जयपुर |
राजस्थान के कृषि विभाग में 2.43 करोड़ रुपए के कथित खाद-बीज घूसकांड ने प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। इस मामले में जहां कांग्रेस कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा का इस्तीफा मांग रही है, वहीं RLP सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल उनके खुले समर्थन में उतर आए हैं।
बेनीवाल ने किया मीणा का बचाव
जयपुर में एक प्रेस वार्ता के दौरान हनुमान बेनीवाल ने डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को एक बेदाग छवि का नेता बताया। उन्होंने कहा कि वे मीणा को लंबे समय से जानते हैं और उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप बेबुनियाद हैं।
"मैं बहुत लंबे समय से डॉ. साहब (किरोड़ी लाल मीणा) के साथ रहा हूँ। राजस्थान का कोई भी व्यक्ति जो उन्हें करीब से जानता है, वह यह सपने में भी नहीं सोच सकता कि इस तरह के पैसों के लेन-देन में सीधे तौर पर उनका नाम आ सकता है।"
बेनीवाल ने आरोप लगाया कि यह मीणा को जानबूझकर फंसाने की साजिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि अगर विभागीय अनियमितता के लिए मंत्री जिम्मेदार हैं, तो अन्य घोटालों पर भी समान कार्रवाई होनी चाहिए।
सरकार पर चुनिंदा कार्रवाई का आरोप
सांसद बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल चुनिंदा मामलों पर ही कार्रवाई कर रही है और ब्यूरोक्रेसी के दबाव में काम कर रही है।
'आधा दर्जन मंत्रियों पर भी हो कार्रवाई'
बेनीवाल ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि अगर भ्रष्टाचार पर कार्रवाई का पैमाना एक है, तो सरकार के बाकी आधा दर्जन मंत्रियों पर लग रहे गंभीर आरोपों पर वे मौन क्यों हैं?
उन्होंने मंत्री केके बिश्नोई का नाम SI पेपर लीक मामले में आने, मंत्री कन्हैयालाल चौधरी द्वारा रिश्तेदारों को टेंडर देने और मंत्री जोगाराम पटेल द्वारा बेटे को महाधिवक्ता बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए।
इसके अलावा उन्होंने गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम और स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह पर भी निशाना साधा। बेनीवाल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में भारी भ्रष्टाचार व्याप्त है।
इस पूरे घटनाक्रम ने राजस्थान की राजनीति को गरमा दिया है। बेनीवाल के आरोपों ने भजनलाल सरकार को बैकफुट पर धकेल दिया है, जिससे अब सरकार पर सभी मामलों में निष्पक्ष जांच का दबाव बढ़ गया है।
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