राजनीति

Politics: आरएसएस की चड्डी पहनने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा - गोविंद सिंह डोटासरा

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 30 जून 2026, 05:09 शाम
बीकानेर में गरजे डोटासरा, कहा- प्रदेश में 'पर्ची की सरकार' चल रही है और RSS की चड्डी वाले बचेंगे नहीं।

बीकानेर | राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बीकानेर में राज्य की भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने सरकार को 'पर्ची की सरकार' करार देते हुए कहा कि सभी मंत्री गैर-जिम्मेदाराना तरीके से काम कर रहे हैं, जिससे जनता का बुरा हाल है।

डोटासरा का सरकार पर तीखा हमला

बीकानेर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डोटासरा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री से एमओयू के नाम पर अंगूठा लगवा लिया गया, लेकिन हरियाणा से प्रदेश को पानी नहीं मिल सका। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। 

डोटासरा ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री 'सरेंडर' हैं और गृह मंत्री की सोच सांप्रदायिक है। उन्होंने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।

'आरएसएस की चड्डी' पर विवादित बयान

अपने संबोधन में डोटासरा ने एक पड़ोसी राज्य के मंत्री के बयान का हवाला देते हुए एक विवादित टिप्पणी की।

"जो भी अधिकारी आता है, वह 'आरएसएस की चड्डी पहनकर आता है', लेकिन राजस्थान में ऐसे लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।"

इस बयान ने प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों को छोड़ा नहीं जाएगा जो इस तरह की विचारधारा के साथ काम करते हैं।

शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल

डोटासरा ने प्रदेश की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में भारी अव्यवस्था है और चिकित्सा मंत्री गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं।

शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के बच्चे खुद निजी स्कूलों में पढ़ते हैं। वहीं, उच्च शिक्षा मंत्री को शिक्षा की पर्याप्त जानकारी नहीं है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार पंचायत चुनाव कराने से बच रही है और सरकार के मंत्री अमर्यादित व्यवहार कर रहे हैं।

कांग्रेस में अंदरूनी कलह पर असहज हुए डोटासरा

जब पत्रकारों ने कांग्रेस में अंदरूनी मतभेदों पर सवाल किया तो डोटासरा कुछ असहज नजर आए। उन्होंने पत्रकारों से भाजपा को घेरने में कांग्रेस की मदद करने का आग्रह किया।

लगातार सवालों के बाद उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री गोविंद मेघवाल और विधायक सुशीला डूडी के बीच कोई मतभेद नहीं है। हालांकि, मेघवाल द्वारा प्रस्तावित आमसभा को लेकर वह पहले असमंजस में दिखे।

अन्य नेताओं ने भी सरकार को घेरा

इस आमसभा को नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी संबोधित किया। यह सभा चिकित्सा व्यवस्थाओं में सुधार की मांग को लेकर चल रहे धरने के समर्थन में आयोजित की गई थी।

पूर्व मंत्री भंवर सिंह भाटी ने चिकित्सा सुविधाओं की बहाली की मांग की। वहीं, पूर्व मंत्री गोविंद मेघवाल ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मुस्लिम समुदाय के धार्मिक स्थलों को तोड़ना प्रदेश की संस्कृति के विपरीत है।

पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने प्रसूताओं की मौत को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे प्रशासन की विफलता करार दिया। सभा में कई अन्य विधायकों और नेताओं ने भी अपने विचार रखे।

डोटासरा के इन बयानों ने राजस्थान की राजनीति में गर्मी बढ़ा दी है। उनके आक्रामक तेवर यह संकेत देते हैं कि आने वाले समय में कांग्रेस, सरकार के खिलाफ अपने हमलों को और तेज करेगी।

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