कांडला | मध्य-पूर्व में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच जारी भारी तनाव के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय ध्वज वाला एलपीजी पोत 'जग विक्रम' सफलतापूर्वक 20,400 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर गुजरात के कांडला बंदरगाह पर सुरक्षित पहुंच गया है। मंगलवार देर रात यह पोत कांडला बंदरगाह के ऑयल जेटी नंबर 1 पर पहुंचा। अधिकारियों ने तुरंत ही टैंकर को खाली करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आपूर्ति श्रृंखला को मिलेगी मजबूती
इस पोत के सुरक्षित आगमन से देश की एलपीजी आपूर्ति श्रृंखला को काफी मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है। ईरान और अमेरिका के बीच 7 अप्रैल को युद्ध विराम लागू होने के बाद 11 अप्रैल को 'जग विक्रम' ने होर्मुज पार किया था। युद्ध विराम के बाद यह पहला भारतीय जहाज है, जिसने सफलतापूर्वक होर्मुज स्ट्रेट की चुनौतीपूर्ण और सामरिक सीमा को पार किया है।
15 जहाज अब भी हैं फंसे
हालांकि, अभी भी चुनौतियां बरकरार हैं क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय झंडे वाले कुल 15 जहाज फंसे हुए हैं। बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय तथा विदेश मंत्रालय इन जहाजों की सुरक्षित वापसी के लिए निरंतर उच्च स्तरीय प्रयास कर रहे हैं। अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि हम विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर रहे हैं ताकि जहाजों को जल्द वापस लाया जा सके।
नाविकों की सुरक्षित वापसी
पिछले 24 घंटों में 93 भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी हुई है। अब तक मंत्रालय ने 2177 से अधिक नाविकों को सुरक्षित बचाया है। खाड़ी क्षेत्र में जहाजों और चालक दल की स्थिति पर सरकार पैनी नजर रखे हुए है और पिछले 24 घंटों में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का लगभग 90 फीसदी हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है, जो इस समुद्री मार्ग को जीवनरेखा बनाता है। 'जग विक्रम' का समय पर आगमन घरेलू बाजार में एलपीजी की कीमतों में स्थिरता और उपलब्धता सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगा। यह सफलता अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में भारत के बढ़ते कदमों और प्रभावी प्रबंधन को दर्शाती है।