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ट्रंप के बयान पर ईरान का जवाब: डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर ईरान का पलटवार, परमाणु हथियारों पर दी सफाई

बलजीत सिंह शेखावत · 15 मई 2026, 05:14 शाम
ईरान ने परमाणु हथियार और होर्मुज जलडमरूमध्य पर ट्रंप के बयान का समर्थन करते हुए अपनी स्थिति साफ की।

तेहरान | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों पर ईरान ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्रंप की चिंताओं को संबोधित करते हुए शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की बात कही है।

परमाणु हथियारों पर ईरान का कड़ा रुख

हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका और चीन दोनों ही नहीं चाहते कि ईरान के पास परमाणु हथियार हों। इसके जवाब में अराघची ने कहा कि हमारी भी यही राय है।

ईरान ने स्पष्ट किया कि उसने कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की इच्छा नहीं रखी है। यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान की परमाणु नीति को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब है।

अराघची ने 2015 के ऐतिहासिक परमाणु समझौते (JCPOA) का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि ईरान ने बार-बार यह साबित किया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।

उन्होंने आगे कहा कि ईरान हमेशा से अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह भरोसा दिलाने के लिए तैयार रहा है कि उसका कार्यक्रम किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि से मुक्त रहेगा।

होर्मुज जलडमरूमध्य और वैश्विक तेल व्यापार

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है। ट्रंप ने इस जलमार्ग को खुला रखने की आवश्यकता पर जोर दिया था, जिस पर ईरान ने अपनी सहमति व्यक्त की है।

विदेश मंत्री ने साफ संदेश दिया कि ईरान की इच्छा है कि यह महत्वपूर्ण जलमार्ग पूरी तरह खुला रहे। अराघची के अनुसार, वर्तमान में यह मार्ग सभी के लिए खुला हुआ है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उन देशों के जहाजों को छोड़कर जो सीधे तौर पर ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल हैं, बाकी सभी देशों के जहाज वहां से सुरक्षित रूप से गुजर सकते हैं।

"होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के क्षेत्रीय जल क्षेत्र में स्थित है। इसका प्रबंधन मुख्य रूप से इन दोनों देशों की जिम्मेदारी है और हम इस पर काम कर रहे हैं।"

ईरान और ओमान अब इस दिशा में आपसी विचार-विमर्श कर रहे हैं। उनका उद्देश्य भविष्य में जलडमरूमध्य में बेहतर सुशासन और सुरक्षा व्यवस्था स्थापित करना है ताकि व्यापार बाधित न हो।

क्षेत्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक विश्लेषण

ईरान ने अमेरिका की क्षेत्रीय आक्रामकता को अपनी असुरक्षा का मुख्य कारण बताया है। अराघची का मानना है कि बाहरी हस्तक्षेप के कारण ही क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रहती है।

विश्लेषकों का मानना है कि ईरान का यह बयान एक साथ दो बड़े मकसद पूरा कर रहा है। पहला, परमाणु मुद्दे पर अपनी शांतिपूर्ण छवि को दोहराकर अंतरराष्ट्रीय दबाव को कम करना है।

दूसरा, होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना क्षेत्रीय नियंत्रण मजबूत दिखाते हुए अमेरिका को संदेश देना है कि क्षेत्रीय सुरक्षा का फैसला केवल स्थानीय देश ही मिलकर करेंगे।

होर्मुज स्ट्रेट से रोजाना लाखों बैरल तेल गुजरता है। यदि यह मार्ग बंद होता है, तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मच सकती है, जिससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी।

ईरान का यह बयान ट्रंप प्रशासन के साथ भविष्य की बातचीत के लिए एक आधार तैयार कर सकता है। शांति और सुरक्षा की यह पहल वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए भी राहत भरी खबर है।

अंततः, ईरान की यह कूटनीतिक चाल उसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक जिम्मेदार राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की कोशिश है, जो संवाद और क्षेत्रीय सहयोग में विश्वास रखता है।

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