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रेलवे टिकट कन्फर्मेशन के नए नियम: भारतीय रेलवे का बड़ा फैसला: अब पहले तैयार होगा रिजर्वेशन चार्ट, वेटिंग टिकट वालों को मिलेगी बड़ी राहत

बलजीत सिंह शेखावत · 16 अप्रैल 2026, 05:37 शाम
भारतीय रेलवे ने ट्रेन रिजर्वेशन चार्ट तैयार करने के समय में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब यात्रियों को अपनी सीट कन्फर्म होने की जानकारी काफी पहले मिल जाएगी, जिससे यात्रा की योजना बनाना आसान होगा।

नई दिल्ली | भारतीय रेलवे ने करोड़ों यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए रिजर्वेशन चार्ट तैयार करने की प्रक्रिया में ऐतिहासिक बदलाव किया है। अब यात्रियों को टिकट कन्फर्मेशन के लिए आखिरी समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। रेल मंत्रालय के अनुसार, यह निर्णय यात्रियों की यात्रा संबंधी अनिश्चितता को दूर करने के लिए लिया गया है। इससे विशेषकर दूर-दराज के यात्रियों को अपनी यात्रा की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।

नए समय का विवरण

नई गाइडलाइंस के मुताबिक, सुबह 05:01 से दोपहर 14:00 बजे के बीच प्रस्थान करने वाली ट्रेनों का पहला चार्ट अब पिछले दिन रात 8 बजे तक तैयार कर लिया जाएगा। दोपहर 14:01 से रात के बीच चलने वाली ट्रेनों के लिए पहला चार्ट ट्रेन के समय से कम से कम 10 घंटे पहले उपलब्ध होगा। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की जा रही है।

यात्रियों को मिलने वाले लाभ

इस नई व्यवस्था से सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जो लंबी दूरी की यात्रा करते हैं। चार्ट जल्दी बनने से उन्हें वैकल्पिक साधनों के बारे में निर्णय लेने का पर्याप्त समय मिलेगा। साथ ही, आरएसी (RAC) और वेटिंग लिस्ट के यात्रियों को अब स्टेशन पहुंचने से काफी पहले यह पता चल जाएगा कि उन्हें बर्थ आवंटित हुई है या नहीं। इससे स्टेशनों पर भीड़ कम होगी।

डिजिटल सुधार की दिशा में कदम

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय डिजिटल इंडिया के विजन को मजबूती प्रदान करता है। अब यात्री मोबाइल ऐप और वेबसाइट के माध्यम से घर बैठे ही अपडेट प्राप्त कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, इस बदलाव से उन यात्रियों को भी मदद मिलेगी जो अंतिम समय में अपनी यात्रा की योजना बदलते हैं। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक यात्रियों को प्राथमिकता मिलेगी।

फाइनल चार्ट की भूमिका

हालांकि पहला चार्ट जल्दी बनेगा, लेकिन अंतिम या दूसरा चार्ट ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 30 मिनट पहले ही तैयार किया जाएगा। इसमें कैंसिलेशन के बाद खाली हुई सीटें भरी जाती हैं। यह नई समय-सारणी रेलवे के सभी जोनों में लागू की जाएगी। इससे उत्तर से लेकर दक्षिण तक के सभी रेल यात्रियों को समान रूप से लाभ मिलेगा और उनकी यात्रा अधिक सुखद हो सकेगी।

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