बीकानेर | राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर एक बड़ा और विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर इस बार भी भाजपा सत्ता में लौट आई तो देश में भविष्य में चुनाव होना मुश्किल हो जाएगा। डोटासरा बीकानेर में पीबीएम अस्पताल में अव्यवस्थाओं के खिलाफ आयोजित एक बड़े प्रदर्शन को संबोधित कर रहे थे।
डोटासरा का केंद्र पर बड़ा हमला: 'खत्म कर देंगे लोकतंत्र'
गोविंद सिंह डोटासरा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया, "अगर इस बार भी भाजपा सत्ता में लौट आई और परिसीमन की प्रक्रिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथ में रही, तो देश में भविष्य में चुनाव होना मुश्किल हो जाएगा।"
डोटासरा ने आगे कहा कि ये लोग देश में कभी चुनाव नहीं होने देंगे और लोकतंत्र के मूल ढांचे को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पार्टी को लगातार सत्ता मिलती रही तो देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
बीकानेर में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन
पीबीएम अस्पताल में हाल ही में दो प्रसूताओं की मौत और कथित अव्यवस्थाओं के विरोध में कांग्रेस ने बीकानेर में एक विशाल शक्ति प्रदर्शन किया।
इस प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट में घुसने का प्रयास किया और पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स पर चढ़ गए।
पुलिस ने किया हल्का बल प्रयोग
मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। जब प्रदर्शनकारी नहीं माने तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ दिया।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था, जहां भारी पुलिस बल, आरएसी और स्पेशल पुलिस फोर्स तैनात रही। वाटर कैनन और आंसू गैस छोड़ने वाली मशीनें भी तैयार रखी गई थीं।
कलेक्टर को सौंपा 10 सूत्रीय ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद, एक कांग्रेसी प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर निशांत जैन से मुलाकात की। हालांकि, इस प्रतिनिधिमंडल में डोटासरा और जूली शामिल नहीं हुए।
प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला, भंवर सिंह भाटी, मदन गोपाल मेघवाल और बिशनाराम सियाग शामिल थे। उन्होंने कलेक्टर को दस सूत्री मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।
कलेक्टर ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर दस दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
मंत्रियों पर व्यक्तिगत हमले और आरोप
इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार के मंत्रियों पर भी जमकर निशाना साधा। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा, "जहां लोग जान बचाने जाते हैं, वहां से अर्थी निकलती है। बच्चे स्कूल जाते हैं, बिल्डिंग गिर जाती है।"
गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर व्यक्तिगत हमला किया।
डोटासरा ने कहा, "शिक्षा मंत्री ने कहा है कि जो सरकारी टीचर अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में नहीं पढ़ा रहा है, वो निकम्मा है। मैं कहता हूं जो शिक्षा मंत्री अपने पोते को प्राइवेट इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ा रहा है, वो महा निकम्मा है।"
उन्होंने कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर भी सवाल उठाए और उनके एक करीबी के पास से बड़ी रकम मिलने के मामले में एसीबी की कार्रवाई न होने पर सवाल खड़े किए।
अस्पताल में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने आरोप लगाया कि पीबीएम अस्पताल में ब्लैकलिस्टेड कंपनियों से दवाइयां खरीदी गईं, जिससे दो महिलाओं की मौत हो गई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आईसीयू के लिए 77 हजार रुपये के मल्टीपैरा मॉनिटर को एक-एक लाख रुपये में खरीदा गया, फिर भी हालात नहीं सुधरे।
प्रदर्शन में दिखी अंदरूनी कलह
सभा के दौरान कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी भी सतह पर आ गई। जब पूर्व मंत्री गोविंदराम मेघवाल भाषण दे रहे थे, तो रामेश्वर डूडी के समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की।
मंच पर मौजूद डोटासरा ने कार्यकर्ताओं को शांत रहने का इशारा किया, लेकिन 'डूडी अमर रहें' के नारे लगातार गूंजते रहे, जिससे कुछ देर के लिए असहज स्थिति पैदा हो गई।
यह प्रदर्शन कांग्रेस द्वारा राज्य सरकार के खिलाफ एक बड़ी लामबंदी का प्रतीक है। पीबीएम अस्पताल में हुई दुखद घटनाओं को आधार बनाकर कांग्रेस ने न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर भी सीधा हमला बोला है, जिससे आने वाले दिनों में राजस्थान की राजनीति में और गरमाहट देखने को मिल सकती है।
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