टोंक | राजस्थान के टोंक जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब जिला कलक्टर टीना डाबी के सरकारी आवास में एक विशालकाय जहरीला कोबरा सांप देखा गया। करीब 5 फीट लंबे इस सांप को देखकर आवास पर तैनात कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए।
जैसे ही सांप परिसर में रेंगता हुआ दिखाई दिया, वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अन्य कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तत्काल इसकी सूचना सिविल डिफेंस टीम को दी गई ताकि किसी अनहोनी को टाला जा सके।
निजी सहायक ने सबसे पहले देखा
जानकारी के अनुसार, सबसे पहले जिला कलक्टर के निजी सहायक की नजर इस खतरनाक सांप पर पड़ी थी। सांप आवास के गार्डन वाले हिस्से में फन फैलाकर बैठा हुआ था।
सहायक ने तुरंत सतर्कता बरतते हुए अन्य कर्मचारियों को दूर रहने की सलाह दी। इसके तुरंत बाद ही टोंक सिविल डिफेंस की रेस्क्यू टीम को फोन कर घटना की विस्तृत जानकारी दी गई।
आधे घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही सिविल डिफेंस के अनुभवी सदस्य गालिब खान अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि कोबरा काफी आक्रामक मुद्रा में था और लगातार फुफकार रहा था।
गालिब खान ने बताया कि कोबरा को काबू में करना आसान नहीं था। सांप करीब 20 मिनट तक एक ही जगह पर फन फैलाकर बैठा रहा, जिससे रेस्क्यू टीम को भी सावधानी बरतनी पड़ी।
करीब 30 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने विशेष उपकरणों की सहायता से कोबरा को सुरक्षित पकड़ लिया। सांप के पकड़े जाने के बाद ही कर्मचारियों ने चैन की सांस ली।
नाजा प्रजाति का था कोबरा
रेस्क्यू टीम के मुताबिक, यह सांप 'नाजा' प्रजाति का कोबरा था, जिसे भारत के सबसे जहरीले सांपों में गिना जाता है। जांच में पाया गया कि कोबरा ने हाल ही में किसी शिकार को निगला था।
शिकार करने के कारण वह कुछ समय के लिए सुस्त अवस्था में पड़ा रहा। हालांकि, रेस्क्यू के दौरान उसने अपना स्वाभाविक आक्रामक रुख दिखाया, जो इस प्रजाति की मुख्य पहचान है।
कलक्टर आवास पर नहीं थीं मौजूद
राहत की बात यह रही कि जब यह घटना हुई, उस समय जिला कलक्टर टीना डाबी अपने आवास पर मौजूद नहीं थीं। वे किसी प्रशासनिक कार्य के सिलसिले में बाहर गई हुई थीं।
रेस्क्यू टीम ने सांप को एक सुरक्षित डिब्बे में बंद किया और बाद में उसे शहर से दूर घने जंगल में छोड़ दिया। प्रशासन ने अब परिसर की सफाई और सुरक्षा के कड़े निर्देश दिए हैं।
बदलते मौसम का असर
गालिब खान ने बताया कि वर्तमान में मौसम में हो रहे बदलाव के कारण बिलों में पानी या गर्मी बढ़ने से सांप बाहर निकलने लगते हैं। ऐसे में रिहायशी इलाकों में इनका आना आम हो जाता है।
उन्होंने जनता से अपील की है कि अगर कहीं भी सांप दिखाई दे, तो उसे मारने के बजाय विशेषज्ञ टीम को सूचना दें। वन्यजीवों का संरक्षण और मानवीय सुरक्षा दोनों ही बेहद महत्वपूर्ण हैं।
टोंक की 68वीं कलक्टर हैं टीना डाबी
उल्लेखनीय है कि चर्चित आईएएस अधिकारी टीना डाबी ने हाल ही में टोंक जिला कलक्टर के रूप में कार्यभार संभाला है। इससे पहले वे बाड़मेर जिले में अपनी सेवाएं दे रही थीं।
टोंक जिले के इतिहास में टीना डाबी 68वीं जिला कलक्टर के तौर पर नियुक्त हुई हैं। उनकी कार्यशैली और सक्रियता के कारण वे हमेशा चर्चा में रहती हैं, और अब इस घटना ने सबका ध्यान खींचा है।