एक दूरदर्शी उद्यमी, परोपकारी और 'यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन' (UGPF) के संस्थापक। 1977 में रामबाग पैलेस की रसोई के एक रसोइए से लेकर आज 300 करोड़ के डायवर्सिफाइड व्यापारिक साम्राज्य और वैश्विक शांति के पैरोकार तक की एक अद्वितीय और प्रेरणादायक यात्रा।
मेघराज सिंह रॉयल का जन्म सीकर जिले के खंडेला स्थित 'रॉयल' गाँव में कल्याण सिंह और रुक्मण कंवर के यहाँ हुआ। उनकी परवरिश गोगामेड़ी और श्रीगंगानगर में हुई। उनके पिता चाहते थे कि वे शिक्षक बनें, लेकिन मेघराज की नियति ने उनके लिए एक बड़ा और अलग मार्ग चुना था।
1977 में उनके करियर की शुरुआत जयपुर के प्रतिष्ठित 'रामबाग पैलेस' और 'गवर्नर हाउस' की रसोई में एक कुक (रसोइए) के रूप में हुई। यहीं से उन्होंने हॉस्पिटैलिटी की बारीकियां सीखीं। अनुभव बढ़ाने के लिए उन्होंने सऊदी अरब और बहरीन जैसे देशों में भी काम किया।
1985 में जब वे भारत लौटे, तो उनकी जेब में मात्र 1,400 रुपये थे। अपने सीमित संसाधनों के बावजूद, उन्होंने एक साहसिक कदम उठाया और जैसलमेर में ऊंटों के एक तबेले को 'ट्रायो' (Trio) नामक एक सफल रेस्तरां और 'नारायण विलास' होटल में बदल दिया। एक समय ऐसा भी आया जब उन पर 7 करोड़ रुपये का भारी कर्ज हो गया था, लेकिन अपने दृढ़ संकल्प और बुद्धिमत्ता से उन्होंने न केवल कर्ज चुकाया, बल्कि मार्बल, शराब और सैंड (रेत) के व्यापार में भी विविधीकरण किया।
आज मेघराज सिंह रॉयल 'द एमआरएस ग्रुप ऑफ कंपनीज' के संस्थापक हैं, जिसका विस्तार इंफ्रास्ट्रक्चर, माइनिंग, रियल एस्टेट और हॉस्पिटैलिटी में है। वे अपनी विरासत को अपने दो बेटों, मानवेंद्र और राघवेंद्र को सौंपते हुए भविष्य की ओर देख रहे हैं।
समावेशी विकास और अनुभवात्मक विलासिता (Experiential Luxury) का एक अनूठा व्यापारिक मॉडल, जिसने राजस्थान के पर्यटन को वैश्विक पटल पर रखा।
थार के रेगिस्तान में एक आधुनिक किला जो सांस्कृतिक और अनुभवात्मक पर्यटन का वैश्विक मॉडल बन चुका है।
बीकानेर के अंतिम शासक महाराजा नरेंद्र सिंह के निवास का समकालीन और ऐतिहासिक पुनरुद्धार।
बीकानेर का लक्ष्मी निवास पैलेस, बिनसर (उत्तराखंड) में मैरी बडेन एस्टेट, और 5 अन्य किलों/महलों का जीर्णोद्धार जारी है।
BOT मॉडल पर सड़क निर्माण, खनन (Mining), और जयपुर के बाहरी इलाके में 600 एकड़ की विशाल टाउनशिप का विकास।
मेघराज सिंह ने एक अप्रत्याशित रणनीति अपनाई—उन्होंने बाहरी विशेषज्ञों के बजाय स्थानीय मांगणियार गायकों, कारीगरों और निवासियों को ही अपने उद्यमों में भागीदार और कर्मचारी बनाया।
"सेवा के माध्यम से सद्भाव, शिक्षा के माध्यम से समानता, और मानवता के माध्यम से शांति"
(सर्वे भवन्तु सुखिनः - वसुधैव कुटुम्बकम्)
2024 में स्थापित, UGPF एक धर्मनिरपेक्ष (secular) और गैर-राजनीतिक संगठन है जिसे मेघराज सिंह रॉयल ने समाज सेवा को एक संस्थागत और व्यवस्थित ढांचा (Institutional Platform) देने के लिए बनाया। इसका उद्देश्य सरकार के संसाधनों और समाज की वास्तविक जरूरतों के बीच की खाई को पाटना है।
मार्च 2026 में मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया) की 'विक्टोरियन संसद' में UGPF के 'ऑस्ट्रेलिया चैप्टर' का ऐतिहासिक शुभारंभ ("कॉल फॉर कॉन्शियस") किया गया, जो इसे एक वैश्विक मंच बनाता है।
आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाशाली छात्रों को प्रशासनिक सेवाओं (IAS, IPS, RAS) और उच्च शिक्षा के लिए मुफ्त कोचिंग और वित्तीय सहायता। अब तक 350+ छात्रों को आधिकारिक रूप से गोद लिया गया है, ताकि संसाधनों के अभाव में कोई प्रतिभा न छूटे।
100 युवाओं के साथ शुरू किया गया पायलट प्रोजेक्ट। यह बेरोजगारी उन्मूलन के लिए 3 साल की पेड अप्रेंटिसशिप है, जिसमें ₹10,000 मासिक वजीफा, मुफ्त आवास-भोजन और प्रशिक्षण के बाद उद्यम शुरू करने हेतु वित्तीय सहायता शामिल है।
बंजर भूमि का उपयोग कर इको-पार्क और सोलर पार्क का एकीकरण। 4 एकड़ ज़मीन पर 1 मेगावाट का संयंत्र लगाकर सालाना ₹50 लाख की आय और लाखों लोगों के लिए रोजगार सृजन का सस्टेनेबल विज़न।
निराश्रित लड़कियों की शादी के लिए पूर्ण आर्थिक सहयोग और सम्मान सुनिश्चित करना। इसके अतिरिक्त, गौ-सेवा (Cow Protection) और पर्यावरण संरक्षण (2500+ पेड़ लगाने का अभियान) को बढ़ावा देना।
वैश्विक मंचों और सामाजिक पहलों में उपस्थिति।
Global Business Events
परोपकार और सम्मान
सामुदायिक भागीदारी
उनके प्रमुख संबोधन, साक्षात्कार और सामाजिक कार्यों की झलकियां।
सोशल मीडिया और आधिकारिक वेबसाइटों के माध्यम से नवीनतम अपडेट प्राप्त करें।
ताजा खबरें (thinQ360 पर)
विजुअल अपडेट्स, नवीनतम ईवेंट्स और सामाजिक कार्यों की दैनिक तस्वीरें देखने के लिए हमें इंस्टाग्राम पर फॉलो करें।
@the_mrs_official
सामाजिक इकोसिस्टम का विकास
1989 से परोपकार में सक्रिय मेघराज सिंह ने पिछले एक दशक में कई अलग-अलग संस्थाओं का निर्माण और सहयोग किया है।
शिक्षा और समानता के माध्यम से सशक्तिकरण
राजपूत विकास परिषद (RVP) - 2016
2016 में स्थापित, यह संस्था पूर्वी राजस्थान के 10 जिलों के समाज को एकजुट कर शिक्षा और रोजगार की क्रांति ला रही है। इसका मुख्य लक्ष्य EWS आरक्षण के लाभों को समाज के निचले तबके तक पहुंचाना और ऐतिहासिक गौरव के साथ आधुनिक शिक्षा का सामंजस्य स्थापित करना है। इसके तहत जयपुर में सिविल सेवा प्रशिक्षण केंद्र और अजमेर में लड़कियों का हॉस्टल शुरू किया गया।
नवजन (Navjan) - 2017
2017 में स्थापित, 'नवजन' युवाओं को सशक्त बनाने पर केंद्रित एक गैर-लाभकारी संगठन है। यह शिक्षा, समानता और उद्यमिता पर जोर देता है। जयपुर के 'सिविल सेवा शिक्षा केंद्र' के माध्यम से RAS और IAS के लिए मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके माध्यम से नीतू, किरण, अजय जैसे कई छात्रों ने सफलता प्राप्त की है और अधिकारी बने हैं।
कल्याण सिंह मेमोरियल गर्ल्स हॉस्टल (जोधपुर) - 2023
2023 में जोधपुर में स्थापित (लागत: ₹4.50 करोड़)। यहाँ 64 वंचित पृष्ठभूमि की लड़कियों के रहने और पढ़ने की पूर्णतया मुफ्त व्यवस्था है।
वीरांगनाओं का सम्मान
इस परिसर का सबसे संवेदनशील हिस्सा वीरांगनाओं (युद्ध विधवाओं) के लिए बनाए गए 12 (1 BHK) फ्लैट्स हैं, जहाँ वे पूरी सुरक्षा और सम्मान के साथ जीवन जी सकती हैं।
पर्यावरण: धुन प्रोजेक्ट और द आई लव फाउंडेशन
द आई लव फाउंडेशन (2013): जैसलमेर में 60+ सामुदायिक परियोजनाएं। 2358+ छात्रों ने मिलकर 8,180 KG कचरा साफ किया और 2500+ पेड़ लगाए।
धुन प्रोजेक्ट (जयपुर): यह पिछले 12 वर्षों का एक अथक प्रयास है, जिसमें जयपुर की 500 एकड़ बंजर भूमि को एक जीवंत और समृद्ध पारिस्थितिक तंत्र (ecosphere) में बदल दिया गया है।