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सामाजिक परिवर्तन की ओर एक कदम

प्रजना फाउंडेशन, जयपुर (राजस्थान) की एक विस्तृत शोध और प्रभाव रिपोर्ट। यह इंटरेक्टिव डैशबोर्ड हमारी यात्रा, डेटा और समाज में लाए गए सकारात्मक बदलावों को प्रदर्शित करता है।

संगठन और नेतृत्व

इस अनुभाग में फाउंडेशन की स्थापना, विजन और नेतृत्व के बारे में जानकारी दी गई है।

🌱 हमारा मिशन

प्रजना फाउंडेशन का मुख्य उद्देश्य समाज के वंचित वर्गों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास के माध्यम से सशक्त बनाना है। हम एक ऐसे समाज की कल्पना करते हैं जहां हर व्यक्ति को अपनी क्षमता पहचानने और विकसित करने का समान अवसर मिले।

Jaipur
मुख्यालय
2018
स्थापना वर्ष

नेतृत्व: प्रीति शर्मा

संस्थापक एवं अध्यक्ष, प्रजना फाउंडेशन

"सच्चा विकास तभी संभव है जब हम समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें। प्रजना फाउंडेशन सिर्फ एक संस्था नहीं, बल्कि राजस्थान की ग्रामीण और शहरी मलिन बस्तियों में बदलाव लाने का एक संकल्प है। शिक्षा और जागरूकता ही वह कुंजी है जो पीढ़ियों का भविष्य बदल सकती है।"

मुख्य प्रभाव क्षेत्र

नीचे दिए गए कार्ड्स पर क्लिक करके हमारे विभिन्न कार्य क्षेत्रों की विस्तृत जानकारी प्राप्त करें।

बाल शिक्षा पहल

हमारा मानना है कि शिक्षा गरीबी उन्मूलन का सबसे सशक्त माध्यम है। जयपुर के बाहरी इलाकों में हम 'ज्ञान-ज्योति' कार्यक्रम चलाते हैं, जिसके तहत:

  • स्कूल छोड़ने वाले बच्चों के लिए ब्रिज कोर्स।
  • सरकारी स्कूलों में पुस्तकालयों की स्थापना।
  • डिजिटल साक्षरता के लिए कंप्यूटर लैब का निर्माण।

महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम

महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के लिए प्रजना फाउंडेशन विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित करता है।

  • सिलाई, कढ़ाई और हस्तशिल्प प्रशिक्षण।
  • स्वयं सहायता समूहों (SHG) का निर्माण और वित्तीय साक्षरता।
  • लघु उद्यम शुरू करने के लिए प्रारंभिक मार्गदर्शन और ऋण सहायता।

स्वास्थ्य और स्वच्छता अभियान

विशेषकर ग्रामीण राजस्थान में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को देखते हुए, हम नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाते हैं।

  • मासिक धर्म स्वच्छता (Menstrual Hygiene) पर जागरूकता अभियान और मुफ्त पैड वितरण।
  • नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर (आंख, दांत और सामान्य चिकित्सा)।
  • स्वच्छ पेयजल और पोषण के महत्व पर कार्यशालाएं।

डेटा विश्लेषिकी एवं प्रगति

यह डैशबोर्ड पिछले 5 वर्षों में संगठन के विकास और संसाधनों के वितरण को रेखांकित करता है।

वार्षिक लाभार्थी वृद्धि (2020-2024)

विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सीधे लाभान्वित होने वाले लोगों की संख्या में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है।

संसाधन एवं फंड आवंटन (2024)

संगठन का अधिकतम बजट सीधे तौर पर शिक्षा और महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों पर खर्च किया जाता है।

प्रभाव की कहानियाँ

आंकड़ों से परे, वास्तविक जीवन में आए बदलावों की झलक।

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रमा देवी: आत्मनिर्भरता की मिसाल

स्थान: बगरू, जयपुर | कार्यक्रम: महिला कौशल विकास

जयपुर के पास बगरू गाँव की रहने वाली रमा देवी के लिए जीवन कभी आसान नहीं था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। प्रजना फाउंडेशन के 'सिलाई और हस्तशिल्प प्रशिक्षण' शिविर से जुड़ने के बाद, उन्होंने ब्लॉक प्रिंटिंग का काम सीखा।

आज रमा देवी 10 अन्य महिलाओं के एक स्वयं सहायता समूह का नेतृत्व करती हैं और उनके बनाए उत्पाद स्थानीय बाजारों में बेचे जाते हैं। उनकी मासिक आय में 300% की वृद्धि हुई है, जिससे उनके बच्चे अब एक अच्छे स्कूल में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

💻

कंप्यूटर ने बदली दुनिया

स्थान: झालाना बस्ती, जयपुर | कार्यक्रम: बाल शिक्षा

झालाना बस्ती के एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले 14 वर्षीय विकास ने कभी कंप्यूटर नहीं देखा था। प्रजना फाउंडेशन द्वारा स्कूल में स्थापित 'डिजिटल लैब' ने उसके लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए।

फाउंडेशन के स्वयंसेवकों से कोडिंग की बुनियादी बातें सीखने के बाद, विकास ने हाल ही में जिला स्तर की विज्ञान प्रदर्शनी में एक छोटा सा शैक्षिक ऐप बनाकर प्रथम पुरस्कार जीता है।

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स्वच्छता से स्वास्थ्य तक

स्थान: सांगानेर ग्रामीण | कार्यक्रम: स्वास्थ्य जागरूकता

ग्रामीण क्षेत्रों में मासिक धर्म को लेकर कई भ्रांतियां और संकोच था, जिसके कारण किशोरियों को गंभीर संक्रमण का सामना करना पड़ता था। प्रजना फाउंडेशन द्वारा चलाए गए 'चुप्पी तोड़ो' अभियान ने सांगानेर के 15 गांवों में जागरूकता फैलाई।

अब वहां की महिलाएं न केवल सैनिटरी पैड का उपयोग कर रही हैं, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल पैड बनाने की छोटी इकाइयां भी स्थापित कर रही हैं। क्षेत्र में संबंधित संक्रमण के मामलों में 60% की कमी दर्ज की गई है।