ईरान-ओमान समझौते में देरी से कच्चे तेल में उबाल
ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने को लेकर समझौते में हो रही देरी का असर वैश्विक कच्चे तेल बाजार पर साफ दिख रहा है। सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई, जिससे बाजार में चिंता का माहौल है।
ईरान ने कहा है कि दोनों देशों के बीच एक नया शिपिंग रूट बनाने पर बातचीत अंतिम चरण में है। हालांकि, उसने यह भी स्पष्ट किया है कि अमेरिका को अभी कुछ और शर्तें पूरी करनी होंगी। इस वैश्विक उथल-पुथल के बीच, भारत में सरकारी फ्यूल रिटेलर्स ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखा है।
ब्रेंट और WTI दोनों हुए महंगे
सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव 91 सेंट यानी 1.09 फीसदी बढ़कर 84.46 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमत 61 सेंट यानी 0.78 फीसदी बढ़कर 78.79 डॉलर प्रति बैरल हो गई। यह तेजी पिछले सप्ताह आई 7 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के बाद आई है।
10 अगस्त को भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम
भारत में सरकारी तेल कंपनियों ने आम जनता को राहत देते हुए पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। तेल कंपनियों द्वारा आखिरी बार 25 मई को दाम बदले गए थे। हालांकि, कीमतें रोज सुबह 6 बजे अपडेट होती हैं, लेकिन फिलहाल प्रमुख शहरों में रेट स्थिर हैं।
प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतें:
नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12, डीजल ₹95.20
मुंबई: पेट्रोल ₹111.21, डीजल ₹97.83
गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.97, डीजल ₹95.64
बेंगलुरु: पेट्रोल ₹111.68, डीजल ₹99.56
चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77, डीजल ₹99.55
भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹108.97, डीजल ₹100.68
चंडीगढ़: पेट्रोल ₹101.54, डीजल ₹89.47
पटना: पेट्रोल ₹114.55, डीजल ₹100.49
जयपुर: पेट्रोल ₹113.19, डीजल ₹98.25
तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49, डीजल ₹104.40
तनाव से बाजार में चिंता क्यों?
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
KCM Trade के चीफ मार्केट एनालिस्ट टिम वॉटरर का कहना है, "निवेशक बातचीत के कभी आगे बढ़ने और कभी रुकने की स्थितियों को देखते हुए किसी ठोस परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। जैसे कि टैंकरों की वेरिफाइड आवाजाही या औपचारिक समझौते के होने की।"
इस बीच, मिडिल ईस्ट में फिर से संघर्ष बढ़ने की आशंका बनी हुई है। यमन में ईरान समर्थित हूती लड़ाकों ने सऊदी अरब की जजान रिफाइनरी पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली है, जिससे तनाव और बढ़ गया है।
समझौते पर ईरान की प्रमुख शर्तें
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से खोलने के लिए कुछ प्रमुख शर्तें रखी हैं। इनमें अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को खत्म करना, ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाना और संघर्ष से हुए नुकसान का मुआवजा देना शामिल है।
अमेरिका का कहना है कि वह होर्मुज के प्रबंधन को लेकर बातचीत में शामिल है, लेकिन ईरान ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है।
*Edit with Google AI Studio