राजस्थान

छात्रों पर लाठीचार्ज: सरकार पर हमला: झारखंड: छात्रों पर लाठीचार्ज, परनामी ने सरकार को घेरा

Pradeep Beedawat · 10 अगस्त 2026, 08:59 रात
भाजपा नेता अशोक परनामी ने झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कांग्रेस-जेएमएम सरकार पर तीखा हमला बोला और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया।

जयपुर | भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने झारखंड में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला करार देते हुए कांग्रेस और जेएमएम की गठबंधन सरकार पर तीखा प्रहार किया है।

सरकार की दमनकारी मानसिकता का प्रमाण

अशोक परनामी ने कहा कि पूरा देश देख रहा है कि झारखंड में छात्र कितने शांतिपूर्ण, मर्यादित और अनुशासित तरीके से अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा, "लेकिन उनकी मांगों को सुनने और समझने के बजाय, सरकार उन्हें लाठियों से जवाब दे रही है। यह जेएमएम-कांग्रेस सरकार की दमनकारी मानसिकता का स्पष्ट प्रमाण है।"

विपक्षी दलों के दोहरे मापदंड पर उठाए सवाल

परनामी ने विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उनके दोहरे मापदंड पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जो नेता राजस्थान के कोटा से लेकर प्रयागराज तक छात्रों के मुद्दों पर बहुत मुखर दिखाई देते हैं, उन्हें झारखंड के छात्रों की आवाज क्यों नहीं सुनाई दे रही है?

उन्होंने आगे कहा, "झारखंड में कांग्रेस समर्थित सरकार होने के कारण राहुल गांधी सहित अन्य विपक्षी दलों की इतने दिनों की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े करती है।"

जंतर-मंतर और झारखंड में अलग रवैया क्यों?

परनामी ने सवाल उठाया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वालों के लोकतांत्रिक अधिकारों की वकालत करने वाले राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं का रवैया झारखंड के छात्रों के मामले में अलग क्यों है?

उन्होंने जोर देकर कहा, "एक ही लोकतांत्रिक देश में प्रदर्शनकारियों के लिए अलग-अलग मापदंड नहीं हो सकते। यह सरासर अन्याय है।"

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग

भाजपा नेता ने स्पष्ट किया कि झारखंड में छात्र केवल पेपर लीक के मुद्दे को लेकर ही आंदोलन नहीं कर रहे हैं। वे परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं एवं पारदर्शिता को लेकर भी गंभीर सवाल उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा, "जब युवाओं के भविष्य से जुड़ा इतना गंभीर विषय सामने हो, तब सरकार की पहली जिम्मेदारी उनकी बात सुनने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की होती है, न कि उनके आंदोलन को बलपूर्वक दबाने की।"

संवेदनहीनता की पराकाष्ठा

परनामी ने कहा कि झारखंड के छात्र कोई विशेष सुविधा नहीं मांग रहे हैं, वे केवल अपने भविष्य और एक निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, "ऐसे में उन पर बल प्रयोग करना संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। छात्रों ने पारदर्शी परीक्षा मांगी थी, लेकिन बदले में उन्हें लाठियां मिलीं। हक मांगने पर सरकार ने युवाओं को जवाब के रूप में जख्म दिए हैं।"

सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग

अशोक परनामी ने मांग की कि झारखंड सरकार को तुरंत छात्रों की मांगों पर संवाद शुरू करना चाहिए।

उन्होंने यह भी मांग की कि लाठीचार्ज की घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और परीक्षा एवं भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं।

अंत में उन्होंने कहा, "युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों पर राजनीति करने के बजाय, सरकार को अपनी जवाबदेही तय करनी चाहिए और छात्रों को न्याय दिलाना चाहिए।"

*Edit with Google AI Studio

← पूरा आर्टिकल पढ़ें (Full Version)