहर के आरबीएम (RBM) अस्पताल और जनाना अस्पताल का औचक निरीक्षण किया।

सचिव ने अस्पताल की सफाई व्यवस्था और चिकित्सा सुविधाओं का गहनता से जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों में जाकर वहां भर्ती मरीजों से सीधा संवाद किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविकता को जानना था।

आरबीएम अस्पताल में व्यवस्थाओं का जायजा

प्रमुख शासन सचिव ने आरबीएम अस्पताल के आपातकालीन वार्ड का दौरा किया। उन्होंने गंभीर मरीजों को दिए जा रहे प्राथमिक उपचार की गति और गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने निर्देश दिए कि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को त्वरित उपचार मिलना चाहिए।

उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि वार्डों में मरीजों के लिए त्वरित इंतजाम किए जाएं। मल्टी-स्पेशियलिटी सेवाओं में सुधार कर सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं को गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराने पर उन्होंने जोर दिया।

पेयजल और शौचालय की सुविधाओं का निरीक्षण करते समय उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि इन क्षेत्रों के आसपास अनावश्यक गंदगी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखना अस्पताल की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

गंदगी फैलाने वालों पर सख्ती के निर्देश

निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि कई स्थानों पर गंदगी थी। उन्होंने निर्देश दिए कि तीमारदारों को गुटखा और पान की पीक थूकने के लिए पाबंद किया जाए। अस्पताल परिसर को स्वच्छ रखना सबकी जिम्मेदारी है।

ओपीडी ब्लॉक के निरीक्षण के दौरान उन्होंने पंजीकरण खिड़कियों के पास भीड़ देखी। उन्होंने निर्देश दिए कि मरीजों के बैठने के लिए वहां समुचित व्यवस्था की जाए। साथ ही, सभी आवश्यक जांचें समय पर पूरी करने के आदेश दिए।

सचिव ने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री निशुल्क जांच एवं दवा योजना का लाभ हर मरीज को मिले। यदि अस्पताल में कोई दवा या सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो उसे आउटसोर्स करके मरीजों को राहत पहुंचाई जाए। इसके लिए आरएमआरएस (RMRS) मद का उपयोग करने के निर्देश दिए गए।

मरीजों से बातचीत और फीडबैक

गायत्री राठौड़ ने ओपीडी में मरीज लक्ष्मी देवी और उनके पुत्र विवेक से बात की। उन्होंने पूछा कि क्या पंजीकरण के समय उन्हें किसी परेशानी का सामना करना पड़ा? मरीजों के फीडबैक को उन्होंने गंभीरता से नोट किया।

सामान्य वार्ड में भर्ती शिवानी से उन्होंने खान-पान की जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि क्या सुबह-शाम दूध और दलिया समय पर मिलता है? उन्होंने दवाओं और जांचों की उपलब्धता पर भी संतोष जताया और चिकित्सकों को बेहतर उपचार के निर्देश दिए।

राधा और अमृत कौर जैसे अन्य मरीजों से भी उन्होंने ईलाज के बारे में फीडबैक लिया। उन्होंने रामाश्रय वार्ड के मरीजों के लिए जिले के स्थानीय चिकित्सा संस्थानों में फिजियोथैरेपी की सुविधा प्राथमिकता से उपलब्ध कराने को कहा।

प्रमुख शासन सचिव की संवेदनशीलता

निरीक्षण के दौरान एक भावुक पल तब आया जब सचिव ने लिफ्ट के पास एक परेशान परिवार को देखा। भरतपुर निवासी राखी के परिजनों के हाथ में पर्चा था और वे परेशान थे। पूछने पर पता चला कि मरीज को एबी पॉजिटिव ब्लड की जरूरत है।

परिजनों के पास कोई डोनर उपलब्ध नहीं था और उन्हें प्रक्रिया की जानकारी नहीं थी। श्रीमती गायत्री राठौड़ ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने मौके पर ही चिकित्सकों को ब्लड बैंक से संपर्क करने का आदेश दिया।

उन्होंने निर्देश दिए कि मरीज राखी को बिना देरी किए ब्लड उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को यह भी कहा कि ब्लड बैंक की सुविधाओं और उपलब्धता के बारे में मरीजों को जागरूक किया जाना चाहिए ताकि वे समय पर मदद पा सकें।

जनाना अस्पताल और 'माँ योजना'

इसके बाद प्रमुख शासन सचिव जनाना अस्पताल पहुंचीं। वहां उन्होंने 'माँ योजना' के तहत मिल रही आईपीडी सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने प्रसूताओं और नवजात शिशुओं को मिलने वाली सुविधाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने अस्पताल के नीकू (NICU) और पीकू (PICU) वार्ड का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के अधिकतम उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए विभिन्न सरकारी मदों का सही उपयोग हो।

इस निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विवेक भारद्वाज और अतिरिक्त कलेक्टर राहुल सैनी मौजूद थे। साथ ही आरबीएम अधीक्षक डॉ. नगेन्द्र भदौरिया और सीएमएचओ डॉ. गौरव कपूर भी उपस्थित रहे।

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