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हनुमान जयंती 2026: पूजा की थाली: Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती पर बजरंगबली को चढ़ाएं ये खास चीजें, तुलसी के बिना अधूरी है पूजा

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हनुमान जयंती 2026 पर बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए सही पूजन सामग्री और भोग का होना जरूरी है। जानें कौन सी एक चीज है जिसके बिना आपकी पूजा अधूरी रह सकती है।

HIGHLIGHTS

  • हनुमान जयंती 2 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी।
  • पूजा में सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाना बेहद शुभ है।
  • तुलसी दल के बिना बजरंगबली का भोग अधूरा माना जाता है।
  • सिंदूर चढ़ाने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं।
hanuman jayanti 2026 puja samagri and bhog list

नई दिल्ली | हनुमान जयंती हिंदू धर्म का एक अत्यंत पावन त्यौहार है। यह दिन अंजनीपुत्र हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। चैत्र शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को पवनपुत्र का जन्म हुआ था। इस साल यानी 2026 में यह तिथि 2 अप्रैल को पड़ रही है। हनुमान जी को संकटमोचन और भगवान शिव का 11वां रुद्र अवतार माना जाता है। उनकी पूजा से साहस, शक्ति और सुरक्षा का आशीर्वाद मिलता है।

पूजन सामग्री की सूची

हनुमान जयंती पर बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए सिंदूर और चमेली का तेल जरूर चढ़ाएं। इसके साथ ही लाल, पीला या केसरिया रंग का चोला अर्पित करना उत्तम रहता है। पूजा की थाली में गुलाब की माला, इत्र, जनेऊ और घी का दीपक शामिल करें। पान का बीड़ा भी चढ़ाएं, लेकिन ध्यान रहे कि उसमें तंबाकू या सुपारी न हो।

प्रिय भोग और मिष्ठान

बजरंगबली को बूंदी और बेसन के लड्डू बहुत पसंद हैं। आप उन्हें इमरती, गुड़-चना, चूरमा या खीर का भोग भी लगा सकते हैं। फलों में केला और नारियल अर्पित करना शुभ होता है। ये साधारण चीजें भी अगर सच्ची श्रद्धा से चढ़ाई जाएं, तो हनुमान जी प्रसन्न हो जाते हैं।

तुलसी का विशेष महत्व

हनुमान जी की पूजा में सबसे महत्वपूर्ण चीज तुलसी दल है। तुलसी के बिना बजरंगबली का भोग कभी भी पूरा नहीं माना जाता है। मान्यता है कि प्रसाद में तुलसी का पत्ता रखने से प्रभु उसे सहर्ष स्वीकार करते हैं। तुलसी चढ़ाने से भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है। इसलिए पूजा के दिन तुलसी की माला भी जरूर चढ़ाएं।

सिंदूर चढ़ाने की पौराणिक कथा

एक बार माता सीता को सिंदूर लगाते देख हनुमान जी ने इसका कारण पूछा। माता ने बताया कि इससे श्री राम की आयु लंबी होती है। प्रभु के प्रति अपनी भक्ति दिखाने के लिए हनुमान जी ने अपने पूरे शरीर पर सिंदूर मल लिया। उनकी इस निस्वार्थ भक्ति से श्री राम अत्यंत प्रसन्न हुए थे। तभी से हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है। सिंदूर चढ़ाने वाले भक्तों पर संकटमोचन की विशेष कृपा बनी रहती है।

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