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जालोर

जालोर में सहकारिता का नया अध्याय: राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने किया जालोर नागरिक सहकारी बैंक के नए भवन का उद्घाटन, सहकारिता के महत्व पर दिया जोर

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने जालोर में नागरिक सहकारी बैंक के नवनिर्मित प्रधान कार्यालय का लोकार्पण किया। उन्होंने छोटे उद्यमियों और किसानों के जीवन में सहकारी बैंकों की अहम भूमिका को रेखांकित किया।

HIGHLIGHTS

  • राज्यपाल ने जालोर नागरिक सहकारी बैंक के नए प्रधान कार्यालय का उद्घाटन किया।
  • सहकारी बैंकों को छोटे व्यापारियों और किसानों की उन्नति का आधार बताया।
  • जन-धन योजना और डीबीटी के माध्यम से बढ़ती पारदर्शिता की सराहना की।
  • 2047 तक 'विकसित भारत' के निर्माण में सहकारिता की भूमिका पर जोर दिया।
governor haribhau bagde inaugurates jalore nagarik sahakari bank new office

जालोर | राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने गुरुवार को जालोर जिले के विकास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए जालोर नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड के नवनिर्मित प्रधान कार्यालय का भव्य लोकार्पण किया। समारोह के दौरान राज्यपाल ने बैंक प्रबंधन और स्थानीय नागरिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाएं केवल वित्तीय संस्थान नहीं हैं, बल्कि ये आम आदमी की प्रगति का जरिया हैं।

सहकारिता: छोटे व्यवसायों का संबल

राज्यपाल ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि सहकारी बैंक छोटे उद्यमियों, कुटीर उद्योगों, किसानों और मजदूरों के लिए वरदान साबित होते हैं। ये बैंक फल-सब्जी विक्रेताओं को भी वित्तीय सहायता देते हैं। उन्होंने कहा कि सहकार का असली अर्थ सबको साथ लेकर आगे बढ़ता है। इससे समाज के गरीब और मध्यम वर्ग को स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर प्राप्त होते हैं, जिससे आर्थिक समानता आती है।

पारदर्शिता और कर्मठता की आवश्यकता

राज्यपाल ने सहकारिता क्षेत्र में अपने लंबे अनुभवों को साझा करते हुए डेयरी और कृषि क्षेत्र में सहकारी संस्थाओं की उपयोगिता बताई। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों को और अधिक पारदर्शी बनना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य में कृषि और डेयरी के नवाचारों हेतु सहकारी संस्थानों को कर्मठता से काम करना चाहिए। सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर तक पहुंचना अनिवार्य है।

डिजिटल क्रांति और विकसित भारत

केंद्र सरकार की जन-धन योजना का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने बताया कि अब तक 56 करोड़ नए बैंक खाते खुले हैं। डीबीटी के माध्यम से अब सरकारी योजनाओं का लाभ सीधा मिल रहा है। उन्होंने 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की ओर बढ़ते कदमों की सराहना की। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे कदम एक सशक्त राष्ट्र के निर्माण में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।

शिक्षा और संस्कृति का संगम

राजस्थान में डेयरी क्षेत्र की सफलता पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य आज दुग्ध उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शुमार है, जो सहकारिता की ही बड़ी जीत है। अंत में, उन्होंने भारतीय शिक्षा पद्धति और ज्ञान के महत्व को दोहराया। राज्यपाल ने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और भारतीय संस्कृति से जुड़कर सहकार के भाव को और अधिक प्रबल करने का आह्वान किया।

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