तेहरान | ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी ने अब एक खतरनाक मोड़ ले लिया है। ईरानी सेना के शक्तिशाली विंग, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को खुली चेतावनी दी है।
IRGC का कहना है कि ईरान की धरती पर या उसके हितों पर किसी भी अमेरिकी हमले का करारा और कठोर जवाब दिया जाएगा। हालिया हमलों से ईरानी सेना काफी आक्रोशित नजर आ रही है।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कुछ समय से तनाव कम करने के लिए बातचीत चल रही थी। उम्मीद थी कि जल्द ही कोई बड़ी डील हो सकती है, लेकिन हालिया हमलों ने सब बदल दिया।
अमेरिकी सेना ने हाल ही में ईरान की मिसाइल लॉन्च साइट्स को निशाना बनाया था। इसके अलावा, उन बोट्स को भी नष्ट किया गया जो समुद्र में माइन्स बिछाने का काम करती थीं।
CENTCOM के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स ने इन हमलों को जायज ठहराया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने यह कार्रवाई केवल आत्मरक्षा यानी 'सेल्फ डिफेंस' के लिए की है ताकि भविष्य के खतरों को रोका जा सके।
IRGC ने मार गिराया अमेरिकी ड्रोन
इस बढ़ते तनाव के बीच IRGC ने एक बड़ा दावा किया है। ईरानी सेना ने जानकारी दी कि उन्होंने अमेरिका का एक अत्याधुनिक MQ-9 कॉम्बैट ड्रोन मार गिराया है, जो उनकी सीमा के पास था।
IRGC ने इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी किया है। वीडियो में केशम के पास एक एयर डिफेंस मिसाइल के जरिए ड्रोन को निशाना बनाते हुए दिखाया गया है।
यह घटना अमेरिका के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है। ड्रोन को मार गिराने के बाद ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।
राजनयिक प्रयासों को लगा बड़ा झटका
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय ने इसे सीज़फायर समझौते का स्पष्ट उल्लंघन करार दिया है और अमेरिका पर कूटनीतिक बेईमानी का आरोप लगाया है।
"ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि किसी भी तरह की आक्रामकता को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ा जाएगा। यह कार्रवाई ईरानी राष्ट्र से किए गए वादों का उल्लंघन है।"
खास बात यह है कि पाकिस्तान इस पूरे विवाद में मध्यस्थता कर रहा था। लेकिन अमेरिकी हमलों के बाद अब राजनयिक प्रक्रिया और शांति की उम्मीदों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
ईरान का मानना है कि एक तरफ अमेरिका बातचीत का नाटक कर रहा है और दूसरी तरफ उसके सैन्य ठिकानों पर चोरी-छिपे हमले कर रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है।
होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की सख्त निगरानी
IRGC ने यह भी बताया कि वह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट पर पूरी नजर रख रहा है। पिछले 24 घंटों में वहां से 25 जहाज ईरानी समन्वय के तहत सुरक्षित गुजरे हैं।
ईरानी नौसेना के अनुसार, तेल टैंकरों और वाणिज्यिक जहाजों को अनुमति मिलने के बाद ही इस जलमार्ग को पार करने दिया गया। ईरान यहां अपनी पकड़ और संप्रभुता को लेकर काफी गंभीर है।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। यहां ईरान की बढ़ती सक्रियता और अमेरिका के साथ टकराव वैश्विक तेल बाजार के लिए चिंता का विषय है।
निष्कर्ष के तौर पर, ईरान और अमेरिका के बीच यह नया विवाद मध्य पूर्व में बड़ी अस्थिरता पैदा कर सकता है। अगर दोनों तरफ से जवाबी हमले जारी रहे, तो इसके परिणाम पूरी दुनिया के लिए घातक होंगे।
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