नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत सामने आया है। भारत की दो सबसे बड़ी सूचीबद्ध कंपनियां — HDFC Bank और Reliance Industries — अब MSCI Emerging Markets Index की टॉप-10 कंपनियों की सूची से बाहर हो गई हैं। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वर्ष 2000 के बाद यह पहली बार है जब इस प्रमुख वैश्विक इंडेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों में भारत का कोई भी शेयर शामिल नहीं है।
यह इंडेक्स दुनिया भर में 700 अरब डॉलर से अधिक एसेट्स मैनेज करने वाले पैसिव फंड्स के लिए एक प्रमुख बेंचमार्क माना जाता है। ऐसे में इसमें भारत की हिस्सेदारी और भारतीय कंपनियों की रैंकिंग में गिरावट विदेशी निवेश प्रवाह पर भी असर डाल सकती है।
क्या है MSCI EM Index?
MSCI Emerging Markets (EM) Index दुनिया के उभरते बाजारों का प्रमुख शेयर बाजार सूचकांक है। इसमें भारत, चीन, ताइवान, दक्षिण कोरिया, ब्राजील समेत कई देशों की बड़ी और प्रमुख कंपनियां शामिल होती हैं। वैश्विक फंड मैनेजर इसी इंडेक्स के आधार पर विभिन्न देशों और शेयरों में निवेश का आवंटन तय करते हैं।
किसी देश या कंपनी का इंडेक्स में वेटेज घटने का मतलब यह होता है कि उस बाजार में आने वाले विदेशी निवेश का हिस्सा भी कम हो सकता है।
कैसे फिसले HDFC Bank और Reliance?
मार्च 2026 तक HDFC Bank इंडेक्स में सातवें और Reliance Industries आठवें स्थान पर थे। मई 2026 की समीक्षा में दोनों कंपनियां क्रमशः 11वें और 12वें स्थान पर पहुंच गईं।
- HDFC Bank की हिस्सेदारी घटकर 0.71% रह गई।
- Reliance Industries का वेटेज 0.67% पर आ गया।
- HDFC Bank का शेयर अपने शिखर स्तर से लगभग 26% नीचे है।
- Reliance Industries का शेयर करीब 20% गिर चुका है।
इसके विपरीत, एआई और सेमीकंडक्टर थीम से जुड़ी कंपनियों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। ताइवान की TSMC, दक्षिण कोरिया की Samsung Electronics और SK Hynix ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
MSCI EM Index की शीर्ष 12 कंपनियां (मई 2026)
| रैंक | कंपनी | इंडेक्स में हिस्सेदारी (%) | 2026 YTD प्रदर्शन |
|---|---|---|---|
| 1 | TSMC | 14.98 | +48.1% |
| 2 | Samsung Electronics | 8.09 | +146.5% |
| 3 | SK Hynix | 6.01 | +193.5% |
| 4 | Tencent | 2.89 | -25.5% |
| 5 | Alibaba | 2.12 | -17.4% |
| 6 | MediaTek | 1.60 | +184.6% |
| 7 | Delta Electronics | 1.15 | +134.2% |
| 8 | Hon Hai Precision | 0.90 | +16.9% |
| 9 | Samsung Electronics (Preferred) | 0.89 | — |
| 10 | China Construction Bank | 0.76 | +11.3% |
| 11 | HDFC Bank | 0.71 | -25.5% |
| 12 | Reliance Industries | 0.67 | -19.6% |
AI और सेमीकंडक्टर रैली का असर
IIFL Capital Services के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट श्रीराम वेलायुधन के अनुसार, वैश्विक निवेशकों का झुकाव पिछले कुछ वर्षों में AI, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर कंपनियों की ओर बढ़ा है। इसी वजह से ताइवान और दक्षिण कोरिया की टेक कंपनियों का बाजार पूंजीकरण तेजी से बढ़ा और उनका इंडेक्स वेटेज मजबूत हुआ।
उनका कहना है कि इंडेक्स में वेटेज में बदलाव का असर केवल पैसिव फंड्स पर ही नहीं बल्कि एक्टिव फंड मैनेजरों की रणनीति पर भी पड़ता है, क्योंकि अधिकांश निवेश आवंटन इंडेक्स संरचना को ध्यान में रखकर किया जाता है।
भारत का वेटेज 6 साल के निचले स्तर पर
MSCI EM Index में भारत की कुल हिस्सेदारी घटकर 10.87% रह गई है, जो पिछले छह वर्षों का सबसे निचला स्तर है। यह 2024 में बने रिकॉर्ड स्तर की तुलना में लगभग आधी है।
नुवामा के अल्टरनेटिव और क्वांटिटेटिव रिसर्च प्रमुख अभिलाष पगारिया के अनुसार, पिछले दो वर्षों में भारत का वेटेज लगातार घटा है। इसकी प्रमुख वजह ताइवान, दक्षिण कोरिया और चीन के तकनीकी शेयरों का बेहतर प्रदर्शन रहा है।
MSCI EM Index में देशों की हिस्सेदारी
| देश | फरवरी 2026 | मई 2026 | बदलाव |
|---|---|---|---|
| ताइवान | 22.50% | 26.41% | +3.91% |
| दक्षिण कोरिया | 18.08% | 23.06% | +4.98% |
| चीन | 23.76% | 20.36% | -3.40% |
| भारत | 12.82% | 10.87% | -1.95% |
| ब्राजील | 4.56% | 3.86% | -0.70% |
बढ़ रहा है कंसंट्रेशन रिस्क
विशेषज्ञों ने MSCI EM Index में बढ़ती एकाग्रता (Concentration Risk) को लेकर भी चिंता जताई है। वर्तमान में ताइवान, दक्षिण कोरिया और चीन मिलकर इंडेक्स का लगभग 70% हिस्सा बनाते हैं। वहीं केवल TSMC, Samsung Electronics और SK Hynix की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 30% तक पहुंच चुकी है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक AI या सेमीकंडक्टर सेक्टर में बड़ी गिरावट आती है या इन कंपनियों के वैल्यूएशन में तेज करेक्शन होता है, तो इसका प्रभाव पूरे MSCI EM Index और उससे जुड़े वैश्विक निवेशकों पर पड़ सकता है।
आगे क्या?
भारतीय बाजार के लिए यह स्थिति चुनौती के साथ अवसर भी लेकर आई है। यदि बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और उपभोक्ता क्षेत्र की बड़ी कंपनियां फिर से मजबूत प्रदर्शन करती हैं, तो भारत MSCI EM Index में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकता है। फिलहाल वैश्विक पूंजी का बड़ा हिस्सा AI और सेमीकंडक्टर थीम की ओर जा रहा है, जिससे उभरते बाजारों के निवेश परिदृश्य में बड़ा बदलाव दिखाई दे रहा है।