बीकानेर | उत्तर पश्चिम रेलवे के बीकानेर मंडल में एक टिकट जांच अधिकारी की सतर्कता ने दो बच्चों को उनके परिवार से सुरक्षित मिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह घटना गाड़ी संख्या 22738 में टिकट जांच के दौरान सामने आई।
रेल CTI की सतर्कता से बचे बच्चे: रेल CTI की सतर्कता: ट्रेन में मिले दो बच्चों को बचाया
बीकानेर में सीटीआई सुरेंद्र मीणा ने ट्रेन में मिले दो बच्चों को सुरक्षित चाइल्ड हेल्प डेस्क को सौंपा, जिसके बाद वे अपने माता-पिता से मिल सके।
HIGHLIGHTS
- CTI सुरेंद्र मीणा को ट्रेन में दो बच्चे संदिग्ध अवस्था में मिले।
- पूछताछ में पता चला कि बच्चे घर से भागकर आए थे।
- मीणा ने बच्चों को बीकानेर में चाइल्ड हेल्प डेस्क को सुरक्षित सौंपा।
- बच्चों को सफलतापूर्वक उनके माता-पिता को वापस सौंप दिया गया।
संबंधित खबरें
CTI सुरेंद्र मीणा की सतर्कता
ट्रेन में टिकट जांच करते समय, सीटीआई (मुख्य टिकट निरीक्षक) सुरेंद्र मीणा ने दो बच्चों को संदिग्ध अवस्था में यात्रा करते हुए देखा।
जब श्री मीणा ने उनसे पूछताछ की, तो बच्चों ने बताया कि वे अपने घर से निकलकर आए हैं।
बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की
संबंधित खबरें
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए, सीटीआई सुरेंद्र मीणा ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने दोनों बच्चों को अपनी सुरक्षा में ले लिया ताकि वे सुरक्षित रहें।
चाइल्ड हेल्प डेस्क को सौंपा
ट्रेन के बीकानेर रेलवे स्टेशन पहुंचने पर, श्री मीणा ने दोनों बच्चों को सुरक्षित रूप से चाइल्ड हेल्प डेस्क, बीकानेर को सौंप दिया।
चाइल्ड हेल्प डेस्क ने आवश्यक कार्यवाही पूरी की और दोनों बच्चों को उनके माता-पिता को सकुशल सौंप दिया।
रेल प्रशासन ने की सराहना
रेल प्रशासन ने सीटीआई सुरेंद्र मीणा की इस सतर्कता, संवेदनशीलता और त्वरित कार्यवाही की प्रशंसा की है।
प्रशासन ने यह भी कहा कि रेल यात्रा के दौरान किसी भी संदिग्ध या असहाय बच्चे की सूचना तत्काल रेलवे अधिकारियों, आरपीएफ या चाइल्ड हेल्प डेस्क को दी जानी चाहिए, ताकि ऐसे बच्चों की समय पर मदद सुनिश्चित की जा सके।