नई दिल्ली | भारतीय सर्राफा बाजार में आज यानी 21 अप्रैल को सोने और चांदी की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। जहां एक तरफ सोने की कीमतों में मामूली तेजी आई है, वहीं चांदी के खरीदारों के लिए राहत की खबर है क्योंकि इसके दाम गिर गए हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव आज 59 रुपए बढ़ गया है। इस बढ़ोतरी के बाद अब सोने की कीमत 1,52,155 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गई है। इससे पहले 20 अप्रैल को बाजार बंद होने के समय सोने की कीमत 1,52,096 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई थी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेतों और मांग में बदलाव के कारण कीमतों में यह उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
चांदी की कीमतों में आई गिरावट
सोने के विपरीत चांदी की कीमतों में आज गिरावट देखने को मिल रही है। एक किलो चांदी का भाव 612 रुपए गिरकर 2,50,063 रुपए पर आ गया है। सोमवार को इसकी कीमत 2,50,675 रुपए प्रति किलो थी। चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट औद्योगिक मांग में कमी या मुनाफावसूली का परिणाम हो सकती है। हालांकि, लंबे समय के निवेश के लिहाज से चांदी अभी भी काफी मजबूत स्थिति में बनी हुई है।
शहरों में क्यों अलग होते हैं सोने के दाम?
अक्सर ग्राहकों के मन में यह सवाल आता है कि अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग क्यों होते हैं। इसके पीछे मुख्य रूप से चार बड़े कारण जिम्मेदार होते हैं। पहला कारण ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी का खर्च है। सोने को एक सुरक्षित स्थान से दूसरे शहर ले जाने में ईंधन और सुरक्षा पर भारी खर्च होता है। जैसे-जैसे दूरी बढ़ती है, यह खर्च भी बढ़ता जाता है, जिसका सीधा असर सोने की अंतिम कीमत पर पड़ता है। दूसरा बड़ा कारण खरीदारी की मात्रा है। दक्षिण भारत के राज्यों में सोने की खपत देश के अन्य हिस्सों के मुकाबले काफी ज्यादा है। वहां के ज्वेलर्स बड़ी मात्रा में खरीद करते हैं, जिससे उन्हें कुछ थोक लाभ मिलते हैं।
लोकल एसोसिएशन और स्टॉक का असर
तीसरा कारण स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन है। हर राज्य और शहर की अपनी ज्वेलरी एसोसिएशन होती है, जो स्थानीय मांग और सप्लाई की स्थिति को देखते हुए प्रतिदिन के रेट तय करने में भूमिका निभाती है। चौथा कारण ज्वेलर्स के पास मौजूद पुराना स्टॉक है। ज्वेलर्स ने किस भाव पर सोना खरीदा था, यह उनकी बिक्री की कीमत तय करता है। यदि किसी ने कम कीमत पर स्टॉक लिया है, तो वह ग्राहकों को कुछ लाभ दे सकता है।
इस साल सोने-चांदी ने बनाए नए रिकॉर्ड
साल 2026 में सोने और चांदी की कीमतों ने निवेशकों को हैरान कर दिया है। इस साल अब तक सोने की कीमत में करीब 19 हजार रुपए और चांदी में 20 हजार रुपए की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.52 लाख रुपए के पार है। वहीं, चांदी जो साल की शुरुआत में 2.30 लाख रुपए थी, वह अब 2.50 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर है।
विदेशी जेवर मंगाना अब नहीं होगा आसान
भारत सरकार ने हाल ही में एक बड़ा फैसला लेते हुए सोने-चांदी और प्लेटिनम के गहनों को 'फ्री' कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया है। इसका सीधा असर बाजार की सप्लाई और कीमतों पर पड़ रहा है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) के नए नियमों के अनुसार, अब किसी भी देश से ज्वेलरी मंगाने के लिए सरकार से विशेष लाइसेंस लेना होगा। यह कदम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उठाया गया है।
सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
जब भी आप ज्वेलरी खरीदने जाएं, तो हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क जरूर चेक करें। हॉलमार्किंग से सोने की शुद्धता की गारंटी मिलती है। इसमें एक विशेष अल्फान्यूमेरिक कोड होता है। इसके अलावा, खरीदने के दिन सोने की सही कीमत को कई विश्वसनीय सोर्सेज से क्रॉस चेक करें। ध्यान रहे कि 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दाम अलग-अलग होते हैं, इसलिए बिल लेते समय सावधानी बरतें।
चांदी की शुद्धता जांचने के घरेलू तरीके
असली चांदी की पहचान के लिए आप मैग्नेट टेस्ट कर सकते हैं। चांदी एक गैर-चुंबकीय धातु है, इसलिए वह चुंबक से नहीं चिपकती। इसके अलावा आइस टेस्ट भी काफी प्रभावी माना जाता है। अगर आप चांदी पर बर्फ का टुकड़ा रखते हैं और वह बहुत तेजी से पिघलने लगता है, तो समझिए चांदी असली है। सफेद सूती कपड़े से रगड़ने पर अगर चांदी काला निशान छोड़े, तो यह उसकी शुद्धता का प्रमाण है।