मुंबई | इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 जैसे-जैसे अपने फाइनल की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे रोमांच भी बढ़ता जा रहा है। लेकिन इस रोमांच के बीच अब स्पॉट फिक्सिंग का डर भी सताने लगा है। इसी को देखते हुए आईपीएल की एंटी करप्शन सिक्योरिटी यूनिट (ACSU) ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है।
ACSU ने सभी खिलाड़ियों के लिए एक नई एडवाइजरी जारी की है, जिसमें उन्हें मैदान पर या डगआउट में स्मार्ट सनग्लासेस पहनने से साफ मना किया गया है। यह फैसला टूर्नामेंट की अखंडता को बनाए रखने के लिए लिया गया है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
यह एडवाइजरी तब जारी की गई जब यह बात सामने आई कि कई कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग के लिए खिलाड़ियों को स्मार्ट आईवियर भेज रही हैं। इन डिवाइस के गलत इस्तेमाल की आशंका को देखते हुए ACSU ने तुरंत एक्शन लिया।
स्पॉट फिक्सिंग का बढ़ता खतरा
टूर्नामेंट के अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण मैचों के दौरान सट्टेबाजी और फिक्सिंग का खतरा बढ़ जाता है। ACSU किसी भी तरह की अनहोनी को होने से पहले ही रोकना चाहती है, ताकि खेल की भावना बनी रहे। यह कदम उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
स्मार्ट डिवाइस से क्या है खतरा?
सूत्रों ने इस बात पर चिंता जताई है कि इन स्मार्ट ग्लासेस का इस्तेमाल गलत कामों के लिए किया जा सकता है। ये डिवाइस बाहरी दुनिया से संपर्क साधने का एक जरिया बन सकते हैं।
ACSU के अनुसार, "ये स्मार्ट डिवाइस लाइव-स्ट्रीमिंग करने, टेक्स्ट मैसेज भेजने और पाने, और मोबाइल डेटा या वाई-फाई के जरिए ऑडियो और वीडियो कॉल करने में सक्षम हैं, जिससे मैचों के दौरान बिना अनुमति के बातचीत और इनके गलत इस्तेमाल की आशंका बढ़ जाती है।"
इन डिवाइस के जरिए मैदान की लाइव जानकारी किसी बाहरी व्यक्ति को दी जा सकती है, जिसका इस्तेमाल सट्टेबाजी में हो सकता है। यह सीधे तौर पर खेल के नियमों का उल्लंघन है।
पहले से ही लागू हैं कड़े नियम
यह पहली बार नहीं है जब खिलाड़ियों पर ऐसे प्रतिबंध लगाए गए हैं। मैच के दौरान मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और किसी भी अन्य तरह के संचार उपकरण के इस्तेमाल पर पहले से ही पूरी तरह पाबंदी है। स्मार्ट ग्लासेस पर लगा यह नया बैन इसी नियम का एक विस्तार है।
आईपीएल 2026 के प्लेऑफ में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु फाइनल में पहुंच चुकी है, जबकि राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस के बीच फाइनल में जगह बनाने के लिए जंग जारी है। इस महत्वपूर्ण मोड़ पर ACSU का यह फैसला खेल को साफ-सुथरा रखने की उनकी प्रतिबद्धता को दिखाता है।
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