चंबल के डांग इलाके में दशकों तक आतंक का दूसरा नाम रहा जगन गुर्जर — जिसके खिलाफ 100 से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे — सोमवार दोपहर अजमेर की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जेल की एक बैरक में अपने ही साथी कैदी के हाथों गमछे से गला घोंटकर मार डाला गया।
धौलपुर जिले के डांग क्षेत्र के भवुतीपुरा गांव से ताल्लुक रखने वाले जगन गुर्जर के अपराध की दुनिया में कदम रखने की कहानी एक पारिवारिक त्रासदी और बदले से जुड़ी है।
1994 में जगन के जीजा की हत्या हो गई थी। इसका बदला लेने के लिए उसने गांव के ही एक व्यक्ति की हत्या कर दी, और पुलिस से बचने के लिए पत्नी व तीन भाइयों के साथ चंबल के बीहड़ों में शरण ले ली।
शुरुआत में जगन मोहन गुर्जर के गिरोह से जुड़ा। बाद में उसने अपने ही सरगना मोहन गुर्जर की हत्या कर खुद गैंग की कमान संभाल ली — यही कदम उसे चंबल के सबसे खतरनाक डकैतों में शुमार करा गया।
डांग क्षेत्र के गांवों में जगन का इतना खौफ था कि करीब 10 साल तक वहां कोई शादी-ब्याह तक नहीं हुआ।
चित्र सांकेतिक है — डांग/चंबल इलाके के तीन राज्यों में प्रभाव क्षेत्र दर्शाता है
वह घटनाक्रम जिसने जगन गुर्जर को राज्य की राजनीति और अपराध जगत दोनों में मशहूर कर दिया
गुर्जर आरक्षण आंदोलन चरम पर था। इसी दौरान जगन ने तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के धौलपुर स्थित महल को बम से उड़ाने की धमकी दे दी, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और उस पर ₹11 लाख का इनाम घोषित हुआ।
तीन राज्यों की पुलिस से घिरे जगन ने धौलपुर के कैमरी गांव में जगन्नाथ मेले के दौरान, तत्कालीन केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस नेता सचिन पायलट के सामने अपने पूरे गिरोह सहित हथियार डालकर सार्वजनिक सरेंडर किया।
सरेंडर के बाद जगन को करीब 8 साल जेल में बिताने पड़े। 6 मार्च 2017 को राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिलने पर वह बाहर आया।
सार्वजनिक रूप से रिपोर्ट हुई घटनाओं पर आधारित समयरेखा
जगन ने अपनी आपराधिक गतिविधियों में परिवार को भी शामिल रखा। उसने तीन शादियां कीं और उसके तीनों भाई भी आपराधिक मामलों में लिप्त रहे।
22 जनवरी 2022 को जगन ने एक वीडियो वायरल किया जिसमें उसने बाड़ी विधानसभा क्षेत्र के तत्कालीन कांग्रेस विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को जान से मारने की सीधी धमकी दी। इसके बाद पुलिस ने उस पर ₹50 हजार का इनाम रखा और करौली पुलिस ने जंगलों में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया।
हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, डकैती, अपहरण व रंगदारी सहित 100+ मामलों पर आधारित सांकेतिक विभाजन
जगन मार्च 2026 से अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल की बैरक नंबर 2 में बंद था, जहां वह भरतपुर के चर्चित कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु के साथ करीब तीन महीने से एक ही सेल में था।
सोमवार सुबह करीब 10 बजे नाश्ते के दौरान दोनों के बीच कहासुनी हुई। 11 बजे दोनों बैरक में लौटे, जहां विष्णु ने गमछे से जगन का गला घोंट दिया। पूछताछ में विष्णु ने बताया कि जगन छोटी-छोटी बातों पर उसे ताने मारता था और मानसिक रूप से परेशान करता था।
दोपहर 3 बजे जब जेल खुली तो हड़कंप मच गया। अजमेर SP हर्षवर्धन अग्रवाला सहित वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और FSL-MOB टीमों ने सबूत जुटाए। प्रारंभिक जांच में जगन के शरीर पर गला घोंटने के अलावा अन्य चोट के निशान नहीं मिले।
गुर्जर आंदोलन के दौरान 2008-09 में इनाम राशि अपने उच्चतम स्तर पर पहुंची
2008 में वसुंधरा राजे के महल को उड़ाने की धमकी के बाद इनाम ₹11 लाख के स्तर पर पहुंचा; 2022 में मलिंगा धमकी मामले में अलग से ₹50 हजार का इनाम घोषित हुआ।
समाचार चैनलों द्वारा प्रकाशित मूल रिपोर्ट्स — सीधे उनके आधिकारिक स्रोत से एम्बेड की गई हैं
मुख्य वीडियो
2022 — जगन गुर्जर का कांग्रेस विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को धमकाने वाला वायरल वीडियो (समाचार रिपोर्ट)
जगन गुर्जर की साथी कोमेश गुर्जर से जुड़ी कहानी पर आधारित रिपोर्ट
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यह पेज Patrika, Times Now Navbharat, Aaj Tak और The Lallantop की रिपोर्ट्स पर आधारित सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी का सारांश है (जून 2026 तक)। मृत्यु की परिस्थितियों की जांच अभी जारी है, इसलिए विवरण आगे बदल सकते हैं — स्क्रिप्ट बनाते समय नवीनतम पुष्टि की गई जानकारी की दोबारा जांच करने की सलाह दी जाती है।