लॉर्ड्स | भारत और इंग्लैंड की महिला टीमों के बीच लॉर्ड्स में खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में भारतीय खिलाड़ी ऋचा घोष ने अपने हरफनमौला प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया है। उन्होंने न केवल बल्ले से तूफानी पारी खेली, बल्कि फील्डिंग के दौरान एक ऐसा हैरतअंगेज कैच लपका, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है।
ऋचा घोष का अविश्वसनीय कैच
मैच के चौथे दिन के खेल के दौरान, स्पिनर स्नेहा राणा गेंदबाजी कर रही थीं। उन्होंने ऑफ-स्टंप के बाहर एक अच्छी गेंद डाली, जिस पर इंग्लैंड की बल्लेबाज मैडी विलियर्स ने आगे बढ़कर जोरदार ड्राइव खेला।
गेंद गोली की रफ्तार से सिली पॉइंट की तरफ गई, जहां ऋचा घोष तैनात थीं। शॉट इतना तेज था कि किसी को भी प्रतिक्रिया देने का मौका नहीं मिलता, लेकिन ऋचा ने अद्भुत चपलता दिखाते हुए गेंद को हवा में ही लपक लिया।
दर्द से कराह उठीं ऋचा
शॉट में इतनी ताकत थी कि गेंद सीधे उनकी दाहिनी हथेली में चिपक गई। कैच पूरा करते ही ऋचा दर्द से कराह उठीं और अपना हाथ झटकने लगीं। हालांकि, उन्होंने गेंद को गिरने नहीं दिया और विलियर्स को पवेलियन की राह दिखा दी।
बल्लेबाज मैडी विलियर्स को तो यकीन ही नहीं हुआ कि यह कैच लपक लिया गया है। वह कुछ देर तक हैरानी में क्रीज पर ही खड़ी रहीं। यह कैच मैच के सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक था।
बल्ले से भी दिखाया दम, जड़ा तूफानी अर्धशतक
इससे पहले, ऋचा घोष ने भारतीय टीम की दूसरी पारी में अपनी बल्लेबाजी से भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए पांचवां सबसे तेज अर्धशतक जड़ दिया।
ऋचा 52 गेंदों पर 8 चौकों की मदद से 50 रन बनाकर नाबाद रहीं। इस पारी के साथ उन्होंने अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। इससे पहले उन्होंने 2024 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चेन्नई में 54 गेंदों पर अर्धशतक लगाया था।
भारतीय महिला टीम के सबसे तेज टेस्ट अर्धशतक
टेस्ट क्रिकेट में भारतीय महिला टीम के लिए सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड संगीता दबीर के नाम है, जिन्होंने 1995 में इंग्लैंड के खिलाफ कोलकाता में मात्र 42 गेंदों में यह कारनामा किया था। इस सूची में दूसरे स्थान पर शुभा सतीश (49 गेंद) हैं, जबकि स्मृति मंधाना तीसरे (50 गेंद) और चौथे (51 गेंद) स्थान पर काबिज हैं।
मैच का हाल: जीत से 4 विकेट दूर भारत
इस ऐतिहासिक टेस्ट मैच की बात करें तो इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 285 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी महज 170 रनों पर सिमट गई, जिससे भारत को 115 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त मिली।
भारत ने अपनी दूसरी पारी 7 विकेट पर 341 रन बनाकर घोषित कर दी और इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 457 रनों का विशाल लक्ष्य रखा। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने 130 रन पर अपने 6 विकेट गंवा दिए हैं। इंग्लैंड को जीत के लिए अभी भी 327 रनों की जरूरत है, जबकि भारत इतिहास रचने से सिर्फ 4 विकेट दूर है।
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