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चुनाव आयोग और IAS में तीखी बहस: चुनाव आयोग की बैठक में IAS अनुराग यादव और मुख्य चुनाव आयुक्त के बीच तीखी बहस, पर्यवेक्षक पद से हटाए गए

बलजीत सिंह शेखावत · 10 अप्रैल 2026, 02:00 दोपहर
पश्चिम बंगाल चुनाव की तैयारियों को लेकर हुई वर्चुअल बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त और आईएएस अनुराग यादव के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बुनियादी सवालों का जवाब न दे पाने और बहस के बाद यादव को पर्यवेक्षक पद से हटा दिया गया है।

कोलकाता | पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों की सुगबुगाहट के बीच प्रशासनिक गलियारों में भारी हलचल देखने को मिल रही है। हाल ही में चुनाव आयोग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान एक अभूतपूर्व स्थिति पैदा हो गई। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस वर्चुअल बैठक में उत्तर प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनुराग यादव के साथ उनकी तीखी बहस हो गई। यह घटना अब प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है।

समीक्षा बैठक में उपजा गंभीर विवाद

निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में जमीनी तैयारियों का जायजा लेने के लिए नियमित बैठकें कर रहा है। इसी क्रम में बुधवार को सभी तैनात पर्यवेक्षकों के साथ विस्तृत संवाद किया जा रहा था। आईएएस अनुराग यादव को पश्चिम बंगाल के संवेदनशील कूच बिहार जिले में चुनाव पर्यवेक्षक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बैठक के दौरान उनसे उनके आवंटित क्षेत्र की बुनियादी जानकारी मांगी गई थी। मुख्य चुनाव आयुक्त ने पोलिंग बूथों की कुल संख्या, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल किए। सूत्रों के अनुसार, अनुराग यादव इन बुनियादी सवालों का तुरंत और सटीक जवाब देने में असमर्थ रहे। जवाब देने में हुई देरी पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने कोई कड़ी टिप्पणी कर दी, जिससे आईएएस अधिकारी काफी आहत हो गए। अनुराग यादव ने इस पर तुरंत और अत्यंत सख्त प्रतिक्रिया व्यक्त की।

IAS अधिकारी का कड़ा और स्पष्ट रुख

उन्होंने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि उनसे इस लहजे में बात नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने अपने प्रशासनिक करियर के लंबे अनुभव का उल्लेख करते हुए गरिमा और सम्मान बनाए रखने की मांग की। अनुराग यादव ने कहा कि उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा में 25 साल का लंबा समय बिताया है। वह अपने पद और वरिष्ठता के अनुरूप एक गरिमापूर्ण व्यवहार की अपेक्षा रखते हैं। इस तीखी नोकझोंक के बाद वर्चुअल बैठक में कुछ समय के लिए असहज सन्नाटा पसर गया। हालांकि, बाद में माहौल को सामान्य कर चर्चा को आगे बढ़ाया गया लेकिन विवाद का असर कम नहीं हुआ। घटना के कुछ ही घंटों बाद चुनाव आयोग ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया। आईएएस अनुराग यादव को चुनाव पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।

आयोग की कार्रवाई और करियर प्रोफाइल

आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सफाई दी कि यह निर्णय केवल बहस के कारण नहीं लिया गया है। अधिकारी की कार्यक्षमता और चुनाव संबंधी तैयारियों में कमी को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है। अनुराग यादव उत्तर प्रदेश कैडर के एक बेहद अनुभवी आईएएस अधिकारी हैं। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश सरकार में सोशल वेलफेयर और सैनिक कल्याण विभाग के प्रधान सचिव पद पर तैनात हैं। इससे पहले वह आईटी विभाग और राज्य के अन्य महत्वपूर्ण मंत्रालयों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनकी गिनती राज्य के सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में की जाती है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव जैसे संवेदनशील कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या जानकारी का अभाव कतई स्वीकार्य नहीं है। इसी कारण यादव को उनकी भूमिका से मुक्त कर दिया गया है।

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