नई दिल्ली | भारतीय सर्राफा बाजार में आज सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है। घरेलू वायदा बाजार (MCX) में दोनों कीमती धातुएं लाल निशान पर कारोबार कर रही हैं।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुरुआती कारोबार के दौरान सोने के भाव में 806 रुपये की बड़ी कमी आई है। इस गिरावट के बाद सोना 1,50,970 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर ट्रेड करता दिखा।
सोने के साथ-साथ चांदी की चमक भी आज फीकी पड़ती नजर आ रही है। घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों में भारी मंदी का माहौल बना हुआ है, जिससे खरीदारों और निवेशकों को बड़ी राहत मिली है।
एमसीएक्स पर चांदी का भाव आज 1.38 फीसदी यानी लगभग 3,318 रुपये लुढ़क गया है। वर्तमान में चांदी 2,36,600 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद से काफी नीचे है।
सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट: सोने की कीमत में ₹52,000 की भारी गिरावट, चांदी भी लुढ़की; जानें क्या है आज का ताजा भाव और गिरावट की वजह
भारतीय सर्राफा बाजार में आज सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच एमसीएक्स पर सोना और चांदी दोनों लाल निशान पर कारोबार कर रहे हैं।
HIGHLIGHTS
- एमसीएक्स पर सोना 806 रुपये गिरकर 1,50,970 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा।
- चांदी की कीमतों में 3,318 रुपये की बड़ी गिरावट, भाव 2,36,600 रुपये प्रति किलो।
- सोना अपने ऑल-टाइम हाई से 52,014 रुपये और चांदी 2.02 लाख रुपये सस्ती हुई।
- इजराइल-लेबनान तनाव और तेल की बढ़ती कीमतों का वैश्विक बाजार पर गहरा असर।
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रिकॉर्ड स्तर से भारी गिरावट
अगर हम सोने की कीमतों की तुलना इसके उच्चतम स्तर से करें, तो इसमें भारी गिरावट आई है। 29 जनवरी 2026 को सोने ने 2,02,984 रुपये प्रति 10 ग्राम का ऑल टाइम हाई बनाया था।
इस ऐतिहासिक स्तर से तुलना करें तो सोना अब तक 52,014 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है। निवेशकों के लिए यह कीमतों में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है जो खरीदारी के अवसर पैदा कर सकता है।
चांदी की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। 29 जनवरी 2026 को चांदी 4,39,337 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर थी। अब यह अपने उच्च स्तर से 2,02,737 रुपये नीचे आ चुकी है, जो बड़ी मंदी को दर्शाता है।
वैश्विक तनाव और कच्चे तेल का असर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों में यह गिरावट कमजोर वैश्विक रुख के कारण आ रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही उथल-पुथल का सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजार की धातुओं पर दिख रहा है।
लेबनान पर इजराइल के हमलों ने मध्य पूर्व में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। इस भू-राजनीतिक संकट के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर बड़ा उछाल दर्ज किया गया है।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने यूएस-ईरान सीजफायर और होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने की संभावनाओं पर संकट पैदा कर दिया है। इन कारणों से सोने पर दबाव बढ़ रहा है और कीमतें नीचे आ रही हैं।
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महंगाई और फेड रिजर्व की चिंता
तेल की बढ़ती कीमतें वैश्विक स्तर पर महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ा रही हैं। जानकारों के अनुसार, इससे शॉर्ट टर्म में यूएस फेडरल रिजर्व के सख्त रुख बरकरार रखने के संकेत मिल रहे हैं, जो सोने के लिए नकारात्मक है।
जब महंगाई बढ़ती है और केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाते हैं, तो सोने जैसी संपत्तियों पर दबाव बढ़ता है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है।
ग्लोबल मार्केट में सोने का भाव
कॉमेक्स पर सोने का वैश्विक भाव आज 0.66 फीसदी या 31.30 डॉलर की गिरावट के साथ 4,745.90 डॉलर प्रति औंस पर देखा गया। यह गिरावट अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिकवाली के दबाव को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
वहीं, गोल्ड स्पॉट की बात करें तो यह इस समय 0.02 फीसदी की मामूली गिरावट के साथ 4,719.13 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है। वैश्विक अस्थिरता और डॉलर की मजबूती बाजार को लगातार प्रभावित कर रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में अगर भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता है, तो बाजार में और अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। निवेशकों को फिलहाल बाजार की चाल देखकर निवेश की सलाह दी गई है।
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