राजस्थान

जोधपुर अस्पताल का औचक निरीक्षण: जोधपुर: एमडीएम अस्पताल में स्वास्थ्य सचिव का औचक निरीक्षण

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 19 मई 2026, 11:13 दोपहर
प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने एमडीएम अस्पताल का दौरा कर चिकित्सा व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

जोधपुर | राजस्थान की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने सोमवार को जोधपुर के मथुरादास माथुर (एमडीएम) अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की उपचार व्यवस्था, ट्रॉमा सेवाओं और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया।

मरीजों की सुविधाओं का गहन निरीक्षण

श्रीमती राठौड़ ने ट्रॉमा सेंटर, सीटी स्कैन, एक्स-रे विंग, ओपीडी सेक्शन और आईसीयू वार्डों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न इकाइयों में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधा संवाद कर मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले किसी भी मरीज को उपचार के लिए भटकना न पड़े। मरीज की संतुष्टि ही स्वास्थ्य सेवाओं की सफलता का असली पैमाना है।

भीषण गर्मी में राहत के कड़े निर्देश

जोधपुर में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए प्रमुख शासन सचिव ने अस्पताल प्रशासन को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों और उनके परिजनों को गर्मी से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं। अस्पताल परिसर में कूलिंग सिस्टम, छायादार टेंट, ठंडे पेयजल और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि भीड़ प्रबंधन के लिए प्रभावी कदम उठाना समय की मांग है।

ओपीडी और पंजीकरण व्यवस्था में सुधार

ओपीडी और पंजीयन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए श्रीमती राठौड़ ने पर्ची बनवाने में लगने वाले समय को कम करने पर जोर दिया। उन्होंने आवश्यकतानुसार अतिरिक्त काउंटर संचालित करने के निर्देश दिए। उनका उद्देश्य है कि मरीजों को त्वरित सेवाएं मिलें और उन्हें लंबी कतारों में खड़ा न रहना पड़े। इसके लिए उन्होंने मैनपावर के प्रभावी नियोजन की बात कही।

ट्रॉमा और आपातकालीन सेवाओं का सुदृढ़ीकरण

एमडीएम अस्पताल में बड़ी संख्या में ट्रॉमा केस पहुंचते हैं। इसे देखते हुए सचिव ने ट्रॉमा प्रबंधन को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता से पूरा करने को कहा। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधारभूत चिकित्सा ढांचे को विकसित करने पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि आपातकालीन सेवाओं में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

राज्य सरकार सरकारी अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक मरीज को नि:शुल्क दवा, नि:शुल्क जांच और नि:शुल्क ऑपरेशन उपलब्ध करवाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

चिकित्सा संसाधनों का विस्तार

श्रीमती राठौड़ ने मीडिया से बातचीत में बताया कि मेडिकल कॉलेजों को 'स्पॉट परचेज' की सुविधा दी गई है। इससे आपात स्थितियों में संसाधनों की कमी नहीं होगी और मरीजों पर आर्थिक भार नहीं पड़ेगा। बढ़ते मरीज भार को देखते हुए अतिरिक्त नर्सिंग स्टाफ और अन्य कार्मिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार चिकित्सा ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रही है। इस निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर आलोक रंजन, प्रिंसिपल बी.एस. जोधा और अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद रहे। इस दौरे से अस्पताल की व्यवस्थाओं में बड़े सुधार की उम्मीद है।

*Edit with Google AI Studio

← पूरा आर्टिकल पढ़ें (Full Version)