नई दिल्ली | अक्सर जिम में भारी वजन उठाते समय, लंबे समय तक कब्ज रहने पर या जोर से खांसने के दौरान हमें पेट या जांघ के पास एक हल्का उभार महसूस होता है। ज्यादातर लोग इसे मांसपेशियों का खिंचाव या मामूली सूजन मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन मेडिकल साइंस के अनुसार, यह हर्निया की शुरुआती दस्तक हो सकती है।
क्या है हर्निया?
मेयो क्लिनिक की रिपोर्ट के अनुसार, हर्निया तब होता है जब शरीर का कोई आंतरिक अंग मांसपेशियों की एक कमजोर दीवार को फाड़कर बाहर निकलने लगता है। रिसर्च बताती है कि पुरुषों में 'इनगुइनल हर्निया' (जांघ के पास) सबसे आम है। महिलाओं में गर्भावस्था के बाद नाभि के पास हर्निया की संभावना अधिक रहती है।
इन 3 चेतावनी संकेतों को पहचानें
हर्निया की सबसे बड़ी पहचान यह है कि यह उभार आपके लेटने पर गायब हो जाता है और खड़े होने या खांसने पर दोबारा बाहर निकल आता है। प्रभावित हिस्से में आपको भारीपन या खिंचाव महसूस हो सकता है। झुकते समय या सीढ़ियां चढ़ते समय यह दर्द और अधिक तेज हो सकता है। गांठ के आसपास तेज जलन होना भी एक लक्षण है। अगर यह गांठ सख्त हो जाए और वापस अंदर न जाए, तो यह मेडिकल इमरजेंसी का संकेत है।
विशेषज्ञ की राय
वरिष्ठ सर्जन डॉ. नवीन शर्मा के अनुसार, हर्निया एक मैकेनिकल समस्या है जिसे योग या दवाई से ठीक नहीं किया जा सकता। सर्जरी ही इसका एकमात्र समाधान है। सबसे बड़ा खतरा तब होता है जब आंत का हिस्सा मांसपेशियों की दरार में फंस जाता है। इसे 'स्ट्रैंगुलेशन' कहते हैं, जो कुछ ही घंटों में जानलेवा हो सकता है।
बचाव और सावधानी
हर्निया से बचने के लिए भारी वजन उठाते समय घुटनों को मोड़ें, न कि कमर को। इससे पेट की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता है। कब्ज से बचने के लिए फाइबर युक्त आहार लें ताकि शौच के दौरान जोर न लगाना पड़े। अत्यधिक मोटापा भी पेट की दीवारों पर दबाव डालता है।
सर्जरी के जरिए इलाज
हर्निया को शुरुआती चरण में 'लैप्रोस्कोपिक सर्जरी' के जरिए बहुत आसानी से ठीक किया जा सकता है। असामान्य उभार दिखने पर तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लें।