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सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट: सोने-चांदी के दाम गिरे: चांदी ₹2,753 और सोना ₹246 सस्ता, जानें ईरान जंग के बीच क्यों आई कीमतों में इतनी बड़ी कमी

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 13 अप्रैल 2026, 04:14 दोपहर
वैश्विक तनाव और ईरान-इजराइल युद्ध के बीच भारतीय सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। चांदी अब अपने ऑल टाइम हाई से ₹1.49 लाख नीचे आ चुकी है, जिससे खरीदारों को बड़ी राहत मिली है।

नई दिल्ली | भारतीय सराफा बाजार में इन दिनों बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव का सीधा असर अब सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ने लगा है। आज बाजार खुलते ही कीमती धातुओं के दामों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, आज एक किलो चांदी की कीमत ₹2,753 घटकर ₹2.37 लाख पर आ गई है। इससे पहले 10 अप्रैल को यही चांदी ₹2.40 लाख के स्तर पर कारोबार कर रही थी। चांदी के साथ-साथ सोने की चमक भी कुछ फीकी पड़ी है।

सोने के दामों में भी आई कमी

आज 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत ₹246 घटकर ₹1,50,081 पर आ गई है। शुक्रवार को बाजार बंद होने के समय यह ₹1,50,327 पर था। आंकड़ों को देखें तो अमेरिका-ईरान जंग के कारण पिछले 45 दिनों में सोना ₹9,016 और चांदी ₹29,519 तक सस्ती हो चुकी है।

शहरों में क्यों अलग होते हैं सोने के दाम?

अक्सर ग्राहकों के मन में यह सवाल होता है कि अलग-अलग शहरों में सोने के भाव अलग क्यों होते हैं? इसके पीछे मुख्य रूप से चार बड़े कारण काम करते हैं जो स्थानीय बाजार को प्रभावित करते हैं। पहला कारण ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी है। एक शहर से दूसरे शहर तक सोना ले जाने में ईंधन और सुरक्षा का भारी खर्च जुड़ता है। जैसे-जैसे दूरी बढ़ती है, सोने के दाम में भी बढ़ोतरी होती जाती है। दूसरा कारण खरीदारी की मात्रा है। दक्षिण भारत में सोने की खपत देश के कुल हिस्से का करीब 40% है। इस कारण वहां के ज्वेलर्स बड़ी मात्रा में खरीदारी करते हैं, जिससे उन्हें कुछ लाभ मिलता है, हालांकि इसका फायदा ग्राहकों तक सीमित ही पहुंचता है। तीसरा कारण लोकल ज्वेलर्स एसोसिएशन है। हर राज्य और शहर की अपनी एसोसिएशन होती है जो स्थानीय मांग और सप्लाई के आधार पर हर दिन के रेट तय करती है। इसके अलावा ज्वेलर्स का पुराना स्टॉक और उनकी खरीद मूल्य भी अंतिम कीमत तय करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।

ऑल टाइम हाई से भारी गिरावट

इस साल सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखा गया है। 29 जनवरी को सोना ₹1.76 लाख के अपने सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गया था। तब से अब तक सोना करीब ₹26,040 सस्ता हो चुका है। वहीं चांदी की बात करें तो 29 जनवरी को यह ₹3.86 लाख के ऑल टाइम हाई पर थी। पिछले 103 दिनों के भीतर चांदी की कीमतों में ₹1.49 लाख की भारी गिरावट दर्ज की गई है। यह उन लोगों के लिए अच्छा मौका हो सकता है जो निवेश की योजना बना रहे हैं।

क्यों गिर रहे हैं दाम?

आमतौर पर युद्ध के माहौल में निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित मानते हैं और इसके दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति अलग है। मिडिल ईस्ट में चल रही अनिश्चितता के कारण निवेशक अब गोल्ड और सिल्वर बेचकर कैश इकट्ठा कर रहे हैं ताकि लिक्विडिटी बनी रहे। इसके अलावा, जनवरी में आई रिकॉर्ड तेजी के बाद बड़े निवेशकों ने जमकर प्रॉफिट बुकिंग की है। अमेरिका के फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों पर अपनाए गए सख्त रुख ने भी इन कीमती धातुओं की चमक को कम करने का काम किया है।

खरीदारी के समय रखें इन बातों का ध्यान

कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने-चांदी के दाम में आगे भी गिरावट जारी रह सकती है। अगर आप खरीदारी कर रहे हैं, तो हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क जरूर चेक करें। हॉलमार्किंग से सोने की शुद्धता और कैरेट का सही पता चलता है। इसके साथ ही, खरीदारी करने से पहले इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट पर जाकर उस दिन के सही भाव को क्रॉस-चेक करना न भूलें। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से कीमतें अलग-अलग होती हैं।

असली चांदी की पहचान के तरीके

असली चांदी की पहचान के लिए आप मैग्नेट टेस्ट कर सकते हैं, क्योंकि शुद्ध चांदी चुंबक से नहीं चिपकती। इसके अलावा 'आइस टेस्ट' भी प्रभावी है; असली चांदी पर बर्फ रखने से वह सामान्य से कहीं ज्यादा तेजी से पिघलने लगती है। शुद्ध चांदी में किसी भी तरह की गंध नहीं होती है, जबकि मिलावटी चांदी में कॉपर जैसी महक आती है। अंत में, आप 'क्लॉथ टेस्ट' भी कर सकते हैं। चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ने पर अगर कपड़ा काला हो जाए, तो समझ लें कि चांदी असली है।

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