कृषि: कृषि विभाग द्वारा खरीफ मौसम से पूर्व सघन गुण नियंत्रण अभियान

कृषि विभाग द्वारा खरीफ मौसम से पूर्व सघन गुण नियंत्रण अभियान
खरीफ मौसम पूर्व डेढ माह का सघन गुण नियंत्रण अभियान
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Highlights

 कृषि आदानों में अनियमितताओं पर होगी कड़ी कार्यवाही
कई प्रकार की अनियमितताओं के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये

जयपुर। कृषि आदानों उर्वरक, बीज एवं कीटनाशी की उपलब्धता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कृषि आयुक्तालय द्वारा सभी जिला एवं खण्डीय कृषि(sectional farming) अधिकारियों को विभिन्न कृषि आदान निर्माता, विपणनकर्ता(marketer), डीलर और खुदरा व्यवसायियों(retailers) द्वारा की जा रही अनियमितताओं के खिलाफ कार्यवाही करने केे निर्देश दिये गये है।

कृषि अधिकारियों को दूकानों पर बिना प्राधिकार पत्र या विनिर्माण प्रमाण पत्र के उर्वरकों की कालाबाजारी, बिल बुक एवं स्टॉक रजिस्टर(stock register) निर्धारित प्रारूप में संधारित नही करना, अप्रमाणित स्टॉक रजिस्टर(uncertified stock register) उपयोग में लेना व अन्य कई प्रकार की अनियमितताओं के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये।


कृषि आयुक्त कन्हैया लाल स्वामी ने बताया कि खरीफ सीजन(Kharif season) शुरू होने वाला है। किसानों को उच्च गुणवत्ता युक्त कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए समस्त कृषि अधिकारियों को अपने क्षेत्राधिकार में उर्वरकों की उच्च गुणवत्ता एवं उपलब्धता सुनिश्चित करनेे के आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये गये है। उन्होेंने बताया कि इसके लिए राज्य में खरीफ मौसम(Kharif season) पूर्व डेढ माह का सघन गुण नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है जो कि 30 जून तक चलेगा।


उन्होंने कहा कि कृषि आदान निर्माताओं(agricultural input manufacturers) व विक्रेताओं के निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाये जाने पर नियमों, अधिनियमों व गुण नियंत्रण आदेशों द्वारा प्रदत्त प्रावधानों के तहत बिक्री(sales) पर रोक, जब्ती, लाईसेन्स निलम्बन(license suspension) या निरस्तीकरण जैसी कार्यवाही की जायेगी। 


कृृषि आयुक्त ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में प्रतिवर्ष खरीफ व रबी मौसम से पूर्व किसानों को गुणवत्तायुक्त कृषि आदानों(agricultural inputs) की उपलब्धता के लिए माह मई-जून एवं सितम्बर-अक्टूबर में विशेष गुण नियंत्रण अभियान संचालित किये जाते है। गुण नियंत्रण अभियान के तहत उर्वरक, बीज एवं कीटनाशी के नमूने लेने की प्रक्रिया राजकिसान पोर्टल(Rajkisan Portal) के ‘‘RajAgriQC‘‘ ऐप के माध्यम से ऑनलाइन सम्पादित(online editing) की जा रही है।

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