जयपुर | राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने मंगलवार को विद्याधर नगर स्थित स्टेडियम में एक शानदार समारोह के दौरान 'इण्डियन फुटबाल लीग' का विधिवत शुभारंभ किया।
इस विशेष प्रतियोगिता का आयोजन राजस्थान यूनाईटेड फुटबॉल क्लब द्वारा किया गया है। राज्यपाल ने खिलाड़ियों से मिलकर उनका उत्साहवर्धन किया और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
समारोह को संबोधित करते हुए बागडे ने कहा कि एक स्वस्थ तन और प्रसन्न मन के लिए खेल जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा होने चाहिए।
उन्होंने केंद्र सरकार के 'खेलो इंडिया' अभियान की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस पहल से भारतीय खेलों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल रही है।
फुटबॉल का वैश्विक और भारतीय इतिहास
राज्यपाल ने फुटबॉल की लोकप्रियता पर चर्चा करते हुए बताया कि इसका इतिहास दो हजार साल से भी अधिक पुराना और बेहद दिलचस्प है।
उन्होंने जानकारी दी कि आधुनिक फुटबॉल का जन्म 19वीं सदी में इंग्लैंड में हुआ था और 1904 में फीफा की स्थापना पेरिस में की गई थी।
भारतीय संदर्भ में उन्होंने नागेंद्र प्रसाद के योगदान को याद किया। उन्होंने बताया कि कोलकाता और बंगाल में फुटबॉल क्लबों की स्थापना से ही यह खेल लोकप्रिय हुआ।
युवाओं के लिए खेलों का महत्व
महिलाओं के फुटबॉल पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में इसकी शुरुआत 1990 के दशक में हुई, जिसमें पश्चिम बंगाल की खिलाड़ियों की मुख्य भूमिका रही।
राज्यपाल ने युवाओं से आह्वान किया कि वे खेलों से जुड़ें क्योंकि इससे न केवल शारीरिक बल्कि बौद्धिक क्षमता में भी जबरदस्त सुधार होता है।
अंत में, राज्यपाल ने मैदान पर बैठकर फुटबॉल मैच का आनंद लिया। उन्होंने खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सराहा और उन्हें खेल भावना बनाए रखने की सीख दी।