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सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट: सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट: 3 महीने में 46% तक लुढ़के दाम, जानें क्या अब निवेश करना है सही मौका?

thinQ360 · 31 मार्च 2026, 02:40 दोपहर
पिछले तीन महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। चांदी अपने उच्चतम स्तर से 46% और सोना 22% तक नीचे आ गया है, जिससे निवेशकों में हलचल मची हुई है।

नई दिल्ली | भारतीय सर्राफा बाजार में इन दिनों भारी हलचल मची हुई है। सोने और चांदी की कीमतों में आई रिकॉर्ड गिरावट ने निवेशकों और आम जनता को चिंता में डाल दिया है। पिछले तीन महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सोने और चांदी के दाम धड़ाम हो गए हैं। स्थिति यह है कि चांदी अपने उच्चतम स्तर से 46 फीसदी तक नीचे आ चुकी है। निवेशकों के मन में अब बस यही सवाल है कि क्या कीमतें और गिरेंगी? या फिर यह खरीदारी करने का सबसे सही समय है? आइए इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं।

रिकॉर्ड हाई से कितनी आई गिरावट?

करीब तीन महीने पहले यानी 29 जनवरी 2026 को सोना और चांदी अपने चरम पर थे। उस समय बाजार में एक अलग ही तेजी देखने को मिल रही थी। तब सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम 1.90 लाख रुपये के पार पहुंच गई थी। वहीं, चांदी ने 4.25 लाख रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया था। लेकिन उसके बाद से बाजार का रुख पूरी तरह बदल गया। दोनों कीमती धातुओं में लगातार गिरावट का दौर शुरू हो गया जो फिलहाल थमने का नाम नहीं ले रहा है।

सोने की कीमतों का ताजा हाल

हालिया कारोबारी सत्र में एमसीएक्स पर जून डिलीवरी वाला सोना 216 रुपये गिरकर 1,47,450 रुपये पर बंद हुआ। यह गिरावट निवेशकों के लिए काफी चौंकाने वाली है। कारोबार के दौरान तो सोना 1,44,212 रुपये के निचले स्तर तक भी चला गया था। अगर हम इसके पीक से तुलना करें तो यह 22 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है। विशेष रूप से 28 फरवरी को ईरान पर हुए हमले के बाद से सोने में 12 फीसदी की गिरावट आई है। उस दिन सोना 1.65 लाख रुपये के करीब ट्रेड कर रहा था।

चांदी ने निवेशकों को दिया बड़ा झटका

चांदी की बात करें तो इसमें गिरावट और भी ज्यादा गहरी और डराने वाली है। चांदी अपने उच्चतम स्तर से अब तक 46 फीसदी से ज्यादा नीचे फिसल चुकी है। सोमवार को चांदी मामूली बढ़त के साथ 2,29,033 रुपये पर बंद हुई। हालांकि, दिन के कारोबार के दौरान यह 2,25,763 रुपये के स्तर तक गिर गई थी। 28 फरवरी को जब युद्ध की खबरें आईं, तब चांदी 2.82 लाख रुपये पर थी। महज एक महीने के भीतर ही चांदी 19 फीसदी तक सस्ती हो गई है।

क्यों गिर रहे हैं सोना-चांदी के दाम?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण हैं। सबसे बड़ा कारण पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान युद्ध की स्थिति है। युद्ध की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर की वैल्यू भी लगातार मजबूत हो रही है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी ने भी निवेशकों को सोने से दूर किया है। निवेशक अब सुरक्षित विकल्प के तौर पर कैश इकट्ठा करने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

निवेशकों के लिए क्या है विशेषज्ञों की सलाह?

ऐसे अनिश्चित माहौल में एक्सपर्ट्स निवेशकों को धैर्य रखने की सलाह दे रहे हैं। घबराहट में आकर जल्दबाजी में बिकवाली करना नुकसानदेह साबित हो सकता है। जानकारों का मानना है कि सोना हमेशा से लंबी अवधि के लिए एक सुरक्षित निवेश रहा है। इसलिए इस गिरावट को खरीदारी के एक अवसर के रूप में देखना चाहिए। जो लोग पहले से निवेश कर चुके हैं, उन्हें बाजार के स्थिर होने का इंतजार करना चाहिए। वहीं, नए निवेशकों के लिए धीरे-धीरे खरीदारी शुरू करने का यह अच्छा समय हो सकता है।

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