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HDFC बैंक का नया नियम: iPhone यूजर्स 72 घंटे तक ₹50,000 ही भेज पाएंगे

बलजीत सिंह शेखावत · 10 जून 2026, 10:06 दोपहर
एचडीएफसी बैंक ने धोखाधड़ी रोकने के लिए एपल डिवाइस पर नए बेनिफिशियरी के लिए 72 घंटे की ट्रांजेक्शन लिमिट लगाई है।

नई दिल्ली | देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक, एचडीएफसी बैंक ने अपने ग्राहकों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बैंक ने 10 जून से एक नया नियम लागू किया है, जो विशेष रूप से एपल डिवाइस (आईफोन) यूजर्स को प्रभावित करेगा।

इस नए सुरक्षा अपडेट के तहत, बैंक ने मनी ट्रांजेक्शन के लिए एक अस्थायी सीमा तय की है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्राहकों के खातों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाना है।

HDFC बैंक का नया सिक्योरिटी अपडेट

बैंक द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यदि कोई ग्राहक किसी एपल डिवाइस पर एचडीएफसी बैंक एप पर पहली बार रजिस्टर या री-रजिस्टर करता है, तो पहले 72 घंटों के लिए एक ट्रांजेक्शन लिमिट लागू होगी।

इस अवधि के दौरान, ग्राहक किसी भी नए जोड़े गए लाभार्थी (बेनिफिशियरी) को 50,000 रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर नहीं कर पाएगा। यह लिमिट सभी नए बेनिफिशियरीज पर लागू होगी।

क्यों लगाई गई यह ट्रांजेक्शन लिमिट?

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ इस कदम को बैंकिंग फ्रॉड रोकने की दिशा में एक सकारात्मक पहल मानते हैं। नए डिवाइस पर लॉगइन को एक उच्च जोखिम वाली गतिविधि के रूप में देखा जाता है।

साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट प्रियंका सांखला ने बताया, "यह सिम चोरी, फोन चोरी और अनाधिकृत एक्सेस में फ्रॉड का मामला हो सकता है। ऐसे में बैंक अस्थायी ट्रांजेक्शन लिमिट लागू करते हैं।"

इस कूलिंग-ऑफ पीरियड के दौरान, बैंक डिवाइस पर पूरी तरह से भरोसा करने से पहले यूजर के व्यवहार का विश्लेषण करते हैं।

एपल डिवाइस पर क्यों लंबी है समय-सीमा?

यह लिमिट एंड्रॉयड डिवाइस की तुलना में एपल डिवाइस पर अधिक समय के लिए है। एंड्रॉयड यूजर्स के लिए यह सीमा पहले 24 घंटों के लिए सिर्फ 5000 रुपये है।

विशेषज्ञों के अनुसार, एंड्रॉयड डिवाइस डीपर सिस्टम-लेवल वेरिफिकेशन की अनुमति देता है। वहीं, iOS में प्राइवेसी और सेंडबॉक्सिंग नीतियां सख्त होने के कारण बैंक को कम सुरक्षा सिग्नल मिलते हैं। इसलिए, बैंक समय-आधारित विश्वास पर अधिक निर्भर करते हैं।

सामान्य UPI ट्रांजेक्शन की क्या है लिमिट?

एचडीएफसी बैंक की वेबसाइट के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में आप 24 घंटे में प्रति बैंक अकाउंट 10 यूपीआई ट्रांजेक्शन कर सकते हैं, जिसकी कुल सीमा 1 लाख रुपये है। यह सीमा पर्सन-टू-पर्सन ट्रांसफर पर लागू होती है।

हालांकि, यह नया नियम ग्राहकों को थोड़ी असुविधा दे सकता है, लेकिन यह उनकी वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक आवश्यक उपाय है। इससे अनधिकृत लेनदेन के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

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