मुंबई | अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अपने दूसरे भारत दौरे के तहत मंगलवार को मुंबई पहुंचे। मुंबई में आयोजित 'फ्रीडम 250' रिसेप्शन कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
व्यापारिक संबंधों पर जोर
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस अवसर पर कहा कि अमेरिका की स्वतंत्रता के 250 साल पूरे होने का जश्न मनाने के लिए भारत की आर्थिक राजधानी से बेहतर कोई जगह नहीं है।
उन्होंने कहा कि यहां मौजूद नेता और इनोवेटर दोनों देशों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊर्जा और पूंजी प्रदान कर रहे हैं।
ट्रंप प्रशासन की प्राथमिकताएं
राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि केवल भविष्य की बातें न करें, बल्कि ठोस नतीजे लाएं और उन्हें सच करके दिखाएं।
अमेरिकी और भारतीय नेतृत्व ने द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया है।
500 अरब डॉलर का लक्ष्य
वर्तमान में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार 240 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है। अब दोनों देशों का मुख्य लक्ष्य अगले तीन वर्षों में इसे 500 अरब डॉलर से अधिक करना है।
व्यापार के लिए सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा, रक्षा और सुपर इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में असीम अवसर मौजूद हैं।
मुंबई में अमेरिकी कंपनियों का दबदबा
मुंबई में वर्तमान में 500 से अधिक बड़ी अमेरिकी कंपनियां सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। इनमें गूगल, मेटा, आईबीएम, फाइजर और जेपी मॉर्गन चेस जैसे दिग्गज संस्थान शामिल हैं।
मुंबई स्टॉक एक्सचेंज में विदेशी पूंजी का सबसे बड़ा हिस्सा अमेरिकी संस्थागत निवेशकों का है। यह भारत की आर्थिक प्रगति पर उनके गहरे भरोसे को दर्शाता है।
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