राजस्थान

आबूरोड: ब्रह्माकुमारीज़ का मैनेजमेंट सराहनीय है: डॉ. सावंत

गणपत सिंह मांडोली · 11 जुलाई 2026, 04:53 दोपहर
गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने आबूरोड स्थित ब्रह्माकुमारीज़ मुख्यालय शांतिवन का दौरा कर मैनेजमेंट की सराहना की और विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली।

आबूरोड। दो दिवसीय प्रवास पर माउंट आबू- आबूरोड पहुंचे गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने शनिवार को ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के मुख्यालय शांतिवन का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी हृदयमोहिनी (गुलजार दीदी) के स्मृति स्तंभ अव्यक्त लोक पहुंचकर श्रद्धांजली अर्पित की। इसके बाद शिव भोलानाथ का भंडारा (सोलार किचिन) पहुंचे, जहां सोलार तकनीक से भोजन बनने की प्रक्रिया को समझा।  वहीं दादी कॉलेज मेें अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मुन्नी दीदी से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। दीदी ने मुख्यमंत्री का शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिंहृ भेंटकर सम्मान किया।


इस दौरान अतिरिक्त महासचिव डॉ. बीके मृत्युंजय भाई ने ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा सामाजिक कल्याण के लिए की जा रही सेवाओं के बारे में बताया। वरिष्ठ राजयोगी बीके प्रकाश भाई ने शांतिवन की व्यवस्था के बारे में बताया। मेडिकल विंग के सचिव डॉ. बनारसी लाल ने विंग द्वारा चलाए जा रहे दस करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा अभियान की जानकारी दी।


अव्यक्त लोक में दादी गुलजार की निज सचिव रहीं बीके नीलू दीदी ने मुख्यमंत्री सावंत को बताया कि दादी का पूरा जीवन सादगी, सरलता और दिव्यता की मिसाल रहा। दादी को बचपन से ही दिव्य दृष्टि का वरदान था। वर्ष 1969 में संस्थापक ब्रह्मा बाबा के अव्यक्त होने के बाद आपने वर्ष 2017 तक 50 साल तक परमात्म संदेशवाहक बनकर लाखों लोगों को परमात्म ज्ञान दिया। दादी की तपस्या का कमाल था कि उनके संपर्क में आना वाला हर कोई दिव्य अनुभूति करता था।

सोलार किचिन में समझी भोजन बनाने की प्रक्रिया- 
बड़े भंडारे में बीके राजशेखर भाई ने मुख्यमंत्री को बताया कि यहां पूरा भोजन ब्रह्माकुमार भाई-बहनों द्वारा तैयार किया जाता है। सब्जी कटिंग से लेकर धुलाई, सब्जी बनाने, दाल-चावल, रोटी बनाने में पूरी तरह से हाईजीन का ध्यान रखा जाता है। यहां ब्रह्माकुमारीज़ से जुड़े सदस्य नि:शुल्क रूप से सेवाएं प्रदान करते हैं। इस दौरान शिक्षा प्रभाग की मुख्यालय संयोजिका बीके शिविका बहन भी मौजूद रहीं। जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी भी सुरक्षा में तैनात रहे।

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