जयपुर | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बेंगलुरु में आयोजित 'ग्राम-2026 इन्वेस्टर्स मीट' के दौरान कृषि क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक विजन प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि आगामी ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 तकनीक और खेती का एक ऐसा सशक्त मंच होगा, जो समृद्ध राजस्थान की नींव रखेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश अब पानी और बिजली के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है, जिससे निवेश की संभावनाएं बढ़ी हैं।
तकनीक और कृषि का नया अध्याय
मुख्यमंत्री ने एग्री-टेक स्टार्टअप्स, उद्यमियों और निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक बैठक नहीं, बल्कि किसानों की खुशहाली का द्वार है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'बीज से बाजार तक' के विजन पर जोर देते हुए बताया कि आधुनिक खेती ही भविष्य का आधार है। जयपुर में 23 से 25 मई तक होने वाला यह कार्यक्रम तकनीक आधारित कृषि के एक नए युग की शुरुआत करेगा।
इस मीट में प्रदेश के पशुपालकों के साथ-साथ दुनिया भर के कृषि विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और तकनीकी जानकार एक छत के नीचे जुटेंगे। किसान यहाँ ड्रोन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक फूड प्रोसेसिंग जैसी बारीकियों से रूबरू हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने टेक उद्यमियों को इस महत्वाकांक्षी आयोजन में शामिल होने और राजस्थान की प्रगति में भागीदार बनने का खुला आमंत्रण दिया।
फसलों के उत्पादन में राजस्थान की बादशाहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि उत्पादन के मामले में राजस्थान देश के अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल पेश कर रहा है। हमारा प्रदेश बाजरा, सरसों, तिलहन, जौ और ग्वार के उत्पादन में पूरे देश में प्रथम स्थान पर काबिज है। इसके अलावा ईसबगोल और जीरे के उत्पादन में भी राजस्थान का कोई सानी नहीं है, जो वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बना चुके हैं।
मेथी, लहसुन, सौंफ, धनिया और मूंगफली जैसे उत्पादों में राजस्थान दूसरे स्थान पर है, जो यहाँ के कृषि पारिस्थितिकी तंत्र की मजबूती को दर्शाता है। 'राइजिंग राजस्थान' ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान कृषि क्षेत्र में हुए एमओयू का अब धरातल पर क्रियान्वयन शुरू हो चुका है। इससे आने वाले समय में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई गति और मजबूती मिलने की पूरी उम्मीद है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को अपनाकर हम खेती को तकनीक-आधारित और मुनाफे का सौदा बना रहे हैं ताकि हमारा अन्नदाता समृद्ध हो।
बिजली और पानी से बदलेगी खेती की सूरत
मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए बिजली की उपलब्धता को लेकर एक बड़ी घोषणा की, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में खुशी की लहर है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 24 जिलों में वर्तमान में किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2027 तक पूरे राजस्थान के किसानों को दिन में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
बिजली के साथ-साथ जल प्रबंधन पर भी सरकार का विशेष फोकस है, जिसमें यमुना जल समझौता और देवास परियोजना का विस्तार शामिल है। रामजल सेतु लिंक परियोजना और इंदिरा गांधी नहर के सुदृढ़ीकरण जैसे कार्यों से सिंचाई के लिए पानी की कमी को दूर किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से कृषि क्षेत्र में निवेश और उत्पादन की अपार संभावनाएं पैदा होंगी, जिसका लाभ सीधा किसानों को मिलेगा।
निवेशकों के लिए राजस्थान में स्वर्णिम अवसर
प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन और जैविक कृषि के क्षेत्र में निवेश के लिए सरकार ने विशेष नीतियां तैयार की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक कंपनियों के लिए राजस्थान एक 'लिविंग लैब' बन सकता है, जहाँ नवाचारों का परीक्षण किया जा सके। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने भी आश्वस्त किया कि निवेशकों के लिए एक अनुकूल और पारदर्शी इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है।
प्रमुख शासन सचिव श्रीमती मंजू राजपाल ने बताया कि तकनीक के समावेश से किसानों की आय बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बेंगलुरु के इस कार्यक्रम में राजस्थान फाउंडेशन और फिक्की जैसे संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई। कुल मिलाकर, ग्राम-2026 राजस्थान के कृषि परिदृश्य को वैश्विक पटल पर एक नई और आधुनिक पहचान दिलाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
यह आयोजन न केवल राजस्थान के कृषि परिदृश्य को बदलेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर राज्य की एक नई पहचान भी स्थापित करेगा। तकनीक और निवेश के इस संगम से राजस्थान का किसान आर्थिक रूप से सशक्त होगा और खेती एक सम्मानजनक व्यवसाय बनेगी।
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