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गोल्ड लोन बना देश का नंबर 1 कर्ज उत्पाद: गोल्ड लोन बना देश का सबसे बड़ा रिटेल क्रेडिट उत्पाद, 5 करोड़ से अधिक लोगों ने लिया कर्ज: सिबिल रिपोर्ट

बलजीत सिंह शेखावत · 16 अप्रैल 2026, 11:17 दोपहर
ट्रांसयूनियन सिबिल की रिपोर्ट के अनुसार गोल्ड लोन नए ऋण वितरण में सबसे आगे रहा है। हालांकि, बढ़ते कर्ज और ईएमआई में देरी ने वित्तीय जोखिमों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

मुंबई | ट्रांसयूनियन सिबिल के नवीनतम आंकड़ों ने भारतीय ऋण बाजार में एक बड़ा बदलाव दिखाया है। गोल्ड लोन अब देश का सबसे बड़ा रिटेल क्रेडिट उत्पाद बन गया है।

गोल्ड लोन की बढ़ती लोकप्रियता

नए ऋण वितरण के मामले में गोल्ड लोन ने अन्य सभी उत्पादों को पीछे छोड़ दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, कुल रिटेल लोन में इसकी हिस्सेदारी 39% तक पहुंच गई है। दिलचस्प बात यह है कि होम लोन की हिस्सेदारी इस दौरान केवल 11% रही। उधारकर्ताओं की संख्या अब 5 करोड़ से अधिक हो गई है, जो बाजार की मजबूती दर्शाती है।

औसत लोन राशि में भारी वृद्धि

पिछले तीन वर्षों में प्रति उधारकर्ता औसत गोल्ड लोन राशि लगभग दोगुनी हो गई है। पहले यह राशि 90,000 रुपये थी, जो अब बढ़कर 1.96 लाख रुपये हो गई है। दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, 1.4 करोड़ लोगों पर 2.50 लाख रुपये से अधिक का बकाया है। बाजार में 94% ऋण मौजूदा ग्राहकों को ही दिए गए हैं।

बढ़ता वित्तीय जोखिम और डिफॉल्ट

विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बढ़ता डिफॉल्ट है। रिपोर्ट बताती है कि जिन लोगों ने एक से अधिक लोन लिए हैं, उनमें किस्त चुकाने में देरी देखी जा रही है। डिलिंक्वेंसी दर उन खातों में 1.9% तक पहुंच गई है जहां पांच से अधिक लोन सक्रिय हैं। यह स्थिति कर्जदाताओं के लिए बड़े क्रेडिट जोखिम की ओर इशारा करती है।

नीलामी से वसूली में चुनौती

जरूरत से ज्यादा उधारी लेने की प्रवृत्ति जोखिम बढ़ा रही है। अब स्थिति ऐसी है कि सोने की नीलामी मात्र से बकाया राशि की पूरी वसूली संभव नहीं लग रही है। 2.50 लाख से अधिक बकाया वाले ग्राहकों में चूक की दर 1.5% है। यह दर कम जोखिम वाले ग्राहकों की तुलना में 2.2 गुना अधिक दर्ज की गई है।

सोने और चांदी के ताजा भाव

बाजार में सोने का भाव 861 रुपये की बढ़त के साथ 1,54,809 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। चांदी भी 2,993 रुपये की तेजी के साथ 2,54,735 रुपये प्रति किलो पर है।

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