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भारतीय संग्रहालय: बजट और रिक्तियां: भारतीय संग्रहालय में 80 पद खाली, 2014 से अब तक के बजट आवंटन और राजस्व का पूरा विवरण जारी

मानवेन्द्र जैतावत · 30 मार्च 2026, 02:07 दोपहर
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में भारतीय संग्रहालय के वित्तीय और परिचालन संबंधी आंकड़े पेश किए। रिपोर्ट में 2014 से अब तक के बजट आवंटन, रिक्त पदों और पर्यटकों की संख्या का खुलासा किया गया है।

नई दिल्ली |

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में भारतीय संग्रहालय के संबंध में महत्वपूर्ण आंकड़े प्रस्तुत किए हैं।

प्रशासनिक ढांचे में रिक्तियों की स्थिति

रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय संग्रहालय में स्वीकृत पदों की कुल संख्या 138 है। हालांकि, वर्तमान में केवल 58 पदों पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 80 पद रिक्त हैं।

इन रिक्तियों का प्रभाव संग्रहालय के दैनिक कार्यों और दीर्घकालिक संरक्षण परियोजनाओं पर पड़ सकता है। सरकार इन पदों को भरने की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

वित्तीय आवंटन का दशक भर का विश्लेषण

वर्ष 2014 से 2026 तक के बजट आवंटन का विवरण अनुलग्नक-I में दिया गया है। वित्त वर्ष 2014-15 में कुल 2102.67 लाख रुपये आवंटित किए गए थे।

वर्ष 2016-17 में बजट आवंटन घटकर 990.48 लाख रुपये रह गया था, लेकिन इसके बाद इसमें लगातार वृद्धि देखी गई है। 2019-20 में यह आंकड़ा 3929.40 लाख रुपये तक पहुंच गया।

बजट के विभिन्न मदों का विवरण

2017-18 से बजट को जीआईए-जनरल, जीआईए-वेतन, जीआईए-सीसीए और जीआईए-एसएपी जैसे शीर्षों में विभाजित किया गया है। इससे वित्तीय पारदर्शिता में सुधार हुआ है।

वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान, कुल 3842.49 लाख रुपये आवंटित किए गए, जिसमें से 3279.81 लाख रुपये का सफलतापूर्वक उपयोग किया गया।

आगंतुकों की संख्या और राजस्व वृद्धि

भारतीय संग्रहालय में आने वाले पर्यटकों की संख्या में उतार-चढ़ाव देखा गया है। 2014-15 में 6.96 लाख आगंतुकों ने संग्रहालय का भ्रमण किया था।

वर्ष 2020-21 में कोविड-19 महामारी के कारण आगंतुकों की संख्या गिरकर 1.22 लाख रह गई थी, जिससे राजस्व पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा और यह केवल 79.66 लाख रुपये रहा।

राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

महामारी के बाद संग्रहालय के राजस्व में जबरदस्त उछाल आया है। वित्त वर्ष 2023-24 में संग्रहालय ने अपना अब तक का सर्वाधिक 641.32 लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया।

वर्ष 2024-25 में भी यह प्रदर्शन जारी रहा और 631.79 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। फरवरी 2026 तक आगंतुकों की संख्या 6.29 लाख दर्ज की गई है।

स्वच्छता और अन्य विशेष योजनाएं

संग्रहालय के बजट में 'स्वच्छता कार्य योजना' (SAP) के लिए भी निरंतर आवंटन किया जा रहा है। इसके तहत परिसर की सफाई और स्वच्छता मानकों को बनाए रखा जाता है।

सीसीए (पूंजीगत परिसंपत्तियों का निर्माण) मद के तहत संग्रहालय के बुनियादी ढांचे और प्रदर्शन दीर्घाओं के आधुनिकीकरण पर महत्वपूर्ण निवेश किया गया है।

निष्कर्ष और भविष्य की राह

वर्तमान वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 25 मार्च 2026 तक 3277 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। सरकार संग्रहालय की विरासत को संजोने के लिए प्रतिबद्ध है।

कुल मिलाकर, भारतीय संग्रहालय कोलकाता न केवल एक ऐतिहासिक धरोहर है, बल्कि यह देश के सांस्कृतिक पर्यटन के लिए राजस्व का एक बड़ा स्रोत भी बना हुआ है।

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