IND vs ENG 4th T20: भारत की शर्मनाक हार
भारतीय क्रिकेट टीम को इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में 9 विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा।
इस हार के साथ ही भारतीय टीम ने लगातार दूसरी टी20 सीरीज भी गंवा दी है। मैच के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर टीम के प्रदर्शन से बेहद निराश नजर आए और उन्होंने हार की वजहों पर खुलकर बात की।
कप्तान अय्यर ने बताई हार की असली वजह
कप्तान श्रेयस अय्यर ने मैच के बाद कहा, "यह एक निराशाजनक प्रदर्शन था। 158 रनों का स्कोर बोर्ड पर काफी नहीं था और आखिर में हमने देखा कि उन्होंने कितनी आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया।"
उन्होंने अपनी गेंदबाजी योजनाओं पर भी बात की। अय्यर ने कहा, "जब हम गेंदबाजी करने आए तो मैंने गेंदबाजों से बस यही कहा कि वे लेंथ को जितना हो सके, उतना दोहराएं, क्योंकि मिडिल और लेग स्टंप के ऊपर गेंदबाजी करना मुश्किल था।"
योजनाओं को लागू करने में विफल
अय्यर ने स्वीकार किया कि टीम अपनी योजनाओं को मैदान पर उतारने में कमजोर रही। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हम अपनी योजनाओं को अमल में लाने में थोड़ा कमजोर रहे। जब हमने गति बदलने या कुछ अलग करने की कोशिश की तो उन्हें बाउंड्री मिल गईं।"
ताश के पत्तों की तरह बिखरी भारतीय बल्लेबाजी
इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। टीम के कई प्रमुख बल्लेबाज सस्ते में पवेलियन लौट गए।
वैभव सूर्यवंशी लगातार तीसरे मैच में नाकाम रहे और केवल 15 रन बना सके। वहीं, अभिषेक शर्मा भी 16 रन बनाकर आदिल रशीद का शिकार बने।
ईशान किशन (4 रन) का खराब फॉर्म जारी रहा, जबकि शिवम दुबे 23 गेंदों में महज 22 रन ही बना पाए। तिलक वर्मा ने 11 रन, वॉशिंगटन सुंदर ने 5 रन और अक्षर पटेल ने सिर्फ 1 रन का योगदान दिया।
अय्यर की अकेली लड़ाई गई बेकार
एक छोर पर जहां विकेटों का पतझड़ जारी था, वहीं दूसरे छोर पर कप्तान श्रेयस अय्यर डटे रहे। उन्होंने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 49 गेंदों में 4 चौकों और 5 छक्कों की मदद से नाबाद 80 रन बनाए।
हालांकि, उन्हें दूसरे छोर से किसी भी बल्लेबाज का साथ नहीं मिल सका, जिसके कारण टीम एक बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही। अय्यर ने कहा, "मैं अपने प्रदर्शन से खुश हूं, लेकिन जब यह टीम की जीत की वजह नहीं बनता, तो इसका कोई खास मतलब नहीं रह जाता।"
'बदलाव के दौर से गुजर रही है टीम'
कप्तान ने युवा खिलाड़ियों का बचाव करते हुए कहा कि टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है।
उन्होंने कहा, "यह बदलाव का दौर है और हम कई गलतियां करेंगे। बहुत सारे युवा खिलाड़ी पहली बार इन परिस्थितियों में खेल रहे हैं। ये गलतियां हमें यह समझने में मदद करेंगी कि विदेशी परिस्थितियों में कैसे तालमेल बैठाना है। हमें जल्दी सीखना होगा।"
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